Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर में गांजा तस्करों के 15 ठिकानों पर चला बुलडोजर:दुर्ग-राजनांदगांव से आकर झोपड़ी बनाकर रह रहे थे, नाबालिगों समेत 60 महिला-पुरुष भेजे गए जेल

Published

on

रायपुर,एजेंसी। रायपुर में गांजा तस्करों के 15 घरों पर पुलिस ने निगम के साथ मिलकर बुलडोजर चलाया है। आरोपी इन्हीं घरों से बेखौफ होकर सूखा नशे का धंधा कर रहे थे। पिछले हफ्ते पुलिस ने शहर के 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से नाबालिगों समेत करीब 60 महिला-पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस की सख्ती के चलते बड़ी संख्या में तस्कर अंडर ग्राउंड या शहर छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल, खमतराई थाना इलाके के डेरापारा में सबसे ज्यादा गांजा और अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें थी। दुर्ग-राजनांदगांव के लोग गांजा तस्करी के लिए रायपुर में झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। उन्होंने निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

पुलिस के साथ निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, 15 घरों को तोड़ा गया।

पुलिस के साथ निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, 15 घरों को तोड़ा गया।

जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

पुलिस की टीम ने निगम के अमले के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

पुलिस की टीम ने निगम के अमले के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

अतिक्रमण कर रह रहे थे तस्करी

जब आरोपियों के मकानों के संबंधित निगम से जानकारी मांगी गई। निगम ने अतिक्रमण होने की पुष्टि की। सभी मकानों में बिजली भी सप्लाई हुई थी। इसकी जानकारी बिजली विभाग से भी मांगी गई, जो अवैध पाई गई।

इसके बाद तस्करों के मकानों पर कार्रवाई के लिए निगम और बिजली विभाग को चिट्ठी लिखी गई। पुलिस की टीम ने निगम के अमले के साथ मिलकर अतिक्रमण करने वाले 15 मकानों को तोड़ दिया है। इन मकानों में कोई नहीं था, जबकि वहां रहने वाले 13 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें मकान छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने निगम के साथ मिलकर ऐसे 15 ठिकानों को जमींदोज किया है।

पुलिस ने निगम के साथ मिलकर ऐसे 15 ठिकानों को जमींदोज किया है।

असामाजिक तत्वों और अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए ‘‘निश्चय अभियान‘‘ चलाया जा रहा है।

असामाजिक तत्वों और अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए ‘‘निश्चय अभियान‘‘ चलाया जा रहा है।

2 महिलाएं अवैध शराब के साथ पकड़ाई थी

इसी तरह खमतराई पुलिस ने 21 सितंबर को आरटीओ ऑफिस के पास डेरापारा रावांभाठा में रेनु सोनवानी और चांदनी सोनी को अवैध रूप से शराब बिक्री करते पकड़ा था। इनके पास से 181 बोतल देशी शराब जब्त किया गया था। पुलिस ने इसी मोहल्ले पर बने अवैध घरों पर बुलडोजर चलाया है।

शहर के दूसरे इलाकों में भी शिकायतें

इसके अलावा तेलीबांधा, कालीबाड़ी और कुकुरबेड़ा में भी सूखा नशा बेचने की सबसे अधिक शिकायतें हैं। यहां से गांजा के साथ टैबलेट और सिरप भी खुलेआम बेचे जा रहे हैं। पुलिस छापा मारकर इन्हें पकड़ती है, लेकिन इनके परिजन नशे का कारोबार शुरू कर देते हैं।

वहीं आरोपी जेल से छूटकर फिर गांजा बेचने लगते हैं। इसलिए इन इलाकों में भी तस्करों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

गांजा पीने वालों पर भी कार्रवाई

रायपुर में पुलिस तस्करों के साथ नशा करने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। नए कानून में गांजा पीने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान दिया गया है। इसलिए जो भी गांजा पीते हुए पकड़े जा रहे हैं। उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

