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कोरबा

14 दिसम्बर को दिल्ली में वोट चोर… गद्दी छोड़ आंदोलन को सफल बनाने जरिता लैतफलांग ने ली बैठक

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वोट चोर… गद्दी छोड़ आंदोलन में अधिक से अधिक कांग्रेसी दिल्ली पहुंचे-जरिता
एसआईआर में कांग्रेसी नजर रखें, ताकि किसी मतदाता का नाम न छूटे-जयसिंह अग्रवाल
कोरबा।
टीपी नगर कोरबा स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में एसआईआर अभियान और वोट चोर गद्दी छोड़ आंदोलन को लेकर कांग्रेस संगठन एवं बूथ लेवल एजेंटों की बैठक हुई। इस बैठक में एआईसीसी सचिव एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुश्री जरिता लैतफलांग के मुख्य आतिथ्य तथा कांग्रेस पार्टी के एसआईआर के कोरबा लोकसभा प्रभारी पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता एवं पूर्व महापौर व एसआईआर के कोरबा विधानसभा प्रभारी राजकिशोर प्रसाद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
बैठक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एसआईआर अभियान और 14 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित वोट चोर गद्दी छोड़ आंदोलन को मजबूत करने के लिए चर्चा करते हुए सुश्री जरिता लैतफलांग ने कहा कि जहां-जहां एसआईआर का कार्य हो रहे हैं वहां-वहां से अनेकों शिकायत आ रही हंै। भाजपा और चुनाव आयोग की मिली-भगत से मतदाता सूची में गड़बड़ियॉं किया जा रहा है। छॉंट-छॉंट कर मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। सुश्री जरिता ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी किए जाने के विषय पर उदाहरण देते हुए कहा कि कोरबा विधानसभा क्षेत्र की दर्री क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 48 में भाजपा के कार्यकर्ता दबाव बनाकर मतदाताओं के नाम जोड़ने व काटने का कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार पूरे प्रदेश भर में ऐसे कई उदाहरण हैं।

सुश्री जरिता लैतफलांग ने इस माह 14 दिसंबर, रविवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली हस्ताक्षर अभियान एवं वोट चोर गद्दी छोड़ आंदोलन महारैली में कोरबा जिले से ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित हो इस पर जोर दिया।


बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं कोरबा लोकसभा प्रभारी जयसिंह अग्रवाल ने निर्वाचन आयोग के एसआईआर के विषय पर अपना विचार रखते हुए कहा कि कोई पात्र मतदाता का नाम ना छूटे और कोई भी अपात्र मतदाता का नाम ना जुड़े। श्री अग्रवाल ने साफ-साफ संदेश देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग अगर किसी भी व्यक्ति या संगठन के दबाव में मतदाता सूची में गड़बड़ी करता है तो इसे कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि शहर के कई बूथों में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम गायब हैं, जबकि अनेकों के पास ईपिक कार्ड उपलब्ध है। ऐसे लोग जिनका नाम नहीं है या नहीं जुड़ पाया है वह 16 दिसंबर के बाद नाम जुड़वाने फॉर्म क्रमांक 6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन होने के बाद पता चल पाएगा कि किसी बूथ किस वार्ड में कितने और किस-किस का नाम कटा है। श्री अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया की 16 दिसंबर से 15 जनवरी के मध्य दावा आपत्ति दर्ज कर सकते हैं और पात्र मतदाताओं के नाम इसी अवधि में जुड़वा लें। इसके लिए कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद, पूर्व पार्षद, पार्षद प्रत्याशी एवं बीएलए सक्रिय रहें।
बैठक कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर एवं एसआईआर के कोरबा विधानसभा प्रभारी राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि ऐसे पात्र नागरिक जिनके परिवार का 2003 के मतदाता सूची में नाम नहीं हैं वह 16 दिसंबर के बाद 14 जनवरी तक फॉर्म क्रमांक 06 भरे और जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, विवाह का प्रमाण पत्र, बैंक खाता, निवास प्रमाण पत्र, 10वीं या कॉलेज का प्रमाण पत्र, पेंशन, पट्टा, एससी, एसटी, ओबीसी जाति प्रमाण पत्र आदि में से कोई एक दस्तावेज के साथ आवेदन जमा करें।

