Connect with us

देश

अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए एएआई का एल्युमीनियम पर सीमा शुल्क बढ़ाने का सुझाव

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले एल्युमीनियम उद्योग के निकाय एएआई ने सरकार से कबाड़ (स्क्रैप) सहित सभी एल्युमीनियम उत्पादों पर मूल सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है ताकि निम्न-गुणवत्ता वाले आयात में वृद्धि को रोका जा सके और घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा की जा सके। इसने कहा कि इस तरह के कदम से यूरोपीय संघ और चीन जैसे वैश्विक समकक्षों के अनुरूप एल्युमीनियम कबाड़ की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और भारत को धातु कचरे का डंपिंग ग्राउंड बनने से रोका जा सकेगा। 

खान सचिव पीयूष गोयल को लिखे एक पत्र में, एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई) ने कहा, ‘‘…एल्युमीनियम क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए, हमें … अध्याय 76 के तहत सभी एल्युमीनियम उत्पादों पर मूल सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की आवश्यकता है।” इसने यह भी संकेत दिया कि मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त घरेलू क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद घरेलू उद्योग बेरोकटोक आयात से जूझ रहा है। इसमें कहा गया है कि बढ़ते आयात के साथ, वित्त वर्ष 2025-26 में एल्युमीनियम के संबंध में भारत का व्यापार घाटा 3.4 अरब डॉलर (30,000 करोड़ रुपए) के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने की आशंका है। प्राथमिक एल्युमीनियम उत्पादों पर वर्तमान शुल्क 7.5 प्रतिशत है, जबकि एल्युमीनियम स्क्रैप पर 2.5 प्रतिशत और डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम वस्तुओं पर 7.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच शुल्क लगता है। 

भारत को कचरे का डंपिंग ग्राउंड बनने से रोकने के लिए, एएआई ने सरकार से एल्युमीनियम स्क्रैप पर यूरोपीय संघ (ईयू), मलेशिया और चीन द्वारा लागू किए गए मानकों के अनुरूप सख्त गुणवत्ता मानक लाने का भी अनुरोध किया है। एएआई ने कहा कि इससे घरेलू कबाड़ बाजार का विकास होगा और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। एल्युमीनियम रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, वैमानिकी, बिजली, परिवहन और समग्र आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इसे आधिकारिक तौर पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन सहित अन्य देशों द्वारा एक महत्वपूर्ण, रणनीतिक धातु के रूप में मान्यता प्राप्त है। 

पत्र में, एएआई ने कहा कि पर्याप्त शुल्क संरक्षण के बिना, भारत अधिशेष वैश्विक एल्युमीनियम के लिए डंपिंग ग्राउंड बनने के जोखिम का सामना कर रहा है, जिससे घरेलू उत्पादकों के निवेश को खतरा है, जिनका उद्देश्य आत्मनिर्भरता हासिल करना है। इसमें कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े स्क्रैप आयातक भारत को प्राथमिक उत्पादकों के मानकों के अनुरूप, द्वितीयक एल्युमीनियम उद्योग के लिए स्क्रैप की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) मानदंडों को अपनाना चाहिए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

PM मोदी के काशी दौरे की तैयारी: आज वाराणसी पहुंचेंगे CM योगी, 6500 करोड़ की सौगातों और सिग्नेचर ब्रिज पर लगेगी अंतिम मुहर

Published

on

वाराणसी,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 अप्रैल को काशी दौरा संभावित है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा लेने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के काशी आगमन की तैयारियों को लेकर जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे। बैठक के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास और लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं। बरेका में होने वाले नारी शक्ति महोत्सव और जनसभा स्थल पर तैयारियों का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया है। शाम के समय बीएलडब्ल्यू परिसर में सिनेमा हाल से लेकर सूर्य सरोवर और सभा स्थल की ओर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। शहर के कई हिस्सों में वीवीआईपी आगमन को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाकर मार्गों को खाली कराया जा रहा है। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल को 6500 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें मुख्य रूप से गंगा नदी पर बनने वाले सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया जाएगा। हालांकि, अंतिम सूची अभी जारी नहीं की गई है।

Continue Reading

देश

Bengal Assembly elections: कोई नहीं चाहता कि बंगाल में भाजपा बनाए सरकार, ममता का दावा फिर लौटेगी TMC

Published

on

पूर्ब मेदिनीपुर,एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता में आएगी और कोई नहीं चाहता कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाए। 

बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी बीजेपी 
पूर्ब मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने विपक्षी दलों का आह्वान किया कि केंद्र से भाजपा नीत राजग सरकार को हटाने के लिए सब साथ में आएं। उन्होंने कहा, ”भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी।

दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगी तृणमूल कांग्रेस 
तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाएगी। हम 2026 में ही दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगे।” तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह पिछले एक महीने से पश्चिम बंगाल का गहन दौरा कर रही हैं और इस अवधि में ”मैं समझ गई कि जनता क्या चाहती है, यह साफ है कि कोई भी भाजपा को नहीं चाहता। तृणमूल कांग्रेस सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भाजपा द्वारा जारी ‘आरोपपत्र’ पर उसे आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी हल्दिया डॉक कॉम्प्लैक्स और उससे लगे औद्योगिक क्षेत्र में ‘कट-मनी’ लेने के लिए भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हैं।

आरोप प्रत्यारोप को दौर जारी 
बनर्जी ने कहा, ”आपने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया, मैं भी भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हूं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी करते हुए 28 मार्च को राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का, कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का और घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। 

Continue Reading

देश

खड़गे के बयान पर हमलावार हुई BJP: तरुण चुग बोले- PM मोदी को “Terrorist” कहना 140 करोड़ देशवासियों का अपमान

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर बीजेपी नेता तरुण चुग ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए “Terrorist” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि लोकतंत्र और 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है।

उन्होंने कहा कि दिशाहीनता और घटिया मानसिकता के ग्रसित कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान निम्नस्तरीय, घृणित और राष्ट्रविरोधी है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है। जिसे देश की जनता कताई बर्दाश्त नहीं करेगी।
हालांकि इस बयान को लेकर जहां बीजेपी कांग्रेस पर हमलावार है तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर सफाई दी है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा। 
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677