कोरबा
एसईसीएल में विविध कार्यक्रमों के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का सफल समापन
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2 months agoon
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Divya Akashकेंद्रीय सतर्कता आयोग ने सराहे एसईसीएल के तकनीकी एवं निवारक सतर्कता प्रयास
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का समापन समारोह 3 नवम्बर 2025 को एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर स्थित ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के भूतपूर्व सदस्य (रेलवे ऑपरेशन एवं बिजनेस डेवलपमेंट) रविन्द्र गोयल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। मंच पर निदेशक (तकनीकी-संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार,मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी-योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र तथा उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री दुहन ने अपने संबोधन में कहा कि यह पूरे एसईसीएल परिवार के लिए गर्व की बात है कि सतर्कता के क्षेत्र में किए जा रहे हमारे नवाचारपूर्ण प्रयासों को केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सराहा है। उन्होंने कहा, “सफलता तभी संभव है जब हम टीम भावना से कार्य करें और हर स्तर पर ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को आत्मसात करें।”
मुख्य वक्ता श्री गोयल ने कहा कि सतर्कता की जिम्मेदारी केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं है, यह व्यक्ति के पूरे जीवन और परिवार तक विस्तारित होती है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक है कि हम सही और नैतिक मार्ग का चयन करें।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “सतर्कता हमारी साझा ज़िम्मेदारी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जीवनदृष्टि है। उन्होंने कहा कि सतर्कता सुनिश्चित करना केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और खनिक इस जिम्मेदारी की मजबूत कड़ी हैं। श्री जैन ने तीन माह तक चले विशेष सतर्कता अभियान के दौरान विभाग द्वारा की गई गतिविधियों की जानकारी भी दी।
समारोह की शुरुआत में अतिथियों ने परिसर में पौधारोपण किया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया तथा सतर्कता प्रतिज्ञा का सामूहिक पाठ मुख्य अतिथि द्वारा कराया गया।

इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों द्वारा सतर्कता अभियान की गतिविधियों पर केन्द्रित स्मारिका ‘स्पंदन’ एवं सिस्टेमिक इमप्रोवमेंट्स पर एक हैंडबुक’ का विमोचन किया गया।
इस अवसर सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों पर आधारित सतर्कता गैलरी का भी किया प्रदर्शन किया गया जोकि कार्यक्रम के प्रमुख अकर्षणों में से एक रही। गैलरी में सतर्कता विभाग की पहलों एवं ऑनलाइन प्रयासों जैसे जटायु डाइश्बोर्ड के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में डीएवी स्कूल की छात्राओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी तथा अग्रज नाट्य दल, बिलासपुर ने सतर्कता संदेश पर आधारित नाटक का मंचन कर सबका मन मोह लिया।
समापन सत्र में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों के करकमलों से सम्मानित किया गया। ये प्रतियोगिताएं एसईसीएल मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयोजित की गई थीं।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (खनन) शशांक अग्रवाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (सतर्कता) एन. नागेश्वर राव ने प्रस्तुत किया।
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कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन
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19 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akash220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।

अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कोरबा
बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख
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19 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akashकोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
कोरबा
सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत
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19 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akashसुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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