कोरबा
सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोपाल मोदी का किया आत्मीय स्वागत
जिला कार्यकारिणी के घोषणा होते ही कार्यकर्ताओ में खुशी की लहर दौड़ गई, और बड़े ही गर्मजोशी से जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी का पुष्पगुच्छ और मिठाई खिलाकर उनका जोरदार स्वागत किया

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी द्वारा जिला कार्यकारिणी की घोषणा होते ही जिलेभर के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। नवनियुक्त पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और जोरदार नारों के बीच गोपाल मोदी का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। पुष्पगुच्छ भेंट कर और मिठाई खिलाकर कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। सुबह से लेकर देर शाम तक बधाई देने का सिलसिला जारी रहा और जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के पास कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
नई कार्यकारिणी में हर वर्ग और समुदाय का ख्याल – गोपाल मोदी

जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि – जिला कार्यकारिणी का गठन प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के अनुमोदन पश्चात किया गया है। इसमें चारों विधानसभा क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। हर वर्ग एवं समुदाय के कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही युवा कार्यकर्ताओं को भी स्थान दिया गया है। अनुभव और युवा जोश संगठन को नई ऊँचाई तक ले जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि सभी पदाधिकारी टीम भावना के साथ भाजपा संगठन को कोरबा जिले में और सशक्त बनाएंगे तथा सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प

सभी नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन को और मजबूती प्रदान करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ काम करेंगे। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए संगठन को और सशक्त बनाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।




कोरबा
प्रतिभा, अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास का उत्सव ‘एसईसीएल नारी राग-रंग महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ
“नारी राग-रंग महोत्सव महिलाओं के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें नई पहचान दिलाने का सशक्त मंच है” — श्रीमती शशि दुहन
बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल श्रद्धा महिला मंडल तत्वावधान में आयोजित “नारी राग-रंग महोत्सव 2026” का आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन एवं उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीता फ्रैंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती हसीना कुमार तथा श्रीमती शुभश्री महापात्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल की कार्यकारिणी सदस्याएँ, कर्मचारीगण एवं उनके परिजन भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्रीमती शशि दुहन ने कहा कि “नारी राग-रंग महोत्सव महिलाओं को अपनी प्रतिभा और सृजनात्मकता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करने की पहल है। ऐसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई प्रेरणा एवं सीख प्राप्त करने का अवसर भी देते हैं।”
महोत्सव के प्रथम दिवस पर गीत गायन, एकल नृत्य, मोनो एक्ट, चित्रकला, रंगोली, मेहंदी एवं वेस्ट मटेरियल आर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति, मंचीय कौशल एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया।
गीत गायन एवं एकल नृत्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं मोनो एक्ट प्रतियोगिता में अभिनय एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। चित्रकला, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की सृजनात्मकता के विविध रंग उभरकर सामने आए। वेस्ट मटेरियल आर्ट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अनुपयोगी सामग्रियों से आकर्षक एवं उपयोगी कलाकृतियाँ तैयार कर पर्यावरण संरक्षण एवं संसाधनों के पुनः उपयोग का संदेश दिया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन हेतु संगीत, नृत्य एवं ललित कला क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं उपाध्यक्षों द्वारा सभी निर्णायकों का सम्मान भी किया गया।
महोत्सव का द्वितीय एवं अंतिम दिवस 13 जून 2026 को आयोजित होगा, जिसमें समूह गायन, समूह नृत्य, स्टैंड-अप कॉमेडी/मिमिक्री तथा नाटक/स्किट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
कोरबा
ऐतिहासिक ठेका मजदूर महासभा में भारी संख्या में श्रमिक हुए शामिल, पारित हुए तीन बड़े प्रस्ताव और कुसमुंडा घोषणा-पत्र
RCWF के प्रो. भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर एकजुट हुए कोयला मजदूर, अधिकारों के लिए फूंक डाला बिगुल
जून से अगस्त तक चलेगा डेटा संग्रह अभियान, सीएमडी बिलासपुर हेडक्वार्टर का होगा महा-घेराव
OSHWC कोड 2020 की धारा 57 को लागू करने और ठेका श्रमिकों को नियमित करने की उठी पुरजोर मांग

कोरबा/कुसमुंडा। राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर गत शुक्रवार 12 जून 2026 को कुसमुंडा के महतारी अंगना (कबीर चौक) में ठेका मजदूर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ इस। महासभा में एसईसीएल (SECL) और विभिन्न कोयला खदानों में कार्यरत भारी संख्या में ठेका श्रमिकों, मजदूर प्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता का शंखनाद किया ।

