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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा : कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक : आगामी धान खरीदी सीजन की तैयारियों की समीक्षा

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किसानों की सुविधा को दें सर्वाेच्च प्राथमिकता – कलेक्टर महोबे

सड़क मरम्मत, पीएम आवास और रोजगार व लोन मेला को लेकर दिए अधिकारियों को निर्देश

ई-ऑफिस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेकर शंकाओ का समाधान करें

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में शासन की प्राथमिक योजनाओं, राज्योत्सव, एकता मार्च, सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आगामी धान खरीदी सीजन की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की गई।

      कलेक्टर ने कहा कि शासकीय हाई स्कूल मैदान जांजगीर में 2 से 4 नवम्बर तक आयोजित राज्योत्सव में विभिन्न विभागों के जनकल्याणकारी एवं 25 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित स्टॉल लगाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने स्टॉल में नागरिकों को योजनाओं की जानकारी और सुविधाओं से अवगत कराएं। राज्योत्सव में नागरिकों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, कृषि विभाग द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण, वय वंदना योजना एवं शासन की अन्य प्रमुख योजनाओं की जानकारी और लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचे। कलेक्टर ने ई- ऑफिस की समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेकर शंकाओ का समाधान करें।

      कलेक्टर श्री महोबे ने आगामी 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर प्रारंभ होने वाले धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य सीएससी केंद्रों के माध्यम से सतत रूप से किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में बिजली, तौल कांटा, बारदाना, पानी और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध समयपूर्व सुनिश्चित किए जाएं। कलेक्टर ने जिले में सड़क मरम्मत कार्यों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। जहां-जहां पैचवर्क की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और साथ ही मरम्मत के प्रस्तावों को शासन तक समय में प्रेषित किया जाए।

      उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप सभी आवासों का निर्माण समय सीमा में पूर्ण किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने जिले में रोजगार एवं लोन मेला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिले, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों सहित अन्य विभागों और संगठनों को इस आयोजन से जोड़ा जाए, ताकि अधिकतम लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर.के. तंबोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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