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PM मोदी बोले- सदन में ड्रामा नहीं, डिलीवरी चाहिए:खड़गे ने कहा- धनखड़ को फेयरवेल नहीं मिला, इसका दुख, नड्डा बोले- डॉक्टर को तकलीफ बताइए

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नई दिल्ली,एजेंसी। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही से पहले पीएम मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से 10 मिनट बात की।

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष हाल के चुनावों में पराजय की निराशा से बाहर निकले और सदन में मजबूत मुद्दे उठाए। अगर विपक्ष चाहे तो मैं उन्हें टिप्स देने के लिए तैयार हैं कि कैसे परफॉर्म किया जाए।’

PM ने कहा- यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।

PM ने इसके बाद राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया और उनके अभिवादन में स्पीच दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति का अभिवादन किया। खड़गे ने इस दौरान पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा- मुझे इस बात का दुख है कि सदन को पूर्व सभापति को फेयरवेल देने का मौका नहीं मिला। खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया। नड्डा ने कहा- आपको बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र की हार ने काफी तकलीफ पहुंचाई है। आपको अपनी तकलीफ डॉक्टर को बताना चाहिए।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन PM मोदी, लोकसभा में हंगामे की तस्वीरें…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राज्य मंत्री एल. मुरगन के साथ मीडिया को संबोधित करने पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राज्य मंत्री एल. मुरगन के साथ मीडिया को संबोधित करने पहुंचे।

राज्यसभा में सभापति के तौर पर डॉ.सीपी राधाकृष्णन का आज पहला दिन था। इस मौके पर PM मोदी ने संबोधन के जरिए उनका स्वागत और अभिवादन किया।

राज्यसभा में सभापति के तौर पर डॉ.सीपी राधाकृष्णन का आज पहला दिन था। इस मौके पर PM मोदी ने संबोधन के जरिए उनका स्वागत और अभिवादन किया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में शामिल हुए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में शामिल हुए।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने SIR के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। सांसद अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने SIR के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। सांसद अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

किरेन रिजिजू ने ने कहा- सरकार SIR पर चर्चा के लिए तैयार,लेकिन समयसीमा न थोपें

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा को बताया कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, और विपक्ष की बहस की मांग पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से अपील कि वे इस पर कोई समयसीमा न थोपें। उन्होंने कहा, कल सर्वदलीय बैठक में या आज विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए किसी भी मुद्दे को कोई नजरअंदाज नहीं कर रहा है। यह सरकार के विचाराधीन है। यदि आप यह शर्त रखते हैं कि इसे आज ही उठाना होगा, तो यह कठिन हो जाता है, क्योंकि आपको थोड़ी गुंजाइश देनी चाहिए। SIR या चुनावी सुधार से जुड़ा मामला हो। आपने जो मांग रखी है उसे खारिज नहीं किया गया है। यह मत मानिए कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है।

प्रियंका वाड्रा बोलीं- ASHA बहनें अपने हक के लिए लड़ रही

कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने X पोस्ट में लिखा- हमारी ASHA बहनें अपने हक के लिए लड़ रही हैं। उन्हें परमानेंट एम्पलॉई के तौर पर पहचान मिलना चाहिए। वे ग्रामीण हेल्थकेयर सिस्टम की रीढ़ हैं। फ्रंटलाइन वर्कर हैं जो लाखों भारतीयों की सेवा करने के लिए हर मुश्किल का सामना करती हैं।

प्रियंका ने कहा कि उनके काम का दायरा बहुत बड़ा है और उनसे लंबे समय तक काम करने की उम्मीद की जाती है, इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की सरकार उन्हें सही एम्पलॉई मानने से इनकार करती है।

उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में मेरे इस सवाल के जवाब में कि क्या केंद्र ASHA वर्कर्स को फॉर्मल एम्प्लॉई के तौर पर पहचान देने और उन्हें सोशल सिक्योरिटी देने का प्लान बना रहा है, सरकार ने बस यही दोहराया कि वे ‘वॉलंटियर’ हैं। यह बहुत बड़ा अन्याय है। ASHA वर्कर हफ्ते में 40 घंटे से ज्यादा समाज की सेवा करती हैं और उन्हें सिर्फ इतना मानदेय मिलता है जो मिनिमम वेज से बहुत कम है। भारत की महिलाएं इससे ज्यादा सम्मान की हकदार हैं। मैं सरकार से ASHA वर्कर्स को रेगुलर करने और उन्हें वह सम्मान और इज्जत दिलाने की गुजारिश करती हूं, जो उनका हक है।

