Connect with us

देश

महागठबंधन का हर घर में एक सरकारी नौकरी का वादा:तेजस्वी ने घोषणापत्र जारी किया, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष और प्रभारी मंच पर नहीं दिखे

Published

on

पटना,एजेंसी। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र का नाम- ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ दिया गया है। इसमें 20 महीने में हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है।

इसके लिए 20 दिन में अधिनियम बनाया जाएगा। इसके अलावा 5 एक्सप्रेस-वे बनाने की भी घोषणा की गई है। महागठबंधन के ​​​​घोषणा पत्र में युवाओं, महिलाओं, संविदा कर्मियों, पुराने पेंशनधारी, किसान और गरीब परिवारों के लिए भी कई वादे किए गए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा भी मौजूद थे, लेकिन मंच पर बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम नदारद दिखे।

घोषणा पत्र जारी करते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘हमें केवल सरकार ही नहीं बनानी, बल्कि बिहार को बनाने का काम करना है। आज महागठबंधन के सभी साथियों ने मिलकर बिहार के लोगों के सामने संकल्प पत्र रखा है।’

तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य नेताओं ने होटल मौर्या में घोषणा पत्र जारी किया।

तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य नेताओं ने होटल मौर्या में घोषणा पत्र जारी किया।

घोषणा पत्र के 20 पॉइंट

1). सरकार बनते ही 20 दिनों के अंदर प्रदेश के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके लिए 20 दिन के अंदर अधिनियम बनाया जाएगा।

2). सभी जीविका दीदियों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। उनका वेतन 30,000 रुपए प्रतिमाह निर्धारित किया जाएगा। उनके द्वारा लिए गए ऋण पर ब्याज माफ किया जाएगा। इसके अलावा सभी संविदाकर्मियों और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थाई किया जाएगा।

3). IT पार्क, स्पेशल इकोनॉमिक जोन, डेयरी-बेस्ड इंडस्ट्रीज, एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज, स्वास्थ्य सेवा, कृषि उद्योग, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और पर्यटन के क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार का सृजन किया जाएगा। प्रदेश में 2000 एकड़ में एजुकेशनल सिटी, इंडस्ट्री क्लस्टर्स, 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे।

4). पुरानी पेंशन योजना (OPS Scheme) को लागू की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत विधवा और बुजुर्गों को 1500 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। हर साल 200 रुपए की वृद्धि भी होगी। दिव्यांग जनों को 3000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी।

5). माई-बहिन मान योजना के तहत महिलाओं को 1 दिसंबर से प्रति माह 2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

6). BETI और MAI योजनाएं लाएगी, जिससे बेटियों के लिए “बेनिफिट”, ‘एजुकेशन’, ‘ट्रेनिंग’ एवं ‘इनकम’ की व्यवस्था होगी। माताओं के लिए “मकान”, “अन्न” एवं ‘इनकम’ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

7). हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।

8). माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की ओर से किस्त वसूली के दौरान महिलाओं की प्रताड़ना को रोकने और मनमाने ब्याज दरों पर नियंत्रण के लिए नियामक कानून बनाया जाएगा।

9). प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए फॉर्म और परीक्षा शुल्क समाप्त किया जाएगा और परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। पेपर लीक और परीक्षा-अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रोजगार में बिहार के निवासियों की प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए सुसंगत डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी।

10). प्रत्येक अनुमंडल में महिला कॉलेज की स्थापना की जाएगी और 136 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं है, उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।

11). शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों सहित अन्य सेवाओं के कर्मियों के गृह जिला के 70 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित कानून बनाई जाएगी।

12). राज्य के सभी वित्त रहित सम्बद्ध महाविद्यालयों को वित्त सहित महाविद्यालय का मान्यता देते हुए प्राध्यापकों और अन्य कर्मियों को सरकारी वित्त सहित महाविद्यालयों के समान वेतन और भत्ता प्रदान किया जाएगा।

13). किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी दी जाएगी। मंडी और बाजार समिति को पुनर्जीवित किया जाएगा। प्रमंडल, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर मंडियां खोली जाएंगी।

