छत्तीसगढ़
रायगढ़ : दीपावली में उजाला और आत्मसम्मान का संगम, 30 हजार घरों में पहली बार जलेंगे खुशियों के दीप
प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन योजना में रायगढ़ जिला बना प्रदेश का अग्रणी उदाहरण
रायगढ़ । इस दीपावली में छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों के घरों में खुशियों का ऐसा उजाला फैलेगा, जो केवल दीपों की रोशनी से नहीं, बल्कि “अपना घर” होने के गर्व और आत्मसम्मान से जगमगाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रायगढ़ जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 30 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता से यह सब संभव हो पाया है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासो से लाभर्थियों के अपना घर पाने का सपना पूरा हुआ है और इस बार की दीवाली में नए घर का आंगन दिए से रोशन होने जा रहा है।
रायगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवासों में से इन 30 हजार से अधिक घरों का निर्माण समय पर पूरा होना न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह ग्रामीण हितग्राहियों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय भी जोड़ रहा है। इस बार दीपावली उनके लिए वास्तव में विशेष होगी, क्योंकि इस बार दीये उन घरों में जलेंगे, जिनकी दीवारें खुद उनकी मेहनत, उम्मीदों और सरकारी योजनाओं की संवेदनशीलता की कहानी कह रही हैं।
*मिशन मोड में दिखाई दी रायगढ़ की प्रतिबद्धता*
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में रायगढ़ जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक “जन-आंदोलन” का स्वरूप दे दिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की, हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया, और हर स्तर पर माइक्रो प्लानिंग से काम को गति दी। जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य धीमा पाया गया, वहां तत्काल समीक्षा बैठकें लेकर कारणों का विश्लेषण किया गया और जिम्मेदार अमले पर सख्त कार्रवाई की गई।परिणामस्वरूप रायगढ़ जिला आज प्रदेश में सबसे आगे खड़ा है, जहां 5 हजार, 10 हजार, 15 हजार, 20 हजार और 25 हजार आवास निर्माण के सभी चरणों में लक्ष्य सबसे पहले पूरे किए गए।
*आवास योजना से बढ़ा रोजगार, सशक्त हुई महिलाएं*
प्रधानमंत्री आवास योजना ने सिर्फ छत नहीं दी बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दी है। जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को सेटरिंग प्लेट निर्माण और आपूर्ति कार्य में जोड़ा गया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय और आत्मनिर्भरता दोनों मिल रही हैं।
वहीं युवाओं को राज मिस्त्री के रूप में प्रशिक्षित कर निर्माण कार्यों में शामिल किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और गांवों में श्रम की गरिमा को भी नया सम्मान मिला है। रायगढ़ में यह योजना अब ग्रामीण समृद्धि और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी बन चुकी है।
*बिरहोर परिवारों के लिए उजाला बनी पीएम जनमन योजना*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के लिए स्वीकृत 173 आवासों में से अब तक 150 आवास पूरे किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 82 प्रतिशत है। शेष आवासों का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही पूर्ण हो जाएगा।
इन पक्के घरों ने बिरहोर परिवारों के जीवन में केवल स्थायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और आत्मविश्वास का उजाला भी भर दिया है। इस दीपावली, उनके घरों में भी दीये जलेंगे, यह केवल प्रकाश का नहीं, बल्कि सम्मान का उत्सव होगा।
*रायगढ़ प्रदेश का अग्रणी जिला*
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में रायगढ़ लगातार प्रदेश में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने केवल घर नहीं दिए, बल्कि जीवन में स्थायित्व, गरिमा और आत्मविश्वास दिया है। अब इन घरों में हर त्योहार पर खुशियों की गूंज सुनाई देगी, बच्चों की हंसी, दीयों की रोशनी और संतोष की मुस्कान यही इस योजना की सच्ची सफलता है।
*दीपावली की नई सुबह, ‘अपना घर’ की रोशनी से रोशन होगा*
यह दीपोत्सव केवल दीपों का नहीं, बल्कि सरकारी योजना की संवेदनशीलता और जनता की उम्मीदों के मिलन का पर्व होगा। इन 30 हजार से अधिक घरों की चमक में छिपा है प्रशासन की निष्ठा, हितग्राहियों की मेहनत और उस सपने की पूर्ति, जो हर गरीब परिवार ने कभी अपने लिए देखा था।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : स्वीपर पद पर भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी, 23 मार्च तक दावा-आपत्ति आमंत्रित
जांजगीर-चांपा। कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा (छ0ग0) के जिला स्थापना में रिक्त पदों के विरुद्ध आकस्मिक निधि (कलेक्टर दर) पर वेतन पाने वाले कर्मचारी स्वीपर के कुल 03 रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। सूची का अवलोकन अभ्यर्थी जिला न्यायालय जांजगीर-चांपा की वेबसाइटhttps://janjgir.dcourts.gov.inपर कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यालयीन समय में जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड में भी सूची देखी जा सकती है। कार्यालय द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों से इस संबंध में दावा-आपत्ति 23 मार्च 2026 को शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई है। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : गांव-गांव चल रहा जल संचय जनभागीदारी अभियान
मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सोक पिट व रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का हो रहा निर्माण