AIADMK सांसद बोलीं- SIR पर चर्चा से सरकार बच रही

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के मुद्दे पर राज्यसभा से विपक्ष के वॉकआउट के बाद AIADMK सांसद कनिमोझी NVN सोमू ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

कनिमोझी ने कहा- SIR मुद्दा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में उठाया गया था और मंत्री ने इसे चर्चा के लिए स्वीकार भी किया था, लेकिन सदन में आते ही सरकार ने समय देने की बात कहकर मुद्दे को टाल दिया।

उन्होंने कहा कि यह शीतकालीन सत्र बहुत छोटा है। कुल 15 कार्य दिवस, जिनमें से निजी सदस्यों के विधेयकों को छोड़कर केवल 12 दिन ही चर्चा के लिए बचते हैं।

उन्होंने कहा कि जब पहले से 13 बिल सूचीबद्ध हैं, तो SIR पर चर्चा के लिए समय कब मिलेगा? सरकार लगातार समय मांगकर इस मुद्दे से बच रही है।

राज्यसभा 2 दिसंबर की सुबह 11 बजे तक स्थगित

राज्यसभा की कार्यवाही 2 दिसंबर की सुबह 11 बजे तक स्थगित की गई है।

संसदीय समितियों को दो बिलों पर रिपोर्ट पेश करने के लिए और समय मिला

लोकसभा ने सोमवार को दो संसदीय समितियों को दिवाला कानून और जन विश्वास प्रावधान संशोधन बिल पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय दिया। सदन ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए संसदीय समिति को शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन तक का समय दिया है।

यह बिल लोकसभा में पेश किए जाने के तुरंत बाद 12 अगस्त को समिति को भेज दिया गया था। यह बिल दिवाला कानून में संशोधन का प्रयास करता है, जिसमें कई संशोधनों का प्रस्ताव है, जिसमें वास्तविक व्यावसायिक विफलताओं, समूह और सीमा पार दिवालियेपन ढांचों को संबोधित करने के लिए एक अदालत के बाहर तंत्र शामिल है।

लोकसभा ने एक अन्य संसदीय समिति को जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 पर अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए शीतकालीन सत्र के दूसरे सप्ताह के अंतिम दिन तक का समय दिया। सरकार ने 18 अगस्त को यह बिल पेश किया था, जिसे बाद में संसदीय समिति को भेज दिया गया था।

इस बिल का मकसद जीवन को आसान बनाने और कारोबारी माहौल में सुधार लाने के लिए विभिन्न कानूनों के तहत छोटे अपराधों से संबंधित 288 प्रावधानों को अपराधमुक्त करना है। यह दूसरा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल है। इससे पहले 2023 में, सरकार ने एक समान कानून पारित किया था।

सीतारमण ने तंबाकू-पान मसाला पर सेस लगाने वाले दो बिल पेश किए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किया। दोनों बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है- जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला।

इसके जरिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक्ट, 1944 में संशोधन कर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद एक्साइज ड्यूटी के जरिए राजस्व संग्रह जारी रखा जाएगा। इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 नाम दिया गया है।

वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किया। नया सेस उन उत्पादों पर लगेगा जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम माना जाता है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर यह सेस लगाया जाएगा।

तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक उत्पादों पर अभी 28% जीएसटी लगता है। क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40% GST और उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि पान मसाला पर 40% GST और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगेगा।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल में सिगार/चुरूट/सिगरेट पर 5,000 रुपए से लेकर 1,000 स्टिक पर 11,000 रुपए तक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें कच्चा तंबाकू पर 60-70% और निकोटीन और सूंघने वाले उत्पादों पर 100% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। अभी सिगरेट पर कीमत के अनुसार 5% क्षतिपूर्ति सेस और 1,000 स्टिक पर 2,076-3,668 रुपए का सेस लगता है।

