छत्तीसगढ़
सिंहदेव बोले- SIR फॉर्म भरने में पसीने छूट गए:कहा- मैं MA पास फिर भी 20 बार सोचना पड़ा, अबूझमाड़ के लोगों का क्या होगा
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया को जटिल बताया है। उन्होंने कहा कि एमए पास होने के बाद भी फॉर्म भरने में मेरे पसीने छूट गए तो अबूझमाड़ में रह रहे लोगों का क्या होगा।
सिंहदेव ने कहा कि मैं एमए पास हूं, तथाकथित दुनिया भी देख चुका हूं, फिर भी फॉर्म भरते समय 20 बार सोचना पड़ा कि कहीं गलती न हो जाए। अगर मुझे ऐसा महसूस हुआ तो अबूझमाड़ या किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले व्यक्ति का क्या होगा? सिंहदेव ने कहा कि फॉर्म भरना बहुत मुश्किल है।
आधे से ज्यादा नाम कट जाएंगे- सिंहदेव
टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि घर में बहू आईं। उनका नाम स्वाभाविक है 2003 की सूची में नहीं था। उनकी शादी बाद में हुई। अभी उनकी शादी हुई। उनके माता-पिता का नाम गुना मध्य प्रदेश में हैं। वहां की 2003 की सूची में नाम ढूंढकर फिर फॉर्म में भरना पड़ा।
आप दावा कर दो कि हमने इतने प्रतिशत काम कर दिया। लेकिन सही तरीके से करोगे तो आधे से ज्यादा नाम आ ही नहीं सकते। कट जाएंगे। इसमें प्रावधान भी यह है कि फॉर्म ठीक नहीं आए तो रिजेक्ट हो जाएंगे। लेकिन अभी जो प्रक्रिया है, बहुत जटिल है।
कांग्रेस ने बनाया कंट्रोल रूम, मास्टर ट्रेनर तैनात
SIR अभियान की निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस भवन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। सलाम रिजवी को इसका संयोजक नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम जिलों से आने वाली शिकायतों, मतदाताओं के नाम काटे जाने और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस ने सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए हैं, जो बूथ लेवल एजेंट और कार्यकर्ताओं को SIR प्रक्रिया समझाएंगे। यह भी निर्देश दिया गया है कि बिना कारण किसी मतदाता का नाम न हटने पाए।
समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि इस समय राज्य में धान खरीदी चल रही है, किसान बेहद व्यस्त हैं। ऐसे में SIR की समय सीमा 3 महीने बढ़ाई जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि SIR का इस्तेमाल कांग्रेस के मजबूत बूथों में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
BLO घर-घर जाकर सत्यापन करें
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर सत्यापन करें और मतदाता से लिखित पुष्टि लें। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वालों के पास फोटो खिंचवाने या फोटोकॉपी कराने की सुविधा नहीं है-इसका खर्च और जिम्मेदारी आयोग को उठानी चाहिए।
अब पढ़िए प्रदेश में कितने मतदाता हैं ?
राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति के अनुसार 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इनमें से 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार 208 मतदाताओं को SIR का गणना फॉर्म मिल चुका है।
21 नवंबर 2025 तक प्रदेश में लगभग 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइज पूर्ण हो चुका है, जो प्रदेश के 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 31 प्रतिशत है।
3 बार घर पहुंचेंगे BLO
BLO नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और घोषणा प्रपत्र एकत्र करेंगे। साथ ही वे दस्तावेजों की लिंकिंग और सत्यापन में भी मदद करेंगे। प्रत्येक घर पर वे कम से कम 3 बार जाएंगे। जो मतदाता घर पर नहीं मिलते या अस्थायी रूप से बाहर रहते हैं, वे ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे।
BLO मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट वोटरों की पहचान करेंगे। जिन मतदाताओं के फॉर्म मिल चुके हैं, उनके नाम प्रारूप सूची में जोड़े जाएंगे। जिनके रिकॉर्ड का 59 से मिलान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी और पात्रता तय की जाएगी।
देश के 12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है। भारत निर्वाचन आयोग SIR प्रक्रिया की हर दिन मॉनिटरिंग कर रहा है और जरुरी निर्देश दिए जा रहे हैं। SIR वर्किंग की रैंकिंग भी की जा रही है। SIR वर्किंग में 17 नवंबर तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 10वें नंबर पर है।
सबसे अच्छा परफार्मेंस वाले राज्यों में गोवा पहले नंबर पर है। छत्तीसगढ़ में अब तक 97% फॉर्म वितरित हुए हैं। जिसमें 6.61% फॉर्म डिजिटलाइज हो चुके हैं।
कोरबा
रीवा हादसे पर कोरबा में भी आक्रोश : जैन संतों की सुरक्षा के लिए सकल जैन समाज ने निकाली मौन रैली, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। देश में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने सोमवार को जैन मंदिर बुधवारी से कलेक्ट्रेट तक मौन रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि रीवा, मप्र में विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में आर्यिका माताजी संघ की साध्वियों का असामयिक निधन हो गया था। समाज ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शिता के साथ एसआईटी या न्यायिक जांच करवाई जाए। घटना स्थल के आस-पास के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। लेकिन तपस्वी संतों की सुरक्षा के मामले में अब शासन-प्रशासन को जागना होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समाजजनों को आश्वस्त किया कि जैन संतों की सुरक्षा से जुड़े विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सकल जैन समाज के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप जैन, मूलचंद जैन, योगेश जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र चोपड़ा, दिनेश जैन, दीपांशु जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि संत समाज की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए समाज हमेशा एकजुट होकर आवाज उठाता रहेगा।
छत्तीसगढ़
विवादित बयानों के बाद बैज-सिंहदेव और भूपेश एक साथ:जिला-उपाध्यक्ष पर आर्म्स एक्ट का केस, धरने पर कांग्रेस, कहा- परेशान करने FIR, वापस ली जाए
सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी धरने बैठे हैं। दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धरने में शामिल हुए। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच दीपक बैज, सिंहदेव और भूपेश बघेल तीनों साथ दिखे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सिंहदेव और भूपेश ने नजरें नहीं मिलाई। हालांकि, इसके बाद दोनों बातचीत करते नजर आए।
सिंहदेव ने कहा कि अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है तो क्या हथियार चलाया। क्या हथियार पाया गया। क्या कोई हथियार बरामद किया गया। चुनाव की प्रक्रिया में कांग्रेस के साथियों को परेशान करने के लिए यह FIR दर्ज की गई है। केस वापस लिया जाए। शाम 6 बजे तक यदि हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी धरने में शामिल होने विश्रामपुर पहुंचे।

पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों साथ दिखे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से विश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।
बैज बोले- सत्ता की दलाली बंद करे पुलिस
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “हम भी सत्ता में रहे हैं, थानेदार का पावर जानते हैं। झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं। बिना जांच के आर्म्स एक्ट की धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।”
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नेता एनएसए जैसी धाराओं से भी डरने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी पर कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो धरना जारी रहेगा।

रात को भी जारी रहा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।
देर रात तक धरने पर बैठे कांग्रेसी
सोमवार को कड़ाके की धूप के बीच पूरे दिन कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहा। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।
रात में भी कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के सामने चटाई और दरी बिछाकर धरने पर डटे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, अंबिकापुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर बैठे रहे।
कांग्रेस का आरोप है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी ने मांग की है कि एफआईआर वापस ली जाए और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव देर रात पहुंचे धरनास्थल।
कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच दल में सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कोरिया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, एमसीबी जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत नरेश राजवाड़े, अखिलेश प्रताप सिंह और नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।
कांग्रेस पार्टी के मुताबिक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के मेन रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि वहां मित्तल पांडेय ने चुनाव में जीत-हार को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और उनके साथ बदसलूकी की।
कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देते हुए नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने देर रात विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।
छत्तीसगढ़
हार्डकोर नक्सली दंपती ने किया सरेंडर:हथियार, IED बनाने के थे एक्सपर्ट, नक्सली कैडरों को देते थे ट्रेनिंग, तेलंगाना पुलिस के सामने डाले हथियार
जगदलपुर, एजेंसी। नक्सल संगठन में लंबे समय से सक्रिय 2 सीनियर कैडर्स ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में सरेंडर कर दिया है। दोनों लीडर्स ने 26 मई को तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद के सामने सरेंडर किया।
इसमें सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (BJSAC) सचिव पसुनूरी नरहरी उर्फ विश्वनाथ उर्फ सलई दा और पत्नी स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा शामिल है।

1982 से माओवादी संगठन में सक्रिय था नरहरी
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, पसुनूरी नरहरी संगठन में बेहद अहम भूमिका निभा रहा था। वह सेंट्रल कमेटी का सदस्य होने के साथ-साथ बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव भी था। नरहरी तेलंगाना के हनमकोंडा जिले के सोमिडी गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र 64 वर्ष बताई गई है।
उसने साल 1982 में अंडरग्राउंड दलम सदस्य के रूप में संगठन जॉइन किया था। इसके बाद 1986 में कमांडर बनाया गया। साल 2000 में उसे रीजनल कमेटी मेंबर (RCM) बनाया गया और नागपुर क्षेत्र भेजा गया। 2006 में उसे BJSAC स्टेट कमेटी मेंबर और 2017 में सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) बनाया गया।
तकनीकी और हथियार निर्माण में था एक्सपर्ट
नरहरी नक्सल संगठन के टेक्निकल विंग का बड़ा चेहरा माना जाता था। साल 2010 में बनी टेक्निकल डिपार्टमेंट टीम का वह इंचार्ज रहा। 2014 में उसे बिहार स्टेट कमेटी में भेजा गया, जहां उसने गया जिला संगठन की जिम्मेदारी संभाली।
2017 में उसे ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के तहत CCM पद पर प्रमोट किया गया। इसके बाद बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में टेक्निकल डिपार्टमेंट का प्रभारी बनाया गया। 2018 से 2020 तक वह झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रहा और स्टेट मिलिट्री कमीशन का इंचार्ज भी रहा। साल 2026 में उसे BJSAC का सचिव बनाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नरहरी को हथियार, मोर्टार, रॉकेट, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड, ग्रेनेड और बूबी ट्रैप बनाने, उनके रखरखाव में विशेषज्ञता हासिल थी। वह नक्सली कैडरों को हथियार निर्माण, रिपेयर और तकनीकी प्रशिक्षण भी देता था।
मेदारा दनम्मा भी संगठन की बड़ी सदस्य
सरेंडर करने वाली दूसरी महिला नक्सली मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा (55) है, वह आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के गमालापाडु गांव की रहने वाली है और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) के पद पर सक्रिय थी। ये CCM पसुनूरी नरहरी की पत्नी है। दोनों लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
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