115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने 2800 करोड़ की स्वीकृति
मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बजट राशि 50 से 75 करोड़ रुपए करने की घोषण कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रूपये करने की घोषणा की। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विजय शर्मा, उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण प्रणव कुमार मरपच्ची, मंत्रीगण- रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी.चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरू खुसवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा राजनांदगांव संतोष पाण्डेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव बसव राजू, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन- मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्ववर्ती सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी थी। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक करने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। उन्होंने प्राधिकरण के पुराने अपूर्ण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। पीएम जनमन योजना ने खोलीं जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। और मजबूत होगा महिला स्वसहायता समूह श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए हम स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दे रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाए। जन जातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने में प्राधिकरण मुख्य भूमिका होगी- शर्मा विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजाति संस्कृति समृद्ध है। हमें जन जातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के लिए व्यवस्थाएं करने में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभायेगा। श्री शर्मा ने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास सेंटर, प्रारंभिक शिक्षा, खेल एवं विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिये स्थायी पंप कनेक्शन लगवाने के सुझाव दिए। कोरबा में प्राधिकरण की बैठक आदिवासी विकास के लिए सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण – साव अरूण साव उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आये हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। यह सरकार हमने बनाया है और हम ही संवारेंगे के संकल्प के साथ विकास कार्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विष्णु देव सरकार सुशासन और विकास की परिचायक है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट की राशि बढ़ाये जाने से आदिवासी बाहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। अन्य मंत्रियों, विधायकों तथा जिला पंचायतों के अध्यक्षों ने भी बैठक में अपने सुझाव दिए। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई योजनाओं कोरबा को मिली बड़ी सौगात शिक्षा और खेल को बढ़ावा मुख्यमंत्री श्री साय आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए ने विशेष घोषणाएँ की गईं। मुख्यमंत्री ने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने दो बालक-बालिका खेल परिसरों के लिए भी 10-10 करोड़ रुपए की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। श्री साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन को बढ़ावा मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपए की घोषणा भी की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। सिंचाई परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार मुख्यमंत्री ने बताया कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2800 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश- मध्यक्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रूपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिसमें 539 कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रूपये के कुल स्वीकृत 491 कार्यो में से 482 कार्य पूर्ण, वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रूपये के कुल स्वीकृत 464 कार्यो में से 424 कार्य पूर्ण, वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख के कुल स्वीकृत 508 कार्यो में 123 कार्य पूर्ण कर लिए गए है, एवं शेष कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक कोरबा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बजट राशि 50 से 75 करोड़ रुपए करने की घोषणा की। उनके कोरबा आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कोरबा जिले के लिए बैठक में बड़ी घोषणाएं की-
कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर निर्माण के लिए 10-10 करोड़ स्वीकृत
-अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के लिए 10-10 करोड़ रुपये
विशेष पिछड़ी जनजाति के आवासीय विद्यालय के लिए 5 करोड़
सुनालिया पुल के लिए 9 करोड़
बुका-सतरेंगा पर्यटन के लिए 2 महीने प्रोजेक्ट तैयार करने वन विभाग को निर्देश
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2015 से पहले की 115 सिंचाई परियोजना अधूरी है, उसके लिए 2800 करोड़ की स्वीकृति, 76 हजार हैक्टेयर में सिंचाई होगी, किसानों को लाभ मिलेगा।
भाजपा नेताओं एवं अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत
पुलिस लाईन हेलीपेड पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्रियों का भाजपा नेताओं एवं अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। जिलेभर से आए भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री से मिलने एवं स्वागत करने की होड़ दिखी।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी, जिला कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत पैरामेडिकल स्टॉफ के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाषित कर आवेदन आमंत्रित किया गया था। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार विज्ञापित पद पर प्राप्त आवेदन के आधार पर स्टॉफ नर्स, डेªसर, ग्रामीण स्वास्थय संयोजक महिला एवं ग्रामीण स्वास्थय संयोजक पुरूष के पद पर पात्र/अपात्र की सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा कोरबा जिले के शासकीय वेबसाईट www.korba.gov.in मे सर्व संबंधितों के अवलोकनार्थ एवं दावा आपत्ति हेतु अपलोड़ कर दिया गया है। सूची के समस्त कॉलमों का उम्मीद्वारों द्वारा सूक्ष्म अवलोकन कर दावा आपत्ति कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी में 31 अगस्त 2026 समय 5ः00 बजे तक मय आवश्यक दस्तावेज सहित प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् किसी भी प्रकार का दावा आपत्ति स्वीकार नही किया जायेगा। निर्धारित समय पर प्राप्त दावा आपत्ति का नियमानुसार निराकरण कर पृथक से दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं पात्र सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा उक्त वेबसाईट पर अपलोड किया जायेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का होगा आयोजन
कोरबा। जिले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में विधायक अमर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह फुटबॉल ग्राउंड सीएसईबी कोरबा(पूर्व) में आयोजित होगा। प्रातः 08ः59 बजे मुख्य अतिथि का समारोह स्थल पर आगमन होगा। प्रातः 09 बजे मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण, प्रातः 09ः01 बजे सलामी एवं राष्ट्रगान, प्रातः 09ः03 बजे से 09.12 बजे तक मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण एवं हर्ष फायर, 09ः12 बजे से 09.25 तक परेड का मार्च पास्ट, 09.25 से 09.27 बजे परेड की समीक्षा एवं सलामी, 09.27 तक 09.47 बजे तक मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, 09ः47 से 09.50 बजे रंगीन गुब्बारा उड़ाना, 09.50 से 10.05 बजे परेड का प्रस्थान एवं परेड कमाण्डरों का परिचय, 10ः05 से 10.10 बजे मुख्य अतिथि के साथ परेड कमाण्डरों की छायाचित्र, 10.10 से 10.15 बजे शहीद परिवारों का सम्मान,10.15 से 10.45 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10.45 से 11 बजे सम्मान/पुरस्कार वितरण, प्रातः 11 से 11.10 बजे आभार प्रदर्शन एवं कार्यक्रम का समापन होगा।
कोरबा। भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत पूर्व शिक्षण की मान्यता के लिए जिला लाईवलीहुड कॉलेज कोरबा में 5 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पूर्व से संबंधित व्यवसाय में कुशल अथवा कार्यरत व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशिक्षण के लिए सोलर इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) में 150 सीट, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन में 150 सीट, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट में 120 सीट, जल वितरण संचालक (नल जल मित्र) में 180 सीट, असिस्टेंट मेसन में 120 सीट तथा सिक्यूरिटी गार्ड में 120 सीट निर्धारित हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण की अवधि 5 दिवस (30 घंटे) होगी। प्रशिक्षण के लिए आयु सीमा 15 से 59 वर्ष रखी गई है। प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को संबंधित कोर्स की सामान्य जानकारी दी जाएगी। इसके पश्चात राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा तृतीय पक्ष मूल्यांकन के आधार पर संबंधित कोर्स में प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में 100 प्रतिशत आधार आधारित फेस उपस्थिति अनिवार्य होगी।