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जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर जारी होंगे:SEBI के पास दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी बोले- आकाश, ईशा और अनंत जिम्मेदारी संभालेंगे

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मुंबई, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।

अंबानी बताया कि 19 जून को ही SEBI के पास जियो IPO के दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। जियो के 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।

इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा। मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वंतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहा वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।

मुकेश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…

जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आज सुबह इसके ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही सेबी के पास फाइल किया जाएगा। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ की इस पूरी प्रोसेस को हेड कर रहे हैं।

जियो ने शानदार सफलता के 10 साल पूरे कर लिए हैं और यह भारत के डिजिटल व AI रिवॉल्यूशन का सबसे मुख्य जरिया बन गया है। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल ने भी एक ट्रेलब्लेज़र के रूप में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं, जो भारत के ऑर्गेनाइज्ड रिटेल रिवॉल्यूशन का कैटलिस्ट बना है। इन दोनों ही बिजनेस में हम नंबर वन बने हुए हैं।

आकाश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…

जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने कहा है कि जियो दुनिया की लीडिंग ग्लोबल सैटेलाइट कंसर्टियम कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। जियो भारत के लिए एक खुद का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कंपनी इसके लिए जरूरी ग्राउंड स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।

रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में खुद का AI बैकबोन तैयार कर रहा है, जिसका 120 मेगावाट का पहला फेज 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को ताकत देने के लिए एनवीडिया GB300 जीपीयू का इस्तेमाल शुरू कर रही है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके। हम जो बना रहे हैं वो भारत के लिए एआई है, भारत द्वारा बनाया गया एआई है और एक दिन यह पूरी दुनिया के काम आएगा। हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक एआई को हर किसी के बजट में लाना है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।

रिलायंस ने ‘जियो टेलीफ्रेम’ पेश किया है, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे AI एजेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। वहीं जियो होम्स अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देगा, जिसमें हर घर को 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड तक की स्पीड मिलेगी।

जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को पार कर गया है, जिसने भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। वहीं 1.3 करोड़ से ज्यादा घर जियो एयरफाइबर से जुड़ चुके हैं। चीन के बाहर किसी भी एक देश में काम करने वाले टेलीकॉम ऑपरेटर का सबसे बड़ा 5G यूजर बेस बन गया है।

AI वॉइस असिस्टेंट लॉन्च करेगा जियो

जियो ‘जियो कॉल एजेंट’ लेकर आ रहा है। यह एक AI वॉइस असिस्टेंट है जो सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा, इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सर्विस हर जियो यूजर के लिए उपलब्ध होगी और यह सभी भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी।

यूजर्स सिर्फ “हे जियो” बोलकर इस एआई असिस्टेंट को चालू कर सकेंगे, जिसके बाद यह कॉल में शामिल होकर यूजर की मदद कर सकेगा। यह एआई एजेंट लाइव कॉल के दौरान बातचीत को लिख सकता है और कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 अलग-अलग लोगों की आवाज पहचान सकता है।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह कॉल समरी, वर्क लिस्ट और रिमाइंडर भी तैयार कर सकता है, जिसे कॉल खत्म होने के बाद शेयर किया जा सकेगा। यह एआई असिस्टेंट लाइव कॉल के दौरान ही कई काम कर सकता है, जैसे खाना ऑर्डर करना, कैब बुक करना, टेबल रिजर्व करना और मीटिंग शेड्यूल करना।

आकाश अंबानी का कहना है कि जियो कॉल एजेंट को वॉइस कॉल के अंदर मिलने वाले एक पर्सनल एआई कॉन्शिएर्ज (मददगार) के रूप में तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इसे इस साल के आखिर तक जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।

रिटेल बिजनेस पर रिलायंस की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी…

ईशा अंबानी ने कहा कि हमारे रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या 11% सालाना बढ़त के साथ 38.7 करोड़ पहुंच गई है। हमने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन पूरे किए, जो पिछले साल के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

