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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव

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रायपुर। राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी।

महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है।

टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है।

बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा

प्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है।

नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ।

मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।

जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तार

नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

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छत्तीसगढ़

कबीरधाम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

कबीरधाम। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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कोरबा

पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संकल्प, प्राथमिक शाला बिंझवारपारा में हुआ वृहद वृक्षारोपण

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हर व्यक्ति लगाए एक पौधा, तभी सुरक्षित होगा हमारा भविष्य – पार्षद कमलेश जायसवाल

कोरबा/दीपका। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरा-भरा कल देने के उद्देश्य से आज प्राथमिक शाला बिंझवारपारा संकुल-दीपका में एक भव्य और प्रेरणादायक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान में वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कमलेश जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनके नेतृत्व में शाला परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया ।

पर्यावरण और स्वास्थ्य का संगम, रोपे गए औषधीय और फलदार पौधे

इस वृक्षारोपण अभियान की खास बात यह रही कि इसमें केवल छायादार पेड़ ही नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए फलदार और बहुउपयोगी औषधीय पौधे भी रोपे गए। यह पौधे आने वाले समय में न सिर्फ स्कूल परिसर को हरा-भरा बनाएंगे बल्कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और उन्हें प्राकृतिक औषधियों के महत्व को समझाने में भी मददगार साबित होंगे ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं, आज ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में पर्यावरण का संरक्षण किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सिर्फ पौधे लगाने ही नहीं हैं, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी देखभाल का संकल्प भी लेना होगा ।

शिक्षकों और नन्हे-मुन्नों ने लिया संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार की भूमिका सराहनीय रही। शाला के प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में सभी शिक्षकों और स्कूली बच्चों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों के हाथों से रोपे गए पौधों ने परिसर में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, सभी बच्चों ने संकल्प लिया कि वे इन पौधों को रोजाना पानी देंगे और इनकी सुरक्षा करेंगे ।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे सूर्य भूषण प्रताप सिंह (प्रधान पाठक), पोखराज सिंह कंवर (सहायक शिक्षक), सविता कुर्रे (सहायक शिक्षिका), सहारा बाई, तिलकेश बाई एवं प्राथमिक शाला बिंझवारपारा के ऊर्जावान छात्र-छात्राएं ।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह ने पार्षद एवं उपस्थित सभी जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय परिसर को एक आदर्श हरित परिसर (Green Campus) बनाने के लिए यह मुहिम लगातार जारी रहेगी ।

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खेल

22वीं कामनवेल्थ टेबल टेनिस प्रतियोगिता- दिल्ली में विनय बैसवाड़े  टेकनीकल ऑफिशियल के रूप में चयनित

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रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तकनीकी समिति के सदस्य एवं अन्तर्राष्ट्रीय अंपायर विनय बैसवाड़े का चयन टेकनीकल ऑफिशियल के रूप में दिनांक 27 जुलाई से 02 अगस्त 2026 तक दिल्ली में आयोजित “22वीं कामनवेल्थ टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2026” हेतु किया गया है। 

यह प्रतियोगिता  दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कल से आरम्भ हुयी है, जिसमें कॉमनवेल्थ के 25 देशों के खिलाडी/प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में पुरुष टीम, महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल एवं मिश्रित युगल हेतु कुल मिलाकर 07 वर्गों में आयोजित की जा रही है।
इसके पूर्व भी विनय बैसवाड़े कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टेकनीकल ऑफिशियल  के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।  छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े, अंतरराष्ट्रीय अंपायर एवं खिलाड़ी हैं तथा भारतीय जीवन बीमा निगम, मण्डल कार्यालय, रायपुर में कार्यरत है । 

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला, छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, कोषाध्यक्ष सौरभ शुक्ला एवं समस्त पदाधिकारियों ने हार्दिक बधाई दी एवं शुभकामनाए दी । उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के सह सचिव प्रेमराज जाचक ने दी।

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