मुंबई, एजेंसी। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हो गया है। 89 साल के धर्मेंद्र ने सोमवार दोपहर अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले श्मशान भूमि में हुआ, जिसमें सलमान खान, संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, आमिर खान समेत कई सेलेब्स पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन को एक युग के अंत का संकेत कहा है।
दोपहर में उनके घर के बाहर एम्बुलेंस पहुंची थी और विले पार्ले श्मशान भूमि में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई थी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से श्मशान घाट पहुंचाया गया।
5 पॉइंट्स में जाने अब तक क्या-क्या हुआ-
दोपहर करीब 1 बजे धर्मेंद्र के घर के बाहर एम्बुलेंस पहुंची।
घर के बाहर बैरिकेडिंग, सिक्योरिटी बढ़ाई गई।
1 बजकर 10 मिनट पर IANS ने धर्मेंद्र के निधन की जानकारी दी।
विले पार्ले श्मशान घाट की सिक्योरिटी बढ़ाई गई। अमिताभ बच्चन, सलमान खान समेत कई सेलेब्स श्मशान घाट पहुंचे।
दोपहर 3 बजे के करीब धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार हुआ।
धर्मेंद्र कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। 10 नवंबर को उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया। इस दौरान उन्हें वैंटिलेटर में रखा गया। मीडिया में उनके निधन की खबर भी आई, जिसे परिवार ने नकार दिया। 12 नवंबर को धर्मेंद्र को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था और डॉक्टरों ने घर पर ही उनके आगे के इलाज की बात कही थी।
संजय दत्त ने कहा- इस खालीपन को बयां नहीं किया जा सकता
संजय दत्त, धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अब उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक भावुक पोस्ट शेयर की है।
संजय दत्त ने लिखा-
कुछ लोग सिर्फ आपके जीवन में काम नहीं करते, वे आपके दिल में बस जाते हैं। धरम जी भी उन्हीं में से एक थे। यह एक ऐसा खालीपन है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
श्मशान घाट के बाहर फैंस मना रहे हैं मातम
विले पार्ले श्मशान घाट के बाहर फैंस की भीड़ लगी है। कई फैंस रोते-बिलखते मातम मना रहे हैं।
श्मशान घाट पहुंचे शाहरुख खान
शाहरुख खान विले पार्ले श्मशान घाट पहुंचे हैं। उनके साथ मैनेजर पूजा डडलानी भी पहुंचीं।
धर्मेंद्र के घर पहुंचीं पूनम ढिल्लन
सीनियर एक्ट्रेस पूनम ढिल्लन धर्मेंद्र के घर पहुंची हैं।
सायरा बानो श्मशान घाट पहुंचीं
पूर्व एक्ट्रेस सायरा बानो भी विले पार्ले श्मशान भूमि पहुंची हैं।
श्मशान घाट पहुंचे गोविंदा
एक्टर गोविंदा अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे।
अनुपम खेर ने भावुक होकर धर्मेंद्र को दी श्रद्धांजलि
धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार हुआ, श्मशान घाट से रवाना हुईं हेमा मालिनी
राहुल गांधी ने दी धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि
होम मिनिस्टर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
श्मशान घाट पहुंचे रणवीर-दीपिका
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी है।
उन्होंने लिखा-
वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। वे देश के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक थे और उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए। भारतीय सिनेमा की दुनिया में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने ऐसी विरासत छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी। मैं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती हूं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 बजकर 50 मिनट पर धर्मेंद्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।
नरेंद्र मोदी ने लिखा-
धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग के अंत का प्रतीक है। वह एक प्रतिष्ठित फिल्म हस्ती थे, एक अद्भुत अभिनेता, जिन्होंने हर किरदार में गहराई और आकर्षण भरा। विभिन्न भूमिकाओं को निभाने का उनका अंदाज अनगिनत लोगों के दिलों को छू जाता था। धर्मेंद्र जी को उनकी सादगी, विनम्रता और गर्मजोशी के लिए भी उतना ही सराहा जाता था। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।
अक्षय कुमार भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे
अक्षय कुमार विले पार्ले श्मशान भूमि पहुंच चुके हैं।
अंतिम संस्कार में पहुंचे सलमान खान
सलमान खान श्मशान घाट पहुंच चुके हैं।
श्मशान घाट पहुंचे संजय दत्त
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त श्मशान भूमि पहुंच चुके हैं।
काजोल, करीना कपूर ने दी श्रद्धांजलि
काजोल ने बेटे युग के साथ धर्मेंद्र की एक तस्वीर शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
सलीम खान भी अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे
डायलॉग राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान भी विले पार्ले श्मशान भूमि पहुंच चुके हैं।
करण जौहर ने दी श्रद्धांजलि, कहा- ये एक युग का अंत
करण जौहर ने धर्मेंद्र के निधन की पुष्टि करते हुए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
करण जौहर ने लिखा,
यह एक युग का अंत है, एक विशाल मेगास्टार, मुख्यधारा के सिनेमा में एक सच्चे हीरो की पहचान, अविश्वसनीय रूप से हैंडसम और रहस्यमयी स्क्रीन प्रेजेंस वाले। वह हैं और हमेशा रहेंगे भारतीय सिनेमा के एक सच्चे दिग्गज। सिनेमा के इतिहास के पन्नों में उनका नाम सदैव चमकता रहेगा। पर सबसे बढ़कर, वह एक बेहतरीन इंसान थे। हमारी इंडस्ट्री में हर कोई उनसे बेहिसाब प्यार करता था। उनके दिल में हर किसी के लिए सिर्फ प्यार और सकारात्मकता थी। उनका आशीर्वाद, अद्भुत स्नेह, इन सबकी कमी को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। आज हमारी इंडस्ट्री में एक ऐसा खालीपन है। जिसे कोई भी कभी भर नहीं सकेगा। वह हमेशा के लिए एक और एकमात्र धरमजी रहेंगे।
हेमा मालिनी श्मशान घाट पहुंचीं
श्मशान घाट पहुंचे आमिर खान
आमिर खान भी विले पार्ले श्मशान घाट पहुंच चुके हैं।
लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।
माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए
माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।
विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”
माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।
उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”
माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।
उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”
मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित
माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।
इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।
इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।
कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।
खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।
हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।
चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम
रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।
बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।
नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।
FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।
FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।
रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे
भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।
विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।
भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।
पणजी, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।’
गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, ‘हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।’
गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया।
मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे
मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था
मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई।
2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई।
यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।