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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में जल्द जारी होगी नए जिलाध्यक्षों की लिस्ट:रायपुर में सचिन पायलट बोले-पूरी प्रक्रिया खत्म, DGP-IG कॉन्फ्रेंस पर कहा- कानून-व्यवस्था चौपट, PM-HM करें समीक्षा

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रायपुर, एजेंसी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा- छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की लिस्ट जल्द जारी होगी। उन्होंने कहा- पूरी प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। अनेक राज्यों में घोषणा हो चुकी है। बहुत जल्द छत्तीसगढ़ की जो प्रक्रिया हुई है उसके परिणाम आपके सामने आएंगे। जिलाध्यक्षों की एक नई टीम छत्तीसगढ़ को मिलेगी।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज बुधवार रायपुर पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में पायलट ने 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर के IIM परिसर में होने वाले 60वां अखिल भारतीय DGP-IG सम्मेलन को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

सचिन पायलट ने उठाया कानून-व्यवस्था का मुद्दा, प्रधानमंत्री-गृहमंत्री से की राज्य समीक्षा की मांग

सचिन पायलट ने उठाया कानून-व्यवस्था का मुद्दा, प्रधानमंत्री-गृहमंत्री से की राज्य समीक्षा की मांग

डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के बीच कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे, उनमें से कितने पूरे हुए, यह देखा जाना चाहिए। अब वे रायपुर में डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है? यहां चाकूबाजी, गोलीबारी और लूटपाट जैसी घटनाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस राज्य की समीक्षा करनी चाहिए।

पायलट ने कहा कि सरकार बनने के दो साल बाद भी दिल्ली के आदेशों पर ये कदमताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अपनी सोच या पार्टी के वादों के हिसाब से कोई वादा पूरा नहीं किया गया है। चाहे वह धान की खरीद हो, कानून-व्यवस्था की बात हो या युवाओं को नौकरी देने का मामला।

पायलट बोले- गरीब का वोटर-लिस्ट से नाम कटे, बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) को लेकर पायलट ने सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- SIR पर बहुत सारे सवाल उठ रहे हैं। कई राज्यों में बीएलओ आत्महत्या कर रहे हैं। इतनी जल्दबाजी में हम क्या साबित करना चाहते हैं? किसी गरीब आदमी का नाम अगर मतदाता सूची से काटा जाएगा तो कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है और कांग्रेस इसे देश के सामने उजागर करेगी। पायलट ने “वोट चोरी के मामलों में भी जांच की मांग की है। साथ ही बताया कि 14 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस SIR के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है।

कांग्रेस को नक्सल समर्थक बताने पर पायलट का पलटवार

भाजपा द्वारा कांग्रेस को नक्सल समर्थक बताने पर सचिन पायलट ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा- उग्रवाद और आतंकवाद का मुकाबला कांग्रेस ने सबसे मजबूती से किया है। कांग्रेस के नेताओं ने शहादत दी है, इस देश को अपने खून से सींचा है। जो लोग सिर्फ मंचों से भाषण देते रहे, आज वही लोग राज कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हमने अपनी पूरी जमात खो दी है। कृपया बीजेपी वाले इस मुद्दे पर भाषण न दें।

धमतरी, कांकेर और बस्तर में कांग्रेस के SIR अभियान की समीक्षा करेंगे सचिन

समीडिया से बातचीत के बाद सचिन पायलट एयरपोर्ट से सीधे धमतरी के लिए रवाना हो गए। सचिन पायलट छत्तीसगढ़ में एसआईआर अभियान की समीक्षा करेंगे। पायलट सबसे पहले धमतरी में SIR अभियान की समीक्षा बैठक के बाद कांकेर जाएंगे। वहां वे पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लेंगे। देर शाम वे जगदलपुर पहुंचेंगे।

27 नवंबर को जगदलपुर में पायलट SIR अभियान की विस्तृत समीक्षा करेंगे और मीडिया से भी बात करेंगे। इसके बाद शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। जिलाध्यक्षों की लिस्ट के इंतजार के बीच पायलट का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

कांग्रेस ने कंट्रोल रूम बनाया, SIR अभियान की मॉनिटरिंग जारी

SIR अभियान की लगातार निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। सलाम रिजवी को इसका संयोजक नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम जिलों से आने वाली शिकायतों, मतदाताओं के नाम काटे जाने और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेगा।

कांग्रेस ने सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किए हैं, जो बूथ लेवल एजेंट और कार्यकर्ताओं को SIR प्रक्रिया की ट्रेनिंग दे रहे हैं। निर्देश यह भी है कि किसी मतदाता का नाम बिना कारण न हटाया जाए।

SIR की समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग

कांग्रेस का कहना है कि इस समय राज्य में धान खरीदी का व्यस्त सीजन चल रहा है। ऐसे में किसान SIR प्रक्रिया में सही तरीके से भाग नहीं ले पा रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि अभियान की समय सीमा 3 महीने बढ़ाई जाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR का उपयोग “कांग्रेस के मजबूत बूथों में मतदाताओं के नाम हटाने” के लिए किया जा रहा है।

राज्य में 2 करोड़ 12 लाख से ज्यादा मतदाता

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 27 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ में कुल 2,12,30,737 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 2,10,25,208 मतदाताओं को SIR का गणना फॉर्म दिया जा चुका है।

