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छत्तीसगढ़

राहुल-गांधी को मारने की धमकी…रायपुर-पुलिस ने नहीं लिखी FIR:थाने के अंदर 5 घंटे कांग्रेसियों का हंगामा,नारेबाजी भी, विकास बोले-भाजपा ने कानून-व्यवस्था की उड़ाई धज्जियां

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रायपुर,एजेंसी। केरल में पूर्व ABVP नेता पिंटू महादेव ने TV पर बहस के दौरान राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी दी। इसे लेकर रायपुर के सिविल लाइन थाने में कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने महादेव के खिलाफ FIR करने की मांग की। लेकिन एक्शन नहीं लेने पर कांग्रेस ने 5 घंटे तक हंगामा किया।

वहीं सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू ने कहा कि, पूरे मामले की जांच के बाद ही करवाई हो पाएगी। जिस पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, जब तक मामला दर्ज नहीं हो जाता है वह थाने में ही बैठे रहेंगे। हालांकि, बाद कांग्रेसी लौट गए।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, जब तक मामला दर्ज नहीं हो जाता है वह थाने में ही बैठे रहेंगे।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, जब तक मामला दर्ज नहीं हो जाता है वह थाने में ही बैठे रहेंगे।

भाजपा ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई

पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, भाजपा ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी है। जब भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई टिप्पणी की जाती है, तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली जाती है। लेकिन राहुल गांधी को जान से मारने की बात कही गई। सीने में गोली मारने की बात कही गई। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह संविधान और कानून का उल्लंघन है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, 26 सितंबर को केरल में एक न्यूज चैनल पर लद्दाख हिंसा पर लाइव बहस चल रही थी। इस दौरान भाजपा की तरफ से बोलने आए पूर्व ABVP नेता पिंटू महादेव ने कहा था कि, राहुल गांधी को सीने में गोली मार दी जाएगी। जिसके बाद से देशभर में कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है।

इस बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई और मामला विधानसभा तक पहुंच गया। केरल विधानसभा में भी इस विषय पर हंगामा हुआ। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में ढील बरत रही है।

पेरामंगलम पुलिस ने दर्ज की है FIR

केरल पुलिस ने पिंटू महादेवन के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। केपीसीसी के सचिव श्रीकुमार सी सी की शिकायत पर पेरामंगलम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। जिसमें कहा कि अगर महादेवन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि सरकार की मिलीभगत है।

पिछले दिनों CRPF ने जताई थी राहुल गांधी की सुरक्षा पर चिंता

राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने उन पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया है। CRPF ने पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा कि राहुल गांधी पिछले 9 महीने में बिना सूचना दिए 6 बार विदेश गए। इस दौरान वे इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया की यात्रा कर चुके हैं।

CRPF ने राहुल गांधी को भी अलग से पत्र भेजा था। जिसमें लिखा था कि इस तरह की चूक से उनकी Z+ कैटेगरी सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और उन्हें खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एजेंसी ने कहा कि इससे पहले भी वह इस मुद्दे को उठा चुकी है।

CRPF के मुताबिक राहुल गांधी पिछले 9 महीने में बिना सूचना दिए 6 बार विदेश गए। इस दौरान वे इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया की यात्रा कर चुके हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता को मिला है Z+ सिक्योरिटी कवर

केंद्र सरकार ने 2019 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गई विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) सुरक्षा वापस ले ली थी। इस सुरक्षा कवर की जगह सीआरपीएफ ने ले ली। SPG सिक्योरिटी गांधी परिवार के पास करीब 3 दशक तक रही।

राहुल गांधी को फिलहाल एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL) कवर के साथ सबसे हाई लेवल की Z+ सिक्योरिटी मिली है। इस सुरक्षा श्रेणी वाले लोगों को ‘यलो बुक प्रोटोकॉल’ के तहत अपनी हर गतिविधि और विदेश यात्रा की जानकारी पहले से सुरक्षा एजेंसियों को देनी होती है ताकि उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।

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कोरबा

कोरबा में हरियर धरती समिति ने किया वृक्षारोपण:4 साल में लगाए 3000 से अधिक पौधे, अधिकारी-कर्मचारी, परिवार हुए शामिल

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कोरबा। कोरबा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोरबा रेल मंडल में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्यरत हरियर धरती समिति ने मानसून की शुरुआत के साथ इस वर्ष भी वृक्षारोपण अभियान चलाया। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक उत्कर्ष गौरव (IRMS-ट्रैफिक) के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिजनों और आसपास की बस्ती के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान के तहत परिवारों ने अपने हाथों से 10 पीपल और बरगद के पौधे लगाए। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बेर के कांटों से घेरा गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि पौधों के बड़े होने तक उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी इन्हीं परिवारों की रहेगी, ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