ईशा अंबानी के मुताबिक, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट इंडस्ट्री के मुकाबले 5 गुना रफ्तार से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल रहा। सालाना 11.8% की बढ़त के साथ रेवेन्यू 3,70,026 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

ईशा अंबानी ने बताया कि जियोमार्ट 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन गया है, जो 5,100 से ज्यादा पिन कोड वाले 1,200 से अधिक शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। वहीं जियोपॉलिटिकल दिक्कतों की वजह से कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी बुरा असर पड़ा है।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।

अनंत अंबानी बोले- पश्चिम एशिया संकट का उत्पादन क्षमता पर असर नहीं

रिलायंस के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने में मदद मिली। इस संकट के कारण जब एलएनजी की सप्लाई में दिक्कत आई, तब रिलायंस ने घरेलू गैस को जरूरी सेक्टरों की तरफ डाइवर्ट किया। अनंत अंबानी के मुताबिक, एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) के क्षेत्र में नए मौकों की तलाश भी लगातार जारी है।

अनंत अंबानी ने कहा कि कच्चे तेल और प्रोडक्ट मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अलग-अलग जगहों से सोर्सिंग करने की वजह से रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता लगभग पूरी बनी रही। पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी थ्रूपुट को बनाए रखने में मदद मिली।

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अद्वित ज्वेल्स का IPO 23 जून को, मूल्य दायरा 130-138 रुपए प्रति शेयर

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नई दिल्ली, एजेंसी। आभूषण क्षेत्र की कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 23 जून को खुलेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 130 से 138 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह 1.19 करोड़ नए शेयरों के निर्गम पर आधारित है। इसके जरिये 165.15 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। जयपुर की कंपनी के अनुसार, यह आईपीओ 23 जून को खुलकर 25 जून को बंद होगा। 

अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन गिलारा ने कहा, ”अपने बी2बी (कंपनियों के बीच) कारोबार को प्रभावित किए बिना, हम अगले तीन वर्षों में देश भर में 30 खुदरा शोरूम खोलकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”

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डिजिटल वॉलेट रखने वालों के लिए जरूरी खबर, PhonePe ने लागू की मेंटेनेंस फीस

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मुंबई, एजेंसी। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट यूजर्स के लिए एक नया नियम लागू किया है। कंपनी के अनुसार, अगर कोई फोनपे वॉलेट लंबे समय यानि 365 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे इनएक्टिव माना जाएगा और उन पर मेंटेनेंस फीस लगाई जाएगी।  

कंपनी ने बताया कि केवल ऐप खोलना, बैलेंस चेक करना या UPI के जरिए भुगतान करना वॉलेट की एक्टिविटी में शामिल नहीं होगा। वॉलेट को सक्रिय बनाए रखने के लिए उसमें उपलब्ध बैलेंस का उपयोग कर भुगतान करना, पैसे भेजना या अन्य वित्तीय लेन-देन करना जरूरी होगा।

कितना कटेगा चार्ज

नए नियम के तहत, इनएक्टिव वॉलेट पर हर तीन महीने में 100 रुपए (GST सहित) की ‘Wallet Inactivity Maintenance Fee’ वसूली जाएगी। यदि वॉलेट में 100 रुपए या उससे अधिक बैलेंस है, तो पूरा शुल्क काट लिया जाएगा। वहीं, बैलेंस 100 रुपए से कम होने पर उपलब्ध राशि ही काटी जाएगी और बैलेंस शून्य हो जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में वॉलेट का बैलेंस नेगेटिव नहीं होगा।

चार्ज कटौती से पहले कंपनी देगी मैसेज

किसी भी चार्ज की कटौती से पहले कंपनी यूजर को नोटिफिकेशन या मैसेज के जरिए सूचित करेगी। इसके बाद भी वॉलेट का उपयोग नहीं किया जाता है तो निर्धारित मेंटेनेंस चार्ज वॉलेट बैलेंस से काट लिया जाएगा।

अगर आप साल में कम से कम एक बार भी अपने वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो वॉलेट एक्टिव बना रहेगा। इसके लिए बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं है। छोटी राशि का भुगतान या किसी व्यक्ति को पैसे भेजना भी पर्याप्त हो सकता है।

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