पिछले हफ्ते पुलिस ने शहर के 40 ठिकानों पर रेड कार्रवाई की।

पिछले हफ्ते पुलिस ने शहर के 40 ठिकानों पर रेड कार्रवाई की।

तेलीबांधा में गांजा तस्करी करते 2 युवक गिरफ्तार

वहीं, 22 सितंबर को तेलीबांधा इलाके में गांजे की तस्करी करते पुलिस ने आरोपी गुज्जर गोपाल और मिलू कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 6 किलो गांजा मिला। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

आरोपी ओडिशा से 6 किलो गांजा लेकर आए थे। उसे अवंति विहार तालाब के पास पुड़िया बनाकर बेच रहे थे। मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर दोनों को पकड़ा गया। आरोपियों का मोबाइल जांच के लिए लैब भेजा गया है। ओडिशा के तस्करों की जानकारी भी निकाली जा रही है।

इस अभियान में पुलिस रेंज के पांच जिलों में सुख नशे और सूखे नशे और असामाजिक तत्वों की धड़पकड़ कर रही है।

इस अभियान में पुलिस रेंज के पांच जिलों में सुख नशे और सूखे नशे और असामाजिक तत्वों की धड़पकड़ कर रही है।

19 सितंबर को भी पुलिस ने मारा था छापा

इससे पहले, 19 सितंबर की सुबह 4 बजे पुलिस अधिकारियों ने 25 से अधिक टीम बनाकर नशे के सामानों की बिक्री करने वाले आरोपियों के संभावित ठिकानों पर रेड मारी थी। जहां से नाबालिग समेत 14 आरोपियों को पकड़ा गया। उनसे पास से 600 ग्राम अफीम और 24.070 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।

इसके अलावा, अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनसे 614 पौवा शराब और 1750 रुपए कैश जब्त किया गया। इसी तरह अपने पास धारदार हथियार रखने वाले 8 आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

वहीं, फरार आरोपियों के संभावित ठिकाने में दबिश देकर 12 स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। साथ ही शांति व्यवस्था बाधित करने वाले 50 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

रायपुर जिले में पुलिस अवैध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ कार्रवाई कर रही है।

रायपुर जिले में पुलिस अवैध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ कार्रवाई कर रही है।

रायपुर रेंज में चल रहा ऑपरेशन निश्चय

बता दें कि रायपुर रेंज में पुलिस अवैध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ कार्रवाई कर रही है। रायपुर रेंज IG अमरेश मिश्रा के निर्देश में जिले में असामाजिक तत्वों और अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए ‘‘निश्चय अभियान‘‘ चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस रेंज के 5 जिलों में सूखा नशे बेचने वाले और असामाजिक तत्वों की धड़पकड़ कर रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई

Published

on

रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।

शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।

कार में मिला 300 किलो गांजा

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों को किया गिरफ्तार

धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)

निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज

रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा

केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।

पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा

सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।

पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।

ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।

Continue Reading

कोरबा

हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह

Published

on

बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”

स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।

स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।

स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के उद्योगों पर पर्यावरण विभाग सख्त:94 को नोटिस जारी, 3.03 करोड़ का वसूला जुर्माना; रायपुर की हवा में 4% सुधार

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले इंडस्ट्रीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 इंडस्ट्रीज के उत्पादन बंद करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 3.03 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, राजधानी की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

इन जिलों में नियमित निगरानी

पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों के उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन उद्योगों में हवा और पानी को प्रदूषित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत की गई।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

इंडस्ट्रीज पर करोड़ों का जुर्माना

जांच में 96 इंडस्ट्रीज पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपए से ज्यादा का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 136 उद्योगों और संस्थानों पर, जो बिना ढंके कच्चा माल, उत्पाद और कचरा ले जा रहे थे, उन पर 51 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।

फ्लाई ऐश के गलत तरीके से परिवहन और डंपिंग के मामले में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई। इस तरह कुल जुर्माना 3 करोड़ 3 लाख रुपए से अधिक पहुंच गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई

पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराया गया और उस पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अलावा दो अन्य इकाइयों का भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है।

रायपुर की हवा हुई बेहतर

पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर रायपुर की हवा पर भी दिखा है। साल 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की हवा में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि पर्यावरण नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677