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छत्तीसगढ़

रायपुर में 9 ड्रग डीलर्स गिरफ्तार,80 लाख की हेरोइन जब्त:छोटे नेटवर्क बनाकर पंजाब से लाते थे चिट्टा, लोकल स्तर पर कर रहे थे सप्लाई

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस ने ड्रग्स सप्लायर्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में 9 ड्रग डीलर्स को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 400 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों से 1 कार, 4 मोटरसाइकिल और 10 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 3 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कबीर नगर, थाना आमानाका, थाना सरस्वती नगर और थाना आजाद चौक में अपराध दर्ज किया गया है।

ये सभी ड्रग डीलर छोटे नेटवर्क में ड्रग सप्लाई करते थे और पंजाब से कम मात्रा में चिट्टा लाकर लोकल स्तर पर बेच रहे थे।

पूर्व में भी ड्रग्स पर कार्रवाई रायपुर पुलिस के अधिकारी कर चुके है।

पूर्व में भी ड्रग्स पर कार्रवाई रायपुर पुलिस के अधिकारी कर चुके है।

5 दिसंबर की रात पुलिस डीडीयू ऑडिटोरियम रोड से 4 ड्रग डीलर्स को गिरफ्तार कर थाने लाई थी, अगले दिन मौका पाकर दो आरोपी भाग निकले थे। पुलिस ने पतासाजी कर फरार दोनों आरोपियों को फिर से दबोच लिया।

पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा था

सरस्वती नगर पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि साइंस कॉलेज मैदान के पास डीडीयू ऑडिटोरियम रोड पर एक काले रंग की हुंडई कार में कुछ युवक चिट्टा (हेरोइन) बेचने की फिराक में ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट हुई और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।

कार मोबाइल भी जब्त किया

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास पुलिस को 26.22 ग्राम चिट्टा मिला। बरामद चिट्‌टे की कीमत 2,60,100 रुपए है। चिट्‌टे के साथ ही हुंडई कार (CG 04 NT 3892), कीमत करीब 20 लाख रुपए, 7 मोबाइल, कुल कीमत लगभग 74,000 रुपए पुलिस ने बरामद किया है।

दोनों आरोपी रायपुर के ही रहने वाले हैं, जिसमें पंचशील नगर निवासी आयुष दुबे उर्फ मयंक है, जबकि दूसरा पचपेड़ी नाका निवासी मृत्युंजय दुबे उर्फ एमडी है।

एक दूसरे मामले में पुलिस ने 5 दिसंबर की रात ही दो और ड्रग डीलर्स खिलावन साहू और गुरप्रीत सिंह को पकड़कर थाने ले आई थी। लेकिन अगले दिन मौका पाकर दोनों आरोपी फरार हो गए। पुलिस की टीम ने लगातार छापेमारी कर फरार दोनों आरोपियों को फिर से पकड़ लिया है। दोनों आरोपी पहले भी एनडीपीएस के मामले में जेल जा चुके हैं।

एसआई की टीम ने आरोपियों को पकड़ा

पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक तुलसीराम भारद्वाज के नेतृत्व में टीम ने बिना सर्च वारंट तत्काल कार्रवाई की थी, क्योंकि आरोपियों के भागने की आशंका थी। मौके पर वाहन और आरोपियों की तलाशी ली गई।

बरामद चिट्टा को इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलकर सील किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से चिट्टा की अवैध बिक्री में सक्रिय थे और मौके पर ग्राहक तलाश रहे थे।

रायपुर पुलिस ने 4 ड्रग नेटवर्क को किया ध्वस्त

रायपुर पुलिस ने बताया कि अगस्त 2025 में हुई बड़ी नारकोटिक्स कार्रवाई के बाद शहर में ड्रग डीलरों पर लगातार नजर बनाए हुए थी। जांच में सामने आया कि पहले कुछ बड़े ड्रग सप्लायर पंजाब से मादक पदार्थ मंगाकर सप्लाई करते थे, लेकिन अब गिरोह के टूटने के बाद कई छोटे नेटवर्क सीधे पंजाब से कम मात्रा में चिट्टा लाकर लोकल स्तर पर बेचने लगे।

रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

1. कमलेश अरोड़ा उर्फ लाली नेटवर्क

कमलेश अरोड़ा पंजाब और दुर्ग-भिलाई के बड़े सप्लायरों के लिए फ्रंट के रूप में काम करता था। वह नकद लेन-देन करता था। उसका नेटवर्क धमतरी, बलौदाबाजार और जगदलपुर तक फैला हुआ था।