14). हर व्यक्ति को जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 25 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य व्यवस्था को जिला स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा और जिला अस्पतालों-सभी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी।

15). मनरेगा में मौजूदा 255 रुपए दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपए किया जाएगा और 100 दिन के कार्य को बढ़ाकर 200 दिन किया जाएगा।

16). ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा। अनुसूचित जाति / जनजाति के 200 छात्र छात्राओं को छात्रवृति देकर विदेश भेजा जाएगा।

17). आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने के लिए विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

18). अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा। अनुसूचित जाति (sc) के लिए यह सीमा 16% से बढ़ाकर 20% की जाएगी और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में भी आनुपातिक बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाएगी।

19). अपराध के प्रति Zero Tolerance की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस अधीक्षकों (SP) और थानेदारों (SHO) के लिए निश्चित कार्यकाल निर्धारित किया जाएगा।

20). सभी अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। वक्फ संशोधन विधेयक पर रोक लगाई जाएगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाते हुए इसे अधिक कल्याणकारी और उपयोगी बनाया जाएगा। बौद्ध गया स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सुपुर्द किया जाएगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

अमेरिका में मोदी की धूम: PM मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल की अमेरिकी नेताओं ने की जमकर तारीफ

Published

on

वॉशिंगटन, एजेंसी।  भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने के मील के पत्थर को हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी सांसदों, बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने तारीफ़ की है। उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति को बदलने और अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने का श्रेय मोदी के नेतृत्व को दिया।
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने बधाई देने की शुरुआत की और मोदी को पद पर 4,399 दिन पूरे करने पर बधाई दी।

कॉर्निन ने कहा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने आगे कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने तक, PM मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। अमेरिका-भारत साझेदारी पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हुई है।”

इंडियन अमेरिकन CEO काउंसिल के सह-संस्थापक और टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन अरुण अग्रवाल ने कहा कि यह मील का पत्थर पिछले बारह वर्षों में भारत में आए बदलाव पर विचार करने का मौका देता है। अग्रवाल ने इस मौके पर लिखे एक लेख में कहा, “2026 का भारत 2014 का भारत नहीं है।” उन्होंने कहा कि “इस बात से इनकार करना मुश्किल है कि आज भारत एक दशक पहले की तुलना में वैश्विक मंच पर ज़्यादा मज़बूती से खड़ा है, ज़्यादा मुखर है और ज़्यादा ध्यान आकर्षित करता है।” भारत को अब केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि तेज़ी से उन संभावनाओं को हकीकत में बदलने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “कई दशकों तक, भारत को अक्सर भारी क्षमता वाले देश के रूप में वर्णित किया जाता था। आज, इसे तेज़ी से उस क्षमता को साकार करने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि पिछले बारह वर्षों को संभवतः उस दौर के रूप में याद किया जाएगा जिसने “भारत के उत्थान को गति दी और भारत क्या हासिल कर सकता है, इस बारे में वैश्विक धारणा को बदल दिया।” पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने भी मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। अरोड़ा ने लिखा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, पीएम मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। हम अमेरिका-भारत की लगातार जारी रहने वाली साझेदारी की उम्मीद करते हैं।”

अमेरिकी गायिका और भारत की समर्थक मैरी मिलबेन ने इस मौके को “एक महान देश की यात्रा में एक ऐतिहासिक, लोकतांत्रिक मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा, “आज, मैं अपने दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने पर दिल से बधाई देती हूं।” “आपकी मज़बूत लीडरशिप, 140 करोड़ भारतीयों की तरक्की, एकता और उम्मीदों के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता, और साथ ही एक मज़बूत भारत के लिए आपकी पक्की सोच ने बदलाव के एक दौर को आकार देने में मदद की है।” मिलबेन ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने में मोदी की भूमिका की भी तारीफ़ की।

उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने में आपकी लीडरशिप का सम्मान करती हूं। आपने कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल देखे हैं-कुछ के साथ आपके बहुत अच्छे संबंध रहे और दूसरों के प्रति आपने बहुत शालीनता दिखाई-फिर भी आप स्पष्ट कूटनीति अपनाने में कभी नहीं डगमगाए, जिससे भारतीय लोगों के हितों और हमारे दोनों देशों की भलाई को बढ़ावा मिला।”

इस उपलब्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब, भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता के तौर पर, आपने पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और मातृभूमि की शान बढ़ाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।” 

Continue Reading

देश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश का तीखा हमला: पूछा- FIR की नौबत क्यों आई? CCTV फुटेज सार्वजनिक करे सरकार

Published

on

लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मंगलवार को सरकार पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि इस संबंध में शिकायतें अब उस स्तर तक पहुंच गई हैं, जहां प्राथमिकी दर्ज करने पर चर्चा हो रही है। यादव ने संवाददाताओं से कहा कि यदि भगवान राम से जुड़े ‘पवित्र कार्य’ के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव का ‘X’ पर वार
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि चढ़ावा चोरी कांड को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता असहज हो गए हैं।

अखिलेश यादव का तंज भरा हमला
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं। यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।

स्कैम के पीछे कौन?
सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है। यादव ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के उजागर होने के पीछे कथित रूप से धन के बंटवारे को लेकर विवाद कारण है या प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा। उन्होंने यह भी पूछा कि पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?

डबल इंजन पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार अब कहां है? क्या डबल इंजन केवल डबल ईंधन की खपत के लिए है या उसकी कोई जिम्मेदारी भी है? उल्लेखनीय है कि यादव ने बीते रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद से वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।

Continue Reading

देश

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना गलत, फैसला वापस ले आयोग: कांग्रेस

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किये जाने को कानून के विपरीत बताते हुए बुधवार को चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जा सके, इसलिए आयोग को यह फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए तथा उनका नामांकन पत्र स्वीकार करना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयुक्त से की मुलाकात
 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात के बाद निर्वाचन सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की अंतिम तिथि को देखते हुए समय रहते उनका नामांकन वैध घोषित किया जाना चाहिए। 

आरओ का फैसला पूरी तरह गलत 
चुनाव आयोग से मिलने गये कांग्रेस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तंखा, भूपेश बघेल, मीनाक्षी नटराजन, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। सिंघवी ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) ने जिस मामले का हवाला देकर नामांकन खारिज किया है, उसमें मजिस्ट्रेट ने अभी संज्ञान तक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव कानून के तहत ऐसी स्थिति में किसी प्रकार के खुलासे की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए आरओ का फैसला पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।

नटराजन के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी  के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में रिटर्निंग अधिकारी का फैसला विकृत, कानूनी रूप से गलत और असमर्थनीय है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया है, वह आधार कानून में मौजूद ही नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था जिसका उन्हें नामांकन पत्र में खुलासा करना आवश्यक होता। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में अदालत की ओर से केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया था कि मामले का संज्ञान लिया जाए या नहीं। 

चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान
सिंघवी ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिया जाना प्रारंभिक चरण होता है और उसके बाद ही यह तय होता है कि मामला आगे बढ़ेगा या नहीं। बिना संज्ञान लिये कोई आपराधिक मामला विधिक रूप से अस्तित्व में नहीं माना जाता। चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और जिनमें दोष सिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो। 

संविधान की मूल भावना के विरुद्ध
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कई कानूनी चरण शेष हैं-संज्ञान, जांच, आरोपपत्र और आरोप तय होना। इसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द कर दिया, जो पूरी तरह गलत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि ऐसी त्रुटिपूर्ण व्याख्या के आधार पर किसी भी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता। यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों, समान अवसर की अवधारणा और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।

कांग्रेस की मांग तत्काल हस्तक्षेप करे चुनाव आयोग 
 उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को पलटने अथवा निरस्त करने का पूरा अधिकार है। अतीत में हरियाणा और गुजरात के मामलों में भी आयोग हस्तक्षेप कर चुका है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि आयोग असहाय है। कांग्रेस ने आयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन स्वीकार करने की मांग की है। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677