छत्तीसगढ़
रायपुर : नए उद्योगों से बढ़ेगा रोज़गार के अवसर-देवांगन
संरचनात्मक सुधारों से छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जमीनी क्रियान्वयन तेज़
मंत्री लखन लाल देवांगन की पत्रकार वार्ता


रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश आकर्षित नहीं कर रहा उन्हें तेज़ी से ज़मीन पर भी उतार रहा है। नवंबर 2024 से अब तक राज्य ने 18 क्षेत्रों में 27.83 लाख करोड़ रूपए के 219 निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर और एआई से लेकर सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल हैं। ये परियोजनाएँ राज्य के अन्य जिलों में फैली हैं, जिनसे 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे और यह पूरे राज्य में संतुलित विकास की ओर एक बड़ा संकेत है। नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे l प्रेस वार्ता में सी एस आई डी सी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सचिव उद्योग रजत कुमार, संचालक उद्योग प्रभात मालिक, सी एस आई डी सी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार मौजूद थे.
अब निवेश केवल रायपुर तक सीमित नहीं हैं। प्रश्तवित निवेशों की विशेष बात ये है कि हर 5 में से1 निवेश (21 प्रतिशत) आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में हैं। 33 प्रतिशत रायपुर संभाग में और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में।
क्षेत्रीय विविधता ने मजबूती दी है। लगभग 50 प्रतिशत निवेश प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों में हैं जैसे सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पार्क वहीं सीमेंट और बिजली जैसे पारंपरिक उद्योग भी मजबूत बने हुए हैं। कुल निवेश प्रस्तावों में 57 परियोजनाएँ 1,000 करोड़ रूपए से अधिक की है और 34 परियोजनाएँ 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली हैं।
असल कहानी है तेज़ क्रियान्वयन की। 6.063 करोड़ रूपए की 9 बड़ी परियोजनाएँ चालू हो चुकी हैं, जिनसे उत्पादन शुरू हो गया है और 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएँ यानी लगभग आधी उन्नत चरण में हैं। ये या तो निर्माणाधीन हैं या भूमि आवंटन के बाद आगे बढ़ चुकी हैं। ये 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हैं और जल्द ही 87,132 रोजगार सृजित करेंगी। खास बात यह है कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएँ आतिथ्य एवं स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
प्रमुख परियोजनाएँ इस रफ्तार को साफ दिखाती हैं। पोलिमेटेक की 10,000 करोड़ रूपए से अधिक की सेमीकंडक्टर फेक्ट्री जो छत्तीसगढ़ की पहली हे को सिर्फ 45 दिनों में भूमि आवंटित हुआ और काम तेज़ी से शुरू हुआ। रेकबैंक का 1,000 करोड़ रूपए का एआई डेटा सेंटर पार्क- देश का पहला-अब लगभग पूरा होने वाला है। ड्रल्स का 625 करोड़ रूपए का पेट फूड विस्तार प्रोजेक्ट ट्रायल प्रोडक्शन में है और इससे 3,000 रोजगार मिलेंगे। वी-राइज़ का तीसरा भारत कार्यालय एक आईटी यूनिट निर्माणाधीन है। अल्ट्राटेक सीमेंट का 1,600 करोड़ रूपए का निवेश चालू हो चुका है। आदित्य बिड़ला समूह का 67.5 मेगावाट का सोलर प्लांट मई में शुरू हो गया। वहीं बस्तर में रापपुर स्टोन क्लिनिक का 350-बेड अस्पताल लगभग तैयार है, जिससे आदिवासी परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘जो राज्य कभी मुख्य रूप से लोह और इस्पात के लिए जाना जाता था. वह अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर पार्क, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों का केंद्र बन रहा है। कंपनियाँ सिर्फ निवेश का निर्णय नहीं ले रहीं, बल्कि जल्द से जल्द काम शुरू करना बाहती हैं। हमारी सरकार हर उद्यमी के लिए व्यापार को आसान बनाने और हर चरण में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।‘
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा, ‘सुधारों ने विवेकाधिकार की जगह पारदर्शिता लाई है. जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका असर साफ दिखता है सरल प्रक्रियाएँ और बड़े पैमाने पर जमीन पर उतरती परियोजनाएँ। यह साबित करता है कि संवेदनशील शासन उद्योग को गति देता है।‘
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा हमारा फोकस यह सुनिश्चित करता है कि निवेश प्रस्ताव के बाद निवेशकों की गति न रुके। तेज़ भूमि आवंटन, डिजिटल स्वीकृतियों ओर बेहतर समन्वय से कंपनियों बिना देरी के इरादे से निर्माण तक पहुंच पा रही है।
इस तेज़ उछाल के पीछे कई अग्रणी सुधार हैं-132 स्वीकृतियों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण (दो जन विश्वास अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य), स्वचालित भूमि म्यूटेशन लागू करने वाला पहला राज्य; एफएआर और ग्राउंड कवरेज में वृद्धि और सेटबेक में कमी, डिजिटल भूमि विवरण (रजिस्ट्री. आरओआर, टैक्स बकाया, न्यायालय प्रकरण); लेआउट और भवन
