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Change in Banking Sector: SBI, HDFC, ICICI बैंकों में हुआ ये बदलाव, आपके लिए जानना है जरूरी
मुंबई, एजेंसी। अगर आप अक्सर ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं, तो अगली बार अपने बैंक की वेबसाइट खोलने से पहले ज़रूर रुकिए। क्योंकि अब भारत में ऑनलाइन बैंकिंग का डिजिटल चेहरा पूरी तरह बदल गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है-देश के लगभग सभी बैंकों को अब अपनी वेबसाइट “.bank.in” डोमेन पर शिफ्ट करना होगा।
इस बदलाव में SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, Bank of Baroda जैसे सभी प्रमुख बैंक शामिल हैं यानी अब आपके बैंक की वेबसाइट sbi.bank.in, hdfc.bank.in, icici.bank.in जैसी होगी, न कि पुरानी “.com” या “.in” पर।
क्यों किया गया बदलाव?
पिछले कुछ सालों में फिशिंग (Phishing) यानी नकली बैंक वेबसाइटों के ज़रिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े। ठग असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर (.com या .in एक्सटेंशन के साथ) लोगों से पासवर्ड, यूज़रनेम और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी चुराते थे। क्योंकि “.com” या “.in” कोई भी व्यक्ति खरीद सकता था, इसलिए अपराधियों के लिए असली-जैसी साइट बनाना बेहद आसान था।
अब ठग नहीं बना पाएंगे नकली बैंक साइट
- RBI ने अब बैंकों को एक “सुपर-सिक्योर डोमेन” — .bank.in पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।
- यह डोमेन किसी भी आम व्यक्ति या कंपनी के लिए उपलब्ध नहीं है।
- इसे केवल उन्हीं बैंकों को दिया जाता है,
- जिन्हें RBI से सीधे मंजूरी मिली हो और जो कड़ी सुरक्षा जांच पास करते हैं।
मतलब — अब कोई भी फर्जी वेबसाइट “sbi.bank.in” या “hdfc.bank.in” जैसा एड्रेस नहीं बना सकती।
यह डोमेन अपने आप में एक सुरक्षा गारंटी है, ठीक वैसे ही जैसे सरकारी वेबसाइटों के लिए “gov.in” या “nic.in” होता है।
आपके लिए क्या जरूरी है जानना
- पुरानी वेबसाइट्स जैसे sbi.com या hdfcbank.com पर न जाएं।
- हमेशा अपने बैंक की आधिकारिक “.bank.in” वेबसाइट ही खोलें।
- किसी भी SMS, ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से पहले URL ज़रूर जांचें।
- अगर वेबसाइट का अंत “.bank.in” पर नहीं होता, तो लॉगिन न करें।
नए दौर की सुरक्षित बैंकिंग
RBI का यह कदम भारत में साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है। इससे न सिर्फ ठगी के मामलों में कमी आएगी, बल्कि ग्राहकों को यह भरोसा भी रहेगा कि वे असली बैंक वेबसाइट पर ही हैं।
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अमेरिका में मोदी की धूम: PM मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल की अमेरिकी नेताओं ने की जमकर तारीफ
वॉशिंगटन, एजेंसी। भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने के मील के पत्थर को हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी सांसदों, बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने तारीफ़ की है। उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति को बदलने और अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने का श्रेय मोदी के नेतृत्व को दिया।
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने बधाई देने की शुरुआत की और मोदी को पद पर 4,399 दिन पूरे करने पर बधाई दी।

कॉर्निन ने कहा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने आगे कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने तक, PM मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। अमेरिका-भारत साझेदारी पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हुई है।”
इंडियन अमेरिकन CEO काउंसिल के सह-संस्थापक और टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन अरुण अग्रवाल ने कहा कि यह मील का पत्थर पिछले बारह वर्षों में भारत में आए बदलाव पर विचार करने का मौका देता है। अग्रवाल ने इस मौके पर लिखे एक लेख में कहा, “2026 का भारत 2014 का भारत नहीं है।” उन्होंने कहा कि “इस बात से इनकार करना मुश्किल है कि आज भारत एक दशक पहले की तुलना में वैश्विक मंच पर ज़्यादा मज़बूती से खड़ा है, ज़्यादा मुखर है और ज़्यादा ध्यान आकर्षित करता है।” भारत को अब केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि तेज़ी से उन संभावनाओं को हकीकत में बदलने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “कई दशकों तक, भारत को अक्सर भारी क्षमता वाले देश के रूप में वर्णित किया जाता था। आज, इसे तेज़ी से उस क्षमता को साकार करने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि पिछले बारह वर्षों को संभवतः उस दौर के रूप में याद किया जाएगा जिसने “भारत के उत्थान को गति दी और भारत क्या हासिल कर सकता है, इस बारे में वैश्विक धारणा को बदल दिया।” पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने भी मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। अरोड़ा ने लिखा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, पीएम मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। हम अमेरिका-भारत की लगातार जारी रहने वाली साझेदारी की उम्मीद करते हैं।”
अमेरिकी गायिका और भारत की समर्थक मैरी मिलबेन ने इस मौके को “एक महान देश की यात्रा में एक ऐतिहासिक, लोकतांत्रिक मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा, “आज, मैं अपने दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने पर दिल से बधाई देती हूं।” “आपकी मज़बूत लीडरशिप, 140 करोड़ भारतीयों की तरक्की, एकता और उम्मीदों के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता, और साथ ही एक मज़बूत भारत के लिए आपकी पक्की सोच ने बदलाव के एक दौर को आकार देने में मदद की है।” मिलबेन ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने में मोदी की भूमिका की भी तारीफ़ की।
उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने में आपकी लीडरशिप का सम्मान करती हूं। आपने कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल देखे हैं-कुछ के साथ आपके बहुत अच्छे संबंध रहे और दूसरों के प्रति आपने बहुत शालीनता दिखाई-फिर भी आप स्पष्ट कूटनीति अपनाने में कभी नहीं डगमगाए, जिससे भारतीय लोगों के हितों और हमारे दोनों देशों की भलाई को बढ़ावा मिला।”
इस उपलब्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब, भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता के तौर पर, आपने पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और मातृभूमि की शान बढ़ाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।”
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश का तीखा हमला: पूछा- FIR की नौबत क्यों आई? CCTV फुटेज सार्वजनिक करे सरकार
लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मंगलवार को सरकार पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि इस संबंध में शिकायतें अब उस स्तर तक पहुंच गई हैं, जहां प्राथमिकी दर्ज करने पर चर्चा हो रही है। यादव ने संवाददाताओं से कहा कि यदि भगवान राम से जुड़े ‘पवित्र कार्य’ के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव का ‘X’ पर वार
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि चढ़ावा चोरी कांड को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता असहज हो गए हैं।
अखिलेश यादव का तंज भरा हमला
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं। यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।
स्कैम के पीछे कौन?
सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है। यादव ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के उजागर होने के पीछे कथित रूप से धन के बंटवारे को लेकर विवाद कारण है या प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा। उन्होंने यह भी पूछा कि पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?
डबल इंजन पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार अब कहां है? क्या डबल इंजन केवल डबल ईंधन की खपत के लिए है या उसकी कोई जिम्मेदारी भी है? उल्लेखनीय है कि यादव ने बीते रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद से वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना गलत, फैसला वापस ले आयोग: कांग्रेस
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किये जाने को कानून के विपरीत बताते हुए बुधवार को चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जा सके, इसलिए आयोग को यह फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए तथा उनका नामांकन पत्र स्वीकार करना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयुक्त से की मुलाकात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात के बाद निर्वाचन सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की अंतिम तिथि को देखते हुए समय रहते उनका नामांकन वैध घोषित किया जाना चाहिए।
आरओ का फैसला पूरी तरह गलत
चुनाव आयोग से मिलने गये कांग्रेस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तंखा, भूपेश बघेल, मीनाक्षी नटराजन, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। सिंघवी ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) ने जिस मामले का हवाला देकर नामांकन खारिज किया है, उसमें मजिस्ट्रेट ने अभी संज्ञान तक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव कानून के तहत ऐसी स्थिति में किसी प्रकार के खुलासे की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए आरओ का फैसला पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।
नटराजन के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में रिटर्निंग अधिकारी का फैसला विकृत, कानूनी रूप से गलत और असमर्थनीय है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया है, वह आधार कानून में मौजूद ही नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था जिसका उन्हें नामांकन पत्र में खुलासा करना आवश्यक होता। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में अदालत की ओर से केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया था कि मामले का संज्ञान लिया जाए या नहीं।
चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान
सिंघवी ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिया जाना प्रारंभिक चरण होता है और उसके बाद ही यह तय होता है कि मामला आगे बढ़ेगा या नहीं। बिना संज्ञान लिये कोई आपराधिक मामला विधिक रूप से अस्तित्व में नहीं माना जाता। चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और जिनमें दोष सिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो।
संविधान की मूल भावना के विरुद्ध
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कई कानूनी चरण शेष हैं-संज्ञान, जांच, आरोपपत्र और आरोप तय होना। इसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द कर दिया, जो पूरी तरह गलत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि ऐसी त्रुटिपूर्ण व्याख्या के आधार पर किसी भी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता। यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों, समान अवसर की अवधारणा और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।
कांग्रेस की मांग तत्काल हस्तक्षेप करे चुनाव आयोग
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को पलटने अथवा निरस्त करने का पूरा अधिकार है। अतीत में हरियाणा और गुजरात के मामलों में भी आयोग हस्तक्षेप कर चुका है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि आयोग असहाय है। कांग्रेस ने आयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन स्वीकार करने की मांग की है।
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