एसआईआर में मतदाताओं का सहयोग करें कार्यकर्ता-प्रशांत मिश्रा
बैठक को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रशांत मिश्रा ने भी सम्बोधित किया और कहा कि कोई भी मतदाता एसआईआर फार्म भरने में न छूटें, कांग्रेस कार्यकर्ता उनका सहयोग करें। उन्होंने कहा 14 दिसम्बर को वोट चोर-गद्दी छोड़ एवं हस्ताक्षर अभियान के तहत दिल्ली में महारैली निकाली जाएगी, उसमें जिले से अधिक से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे।


नव नियुक्त जिला अध्यक्ष मनोज चैहान एवं मुकेश राठौर ने 14 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित हस्ताक्षर अभियान आंदोलन को सफल बनाने कोरबा जिले से अधिक से अधिक संख्या में पदाधिकारियों को दिल्ली पहुंचने के लिए आग्रह किया और कहा कि कोरबा से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे और आंदोलन को सफल बनाएंगे। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुश्री जरिता लैतफलांग ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष द्वय मनोज चैहान एवं मुकेश राठौर को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के कौशल और नेतृत्व क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण स्थल का चयन कर अतिशीघ्र प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा, जो एआईसीसी के देखरेख में होगा।
सुश्री जरिता ने पूर्व जिला अध्यक्ष नत्थूलाल यादव को भी पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मान करते हुए कहा कि आप अब सीनियर कांग्रेस नेता की श्रेणी में आ गए हैं। इसलिए आपकी जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ गई है। आपका मार्गदर्शन इन नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को आगे भी मिलते रहेगा। बैठक कार्यक्रम को प्रदेश कांग्रेस महामंत्री प्रशांत मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू , पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप जायसवाल, हरीश परसाई, सपना चैहान, श्याम सुंदर सोनी, सचिव बीएन सिंह, विकास सिंह, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, सेवादल अध्यक्ष प्रदीप पुरायणे, ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गजानंद साहू, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे, महिला अनुसूचित जाति की अध्यक्ष पुष्पा पात्रे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, सुरेश सहगल, प्रदीप अग्रवाल ने भी संबोधित किया तथा ब्लॉक अध्यक्ष तनवीर अहमद, संतोष राठौर, बसंत चंद्रा, दुष्यंत शर्मा, पार्षद रवि चंदेल, अनुज जायसवाल, सुखसागर निर्मलकर, सुभाष राठौर, मस्तूल सिंह कंवर, बद्री किरण, डॉ. रामगोपाल कुर्रे, अविनाश बंजारे, सत्या जायसवाल, लक्ष्मीनारायण देवांगन, बंटी शर्मा, गोरेलाल यादव, डॉ. रामगोपाल यादव, संगीता श्रीवास, धनंजय चंद्रा, गिरधारी बरेठ, रोपा तिर्की, जवाहर निर्मलकर, रमेश वर्मा, अशोक लोध, कमलेश गर्ग, बृजभूषण प्रसाद, कुंज बिहारी साहू, बी. लकड़ा, सुरती कुलदीप, मनक राम साहू, प्रदीप जायसवाल, हरनारायण राठौर, सूरज दास मानिकपुरी आदि ने एसआईआर कार्य के विषय पर अपना सुझाव दिया। इन्होंने अपने-अपने वार्ड, बूथ में एसआईआर को लेकर आए परेशानी और गड़बड़ियों के बारे में बताया।
बैठक में पवन विश्वकर्मा, सुनील निर्मलकर, अजीत बर्मन, कमलेश गर्ग, अमित सिंह, रवीश यादव, बाबिल मिरी, राकेश चैहान, शेख नजीर, श्रीराम साहू, शांता मंडावे, द्रोपती तिवारी, माधुरी ध्रुव, शशि अग्रवाल, दुर्गा सिंह, अंजलिना कुजूर, चित्रलेखा, गोपाल यादव, वीरेंद्र चंदन, गंगा श्रीवास, राजेश श्रीवास, टेकराम श्रीवास, राजेंद्र श्रीवास, मनोहर निर्मलकर, भोला यादव, बागेश्वर साहू, अथनस टोप्पो, विक्रम दास, दीपक वस्त्रकार, श्रवण विश्वकर्मा, रिखीराम श्रीवास, विशाल यादव, संतोष देवांगन, राजेश बंजारे, गोकुल देवांगन, रम्हन दास, प्रकाश महंत, मोहम्मद शमसुद्दीन, मुस्लिम खान, मोहम्मद निजामुद्दीन, भीमलाल भैना, सरोज सैनी, मुकेश लहरी, आशुतोष विश्वकर्मा, वीरसिंह कंवर, सुकृत कुमार, मिलन कश्यप काशीराम कहरा, शिव चंद्रा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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कोरबा

