छत्तीसगढ़
28 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट:बिजली गिरने की आशंका, अगले 3 दिन यही स्थिति रहेगी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 52.2MM बारिश भोपालपटनम में हुई है। अगले 3 दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। राज्य में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 28 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
बिजली गिरने, बादल गरजने और तेज हवा चलने को लेकर अलर्ट है। वहीं बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और कबीरधाम इन 5 जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले और सबसे कम बेमेतरा जिले में हुई है।
बिजली गिरने से युवक और युवती की मौत
इससे पहले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोलबिरा गांव में बिजली गिरने से युवक और युवती की मौत हो गई। दोनों की लाश पेड़ के नीचे मिली है। दोनों शुक्रवार शाम से लापता थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान दोनों ने एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान वे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।
वहीं कोरबा में पति-पत्नी पर भी बिजली गिर गई। इससे पति की मौके पर मौत हो गई, जबकि गर्भवती पत्नी की हालत गंभीर है। दोनों की 6 महीने पहले शादी हुई थी। मृतक का नाम प्रवीण कुमार मरावी (24) और पत्नी का नाम कीर्ति मरावी (22) है। दोनों उतरता गांव के लौतना पारा के रहने वाले हैं।
बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा
प्रदेश में अब तक 1024.7 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 482.6 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है।
वहीं, बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 1367.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 51% ज्यादा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत अभी बरकरार
पिछले हफ्ते उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई। बस्तर संभाग के 4 जिलों में कई पुल टूट गए, 200 से ज्यादा घर ढह गए। नदियां-नाले उफान पर आ गए और बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य चलाना पड़ा।
प्रभावितों को राहत शिविर में रखा गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतें अब भी बरकरार हैं।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।
बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे
बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए।
इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं।
बिजली गिरने का कारण
बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है।
आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
कोरबा
पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों एवं अन्य पदों हेतु चल-साक्षात्कार का आयोजन
कोरबा। जिले के सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हेतु चल-साक्षात्कार का आयोजन पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरिकला, ब्लॉक-कटघोरा में किया जा रहा है।

इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म गूगल लिंक https://forms.gle/CvqXuqgnmtGgzUTp7 के माध्यम से भर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि साक्षात्कार का आयोजन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। साक्षात्कार के समय आवेदकों को अपने पूर्णतः भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक प्रमाणपत्रों की एक स्व-प्रमाणित प्रति अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
भर्ती के लिए उपलब्ध पदों में स्नातकोत्तर शिक्षक के अंतर्गत अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान और गणित विषय शामिल हैं। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के लिए अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नर्स (महिला), काउंसलर (महिला) और आतिथ्य एवं पर्यटन प्रशिक्षक के पदों पर भी नियुक्तियां की जानी हैं।
विभिन्न पदों हेतु शैक्षणिक योग्यता, वेतन, सेवा शर्तें और विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रशासन कोरबा की आधिकारिक वेबसाइट https://korba.gov.in पर उपलब्ध लिंक का अवलोकन किया जा सकता है। नियोजन केवल उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। अधिक जानकारी हेतु मो.नं. 7869096888 पर संपर्क किया जा सकता है।
कोरबा
जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश:कलेक्टर की संवेदनशील पहल, दिव्यांग बालक को तत्काल व्हील चेयर कराया गया उपलब्ध
शिविर के माध्यम से आमजनों को बिजली बिल सुधार की समस्याओं से राहत दिलाने के निर्देश
राशन वितरण में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश
कोरबा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत की। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी आर भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में सरईसिंगार के निवासी प्रकाश चन्द्र साहू द्वारा अपने 14 वर्षीय दिव्यांग पुत्र यश कुमार साहू के लिए पेंशन व व्हील चेयर हेतु आवेदन प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने प्रकरण को सवेंदनशीलता से लेते हुए उप संचालक समाज कल्याण को तत्काल यश कुमार को व्हील चेयर प्रदान करने के निर्देश दिए, उन्होंने यश के बेहतर स्वास्थ्य लाभ हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया साथ ही दिव्यांग पेंशन सहित विभाग में संचालित अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदक प्रकाश चन्द्र को उनके पुत्र यश कुमार के लिए व्हील चेयर प्रदान किया गया एवं अन्य विभागीय योजनाओं से शीघ्र ही लाभान्वित करने आशांवित किया गया।

जनदर्शन में विभिन्न ग्रामों से आए संतोष कुमार, सामरत यादव सहित अन्य नागरिकों ने बिजली बिल में त्रुटियों के सुधार के सम्बंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्युत विभाग के अधिकारी को शिविर आयोजित कर राज्य शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार आमजनों को राहत पहचाने के निर्देश दिए। साथ ही शिविर के सम्बंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

ग्राम खोड्डल की महिलाओं द्वारा गांव के उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य अधिकारी को तत्काल जांच दल गठित कर प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायत सत्य पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
’विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही के निर्देश’

जनदर्शन में अवैध कब्जा पर रोक प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आर्थिक सहायता, वनाधिकार पट्टा, सीमांकन एवं मानदेय भुगतान संबंधी कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।
कोरबा
जल जीवन मिशन से ढिटोरी की महिलाओं के जीवन में आई नई मुस्कान
कोरबा। जिले के करतला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढियापाली का आश्रित ग्राम ढिटोरी, जो जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। लगभग 763 की जनसंख्या वाले इस गाँव में पहले स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गाँव की 38 वर्षीय जोगिनी बाई उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि उन्हें पानी लाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी हो या बारिश, हर मौसम में साफ पानी का इंतजाम करना एक संघर्ष जैसा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था।

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’हर घर जल’ पहल और जल जीवन मिशन के माध्यम से ढिटोरी की यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मिशन के तहत ग्राम ढिटोरी के सभी 176 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को सुबह और शाम उनके घर पर ही पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं को पानी ढोने के पुराने और कठिन काम से बड़ी राहत मिली है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।
जल जीवन मिशन ने न केवल पेयजल की समस्या का निदान किया है, बल्कि इसने ग्रामीण समाज की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। घर पर ही स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास जागृत हुआ है। आज ढिटोरी की महिलाएं घर के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। पानी की उपलब्धता ने गाँव में खुशहाली का संचार किया है और जोगिनी बाई जैसी अनेक महिलाओं के जीवन को सम्मान और गरिमा के साथ सहज बना दिया है।
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