जिले में अब तक 18,032 सोक पिट पूर्ण, 10,974 सोक पिट निर्माणाधीन, 190 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं पूर्ण 436 प्रगतिरत
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 1 मार्च से “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के अंतर्गत लगातार जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को वृहद रूप देते हुए जिले के गांव-गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ ली गई और अपने गांवों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाई गई।
अभियान के तहत जनभागीदारी से सोक पिट (सोखता गड्ढा) एवं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “मोर गांव – मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढा बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और दीवार लेखन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत गांव-गांव में सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिले में अब तक 18,032 सोक पिट का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 10,974 निर्माणाधीन हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 10042 पूर्ण व 2022 प्रगतिरत, बलौदा में 2840 पूर्ण व 2075 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 2638 पूर्ण व 2665 प्रगतिरत, नवागढ़ में 567 पूर्ण व 2194 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 1945 पूर्ण व 2018 प्रगतिरत सोक पिट निर्माण कार्य जारी है। इसी प्रकार अब तक 190 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 436 संरचनाएं प्रगतिरत हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 95 पूर्ण व 135 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 25 पूर्ण व 36 प्रगतिरत, नवागढ़ में 12 पूर्ण व 113 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 58 पूर्ण व 152 प्रगतिरत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : स्वच्छता के लिए आगे आई नारी शक्ति, स्वच्छता दौड़ में बड़ी संख्या में हुई शामिल, शिवरीनारायण में दिया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छता दीदियों का करें सम्मान, घर-घर कचरा लेने आएं तो दें धन्यवाद – कलेक्टर
शिवरीनारायण में स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों, समस्या के लिए अब सीधे करें संपर्क, 9340236903 हेल्पलाइन नंबर जारी
प्लास्टिक मुक्त शहर एवं स्वच्छता का लिया संकल्प, स्वच्छता से जुड़ी महिलाओं का किया सम्मान
कचरा पृथक्करण को लेकर लोगों को किया जागरूक, स्टॉल के माध्यम से दी जानकारी
जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज शिवरीनारायण में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित नारी शक्ति स्वच्छता दौड़ में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाएं, छात्राएं, महिला स्वच्छता कर्मी एवं स्वच्छता सखियों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नगर पंचायत परिसर से हुई। स्वच्छता दौड़ नटराज चौक, बॉम्बे मार्केट और थाना चौक होते हुए मध्यनगरी चौक तक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों, महिलाओं, सहित नागरिकों ने मार्ग में पड़े कचरे का संग्रह किया और स्वच्छता का संदेश दिया। महिलाओं ने मार्ग में चिन्हित स्थानों पर सफाई कर कचरा एकत्रित किया तथा दुकानदारों और नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने और डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सक्रिय महिला स्वच्छता कर्मियों, स्वच्छता सखियों तथा प्लास्टिक मुक्त पहल अपनाने वाले दुकानदारों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्री महोबे ने शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए डेमो स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को घर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के बारे में जानकारी भी दी गई। साथ ही शिवरीनारायण में नागरिकों की सुविधा के लिए स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर 9340236903 जारी किया गया है। अब नागरिक कचरा उठाव, गंदगी, नाली जाम या अन्य स्वच्छता संबंधी समस्याओं की जानकारी इस नंबर पर देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि नारी शक्ति अपनी मेहनत के बल पर सम्मान प्राप्त करती है। आज समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे पवित्र और धार्मिक महत्व वाले नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श स्थान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। स्वच्छता से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। हम सभी को मिलकर स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपने घर को साफ-सुथरा रखते हैं, उसी तरह अपने शहर को भी स्वच्छ बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नगर पालिका द्वारा इस कचरे का नियमित रूप से संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सड़कों, गलियों और घाटों पर कचरा न फैलाया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों को “स्वच्छता सैनिक” की संज्ञा देते हुए कहा कि समाज में उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए। जब वे घर-घर कचरा लेने आएं तो नागरिक उनका सम्मान करें और उन्हें धन्यवाद दें। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता हम सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो शिवरीनारायण को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। इस इस दौरान पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताकर्मी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थे।
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