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चार लेबर कोड पर बड़ा विवाद: यूनियनें बोलीं- मज़दूरों के साथ धोखा, देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान

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मुंबई, एजेंसी। भारत की दस बड़ी ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार के चार नए लेबर कोड को “मजदूरों के साथ धोखा” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। यूनियनों ने बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। ये सभी यूनियन, जो ज्यादातर विपक्षी दलों से जुड़ी हैं, पिछले 5 वर्षों से इन कानूनों का विरोध कर रही हैं।

ये चारों लेबर कोड संसद द्वारा पांच साल पहले पारित किए गए थे। सरकार का कहना है कि इनसे पुराने, जटिल और ब्रिटिश काल के श्रम कानूनों को सरल बनाया गया है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और मजदूरों को न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा जैसे फायदे मिलेंगे लेकिन यूनियनों का आरोप है कि नए कोड कंपनियों को कर्मचारियों को आसानी से हटाने की छूट देते हैं, जो मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ है।

क्या बदला इन नए कानूनों से?

  • फैक्ट्रियों में शिफ्ट अब लंबी हो सकती है
  • महिलाओं के लिए रात की पाली की इजाजत
  • छंटनी के लिए सरकारी इजाजत की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई
  • छोटी-मझोली कंपनियों को पहले से ज्यादा छूट

नए लेबर कोड लागू होने पर उद्योग जगत के एक बड़े हिस्से ने राहत जताई थी। उनका कहना है कि पुराने श्रम कानून इतने जटिल थे कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़त रुक जाती थी। यही कारण है कि लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी अभी भी 20% से नीचे है।

हालांकि, सभी उद्योग संगठन इससे सहमत नहीं हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों के समूह ‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन एंटरप्रेन्योर्स’ ने चेतावनी दी है कि नए नियमों से उनका संचालन खर्च बढ़ सकता है और कई उद्योगों में कामकाज प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से ट्रांजिशन पीरियड में अतिरिक्त सहायता और लचीले नियमों की मांग की है।

BMS का समर्थन

भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने इन लेबर कोड का खुलकर समर्थन किया है। संगठन का कहना है कि राज्यों को कुछ विवादित बिंदुओं पर वार्ता के बाद जल्द से जल्द इन्हें लागू कर देना चाहिए।

श्रम मंत्रालय जून 2024 से अब तक यूनियनों के साथ कई बैठकें कर चुका है लेकिन सहमति बनना मुश्किल दिख रहा है। मंत्रालय ने रॉयटर्स के सवालों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब देशभर के राज्य अपने-अपने स्तर पर इन चार कोड—वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा—के लिए नियम तैयार करेंगे।

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‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी

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तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।

वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।

मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:

  • +989128109115
  • +989128109109
  • +989128109102
  • +989932179359
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जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेलबर्न में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। शुक्रवार को राजनयिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। पीएम मोदी का यह दौरा उनके क्षेत्रीय प्रवास का हिस्सा होगा, जिसमें वे इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी करेंगे।

दौरे का संभावित कार्यक्रम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे। 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुँचेंगे।

मेलबर्न में होगा भव्य ‘प्रवासी कार्यक्रम’

इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय समुदाय (Diaspora) के साथ होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, सिडनी के बजाय इस बार मेलबर्न को एक बड़े सामुदायिक जमावड़े के लिए चुना गया है। अधिकारियों ने मेलबर्न में दो बड़े इनडोर स्टेडियमों का निरीक्षण किया है, जिनकी क्षमता 14,000 से 35,000 के बीच है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की ठंड और बारिश को देखते हुए इनडोर वेन्यू (छत वाले स्टेडियम) को प्राथमिकता दी जा रही है।

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सिडनी में होगी आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता

जहाँ एक ओर मेलबर्न में मेगा कम्युनिटी इवेंट होगा, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस का कार्यालय सिडनी में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक है। यहाँ दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है।

व्यापारिक संगठनों में मची होड़

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई बड़े बिजनेस इवेंट्स के लिए भी होड़ मची है। ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल (AIBC) अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रहा है और वे पीएम मोदी की मेजबानी करना चाहते हैं। साथ ही ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ भी एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग की रेस में है। हालांकि, माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर केवल एक ही संगठन को कार्यक्रम की अनुमति मिलेगी।

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भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी

इससे पहले पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहाँ उन्होंने ‘क्वाड’ सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस यात्रा के दौरान ब्रिस्बेन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई थीं। एबीसी (ABC) के विदेश मामलों के संवाददाता स्टीफन डज़ेडज़िक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह दौरा तय होता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा साल होगा, जिसमें कारने, वॉन डेर लेयेन और ताकाइची के बाद अब मोदी भी शिरकत करेंगे।

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Railway News: भारतीय रेल का बड़ा ऐलान: 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच Rail चलाएगा 18,262 समर स्पेशल ट्रेन फेरे

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 नई दिल्ली,एजेंसी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ एक बैठक कर गर्मी के मौसम के दौरान चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों के परिचालन की प्रगति की समीक्षा की। गौरतलब है कि रेलवे अधिक मांग वाले मार्गों और गलियारों पर बड़े पैमाने पर विशेष ट्रेनों को चलाकर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है। 

गर्मियों में यात्रा के सबसे व्यस्त समय (15 अप्रैल-15 जुलाई) के दौरान रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए ‘summer special’ trains 18,262 फेरे चलाने की योजना बनाई है। अब तक, 11,878 ट्रेन फेरों की घोषणा की जा चुकी है और यात्रियों के लाभ के लिए शेष ट्रेनों की घोषणा भी की जा रही है। यह बड़े पैमाने पर ट्रेनों को चलाना एक सुनियोजित द्दष्टिकोण को दर्शाता है, जिसे बेहतर ‘रेक’ (ट्रेन के डिब्बों) की उपलब्धता, बेहतर समय-सारिणी और लगातार निगरानी का समर्थन प्राप्त है। 

रेलवे की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति से अनुसार नयी दिल्ली, मुंबई (LTT, GSAT, Pune सहित), सूरत (उधना सहित), अहमदाबाद, बेंगलुरु आदि जैसे स्टेशनों पर यात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, उधना स्टेशन पर पश्चिम रेलवे द्वारा किए गए सक्रिय उपाय-जैसे कि भीड़ का ‘रियल-टाइम’ प्रबंधन, ज़मीन पर बेहतर सहायता और ट्रेनों का कुशल संचालन यह दर्शाते हैं कि कैसे क्षेत्रीय स्तर की पहलें यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त यात्रा का अनुभव प्रदान करने के प्रयास को प्रभावी ढंग से पूरा कर रही हैं। गृह नगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया गया और ट्रेन में चढ़ने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ज़मीन पर बेहतर व्यवस्थाएं की गईं।

 रेलवे के अनुसार इन्हीं प्रयासों के अनुरूप अपने गृह नगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर बेहतर और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं लागू की गईं। ट्रेन संख्या 19045 ‘उधना-थावे ताप्ती गंगा एक्सप्रेस’ में, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों ने यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ट्रेन में चढ़ने में सहायता की।

भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा का सुगम अनुभव सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन में चढ़ने और बैठने की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से प्रबंधित किया गया। रेलवे ने बताया है कि भारतीय रेल सक्रिय योजना और तत्परतापूर्ण संचालन के माध्यम से यात्रा के व्यस्त समय के दौरान यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये प्रयास सेवा वितरण में सुधार करने और गर्मियों की भीड़ के दौरान सुगम, सुरक्षित और परेशानी-मुक्त यात्राएं सुनिश्चित करने में लक्षित हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता को उजागर करते हैं।   

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