छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की GST चोरी
5 राज्यों में 170 से ज्यादा बोगस फर्म बनाकर फर्जीवाड़ा, 1.64 करोड़ कैश, सोने के बिस्किट जब्त
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने 100 करोड़ की GST चोरी का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि 170 से ज्यादा बोगस फर्म बनाकर फर्जीवाड़ा किया गया। मास्टरमाइंड के घर से 1.64 करोड़ रुपए कैश और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले हैं।
इस मामले का मास्टरमाइंड मोहम्मद फरहान सोरठिया है। फरहान खुद को GST सलाहकार बताकर लंबे समय से कारोबार चला रहा था। फिलहाल, आरोपी फरहान फरार है। उसके नेटवर्क से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपी ने पंजाब, असम, मणिपुर और ओडिशा में भी फर्जी रजिस्ट्रेशन किए थे।

मास्टरमाइंड मोहम्मद फरहान सोरठिया को जीएसटी विभाग ने हिरासत में लिया है।
क्या है पूरा मामला
राज्य जीएसटी की बीआईयू टीम ने एक महीने से मामले की निगरानी रख रही थी। फरहान के दफ्तर पर 12 सितंबर को छापा मारा गया। यहां से 172 फर्मों का पंजीयन और बोगस बिलिंग के दस्तावेज मिले। फरहान ने अपने 5 स्टाफ को फर्जी पंजीयन, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने का जिम्मा दे रखा था।
जांच में यह भी पाया गया कि फर्मों के नाम पर किरायानामा, सहमति पत्र और एफिडेविट जैसे कागजात फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे।

मास्टरमाइंड के घर से 1.64 करोड़ रुपए कैश और 400 ग्राम सोने के चार बिस्किट जब्त किए गए हैं।
822 करोड़ रुपए के ई-वे बिल जनरेट किए गए
जांच के मुताबिक सिर्फ 26 फर्मों से ही 822 करोड़ रुपए के ई-वे बिल जनरेट किए गए, जबकि रिटर्न में महज 106 करोड़ का टर्नओवर दिखाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के जीएसटी का नुकसान हुआ है।
दस्तावेजों से यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी पंजीयन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पंजाब, असम, मणिपुर और ओडिशा तक किए गए थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।
1.64 करोड़ रुपए कैश, सोने के बिस्किट बरामद
जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि, फरहान ने कुछ अहम दस्तावेज अपने चाचा मोहम्मद अब्दुल लतीफ सोरठिया के घर छुपाए हैं। इस पर 17 सितंबर को वहां तलाशी ली गई। अधिकारियों को 1.64 करोड़ रुपए कैश और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दी गई है।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।
ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और कंपनियां जांच के दायरे में
राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने वाली कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं। विभाग फिलहाल बोगस लेन-देन और फर्जी बिलिंग से हुए जीएसटी फ्रॉड की पूरी गणना कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जाएगी। इसमें शामिल सभी लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।

कोरबा
कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की भेंट
एक दिवसीय दौरे के दौरान डिजिटल पोर्टल्स एवं अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का किया उद्घाटन
बिलासपुर/कोरबा। भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने आज साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का एक दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के उत्पादन, परिचालन, आधारभूत संरचना विकास तथा भावी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। दौरे के दौरान मंत्री ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी सौजन्य भेंट की।

बैठक के दौरान कोयला क्षेत्र के विकास, आधारभूत संरचना एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा तथा राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। राज्य एवं केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों के माध्यम से विकास परियोजनाओं को गति देने तथा कोयला क्षेत्रों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने कोयला क्षेत्र के विकास हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निरंतर प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की।

एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कोयला उत्पादन एवं प्रेषण, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, डिजिटलीकरण, पर्यावरणीय पहल, कोयला गैसीकरण, माइन क्लोजर, सीएसआर गतिविधियों तथा भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशकगण, मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा एसईसीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री ने सुरक्षित एवं सतत खनन को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग तथा परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एसईसीएल के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयला क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरिश दुहान ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया द्वारा अब तक प्राप्त 100 मिलियन टन उत्पादन उपलब्धि में एसईसीएल का सर्वाधिक योगदान 26.86 मिलियन टन रहा है। उन्होंने मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु एसईसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई।

डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंत्री ने ई-डाडास (डिज़ाइन एंड ड्रॉइंग अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल तथा हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के माध्यम से विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं से संबंधित डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग की ऑनलाइन जांच, मॉनिटरिंग एवं स्वीकृति की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता एवं कार्य निष्पादन में गति आएगी। वहीं एचएमआईएस पोर्टल के माध्यम से एसईसीएल अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन तथा चिकित्सा सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।

दौरे के दौरान मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का उद्घाटन भी किया। यह मशीन श्वेत रक्त कोशिकाओं की 5-पार्ट डिफरेंशियल जांच के माध्यम से संक्रमण एवं विभिन्न रोगों की अधिक सटीक पहचान सुनिश्चित करेगी। स्वचालित परीक्षण प्रणाली से युक्त यह आधुनिक मशीन तेज, सटीक एवं त्रुटिरहित जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने में सहायक होगी, जिससे अस्पताल एवं प्रयोगशाला सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में वृद्धि होगी।

उद्घाटन के पश्चात मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कोरबा
रीवा हादसे पर कोरबा में भी आक्रोश : जैन संतों की सुरक्षा के लिए सकल जैन समाज ने निकाली मौन रैली, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। देश में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने सोमवार को जैन मंदिर बुधवारी से कलेक्ट्रेट तक मौन रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि रीवा, मप्र में विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में आर्यिका माताजी संघ की साध्वियों का असामयिक निधन हो गया था। समाज ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शिता के साथ एसआईटी या न्यायिक जांच करवाई जाए। घटना स्थल के आस-पास के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। लेकिन तपस्वी संतों की सुरक्षा के मामले में अब शासन-प्रशासन को जागना होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समाजजनों को आश्वस्त किया कि जैन संतों की सुरक्षा से जुड़े विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सकल जैन समाज के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप जैन, मूलचंद जैन, योगेश जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र चोपड़ा, दिनेश जैन, दीपांशु जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि संत समाज की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए समाज हमेशा एकजुट होकर आवाज उठाता रहेगा।
छत्तीसगढ़
विवादित बयानों के बाद बैज-सिंहदेव और भूपेश एक साथ:जिला-उपाध्यक्ष पर आर्म्स एक्ट का केस, धरने पर कांग्रेस, कहा- परेशान करने FIR, वापस ली जाए
सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी धरने बैठे हैं। दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धरने में शामिल हुए। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच दीपक बैज, सिंहदेव और भूपेश बघेल तीनों साथ दिखे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सिंहदेव और भूपेश ने नजरें नहीं मिलाई। हालांकि, इसके बाद दोनों बातचीत करते नजर आए।
सिंहदेव ने कहा कि अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है तो क्या हथियार चलाया। क्या हथियार पाया गया। क्या कोई हथियार बरामद किया गया। चुनाव की प्रक्रिया में कांग्रेस के साथियों को परेशान करने के लिए यह FIR दर्ज की गई है। केस वापस लिया जाए। शाम 6 बजे तक यदि हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी धरने में शामिल होने विश्रामपुर पहुंचे।

पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों साथ दिखे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से विश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।
बैज बोले- सत्ता की दलाली बंद करे पुलिस
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “हम भी सत्ता में रहे हैं, थानेदार का पावर जानते हैं। झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं। बिना जांच के आर्म्स एक्ट की धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।”
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नेता एनएसए जैसी धाराओं से भी डरने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी पर कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो धरना जारी रहेगा।

रात को भी जारी रहा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।
देर रात तक धरने पर बैठे कांग्रेसी
सोमवार को कड़ाके की धूप के बीच पूरे दिन कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहा। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।
रात में भी कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के सामने चटाई और दरी बिछाकर धरने पर डटे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, अंबिकापुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर बैठे रहे।
कांग्रेस का आरोप है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी ने मांग की है कि एफआईआर वापस ली जाए और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव देर रात पहुंचे धरनास्थल।
कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच दल में सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कोरिया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, एमसीबी जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत नरेश राजवाड़े, अखिलेश प्रताप सिंह और नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।
कांग्रेस पार्टी के मुताबिक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के मेन रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि वहां मित्तल पांडेय ने चुनाव में जीत-हार को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और उनके साथ बदसलूकी की।
कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देते हुए नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने देर रात विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।
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