महासभा के मंच पर प्रमुख अतिथि के रूप में प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे, मोहम्मद नासिर खान, भावेन्द्र तिवारी, UBKKS संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप, CKS (गैर-राजनीतिक संगठन) के अतुल दास महंत, उमा, गोपाल गोंडवाना पार्टी से गणेश सिंह ऊईके और प्रखर समाजसेवी नेत्री अनुसुईया राठौर सहित कई श्रमिक नेता उपस्थित रहे ।
मजदूरों की रीढ़ पर टिका है कोयला उद्योग- श्रमिक नेता

मंच पर उपस्थित अतिथियों ने अपने संबोधन में ठेका मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गहरा प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि कोयला खदानों की मुख्य और अनिवार्य गतिविधियों (Core Activities) जैसे ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग, डम्पर संचालन, रूफ बोल्टिंग और कोयला उत्खनन में रात-दिन खटने वाले ठेका मजदूर ही इस उद्योग की असली रीढ़ हैं। नेताओं ने आह्वान किया कि अब वक्त आ गया है, जब सभी मजदूरों को एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा ।
महासभा में सर्वसम्मति से पारित हुए तीन ऐतिहासिक प्रस्ताव







प्रस्ताव क्रमांक 1 नियमितीकरण और धारा 57 का क्रियान्वयन:- ओ.एस.एच.डब्ल्यू. कोड, 2020 की धारा 57 का हवाला देते हुए मांग की गई कि खदानों के कोर कार्यों में ठेका प्रथा पूरी तरह बंद हो। दशकों से MDO और EPC मॉडल के तहत काम कर रहे ठेका श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से SECL/प्रधान नियोक्ता के नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए ।
प्रस्ताव क्रमांक 2 श्रम कानूनों में विधिक संशोधन की मांग:- कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970 के नियम 25(2)(v)(a) के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन और ठेका प्रथा के उन्मूलन के जो प्रावधान थे, उन्हें नए OSHW Code 2020 में भी शामिल करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक संशोधन की मांग की गई ।
प्रस्ताव क्रमांक 3 NCWA-IV की कण्डिका 11.5.1 का स्मरण:- एसईसीएल को याद दिलाया गया कि नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट के तहत वह स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका मजदूर न लगाने के लिए बाध्य है, अतः सभी कोर एक्टिविटी वाले श्रमिकों को तत्काल एसईसीएल के रोल (On-Roll) पर समायोजित किया जाए ।
जारी हुआ कुसमुंडा घोषणा-पत्र





महासभा में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक कुसमुंडा घोषणा-पत्र जारी किया गया, जिसमें स्थायी कार्य के लिए स्थायी रोजगार और समान कार्य, समान वेतन, समान सम्मान के सिद्धांतों को बुलंद किया गया। घोषणा-पत्र में मांग की गई कि हर ठेका श्रमिक को नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, रोजगार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा, आवास और चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए ।
बिलासपुर सीएमडी मुख्यालय के घेराव का ऐलान

महासभा को संबोधित करते हुए RCWF के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे ने एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की उन्होंने बताया कि जून से अगस्त 2026 के बीच खदानों में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों का एक विस्तृत डेटा (आंकड़े) इकट्ठा किया जाएगा। इसके पश्चात मजदूरों के हक में एक विशाल मांग पत्र सौंपने के लिए बिलासपुर स्थित एसईसीएल सीएमडी (CMD) हेडक्वार्टर का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा ।
आयोजनकर्ताओं को साधुवाद, संघर्ष रहेगा जारी

इस विशाल कार्यक्रम को जमीन पर सफल बनाने वाले स्थानीय मजदूर नेताओं अशोक पटेल, गोविंदा सारथी, विनोद सारथी, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, प्रकाश जयसवाल, महावीर यादव, छाल से अजय सिंह ठाकुर सहित अन्य कर्मठ कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत को मंच द्वारा साधुवाद दिया गया ।
कार्यक्रम के समापन पर UBKKS संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने सभी आगंतुक मजदूरों और मंचस्थ अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा मजदूरों के हक की यह तो सिर्फ शुरुआत है, आगे इस लड़ाई को और पैना और तेज करने के लिए हम सबको अपनी कमर कसनी होगी ।





कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
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