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कोरबा

फिजिक्स, केमेस्ट्री और संस्कृत से दूर हुआ डर, विद्यार्थियों का भी आसान लगने लगी कठिन डगर

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युक्ति युक्तकरण से वनांचल के केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में बदल गया है पढ़ाई का माहौल
कोरबा।
करतला विकासखण्ड के अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी के ग्रामीण अपने बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए इतने सजग है कि इन्होंने गांव में संचालित हाई स्कूल को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन करने की मांग कई वर्षों से जारी रखी थी। उनकी यह मांग तीन साल पहले ही पूरी तो हो गई और हायर सकेण्डरी स्कूल के रूप में उन्नयन के साथ स्कूल में विज्ञान संकाय में दाखिला भी होने लगा, लेकिन दुर्भाग्यवश विद्यालय में विज्ञान संकाय के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण विषय भौतिक, रसायन के ही नियमित व्याख्याता नहीं थे। महत्वपूर्ण विषय का व्याख्याता नहीं होने का खामियाजा वनांचल में रहने वाले विद्यार्थियों को ही उठाना पड़ा। छात्रों के अभिभावक भी परेशान थे कि उन्होंने गांव में केवल हायर सकेण्डरी स्कूल खुलने का सपना ही नहीं देखा था, बल्कि उनका सपना था कि यहां सभी विषयों की नियमित पढ़ाई हो, सभी विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षक हो, लेकिन उनका यह सपना अधूरा का अधूरा ही था। भले ही जिला स्तर पर मानदेय शिक्षकों की व्यवस्था कर कक्षाएं संचालित की गई, लेकिन नियमित शिक्षकों की कमी विद्यार्थियों और उनके पालको की एक बड़ी समस्या बनकर रह गई थी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया अपनाई गई तो महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्याताओं को तरसने वाले इस विद्यालय में फिजिस्क्स, केमेस्ट्री ही नहीं संस्कृत विषय के भी व्याख्याता मिल गये। हायर सकेण्डरी स्कूल केरवाद्वारी में भौतिकी विषय में श्रीमती ज्योति शर्मा, रसायन में श्रीमती सुधारानी राठौर और संस्कृत विषय में उत्तम कुमार तिवारी का व्याख्याता के रूप में पदस्थापना ने विद्यार्थियों के लिये कठिन सा लगने वाला यह विषय आसान हो गया है।


   राज्य शासन द्वारा युक्ति युक्तकरण के तहत अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदो वाले विद्यालय में पदस्थ किये जाने से अनेक विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल ही बदल गया है। जिले के करतला विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम केरवाद्वारी के हायर सेकेण्डरी विद्यालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का भी सपना था कि उनके विद्यालय में नियमित व्याख्याता हो। खासकर विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को रसायन और भौतिकी विषय के शिक्षकों की दरकार थी, क्योंकि विद्यालय में इन विषयों के रेगुलर लेक्चरर तब से पदस्थ नहीं थे, जब से विद्यालय हायर सेकेण्डरी के रूप में उन्नयन हुआ था। युक्ति युक्तकरण के बाद  भौतिकी विषय में श्रीमती ज्योति शर्मा, रसायन में श्रीमती सुधारानी राठौर और संस्कृत विषय में उत्तम कुमार तिवारी का व्याख्याता के रूप में पदस्थापना होने से गांव के विद्यार्थियों में खुशियां व्याप्त है। विज्ञान विषय लेकर पढ़ाई करने वाली कक्षा बारहवी की छात्रा रश्मि राठिया, रीना राठिया, प्रेमलता, रामेश्वरी, छात्र खिलेश्वर, कक्षा ग्यारहवीं के छात्र रोशन कुमार, छात्रा कुमारी सरस्वती मंझुवार ने बताया कि विद्यालय में फिजिक्स, केमेस्ट्री विषय के रेगुलर शिक्षक नहीं थे। सत्र शुरू होते ही शिक्षकों की पदस्थापना से हमारी उलझने दूर हो गई है। इन विषयों को चुनने के साथ ही हम पर भी दबाव रहता है कि समझ में नहीं आ सकने वाले सवालों को कैसे ठीक से समझ पाये। विद्यार्थियों ने बताया कि भौतिकी और रसायन विषय की शिक्षिकाओं द्वारा न सिर्फ किताबों के आधार पर विषय को समझाया जाता है, उनके द्वारा महत्वपूर्ण उदाहरणों के आधार पर भी विस्तारपूर्वक कठिन सवालों को सरल तरीके से समझाया जाता है।