कोरबा में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:डीबीएल कंपनी के गेट पर धरना-प्रदर्शन, मरम्मत के आश्वासन के बाद खत्म आंदोलन

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कोरबा। कोरबा में कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को डीबीएल कंपनी के गेट पर प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, कोरबा के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो के नेतृत्व में यह धरना और गेट जाम आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से सफल रहा।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह से ही जिल्गा और दादरपारा के पास स्थित डीबीएल के प्लांट/यार्ड के मुख्य गेट पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर सड़क मरम्मत और धूल-कीचड़ से निजात दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में कुदमुरा से स्यांग रोड और बरपाली से दादरपारा मार्ग की तत्काल मरम्मत शामिल थी। इसके अलावा, धूल और कीचड़ की समस्या से राहत, भारी वाहनों का नियंत्रित संचालन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

ग्रामीणों का कहना था कि डीबीएल कंपनी के भारी वाहनों के लगातार आवागमन से ये दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना परेशानी हो रही है।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका था

आंदोलन के दौरान, जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने ग्रामीणों की समस्याओं को कंपनी प्रबंधन के सामने गंभीरता से रखा। आंदोलन से पहले जिला प्रशासन को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान, कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं को स्वीकार किया और सड़क मरम्मत तथा आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए नियमित पानी छिड़काव, सड़क समतलीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय करने पर भी सहमति बनी।

मांगे पूरी होने पर आंदोलन खत्म किया

ग्रामीणों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनहित और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया गया था। कंपनी प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल और मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने आंदोलन में शामिल सभी ग्रामवासियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

केमिकल से पकाए फलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:कोरबा में 10 किलो आम और 4 दर्जन केले फेंके, नमूने लैब भेजे गए

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कोरबा। कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को फल दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़े-गले और रसायन से पकाए गए फल मिलने पर 10 किलो आम और 4 दर्जन केले मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

विभाग की टीम ने राजा फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, शारदा फ्रूट सेंटर और सर्वमंगला फ्रूट सेंटर सहित कुल 11 संस्थानों की जांच की। कई दुकानों में फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित कार्बाइड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने फलों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

फलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 मई से 29 मई 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

गर्मी के मौसम में आम, केला और तरबूज जैसे फलों की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी फलों को रसायन से पकाकर बेचते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

रसायन से पके फल बेचने वालों को सख्त चेतावनी

कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल प्राकृतिक तरीके से पके फल ही बेचें। उन्हें फलों पर रंग या वैक्स का इस्तेमाल न करने और कोल्ड स्टोरेज व दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फल खरीदते समय सावधानी बरतें। अस्वाभाविक रूप से चमकदार, एक जैसे रंग वाले या संदिग्ध फल न खरीदें। किसी भी दुकान पर गड़बड़ी दिखने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सैंपलिंग असिस्टेंट और नगर निगम का अमला शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अगले दो दिनों तक शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों और थोक बाजारों में भी जारी रहेगा।

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

सुशासन तिहार 2026-गांव-गांव पहुंच रही राहत और विश्वास की नई किरण

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कृषक नंद किशोर राजवाड़े को मिली डिजिटल किसान किताब, शासन की पहल से मिली बड़ी सुविधा

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2026 आमजनों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस पहल के जरिए लोगों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। सुशासन तिहार न केवल शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहा है, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ भी ला रहा है।

इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम कनकी निवासी कृषक नंद किशोर राजवाड़े की समस्या का भी त्वरित समाधान किया गया। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री राजवाड़े के पास लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। खेती के साथ-साथ शासकीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी प्रक्रियाओं में बढ़ती डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें डिजिटल किसान किताब की आवश्यकता महसूस हो रही थी। डिजिटल किसान किताब नहीं होने से उन्हें कई जरूरी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था तथा वे विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष रखी और डिजिटल किसान किताब नहीं होने से हो रही परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें त्वरित रूप से डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल किसान किताब प्राप्त होने पर श्री राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें कृषि संबंधी दस्तावेजों एवं योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। गांव में ही शिविर लगने से आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया।

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