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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा :जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2025 के संबंध में आयोजित हुआ प्रशिक्षण

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कलेक्टर जन्मेजय महोबे प्रशिक्षण में हुए शामिल

04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर चलेगा सत्यापन कार्य

जांजगीर-चांपा। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को सुचारू और त्रुटि रहित ढंग से संचालित करने हेतु जिले के सभी तहसीलों में बीएलओ एवं बीएलए का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन करने से संबंधित जटिल प्रक्रियाओं को समझाना था। अधिकारियों ने बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं को फॉर्म भरने की सही प्रक्रिया, पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं से संपर्क साधने के तरीके और सूची को अद्यतन करने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

       कलेक्टर जन्मेजय महोबे पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय अकलतरा एवं पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय जांजगीर में आयोजित प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण में उन्होंने कहा कि फार्म भरते समय किसी भी तरह की गलती नहीं हो। प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को किसी भी तरह की शंका होने पर मास्टर ट्रेनर से जरूर पूछे। उन्होंने एसआईआर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं से बीएलओ को बारीकी से जानकारी लेने कहा। उन्होंने बीएलओ से उनकी शंकाएं पूछी और सहज व सरल तरीके से जवाब दिया।

      प्रशिक्षण में बीएलओ को निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2025 के उद्देश्य, एसआईआर की आवश्यकता, एसआईआर की प्रथम चरण की तैयारियां, एसआईआर द्वितीय चरण में गणना प्रपत्र- ईएफ का वितरण एवं संकलन और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से बताया। इस दौरान अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम अकलतरा सुमित बघेल सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी, बीएलओ, राजनैतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट उपस्थित थे। 

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कोरबा

होली खेलें पर जरा संभलकर, त्वचा और बालों का रखें खास ध्यान- त्वचा रोग विशेषज्ञ

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कोरबा। होली रंगों का त्योहार है। इसे बड़े ही उत्साह और हर्ष के साथ मनाया जाता है। पहले पारंपरिक होली फूलों, सूखे गुलाल, और पानी के साथ मनाई जाती थी, लेकिन अब सिंथेटिक रंगों ने इसकी जगह ले ली है। जिसका दुष्प्रभाव न केवल हमारी त्वचा तथा बाल, आंखों में भी पड़ता हैं यह हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। होली की मस्ती के साथ-साथ उत्सव के दौरान अपनी त्वचा और बालों की देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस होली में कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह एनकेएच के त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जय बावने देतें हैं।
डॉ. जय बताते हैं कि होली से एक दिन पहले अपनी त्वचा को ढेर सारे मॉइस्चराइजर से हाइड्रेट करें। अच्छी तरह से हाइड्रेटेड त्वचा नाजुक नहीं होती है जो आसानी से क्षतिग्रस्त नहीं होगी। होली के दिन अपने बालों में नारियल का तेल, शरीर पर बेबी ऑयल और होंठों पर लिप बाम लगाएं एवं अपनी त्वचा को सुरक्षित रखें। तेल लगाने के बाद सनस्क्रीन लगाना न भूलें। कपड़े पूरी बाजू के पहनें ताकि त्वचा को नुकसान कम से कम हो। अपने नाखूनों की सुरक्षा के लिए नेल पॉलिश लगाएं। होली के दिन भी खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
होली के बाद त्वचा और बालों की देखभाल के टिप्स देते हुए डॉ. जय बतातें हैं कि एक बार जब रंग थोड़ा फीका हो जाए, तो त्वचा को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने के लिए मेडिकल फेशियल करवाना चाहिए। यह आपको आकर्षक लुक वापस पाने में मदद करेगा। अगर आपको लगता है कि आपकी त्वचा हल्की फट रही है, तो एलोवेरा जेल या लैक्टोकैलेमाइन लोशन लगाएं, लेकिन अगर दाने बने रहते हैं, तो बिना किसी देरी के त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। बालों को धोने से पहले सप्ताह में एक बार प्राकृतिक हेयर मास्क का उपयोग करें। डॉ. जय सुझाव देते हैं कि होली खेलने में अधिक पानी, फूलों की पंखुड़ियों और ऑर्गेनिक रंग का उपयोग करना बेहतर है। डॉ. जय बावने त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट विशेषज्ञ एडीसी लैब निहारिका और न्यू कोरबा हॉस्पिटल में नियमित रूप से उपलब्ध रहते है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : रंगों में घुले प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी होली की शुभकामनाएँ

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है तथा भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहार मनाते समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का उत्सव बनती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश देता है होली का पर्व : मंत्री केदार कश्यप

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प्रदेशवासियों से प्राकृतिक रंगों के उपयोग और जल संरक्षण की अपील

रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री श्री कश्यप ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का संचार करता है तथा सभी भेदभावों को भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

वन मंत्री श्री कश्यप ने प्रदेशवासियों से अपील की कि होली का पर्व प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों के साथ मनाएँ, जल संरक्षण का विशेष ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का पर्व बनती है। साथ ही उन्होंने सभी से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।

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