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कोरबा

वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार वर्ष 2025 हेतु नामांकन 26 सितंबर तक आमंत्रित

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कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के साहस, शौर्य, वीरता एवं आत्मबल को सशक्त बनाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की महिला प्रतिभाओं को प्रतिवर्ष वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। सम्मान अंतर्गत चयनित महिला को 2 लाख रुपए की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाएगी। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों की छानबीन कर सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियां राज्य शासन को प्रेषित की जाएंगी। इच्छुक पात्र महिला आवेदक अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में 26 सितंबर 2025 तक कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कोरबा में जमा कर सकती हैं। निर्धारित आवेदन प्रारूप कार्यालयीन समय में कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है तथा इसका अवलोकन कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी किया जा सकता है।

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कोरबा

25 सितंबर की पर्यावरण जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों की चेतावनी:SECL मानिकपुर परियोजना से प्रभावित बोले-पहले मुआवजा-रोजगार दो, फिर सुनवाई कराओ

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कोरबा। SECL मानिकपुर परियोजना से प्रभावित भिलाई खुर्द और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने 25 सितंबर को होने वाली पर्यावरण जनसुनवाई से पहले अपनी पुरानी और लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है। इस संबंध में एसईसीएल मानिकपुर प्रभावित ग्राम (भू-विस्थापित) समिति भिलाई खुर्द के तहत ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास की प्रक्रिया में उन परिवारों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए, जिनकी जमीन, आजीविका और सामाजिक जीवन परियोजना से प्रभावित हुआ है।

पहले मांगों का समाधान, फिर जनसुनवाई की मांग

ग्रामीणों के मुताबिक, वे लंबे समय से उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के सामने अपनी मांगें रखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि पहले भी पर्यावरण जनसुनवाई की तारीख तय की गई थी, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों और भूमि विस्थापित संगठन ने लंबित मांगों को लेकर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद जनसुनवाई टाल दी गई थी।

अब एक बार फिर 25 सितंबर को जनसुनवाई प्रस्तावित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुरानी मांगों का ठोस समाधान किए बिना जनसुनवाई कराई गई, तो प्रभावित परिवारों में असंतोष और बढ़ेगा।

1963-64 में जमीन गई, रोजगार अब तक नहीं मिला

ग्रामीणों ने मांग की है कि 1963-64 में जिन किसानों की जमीन ली गई थी और उन्हें विस्थापन के बदले एसईसीएल में रोजगार नहीं मिला, उन्हें जमीन के बदले रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही उस अवधि में अधिग्रहित जिन जमीनों के किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल मुआवजा देने की मांग की गई है।

पारदर्शी मुआवजा और युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

ग्रामीणों ने भूमि और संपत्तियों का उचित और पारदर्शी मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के योग्य युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, सम्मानजनक पुनर्वास और प्रभावित गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए केवल मुआवजा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास और भविष्य की आजीविका की भी ठोस व्यवस्था होनी चाहिए।

जनसुनवाई से पहले बैठक कर बिंदुवार समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुनवाई से पहले प्रभावित परिवारों के साथ बैठक आयोजित कर एक-एक मांग पर चर्चा की जाए और तय समय सीमा में समाधान किया जाए। उनका कहना है कि पुरानी शिकायतों का निराकरण किए बिना नई जनसुनवाई कराने से प्रभावित परिवारों की समस्याएं और लंबी हो जाएंगी।

भिलाई खुर्द और आसपास के प्रभावित गांवों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भिलाई खुर्द और आसपास के प्रभावित गांवों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मांग नहीं मानी तो कड़ा विरोध

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस बार भी उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जेल जाने के लिए भी तैयार हैं और जनसुनवाई का कड़ा विरोध किया जाएगा।

प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के पक्ष में हैं, लेकिन परियोजना की प्रक्रिया में जिन परिवारों ने अपनी जमीन और आजीविका गंवाई है, उनके अधिकारों और लंबित मांगों का समाधान भी उतनी ही गंभीरता से किया जाना चाहिए।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 10 जिलों के DEO बदले:13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला, बिलासपुर-सरगुजा के प्रभारी उपसंचालक भी बदले गए

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आधार पर 13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला किया गया है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है।

इस फेरबदल में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली की गई है। इसके अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, दुर्ग, मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत कई जिलों में DEO स्तर पर जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

बिलासपुर-सुरगुजा संभाग प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली

आदेश के अनुसार राजेश सिंह प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वहीं अश्वनी भारद्वाज प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा को बिलासपुर संभाग का प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

ए.के. सिन्हा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर बनाया गया है। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खिसोरा, बलौदा के प्राचार्य मनोहर प्रताप सिंह को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा की जिम्मेदारी दी गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में सहायक संचालक जगजीत धीर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग बनाया गया है। इसी तरह प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली *एल.पी. डहीरे* को सहायक संचालक, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर के कार्यालय में पदस्थ किया गया है।

डॉ. मोहन लाल पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र नगर, बिलासपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।

बिलासपुर, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में नए प्रभारी DEO

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर रामेश्वर जायसवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा जांजगीर-चांपा बनाया गया है। वहीं संदीप कुमार पांडे प्राचार्य, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी करतला, को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी मिली है।

उपेंद्र कुमार देवांगन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला विचारपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई बनाया गया है। शिव कुमार गेंदले प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला धरमपुरा, मुंगेली को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा बनाया गया है।

मोहला-मानपुर और खैरागढ़ में भी बदलाव

पुरुषोत्तम लाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या शिक्षा परिसर चौकी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को इसी जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी योगदास साहू को प्रतिनियुक्ति पर लेकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्राचार्य बनाया गया है।

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जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित

कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के संबंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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