बालकोनगर। कोरबा के हृदय स्थल प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम में युवा खिलाड़ियों के जोश और उमंग से गूंजता वातावरण, आज पूरे अंचल की खेल प्रतिभाओं के सपनों का केंद्र बन चुका है। नगर निगम कोरबा के सहयोग से वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित यह स्टेडियम अब बहु-खेल प्रशिक्षण केंद्र का रूप ले चुका है, जहाँ युवा खिलाड़ी अभ्यास सत्र के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
इस बदलाव के केंद्र में है ‘खेल अकादमी’, जिसकी शुरुआत अगस्त 2024 में 20 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों (10 बालक और 10 बालिकाएँ) के चयन के साथ हुई थी। आज यह अकादमी 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 100 से अधिक रेज़िडेंशियल और डे-बोर्डिंग खिलाड़ियों का प्रशिक्षण केंद्र बन चुकी है। यहाँ फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और तैराकी जैसे खेलों में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ कोचिंग के साथ तैयार किया जा रहा है। अकादमी का ध्येय है के ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना, जहाँ से खिलाड़ी न केवल खेल में उत्कृष्ट हों बल्कि आत्मविश्वासी और सशक्त व्यक्तित्व के रूप में भी विकसित हों।
अकादमी की प्रशासक सुश्री नेहा पांडे ने कहा कि बालको का लक्ष्य हमेशा से खिलाड़ियों में अनुशासन, मेहनत और सर्वांगीण विकास की भावना को मजबूत करना रहा है। आज हमारे खिलाड़ी जिस तरह प्रगति कर रहे हैं, उससे यह सपना धीरे-धीरे हकीकत बनता नजर आ रहा है।
अकादमी के खिलाड़ी पहले ही जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। फुटबॉल खिलाड़ी बिशाल साव और निखिल बरेठ ने छत्तीसगढ़ राज्य टीम में स्थान बनाया, वहीं वॉलीबॉल टीम ने जिला एवं संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी दिलीप यादव ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना केवल सपना नहीं, बल्कि हर सुबह की मेहनत और समर्पण का फल है। खेल अकादमी की जर्सी पहनकर खेलने का गौरव मुझे अपने खेल सफर पर और विश्वास दिलाता है। इसी तरह राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी श्रेयांश साहू बोले कि हर अभ्यास हमें बेहतर बनाता है। जिला चैम्पियनशिप जीतने से हमारे मन में यह विश्वास जगा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
खेल अकादमी की बेटियों ने भी हर खेल में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। लड़कियों की फुटबॉल टीम ने जिला स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
खिलाड़ी निशिता ने डीएवी नेशनल्स में तैराकी में कांस्य पदक जीता, उन्होंने बताया कि खेल अकादमी में आने से पहले तैराकी केवल एक शौक थी। यहाँ सही कोचिंग, सुविधा और समर्थन मिला। अब हर दिन मैं और मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हूँ।
अकादमी के पीछे एक मज़बूत सहयोग प्रणाली मौजूद है, जिसमें फिजियोथेरेपी, चिकित्सकीय देखभाल, संतुलित पोषण, विशेषज्ञ कोचिंग, आधुनिक खेल सुविधाएँ और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था शामिल हैं।
अकादमी के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विकास नंदा ने कहा कि खेलों में शारीरिक थकान और चोटें होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी खिलाड़ी की असली प्रगति उसकी रिकवरी और मानसिक दृढ़ता पर निर्भर करती है। मेरा प्रयास रहता है कि हर युवा खिलाड़ी न केवल चोट से उभरे, बल्कि इतनी ताकत भी विकसित करे कि भविष्य में चोटों से बच सके। खेल अकादमी में हम फिजियोथेरेपी, चिकित्सा सुविधा, संतुलित आहार, प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक खेल अवसंरचना और सुरक्षित आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं। यह समग्र सहयोग प्रणाली खिलाड़ियों को निडर होकर अभ्यास करने, तेज़ी से उबरने और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करती है। हम केवल खिलाड़ियों का इलाज नहीं कर रहे, बल्कि ऐसे चैंपियंस तैयार कर रहे हैं जो देश का नाम रोशन करेंगे।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर बालको द्वारा संचालित खेल अकादमी की ये कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समर्पण, सहयोग और विश्वास से हर सपना साकार हो सकता है। बालको गर्व के साथ अपने प्रयासों से इन युवा खिलाड़ियों को सशक्त कर रहा है, जो आने वाले समय में राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।
कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।
मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप
बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।
केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई
ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।
शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।
कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा की ग्राम पंचायत देवगांव में विधायक प्रेमचंद पटेल ने 68 लाख 76 हजार रुपए की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड भी शामिल है।
लोकार्पित कार्यों में सीसी रोड निर्माण 10.40 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 14 लाख रुपए, पीडीएस गोदाम निर्माण 12.68 लाख रुपए, पुलिया निर्माण 12 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-3 का निर्माण 11.68 लाख रुपए, मंच निर्माण विधायक निधि से 3 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 4 लाख रुपए, भूमिपूजन राशि 15 लाख रुपए शामिल है। विधायक पटेल ने कहा कि इन कार्यों से गांव में आवाजाही होगी। जरूरी जनसुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में युवा आयोग के पूर्व सदस्य रघुराज सिंह उइके, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि बैसाखू यादव, सरपंच हेमलता नेटी, उपसरपंच इंद्र सिंह राज मौजूद रहे।