विद्यार्थियों ने बताया कि भौतिकी विषय में श्रीमती ज्योति शर्मा, रसायन में श्रीमती सुधारानी राठौर मैडम उनकी नियमित क्लास लेती है। उनके यहां पदस्थ होने से माहौल बदला है। छात्राओं का कहना है कि शर्मा और राठौर मैडम हम सभी के बीच इस तरह से रहती है कि हमें उनसे कोई सवाल पूछने में झिझक नहीं होती। विद्यार्थियों का कहना है कि हम सभी गांव के रहने वाले हैं और यह हमारे लिये सौभाग्य का विषय भी है कि सरकार ने गांव के विद्यालयों के बारे में सोचा। हम लोग भी चाहते हैं कि स्कूल में साइंस जैसे विषय की पढ़ाई कर कॉलेज की पढ़ाई करें। विद्यालय के प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि स्कूल में  कक्षा नवमीं में 32, दसवीं में 19 और ग्यारहवीं में 30 तथा बारहवी में 25 विद्यार्थी है। उन्होंने बताया कि नियमित व्याख्याताओं के आने के बाद स्थिति बदली है और आने वाले समय में और भी बदलेगी। गांव के अन्य विद्यार्थी साइंस  सहित अन्य विषय लेकर पढ़ाई करेंगे।

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कोरबा

जय चंदईपाठ मछुआ सहकारी समिति मर्यादित सतरेंगा अंतर्गत मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा-आपत्ति 20 अप्रैल तक आमंत्रित

कोरब। जय चंदईपाठ आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित सतरेंगा  पंजीयन क्रमांक 163 अंतर्गत सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया गया है। प्रकाशित सूची के सम्बंध में दावा-आपत्ति 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने बताया कि दावा-आपत्ति  सम्बंधित सदस्य लिखित रूप से आवश्यक प्रमाणों सहित  सोसायटी के प्रबंधक/सदस्य चैन सिंह के पास 20 अप्रैल  2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 21 अप्रैल  को प्रातः 12  बजे से किया जायेगा। तत्पश्चात संशोधित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

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कोरबा

पीवीटीजी समुदाय के सर्वेक्षण हेतु “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से अभियान जारी

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30 अप्रैल 2026 तक सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश

कोरबा। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) अंतर्गत पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के परिवारों का सर्वेक्षण “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ना तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का आकलन करना है।

सर्वे कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विकासखंड कोरबा, करतला, पाली एवं पोंड़ी उपरोड़ा में कुल 76 अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह दल पीवीटीजी बसाहटों में जाकर प्रत्येक परिवार का ऑनलाइन सर्वेक्षण सुनिश्चित कर रहा है। शासन द्वारा उक्त सर्वेक्षण कार्य को 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के लगभग 1301 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 4754 है। इन परिवारों के समग्र विकास एवं जीवन स्तर में सुधार के लिए भारत सरकार द्वारा “प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान” संचालित किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत पीवीटीजी बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं (मोबाइल मेडिकल यूनिट), आंगनबाड़ी, मोबाइल टावर, बहुउद्देशीय केंद्र एवं छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
शासन की मंशा है कि प्रत्येक पीवीटीजी परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त हो तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित कमियों एवं आवश्यकताओं के आधार पर शासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।

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कोरबा

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के संपूण प्रक्रिया को ऑनलाइन किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण 15 अप्रैल को

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कोरबा। शासन द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की संपूर्ण प्रक्रिया को 01 अप्रैल 2026 से राज्य के सभी जिलों में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। उक्त दिनांक से निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से किए जाने हेतु विभागीय वेबसाइट ीजजचेरूकमेबहण्हवअण्पदध्उंसंसकेवदसपदम पर आरंभ की गई है।

उक्त सॉफ्टवेयर ऑनलाइन संचालन के संबंध में 15 अप्रैल को प्रातः11 बजे से सायं 4 बजे तक लखीराम अग्रवाल स्मृति सभागार सिम्स चौक के पास बिलासपुर में एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गई है।
जिला सांख्यकी अधिकारी द्वारा सर्व संबंधित विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायक निधि शाखा में संबद्ध लिपिक के साथ डाटा एंट्री आपरेटर को अनिवार्य रूप उपस्थित होने निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है।

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