छत्तीसगढ़ में जल्द जारी होगी नए जिलाध्यक्षों की लिस्ट:रायपुर में सचिन पायलट बोले-पूरी प्रक्रिया खत्म, DGP-IG कॉन्फ्रेंस पर कहा- कानून-व्यवस्था चौपट, PM-HM करें समीक्षा
रायपुर, एजेंसी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा- छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की लिस्ट जल्द जारी होगी। उन्होंने कहा- पूरी प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। अनेक राज्यों में घोषणा हो चुकी है। बहुत जल्द छत्तीसगढ़ की जो प्रक्रिया हुई है उसके परिणाम आपके सामने आएंगे। जिलाध्यक्षों की एक नई टीम छत्तीसगढ़ को मिलेगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज बुधवार रायपुर पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में पायलट ने 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर के IIM परिसर में होने वाले 60वां अखिल भारतीय DGP-IG सम्मेलन को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
सचिन पायलट ने उठाया कानून-व्यवस्था का मुद्दा, प्रधानमंत्री-गृहमंत्री से की राज्य समीक्षा की मांग
डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के बीच कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे, उनमें से कितने पूरे हुए, यह देखा जाना चाहिए। अब वे रायपुर में डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है? यहां चाकूबाजी, गोलीबारी और लूटपाट जैसी घटनाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस राज्य की समीक्षा करनी चाहिए।
पायलट ने कहा कि सरकार बनने के दो साल बाद भी दिल्ली के आदेशों पर ये कदमताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अपनी सोच या पार्टी के वादों के हिसाब से कोई वादा पूरा नहीं किया गया है। चाहे वह धान की खरीद हो, कानून-व्यवस्था की बात हो या युवाओं को नौकरी देने का मामला।
पायलट बोले- गरीब का वोटर-लिस्ट से नाम कटे, बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) को लेकर पायलट ने सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- SIR पर बहुत सारे सवाल उठ रहे हैं। कई राज्यों में बीएलओ आत्महत्या कर रहे हैं। इतनी जल्दबाजी में हम क्या साबित करना चाहते हैं? किसी गरीब आदमी का नाम अगर मतदाता सूची से काटा जाएगा तो कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है और कांग्रेस इसे देश के सामने उजागर करेगी। पायलट ने “वोट चोरी के मामलों में भी जांच की मांग की है। साथ ही बताया कि 14 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस SIR के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है।
कांग्रेस को नक्सल समर्थक बताने पर पायलट का पलटवार
भाजपा द्वारा कांग्रेस को नक्सल समर्थक बताने पर सचिन पायलट ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा- उग्रवाद और आतंकवाद का मुकाबला कांग्रेस ने सबसे मजबूती से किया है। कांग्रेस के नेताओं ने शहादत दी है, इस देश को अपने खून से सींचा है। जो लोग सिर्फ मंचों से भाषण देते रहे, आज वही लोग राज कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हमने अपनी पूरी जमात खो दी है। कृपया बीजेपी वाले इस मुद्दे पर भाषण न दें।
धमतरी, कांकेर और बस्तर में कांग्रेस के SIRअभियान की समीक्षा करेंगे सचिन
समीडिया से बातचीत के बाद सचिन पायलट एयरपोर्ट से सीधे धमतरी के लिए रवाना हो गए। सचिन पायलट छत्तीसगढ़ में एसआईआर अभियान की समीक्षा करेंगे। पायलट सबसे पहले धमतरी में SIR अभियान की समीक्षा बैठक के बाद कांकेर जाएंगे। वहां वे पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लेंगे। देर शाम वे जगदलपुर पहुंचेंगे।
27 नवंबर को जगदलपुर में पायलट SIR अभियान की विस्तृत समीक्षा करेंगे और मीडिया से भी बात करेंगे। इसके बाद शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। जिलाध्यक्षों की लिस्ट के इंतजार के बीच पायलट का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस ने कंट्रोल रूम बनाया, SIR अभियान की मॉनिटरिंग जारी
SIR अभियान की लगातार निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। सलाम रिजवी को इसका संयोजक नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम जिलों से आने वाली शिकायतों, मतदाताओं के नाम काटे जाने और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस ने सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किए हैं, जो बूथ लेवल एजेंट और कार्यकर्ताओं को SIR प्रक्रिया की ट्रेनिंग दे रहे हैं। निर्देश यह भी है कि किसी मतदाता का नाम बिना कारण न हटाया जाए।
SIR की समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग
कांग्रेस का कहना है कि इस समय राज्य में धान खरीदी का व्यस्त सीजन चल रहा है। ऐसे में किसान SIR प्रक्रिया में सही तरीके से भाग नहीं ले पा रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि अभियान की समय सीमा 3 महीने बढ़ाई जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR का उपयोग “कांग्रेस के मजबूत बूथों में मतदाताओं के नाम हटाने” के लिए किया जा रहा है।
राज्य में 2 करोड़ 12 लाख से ज्यादा मतदाता
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 27 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ में कुल 2,12,30,737 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 2,10,25,208 मतदाताओं को SIR का गणना फॉर्म दिया जा चुका है।
21 नवंबर 2025 तक 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन पूरा कर लिया गया है। यह कुल वोटरों का लगभग 31% है।
जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।
ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।
रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।
सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े
सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।
गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।
मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।
ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।
2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत
मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।
उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।