कबीरनगर थाना की पुलिस ने 28 नवंबर 2025 को कमलेश अरोड़ा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 303 ग्राम चिट्टा जब्त किया गया। इस दौरान पुलिस ने कमलेश के लिए काम करने वाले धमतरी के गौरव सोनी को भी दबोच लिया।

2. बगेल सिंह नेटवर्क

बगेल सिंह पंजाब से चिट्टा लाकर छोटे-छोटे पैकेटों में स्थानीय पेडलरों को सप्लाई करता था। वह पहले रायपुर में ड्राइवरी करता था और खुद का नेटवर्क डेवलप कर रहा था। आमानाका थाना की पुलिस ने 3 दिसंबर 2025 को उसे 51.85 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया।

3. आयुष दुबे नेटवर्क

आयुष दुबे पहले खुद ड्रग का आदी था, लेकिन बाद में उसने खुद पंजाब जाकर मादक पदार्थ लाना शुरू किया। इस नेटवर्क में मृत्युंजय, तन्मय, खिलावन और सोनू साहू आर्थिक रूप से मदद करते थे। सरस्वती थाना की पुलिस ने 5 दिसंबर 2025 को आयुष दुबे और उसके तीनों सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से कुल 31.66 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है।

4. गगनदीप सिंह नेटवर्क

गगनदीप सिंह टियर-2 ड्रग सप्लायर था। वह बड़ी मात्रा में चिट्टा खरीदकर छोटे पैकेट में बेचता था। आजाद थाना की पुलिस ने 6 दिसंबर को 15.18 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है।

इधर, रायपुर पुलिस इन नेटवर्कों के सभी लिंक की जांच में जुटी हुई है। बतादें कि इस साल अब तक हेरोइन के संबंध में 7 मामलों में कुल 79 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रायपुर पुलिस नशे की तस्करी और सप्लाई को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है।

ड्रग्स केस में पुलिस ने इस महिला पैडलर को पकड़ा था। (फाइल फोटो)

ड्रग्स केस में पुलिस ने इस महिला पैडलर को पकड़ा था। (फाइल फोटो)

पूर्व में भी हो चुकी गिरफ्तारी

रायपुर पुलिस मे अभियान चलाकर ड्रग्स तस्करों पर बीते दिनों कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान महिला ड्रग्स तस्कर भी पकड़ी गई थी। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात पुलिस अधिकारियों ने की है।

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कोरबा

रीवा हादसे पर कोरबा में भी आक्रोश : जैन संतों की सुरक्षा के लिए सकल जैन समाज ने निकाली मौन रैली, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। देश में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने सोमवार को जैन मंदिर बुधवारी से कलेक्ट्रेट तक मौन रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि रीवा, मप्र में विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में आर्यिका माताजी संघ की साध्वियों का असामयिक निधन हो गया था। समाज ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शिता के साथ एसआईटी या न्यायिक जांच करवाई जाए। घटना स्थल के आस-पास के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। लेकिन तपस्वी संतों की सुरक्षा के मामले में अब शासन-प्रशासन को जागना होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समाजजनों को आश्वस्त किया कि जैन संतों की सुरक्षा से जुड़े विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सकल जैन समाज के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप जैन, मूलचंद जैन, योगेश जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र चोपड़ा, दिनेश जैन, दीपांशु जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि संत समाज की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए समाज हमेशा एकजुट होकर आवाज उठाता रहेगा।

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छत्तीसगढ़

विवादित बयानों के बाद बैज-सिंहदेव और भूपेश एक साथ:जिला-उपाध्यक्ष पर आर्म्स एक्ट का केस, धरने पर कांग्रेस, कहा- परेशान करने FIR, वापस ली जाए

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सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी धरने बैठे हैं। दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धरने में शामिल हुए। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच दीपक बैज, सिंहदेव और भूपेश बघेल तीनों साथ दिखे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सिंहदेव और भूपेश ने नजरें नहीं मिलाई। हालांकि, इसके बाद दोनों बातचीत करते नजर आए।

सिंहदेव ने कहा कि अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है तो क्या हथियार चलाया। क्या हथियार पाया गया। क्या कोई हथियार बरामद किया गया। चुनाव की प्रक्रिया में कांग्रेस के साथियों को परेशान करने के लिए यह FIR दर्ज की गई है। केस वापस लिया जाए। शाम 6 बजे तक यदि हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी धरने में शामिल होने विश्रामपुर पहुंचे।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी धरने में शामिल होने विश्रामपुर पहुंचे।

पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों साथ दिखे।

पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों साथ दिखे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से विश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।

पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से विश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।

बैज बोले- सत्ता की दलाली बंद करे पुलिस

प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “हम भी सत्ता में रहे हैं, थानेदार का पावर जानते हैं। झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं। बिना जांच के आर्म्स एक्ट की धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।”

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नेता एनएसए जैसी धाराओं से भी डरने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी पर कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो धरना जारी रहेगा।

रात को भी जारी रहा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।

रात को भी जारी रहा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।

देर रात तक धरने पर बैठे कांग्रेसी

सोमवार को कड़ाके की धूप के बीच पूरे दिन कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहा। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।

रात में भी कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के सामने चटाई और दरी बिछाकर धरने पर डटे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, अंबिकापुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर बैठे रहे।

कांग्रेस का आरोप है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी ने मांग की है कि एफआईआर वापस ली जाए और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव देर रात पहुंचे धरनास्थल।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव देर रात पहुंचे धरनास्थल।

कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी

कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच दल में सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कोरिया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, एमसीबी जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत नरेश राजवाड़े, अखिलेश प्रताप सिंह और नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।

कांग्रेस पार्टी के मुताबिक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के मेन रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि वहां मित्तल पांडेय ने चुनाव में जीत-हार को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और उनके साथ बदसलूकी की।

कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देते हुए नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने देर रात विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।

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छत्तीसगढ़

हार्डकोर नक्सली दंपती ने किया सरेंडर:हथियार, IED बनाने के थे एक्सपर्ट, नक्सली कैडरों को देते थे ट्रेनिंग, तेलंगाना पुलिस के सामने डाले हथियार

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जगदलपुर, एजेंसी। नक्सल संगठन में लंबे समय से सक्रिय 2 सीनियर कैडर्स ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में सरेंडर कर दिया है। दोनों लीडर्स ने 26 मई को तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद के सामने सरेंडर किया।

इसमें सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (BJSAC) सचिव पसुनूरी नरहरी उर्फ विश्वनाथ उर्फ सलई दा और पत्नी स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा शामिल है।

1982 से माओवादी संगठन में सक्रिय था नरहरी

तेलंगाना पुलिस के अनुसार, पसुनूरी नरहरी संगठन में बेहद अहम भूमिका निभा रहा था। वह सेंट्रल कमेटी का सदस्य होने के साथ-साथ बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव भी था। नरहरी तेलंगाना के हनमकोंडा जिले के सोमिडी गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र 64 वर्ष बताई गई है।

उसने साल 1982 में अंडरग्राउंड दलम सदस्य के रूप में संगठन जॉइन किया था। इसके बाद 1986 में कमांडर बनाया गया। साल 2000 में उसे रीजनल कमेटी मेंबर (RCM) बनाया गया और नागपुर क्षेत्र भेजा गया। 2006 में उसे BJSAC स्टेट कमेटी मेंबर और 2017 में सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) बनाया गया।

तकनीकी और हथियार निर्माण में था एक्सपर्ट

नरहरी नक्सल संगठन के टेक्निकल विंग का बड़ा चेहरा माना जाता था। साल 2010 में बनी टेक्निकल डिपार्टमेंट टीम का वह इंचार्ज रहा। 2014 में उसे बिहार स्टेट कमेटी में भेजा गया, जहां उसने गया जिला संगठन की जिम्मेदारी संभाली।

2017 में उसे ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के तहत CCM पद पर प्रमोट किया गया। इसके बाद बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में टेक्निकल डिपार्टमेंट का प्रभारी बनाया गया। 2018 से 2020 तक वह झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रहा और स्टेट मिलिट्री कमीशन का इंचार्ज भी रहा। साल 2026 में उसे BJSAC का सचिव बनाया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नरहरी को हथियार, मोर्टार, रॉकेट, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड, ग्रेनेड और बूबी ट्रैप बनाने, उनके रखरखाव में विशेषज्ञता हासिल थी। वह नक्सली कैडरों को हथियार निर्माण, रिपेयर और तकनीकी प्रशिक्षण भी देता था।

मेदारा दनम्मा भी संगठन की बड़ी सदस्य

सरेंडर करने वाली दूसरी महिला नक्सली मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा (55) है, वह आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के गमालापाडु गांव की रहने वाली है और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) के पद पर सक्रिय थी। ये CCM पसुनूरी नरहरी की पत्नी है। दोनों लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।

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