रेलवे अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एस. के. पाण्डेय (CSM), दिनेश प्रसाद (SSE), सतीश कुमार (RPF इंस्पेक्टर) सहित हरियर मित्र गुलाब धुर्वे, आनंद गुप्ता, धनेश्वर लाल, धर्मवीर, अजय, संजीत गोंड, अमरेश सिन्हा, नितेश, शिवम और अंगूर दिवाकर मौजूद रहे।

सिर्फ पौधे नहीं, पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी

हरियर धरती समिति रेलवे की एक सामाजिक पहल है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी मिलकर पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के कार्य करते हैं। समिति का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

4 साल में लगाए 3000 से ज्यादा पौधे

समिति पिछले चार वर्षों से रेलवे कॉलोनी, आसपास की बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। इस दौरान 3,000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। समिति का कहना है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल भी टीम स्वयं सुनिश्चित करती है।

समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय

वृक्षारोपण के अलावा समिति ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को कपड़ों का वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और अन्य सामाजिक गतिविधियां भी संचालित करती है। हर वर्ष मानसून के दौरान व्यापक स्तर पर हरित अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

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कोरबा

गलत प्रमोशन कभी भी वापस लिया जा सकता है:हाईकोर्ट बोला- गलत पदोन्नति पर कर्मचारी का अधिकार नहीं, सालों बाद डिमोशन आदेश भी वैध

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बिलासपुर/कोरबा। हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को विभागीय पदोन्नति समिति की गलती या नियमों को ताक पर रखकर प्रमोशन दे दिया जाता है, तो शासन को उसे सुधारने और कर्मचारी को दोबारा उसके मूल पद पर भेजने का पूरा अधिकार है।

कोर्ट ने कहा कि गलत तरीके से मिला प्रमोशन चाहे कितने भी समय तक प्रभावी रहा हो, उससे कर्मचारी को कोई स्थायी या कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों के तीन साल बाद डिमोशन आदेश को को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है।

कोरबा के हीरमन दास महंत और रायगढ़ के विद्याभूषण शुक्ला को 12 अप्रैल 2023 को जीप ड्राइवर के पद से मैकेनिक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नत किया गया था। दोनों कर्मचारी लगभग तीन वर्षों तक इस पद पर कार्यरत रहे और उनका नाम अंतरिम वरिष्ठता सूची में भी आ गया था।

लेकिन 25 जून 2026 को मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना बिलासपुर के मुख्य अभियंता ने आदेश जारी कर उनकी पदोन्नति रद्द कर दी और उन्हें वापस मूल पद पर भेज दिया।

प्रमोशन आदेश निरस्त करने के खिलाफ लगाई याचिका

तीन साल बाद प्रमोशन आदेश निरस्त करने के खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें तर्क दिया कि उन्होंने नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूरी की थी और इसमें उनकी कोई धोखाधड़ी या जानकारी छिपाने की भूमिका नहीं थी।

जब वे तीन साल से पद पर काम कर रहे थे, तो अचानक इतनी लंबी अवधि के बाद बिना किसी विभागीय जांच के डिमोशन करना मनमाना और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

राज्य सरकार का जवाब- प्रमोशन में नियमों की अनदेखी

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि डीपीसी ने कार्यभारित कर्मचारियों के नियमों और अनिवार्य पात्रता शर्तों की अनदेखी कर प्रमोशन की सिफारिश की थी। यह विभागीय जांच या सजा का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक गलती का सुधार है। फैसला लेने से पहले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका जवाब सुनने के बाद ही अंतिम आदेश जारी किया गया था।

हाईकोर्ट बोला- शासन को है गलती सुधारने का अधिकार

हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि यह मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई का नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक त्रुटि को सुधारने का है। गलत पदोन्नति के आधार पर लंबे समय तक काम करने मात्र से कोई स्थायी अधिकार नहीं बन जाता और विभाग को अपनी गलती सुधारने का पूरा हक है।

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कोरबा

फसल बीमा कराने का अंतिम अवसर: 31 जुलाई तक करें आवेदन

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कोरबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले के किसानों के लिए अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि, कोरबा ने जिले के सभी किसानों से निर्धारित समयावधि के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, तुअर, मूंग, कोदो, कुटकी, मूंगफली एवं रागी फसलें अधिसूचित हैं। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार तथा वनपट्टाधारी किसान प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देकर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सकेगी।
अऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, संबंधित बैंक, लोक सेवा केन्द्र अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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