कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एचटीपीएस दर्री के पूर्व छात्र परिषद ने सेवानिवृत्त होने पर प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला का किया सम्मान, दी विदाई
शिक्षा के साथ संस्कारवान छात्र ही कर सकते हैं राष्ट्र निर्माण – राजकुमार अग्रवाल
विद्यार्थियों की सफलता से अभिभूत हूं- प्राचार्य नवल किशोर

कोरबा/दर्री। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एचटीपीएस दर्री के प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला ने 37 साल तक विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार, नैतिकता के साथ शिक्षित कर कई ओहदे तक पहुंचाया और 26 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो गए। यहां के पूर्व छात्र परिषद एवं हसदेव शिक्षण समिति ने सेवानिवृत्त श्री शुक्ला के लिए सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया और जीवन में नए युग के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ससम्मान विदाई दी।

बतौर मुख्य अतिथि कोरबा के जाने माने समाज सेवक एवं नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा के डायरेक्टर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि जिस विद्यार्थी में शिक्षा के साथ संस्कार हो, वही सच्चा नागरिक बन सकता है और ऐसे नागरिक ही राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कारवान बनाया जाता है, यह बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि 37 साल तक बच्चों को बेहतर नागरिक बनाने का काम प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला ने किया है, ऐसे प्राचार्य को हम प्रणाम करते हैं, जिनके शिष्य आज भारत के विभिन्न कोनों में रहकर ऊंचे पद पर कार्यरत हैं और विदेशों में भी अपना जीवन खुशहाल बना रहे हैं।

सेवानिवृत्त प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला ने 37 साल के बाद विद्या के इस मंदिर से विदाई के क्षण में करूण हो गए और नेत्रों से अश्रु प्रवाहित होने लगे। जब उन्हें उद्बोधन के लिए बुलाया गया तो रूंधे स्वर में कहा कि हम शिक्षकों का कार्य चुनौती भरा रहता है और हम कम वेतन में ही बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए अपनी पूरी ऊर्जा और पूरा समय देते हैं, लेकिन हमें इस बात पर गर्व होता है कि हमारे पढ़ाए बच्चे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं और विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र परिषद के मेरे प्यारे बच्चों एवं विद्यालय प्रबंधन ने मुझे आज जो सम्मान दिया, इन्हीं यादों को लेकर जीवन में आगे का सफर तय करूंगा और इतने दिन तक समयाभाव के परिवार को समय नहीं दे पाया, इस कमी को पूरा करने का प्रयास करूंगा।

कार्यक्रम को हसदेव शिक्षण समिति के अध्यक्ष धनंजय सिंह, व्यवस्थापक भीष्मदेव सिंह, कोषाध्यक्ष मेहुल फड़तरे ने भी संभोधित किया। अतिथि के रूप में दर्शन अग्रवाल, पूर्व छात्र परिषद के संयोजक आशीष चौहान, सदस्य आशीष अग्रवाल, नरेन्द्र कौशिक, अखिलेश शर्मा, अरविन्द सिन्हा, सुनीता वैष्णव, इमरान मेमन, दिलीप सिंह राज, प्रशांत साहू, डॉ. जगदीश शिंदे, पंकज यादव, कल्पना गोस्वामी, सुधांशु मिश्रा, चित्रा राठौर, अंकिता सिंह, सुरेंद्र कुमार डनसेना सहित अन्य सदस्यों के अलावा विद्यालय के छात्रगण, अध्यापकगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक सुरेन्द्र कुमार डनसेना ने किया।
बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति


पूर्व छात्र परिषद के सदस्यों ने प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला का ऐसा सम्मान किया कि वे भावविभोर हो गए।
स्मृति चिन्ह से सम्मान




कोरबा
अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें
कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।
बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल
मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।
जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया
अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।
कोरबा
नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।
कोरबा
ढपढप (बांकीमोंगरा) में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याओं का होगा सामूहिक विवाह, पं. धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 01 अप्रैल को भव्य आयोजन
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा, 28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा, अंतिम दिन 108 कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
कोरबा। कोरबा जिले में धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। इस वर्ष “नम: सामूहिक विवाह” का आयोजन बड़े और भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को बांकीमोंगरा क्षेत्र के ग्राम ढपढप में 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह विश्व विख्यात कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में संपन्न होगा। इस पुण्य आयोजन का आयोजकत्व अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है।
मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में वर्ष 2024 में आयोजित नम: सामूहिक विवाह की सफलता के बाद इस बार आयोजन को और व्यापक रूप दिया गया है। इस आयोजन के माध्यम से समाज के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह के बंधन में बांधकर उन्हें नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
धार्मिक आयोजन की शुरुआत 27 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और धर्मप्रेमी शामिल होंगे। कलश यात्रा के माध्यम से पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार होगा और आयोजन का शुभारंभ किया जाएगा।
28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के अगले दिन 28 मार्च से 01 अप्रैल 2026 तक छह दिवसीय श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपना सानिध्य प्रदान करेंगे। कथा के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।
01 अप्रैल को होगा 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह
कथा के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मनपसंद जीवन साथियों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करेंगी। इस भव्य समारोह में संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देंगी।
108 कन्याओं का पंजीयन, संख्या और बढ़ने की संभावना
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी एवं मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि ईश्वरीय कृपा से इतने बड़े पुण्य कार्य का आयोजन ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, इसलिए कन्याओं की संख्या बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से यह आयोजन सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रचार का एक बड़ा माध्यम बनेगा।
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