कोरबा
समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना ने बदली कोरबा के किसान जेठूसिंह कंवर की तकदीर
कोरबा। जिले के कोरबा ब्लॉक के ग्राम भटगांव के मेहनतकश किसान जेठूसिंह कंवर आज अपनी मेहनत और सरकार की योजनाओं के सहयोग से खुशहाल जीवन जी रहे हैं। उनके पास 4 एकड़ 65 डिसमिल कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। जेठूसिंह बताते हैं कि सरकार द्वारा किसानों के लिए उठाए गए कदम और बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।
वे बताते हैं कि धान का समर्थन मूल्य बढ़कर प्रति क्विंटल 3100 रुपये हो जाने से किसानों को उचित दाम मिलने लगे हैं। इससे खेती करना लाभकारी हुआ है और किसान फसल उत्पादन के लिए और अधिक प्रोत्साहित हुए हैं। जेठूसिंह कंवर ने इस वर्ष अपने खेत से 65 क्विंटल धान बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त की है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग इतनी ही मात्रा में धान बेचा था और उस समय प्राप्त राशि से उन्होंने अपने बच्चों की शादी जैसे बड़े पारिवारिक दायित्व को सफलतापूर्वक पूरा किया था।
जेठूसिंह बताते हैं कि कृषक उन्नति योजना के माध्यम से समर्थन मूल्य के अतिरिक्त मिलने वाली राशि ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है। योजना से मिलने वाला टॉप-अप उनके लिए बोनस की तरह है, जिसने खेती को और अधिक स्थिर और लाभकारी बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तौल मशीन, पानी, छाया और व्यवस्थापन के कारण किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पाते हैं। सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों का समय भी बचता है और आय भी सुनिश्चित होती है।
जेठूसिंह कंवर की यह कहानी न केवल व्यक्तिगत सफलता का उदाहरण है, बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि सही नीतियां और योजनाएं किसानों के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। सरकार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने अपने परिवार की खुशहाली की राह को और अधिक मजबूत बनाया है।
कोरबा
अधिवक्ता के घर चोरी का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार:कोरबा में एक साल पहले हुई थी वारदात, 8 लाख का माल बरामद
कोरबा। कोरबा पुलिस ने एक अधिवक्ता के घर हुई लाखों की चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 8 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

यह घटना 19 अप्रैल 2025 को पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने चोरों से नगद और सोने के गहने बरामद किये हैं।
चोरों ने 10 तोला सोना,नगद चुराए थे
चोरों ने लगभग 10 तोला सोने के जेवरात, जिसमें रानी हार सेट, दो जोड़ी झुमके, एक सोने की चेन, दो नग चांदी की पायल और करीब 50 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। इस चोरी में एक बाइक का भी उपयोग किया गया था।
पुलिस की टीम बानी गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने टीम का नेतृत्व किया। तकनीकी सबूर और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर अमित खांडे और गौतम कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस की कार्रवाई
पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गए गहने, 3000 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 8 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित खांडे का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
कटघोरा पुलिस की अपील
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
कटघोरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से बाहर जाते समय अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

कोरबा
हत्या के प्रकरणों के अनुसंधान पर पुलिस अधिकारियों का हुआ प्रशिक्षण, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने दिया प्रशिक्षण
- Asp से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी हुए सम्मिलित
- हत्या के प्रकरणों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि (Conviction) सुनिश्चित करने हेतु आईजी बिलासपुर ने जारी किए ‘स्मार्ट विवेचना’ निर्देश
कोरबा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के द्वारा हत्या (Homicide) के गंभीर मामलों में विवेचना के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधारने और न्यायालयों में सजा की दर बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत कार्ययोजना और दिशा-निर्देश जारी करते हुए आज दिनांक 28/4/26 को रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों का एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है।
इस नई रणनीति के तहत बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें एक चेकलिस्ट को जारी किया गया है। अब से हत्या के हर प्रकरण के चालान (Charge-sheet) में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य होगा।