स्वीकृति के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर, 24ग7 संचालन और विस्तारित फायर एनओसी। इन सुधारों के चलते डीपीआईआईटी से चार श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर‘ की मान्यता मिली।
ये सभी पहल केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि गति, जवाबदेही और ज़मीनी परिणामों पर केंद्रित प्रशासनिक संस्कृति को दर्शाती हैं। निवेश की विविधता और क्रियान्वयन की रफ्तार एक बात साफ कर देती है-छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा, बल्कि वास्तविक परियोजनाएँ बना रहा है, वास्तविक रोजगार पैदा कर रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है।
कोरबा
ओवरस्पीडिंग व नशे में वाहन चलाने वालों पर अभियान चलाकर करें कार्रवाई – कलेक्टर
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चिन्हित स्थलों पर प्राथमिकता से सुधार कार्य करने के दिए निर्देश
स्कूल कॉलेज में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रो में हेलमेट रैली, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों से यातायात जागरूकता बढ़ाने किया निर्देशित
दुर्घटना नियंत्रण व सुरक्षित यातायात के लिए कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
कोरबा। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात नियमों के बेहतर पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त एवं निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप निर्माण तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव करने तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही कटघोरा अंबिकापुर मार्ग में गुरसिया से घाट के मध्य स्थित तीव्र मोड़ों (शार्प टर्न) एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर एवं क्रैश बैरियर स्थापित कर यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ओवरस्पीड वाहन संचालन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने, नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़े करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए नियमित जांच एवं निगरानी की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों के आयोजन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार कर समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करने को कहा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, महाविद्यालयों, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं की सहभागिता से हेलमेट रैली, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने रूमगरा से बजरंग चौक मार्ग में सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नही होने पर कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को नोटिश जारी करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात जागरूकता अभियान की धीमी प्रगति पर सभी जनपद सीईओ को नोटिश जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, प्रभारी एसपी लखन पटले, जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण के साथ मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सवरू- कलेक्टर दुदावत
कलेक्टर दुदावत ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल को गंभीरता से लेने व प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु किया निर्देशित
स्वनिधि महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार व अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश
पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन एवं जलभराव रोकने नालियों की सफाई व ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ करने किया निर्देशित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय कार्यों तथा टीएल के लंबित प्रकरणों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रगति की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर द्वय देवेंद्र पटेल व ओंकार यादव, एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ नगरीय निकाय सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने डिजिटल सिग्नेचर कार्य के लिए पटवारियों की स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नक्शा बटांकन, डिजिटल किसान किताब, मसाहती गाँव के सर्वे कार्य तथा एफआरए नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाकर प्रगति सुनिश्चित करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से शीघ्र जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने जिले में आयोजित कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों के मध्य जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों को अपनी प्रोफाइल अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल से प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ एवं सीएमओ नगरीय निकाय को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को पोर्टल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 30 जून तक आयोजित होने वाले स्वनिधि महोत्सव एवं लोक कल्याण उत्सव का प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का अधिकतम लाभ हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, विशेष शिविरों का आयोजन तथा अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन प्राप्त कर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई की जाए। इस दौरान स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान, उनके परिवार के मेधावी छात्रों का अभिनंदन तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रम को संचालित करने निर्देशित किया। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उन्हें भी योजना से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बरसात के मौसम से पूर्व शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने, पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए ड्रेनेज की सफाई एवं क्लीनिंग कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
उन्होंने पीएम जनमन अंतर्गत आवास निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम आवास ग्रामीण की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आवास निर्माण के कार्य में शीघ्रता से प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव के सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेते हुए शाला प्रवेश उत्सव की पूर्ण तैयारी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गणवेश, पाठ्य पुस्तक भंडारण की जानकारी लेते हुए उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाउंड्रीवाल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही पौधरोपण कराने की बात कही। इस हेतु व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण तथा संबंधित आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोरबा
डोंगानाला में सुशासन तिहार के तहत सौगात, 159 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
कोटमी-पसान-जटगा-कटघोरा मार्ग (8581.90 लाख) का भूमिपूजन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बढ़ेगा विस्तार
सीएसईबी चौक से कोसाबाड़ी तक गौरव पथ (3654.80 लाख) का भूमिपूजन, शहरी यातायात होगा सुगम
कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल (1807.58 लाख) निर्माण का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार
जवाली नलजल योजना (210.83 लाख) का लोकार्पण, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

कोरबा। क्षेत्र का विकास ही जनकल्याण का आधार है और इससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा”इसी संकल्प के साथ विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार रुपये की लागत के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इनमें 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार रुपये के 8 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मंत्री श्री साव ने इन विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

लोकार्पण कार्यों के अंतर्गत ग्राम नूनेरा में जिला खनिज न्यास मद से 11.84 लाख रुपये की लागत से निर्मित 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में आई टाइप गार्ड रूम, बोरिंग एवं पंप स्थापना तथा शौचालय कक्ष का निर्माण, जमा मद से मुड़ापार ईडीयू में 66.95 लाख रुपये की लागत से शासकीय हाई स्कूल भवन, नूनेरा में 16.24 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में अधीक्षक आवास किचन सह भंडार कक्ष सह अहाता, 20.70 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष, लाफा, अजगरबहार एवं फरसवानी पंचायत में प्रत्येक में 48.41 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आवासीय भवन, 210.83 लाख रुपये की जवाली नल जल प्रदाय योजना, 45.98 लाख रुपये की जटांगपुर नलजल प्रदाय योजना तथा 78.76 लाख रुपये की मदनपुर नलजल प्रदाय योजना का लोकार्पण किया गया।
वहीं शिलान्यास कार्यों में सीएसआर मद से बंचर से जटांगपुर सड़क निर्माण (1.30 किलोमीटर, 109.12 लाख रुपये), राज्य मार्गों पर जंक्शन सुधार एवं कैश बैरियर कार्य (441.10 लाख रुपये), सलिहाभाठा से पुरेनाखार पहुंच मार्ग (64.96 लाख रुपये), उप संचालक कृषि भवन (147.60 लाख रुपये), कोरबा रिंगरोड से मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग (559.55 लाख रुपये), कोटमी-पसान-जटगा कटघोरा मार्ग 50.60 किलोमीटर निर्माण (8581.90 लाख रुपये), सीएसईबी चौक से जैन चौक-आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ (3654.80 लाख रुपये) तथा कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल निर्माण (1807.58 लाख रुपये) शामिल हैं।
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