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कोरबा

कोरबा को मुख्यमंत्री ने दी कई बड़ी सौगातें

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115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने 2800 करोड़ की स्वीकृति

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बजट राशि 50 से 75 करोड़ रुपए करने की घोषण
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रूपये करने की घोषणा की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विजय शर्मा, उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण प्रणव कुमार मरपच्ची, मंत्रीगण- रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी.चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरू खुसवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा राजनांदगांव संतोष पाण्डेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव बसव राजू, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन-
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्ववर्ती सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी थी। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक करने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। उन्होंने प्राधिकरण के पुराने अपूर्ण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पीएम जनमन योजना ने खोलीं जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है।  
और मजबूत होगा महिला स्वसहायता समूह
 श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए हम स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दे रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाए।
जन जातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने में प्राधिकरण मुख्य भूमिका होगी- शर्मा
विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजाति संस्कृति समृद्ध है। हमें जन जातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के लिए व्यवस्थाएं करने में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभायेगा। श्री शर्मा ने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास सेंटर, प्रारंभिक शिक्षा, खेल एवं विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिये स्थायी पंप कनेक्शन लगवाने के सुझाव दिए।
कोरबा में प्राधिकरण की बैठक आदिवासी विकास के लिए सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण – साव
अरूण साव उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आये हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। यह सरकार हमने बनाया है और हम ही संवारेंगे के संकल्प के साथ विकास कार्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विष्णु देव सरकार सुशासन और विकास की परिचायक है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट की राशि बढ़ाये जाने से आदिवासी बाहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। अन्य मंत्रियों, विधायकों तथा जिला पंचायतों के अध्यक्षों ने भी बैठक में अपने सुझाव दिए।
शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई योजनाओं कोरबा को मिली बड़ी सौगात
शिक्षा और खेल को बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री साय आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए ने विशेष घोषणाएँ की गईं।
मुख्यमंत्री ने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने दो बालक-बालिका खेल परिसरों के लिए भी 10-10 करोड़ रुपए की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। श्री साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की भी घोषणा की।
आधारभूत संरचना और पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपए की घोषणा भी की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2800 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश-
मध्यक्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रूपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिसमें 539 कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रूपये के कुल स्वीकृत 491 कार्यो में से 482 कार्य पूर्ण, वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रूपये के कुल स्वीकृत 464 कार्यो में से 424 कार्य पूर्ण, वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख के कुल स्वीकृत 508 कार्यो में 123 कार्य पूर्ण कर लिए गए है, एवं शेष कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक कोरबा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बजट राशि 50 से 75 करोड़ रुपए करने की घोषणा की। उनके कोरबा आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कोरबा जिले के लिए बैठक में बड़ी घोषणाएं की-

कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर निर्माण के लिए 10-10 करोड़ स्वीकृत

-अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के लिए 10-10 करोड़ रुपये

विशेष पिछड़ी जनजाति के आवासीय विद्यालय के लिए 5 करोड़

सुनालिया पुल के लिए 9 करोड़

बुका-सतरेंगा पर्यटन के लिए 2 महीने प्रोजेक्ट तैयार करने वन विभाग को निर्देश

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2015 से पहले की 115 सिंचाई परियोजना अधूरी है, उसके लिए 2800 करोड़ की स्वीकृति, 76 हजार हैक्टेयर में सिंचाई होगी, किसानों को लाभ मिलेगा।

भाजपा नेताओं एवं अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत

पुलिस लाईन हेलीपेड पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्रियों का भाजपा नेताओं एवं अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। जिलेभर से आए भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री से मिलने एवं स्वागत करने की होड़ दिखी।

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कोरबा

हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह

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बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”

स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।

स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।

स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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कोरबा

Every Plant will become a Memory and a Green Heritage: CEO R. K. Singh

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Balconagar. Bharat Aluminium Company Limited (BALCO), a unit of Vedanta Aluminium, launched Smriti Udyan, a unique initiative dedicated to celebrating cherished memories while contributing to biodiversity, environmental conservation, and community well-being at Balconagar. The initiative was inaugurated by Mr. R.K. Singh, CEO & Director, BALCO, along with over 100 participants who planted Amaltas saplings as part of the programme.