प्रमुख दिशा-निर्देश और नई कार्यप्रणाली
‘ई-साक्ष्य’ (e-Sakshya) और नए कानूनों का अनुपालन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी प्रकार की जप्ती ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकर जाने (Hostile) की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य प्रभावी रहेंगे।
क्राइम सीन का वैज्ञानिक प्रबंधन: घटनास्थल पर ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझते हुए क्षेत्र को तत्काल टेप लगाकर सील किया जाएगा। फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही साक्ष्य संकलन होगा। किसी भी साक्ष्य को बिना दस्ताने (Gloves) के छूना प्रतिबंधित रहेगा।
चेकलिस्ट के आधार पर समीक्षा: विवेचना में मानवीय त्रुटि को शून्य करने के लिए 124 बिंदुओं का एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक की हर प्रक्रिया का प्रलेखन (Documentation) शामिल है, ताकि बचाव पक्ष को तकनीकी खामियों का लाभ न मिल सके।
उन्नत डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक: विवेचक अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स जैसे गूगल टेकआउट (Google Takeout), इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की बारीकी से जांच करेंगे। घटनास्थल के आसपास के 100 किमी के दायरे*में लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप के जरिए मैपिंग की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को सीधे डीवीआर (DVR) से जप्त कर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4)(c) के प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
DNA एवं जैविक साक्ष्यों से लिंक स्थापित करना: मृतक के नाखूनों में फंसे आरोपी की स्किन, संघर्ष के दौरान टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए (DNA) ट्रेस करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वैज्ञानिक रूप से आरोपी की उपस्थिति घटनास्थल पर सिद्ध की जा सके।
रात्रिकालीन पोस्टमार्टम एवं वीडियोग्राफी: संवेदनशील मामलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त रोशनी में रात में भी पोस्टमार्टम कराया जा सकेगा, जिसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। पीएम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने पर डॉक्टरों से अनिवार्य रूप से एफएसएल (FSL) क्वेरी कराई जाएगी।
साक्ष्यों की अटूट श्रृंखला (Chain of Custody): साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें थाने के मालखाने और फिर एफएसएल (FSL) तक भेजने का पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
लक्ष्य: त्रुटिहीन विवेचना
आईजी बिलासपुर ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद होने वाले सभी हत्या के प्रकरणों की विवेचना इन नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के माध्यम से की जाए। बिलासपुर रेंज पुलिस अब सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि से लेकर साइबर साक्ष्यों (CDR, IPDR, IMEI) के संकलन तक पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएगी, ताकि अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दिलाई जा सके।आज के प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के अलावा रेंज के सभी जिलों के एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक तक के अधिकारी सम्मिलित हुए।इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन virtual mode पर किया गया। आईजीपी श्री गर्ग ने स्वयं पुलिस अधिकारियों को हत्या के प्रकरणों की विवेचना के लिए प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन देते हुए, पीपीटी के माध्यम से विवेचना के की-पॉइंट्स और अमल में लाने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी। रामगोपाल गर्ग ने जानकारी दी है, की ऐसे प्रशिक्षण के सत्र प्रति सप्ताह, अलग अलग विषयों पर रेंज के पुलिस अधिकारियों केलिए आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नवीनतम अनुसंधान तकनीकों से खुद को अपग्रेड कर , कमियों को दूर कर सकें।

कटघोरा
10वीं बोर्ड में छात्र ऋतू राज यादव ने लहराया परचम
कोरबा/कटघोरा। आत्मानंद विद्यालय के होनहार छात्र ऋतू राज यादव ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 79% अंकों के साथ प्रवीणता प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों, नाना-नानी, मामा कोमल, प्रियंका छाबड़ा, मौसी निशु एवं अपने मित्रों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से वे इस मुकाम तक पहुँचे। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं कि वे आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूते रहें।

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