21 नवंबर 2025 तक 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन पूरा कर लिया गया है। यह कुल वोटरों का लगभग 31% है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ’विशेष लेख’ : ’मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ : ’आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान’

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  •  धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक’
  • सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक’

    छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में  छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।

          मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।

’क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’

    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।

’28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत’

    राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे।  यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।

’किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ’

    इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।

योजना से होने वाले प्रमुख फायदे

    सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।

’आसान किस्तों में भुगतान’

        बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।

’बिजली विच्छेदन का खतरा कम’

         बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।

’मानसिक तनाव से राहत’

        लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है।

’योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें’

       योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।

’योजना की अवधि’

        मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।

’जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण’

        मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है।
        मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : सुशासन तिहार : संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जन-विश्वास का नया अध्याय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है।

जनता के द्वार पहुंची सरकार
        सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन
         शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है।

अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा सीधा लाभ
        राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।

प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता
         मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है। 

जनभागीदारी से सुदृढ़ होता लोकतंत्र
        इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम बन रही है।

नए छत्तीसगढ़ की आधारशिला
         मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वाेच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।

          मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ‘‘जनता की सेवा ही सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘ । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।

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कोरबा

बांकीमोंगरा क्षेत्र का निगरानी बदमाश धरम पुलिस के गिरफ्त में,,, 40 से अधिक अपराध दर्ज बांकी थाने में, इस बार कर दी 40 लाख का लोहा चोरी….देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोंगरा :- कुछ माह पहले दिनांक 17 फरवरी को प्रार्थी अनीश कुमार सिंह पिता शतेन्द्र सिंह निवासी कटघोरा स्थाई पता सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश ने थाना बाँकी मोगरा पहुंच लिखित शिकायत दर्ज कराया कि आर. एस. इन्फा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुराकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाईन में ओवर हेड इलेक्ट्रिकल विद्युत पोल गड़ाकर विद्युत लाईन बिछाकर कार्य किया जा रहा था जिसमें चोरी द्वारा बड़ी मात्रा में समानों की चोरी कर ली गई है जिसकी मशरूका लगभग 42 लाख रुपए है ।

चोरी की गई समान में लगभग 100 नग रेलवे विद्युत खंभा और लोहे के अन्य बहुत सारे समान चोरी कर ली गई है जो बांकी 04 नंबर बायपास रोड किनारे स्थित वैचिंग प्लांट के पास डम्प कर रखा गया था ।

शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी बाँकी मोगरा चमन लाल सिंहा ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जिनके दिशा निर्देश पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 35/2026 धारा 303 (2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचक सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव के विवेचना के दौरान प्रकरण में चोरी गई मशरूका रेलवे विद्युत खंभा का थाना अकलतरा में धारा 106 बीएनएस के प्रकरण में ट्रक क. सीजी 10 आर 1744 के साथ जप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई जो प्रार्थी गवाहों के साथ जाकर तस्दीक किया गया जो सही पाया गया ।

ट्रक वाहन स्वामी से पूछताछ पर बताया गया कि धरम सिंह राजपूत निवासी बांकीमोंगरा एवं फिरोज उर्फ राजा खान निवासी कुसमुण्डा के द्वारा उक्त ट्रक को कोयला ट्रांसपोर्टिंग हेतु किराये में लिया गया था, पर वाहन का चालक अशोक चौहान उन आरोपियों के साथ मिलकरउसमें चोरी का सामान ले गए थे।

निगरानी बदमाश आरोपी धरम राजपूत पर बांकी थाने में पूर्व से अब तक लगभग 40 अपराधिक मामले दर्ज है, जिसमें चोरी, डकैती, लूटपाट, गोली कांड, लोहा चोरी, कोयला चोरी जैसी बहुत सारे संगीन मामले दर्ज है।

आरोपी फिरोज उर्फ राजा खान जो पूर्व में डीज़ल चोरी का सरगना एवं महारत हासिल कर चुका है ।

आरोपियों की जानकारी के बाद आरोपी धरम राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान फरार चल रहे थे, 13/05/2026 को स्थाई वारंट पता तलाश हेतु टीम गठित कर ग्राम पाली रवाना किया गया था जहां मुखबीर के सूचना पर प्रकरण के आरोपी धरम सिंह राजपूत एवं राजा खान उर्फ फिरोज को हिरासत में ले लिया गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना करना स्वीकार कर लिया, आरोपी धरम सिंह राजपूत के निशादेही पर अपराध में प्रयुक्त गैस सिलेण्डर, कटर को जप्त किया गया एवं आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया जहां से दोनों आरोपियों को उपजेल कटघोरा में दाखिल कर दिया गया है।

मिली जानकारी अनुसार रेलवे का सामान चोरी करने के बाद उसे खपाने चांपा की ओर गए थे जहां इतने संख्या में चोरी का सामान खपत न होने के कारण उसका सारा चोरी का सामान आरोपियों के द्वारा अमरताल के नहर में पलटी कर दिया गया था जहां से उस सामान को अकलतरा थाना द्वारा कब्जे में लिया गया था जो अब अकलतरा थाने में जप्त है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बांकीमोंगरा निरीक्षक चमन सिन्हा, सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव, नरेन्द्र टेकाम, प्र.आर. राजेश कंवर, आर. रोहित राठौर, आर. हरीश मरावी, आर रघुवीर प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।

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