Smriti Udyan is more than a plantation initiative, it is a space where every sapling is dedicated to loved ones who have enriched lives through their love, guidance, and inspiration. Each tree planted under the initiative will grow into a living legacy, contributing to cleaner air, biodiversity, environmental sustainability, and a greener future for generations to come.

Speaking on the occasion, Mr. R.K. Singh, CEO & Director, BALCO, said, “BALCO and Smriti Udyan have celebrated the memories of loved ones through sapling plantation. Each Amaltas sapling planted today carries a personal story and will grow as a living tribute over time. As residents, it is our responsibility to ensure that our habitats are green and healthy, and initiatives such as this not only help keep memories afresh but also inculcate the practice of plantation.”

Smriti Udyan has been envisioned as a long-term initiative that will continue to connect people, memories, and nature for years to come. Going forward, employees, their families and union leaders will be able to plant saplings here to commemorate significant milestones such as birthdays, wedding anniversaries, personal achievements, or in memory of loved ones. Over time, the garden will evolve into a vibrant landscape of stories, memories, and trees.

Amaltas saplings, known for their medicinal value and striking golden-yellow blossoms, have been planted as part of the initiative. In the coming years, these trees will further enhance the beauty of the township while supporting biodiversity by attracting pollinators such as bees and butterflies. The species is also recognised for its contribution to ecological sustainability and climate resilience.

As part of its broader commitment to environmental stewardship, BALCO has planted nearly 4,000 saplings across various green spaces within the township over the past three months, including 2,000 Bougainvillea and 2,000 Pennsylvania plants. These efforts have strengthened the township’s green cover and enhanced its natural landscape. Balconagar is already home to several green spaces, including the Forest Walkway and Nehru Garden. Together, these plantation initiatives contribute to biodiversity conservation, environmental sustainability, and community engagement, reinforcing BALCO’s commitment to building a greener and more sustainable future.

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कोरबा

जल जीवन मिशन कार्यों में लाएं गति, समय-सीमा में पूर्ण करें सभी योजनाएं – कलेक्टर कुणाल दुदावत

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योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को नोटिश जारी करने के दिए निर्देश

निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले व कार्य मे लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु किया निर्देशित

कलेक्टर ने ली जिला जल व स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक लेकर जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने योजना अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं पूर्ण हो चुके कार्याे, हर घर जल प्रमाणिकरण कार्य, सोलर पंप स्थापना, समूह व एकल जल प्रदाय योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, जिससे आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्याे में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी अधिकारियों को शोकॉज नोटिश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले एवं कार्य मे लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों की अनुबंध निरस्त कर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रदाय घरेलू नल कनेक्शन, जलस्रोत व टंकियों के निर्माण, पाइपलाइन बिछाने एवं सोलर पंप स्थापना सहित अन्य कार्याे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हांकित जलस्रोतों और पाइपलाइनों को शीघ्र चालू किया जाए तथा जिन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं, वहां जलापूर्ति को क्रियाशील किया जाए।  उन्होंने टंकियों की फंक्शनल स्थिति सुनिश्चित करने तथा उनसे वास्तविक जलापूर्ति शुरू करने की बात कही।  उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी ठेकेदारों से कार्य समय पर एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं।  ग्राम पंचायतों में सोलर पंप के माध्यम से घरों तक पहुंचाए जा रहे पेयजल कनेक्शनों की भी समीक्षा की गई तथा खराब हुए सोलर पम्प की पंचायतो से सूची लेकर शीघ्रता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए टंकी निर्माण एवं एफएसटीसी कार्य पूर्ण हो चुके  क्षेत्रों में जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू की जाए।इस हेतु विशेष कार्ययोजना रॉयर कर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्ण हो चुके कार्याे का गम्भीरता से हर घर जल प्रमाणीकरण कराने निर्देशित किया। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारु संचालन एवं रखरखाव को सुदृढ़ बनाने के लिए नल-जल मित्रों का नया बैच तैयार कर उन्हें आवश्यक तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति से वंचित सभी स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, आश्रम छात्रावास में टेपनल के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु विभाग को शीघ्रता से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, कार्यपालन अभियंता राम उरांव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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