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कोरबा

जेम पोर्टल प्रशिक्षण कार्यशाला 08 जनवरी को

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कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर आरएएमपी योजना के अन्तर्गत बीडीएसपी से संपर्क एवं विभिन्न प्लेटफार्म पर डिजिटल मार्केटिंग एवं डिजिटल साक्षरता पर कार्यशाला का आयोजन 08 जनवरी को प्रातः 11 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया गया है।

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कोरबा

नागिन झरना : प्रकृति की गोद में उभरता नया पर्यटन केंद्र

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कोरबा/पाली। कोरबा जिले के पाली ब्लाक अंतर्गत ग्राम पोटापानी स्थित नागिन झरना आज क्षेत्र का एक प्रमुख और तेजी से लोकप्रिय होता पर्यटन स्थल बनकर उभर रहा है। पथरीली चट्टानों से दूध जैसी सफेद धाराओं में गिरता यह झरना जब झर-झर की मधुर ध्वनि के साथ बहता है, तो पूरा वातावरण मानो प्राकृतिक संगीत में डूब जाता है। झरने के दोनों ओर फैली हरी-भरी झाड़ियाँ, ठंडी हवाएँ और चमकती चट्टानें… ऐसा दृश्य रचती हैं, जो हर सैलानियों को बार-बार यहाँ लौट आने के लिए मजबूर कर देता है। नागिन झरना केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोमांस प्रेमियों, साहसिक पर्यटकों और अध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए भी खास आकर्षण बनता जा रहा है। गर्मी के मौसम में यहाँ की ठंडक सुकून देती है, वहीं बारिश के दिनों में झरने की प्रचंड धाराएँ रोमांच का अनुभव कराती हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, झरने के नीचे जहाँ पानी ठहरता है, उसके समीप एक सुरंगनुमा रास्ता है, जो लक्ष्मण कोठी तक जाने से जुड़ा हुआ बताया जाता है। यह लोककथा झरने को रहस्य और आस्था से जोड़ती है। सुलभ रास्ता, बढ़ती पहुंच कटघोरा-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 पर स्थित डूमर कछार से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नागिन झरना अब पहुँच के लिहाज से भी काफी सुविधाजनक हो गया है। बेहतर सड़क और स्पष्ट मार्गदर्शन के चलते आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुँच रहे हैं।
सप्ताहांत में उमड़ती पर्यटकों की भीड़


विशेष रूप से शनिवार और रविवार को पोटापानी स्थित नागिन झरना में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। सप्ताहांत पर पिकनिक मनाने, फोटोग्राफी करने और परिवार व मित्रों के साथ समय बिताने वालों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। झरने के आसपास सन्नाटा नहीं, बल्कि हर ओर चहल-पहल और उत्साह का माहौल रहता है।
स्थानीय व्यवस्था और ग्रामीणों को रोजगार
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय समिति द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं के चलते नागिन झरना की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इससे ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।
प्रकृति की कलाकृति सा दृश्य भविष्य की अपार संभावनाएँ


नागिन झरना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मनोरम वादियाँ हैं। आसपास फैली खूबसूरत पहाड़ियाँ, चमकते पत्थर और चांदी की तरह दमकता झरने का पानी किसी चित्रकार की कूची से बने सजीव चित्र जैसा प्रतीत होता है। जब सूर्य की किरणें पानी की धाराओं पर पड़ती हैं, तो पूरा दृश्य और भी मनमोहक हो उठता है। कुल मिलाकर, नागिन झरना आज केवल एक झरना नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, लोककथाओं, रोमांच और शांति का अद्भुत संगम बन चुका है। यदि इसे सुनियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, तो यह क्षेत्र की पहचान को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा सकता है।
पर्यटन विकास के लिए होगा प्रयास-डॉ. पवन सिंह


जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा-नागिन झरना एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास करेंगे। इस विषय को मैं विस्तार से रखूँगा। शासन-प्रशासन जो भी उचित समझेगा, उसके अनुरूप इस स्थान को व्यवस्थित एवं विकसित पर्यटन स्थल के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। स्थानीय सुविधाओं, सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।
अत्यंत मनोरम है यह स्थल


बिलासपुर निवासी हिम्मत सिंह ने कहा-इस झरने की जानकारी मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। यह स्थान अत्यंत मनोरम, शांत और घने वनों से घिरा हुआ है। पूरे परिवार के साथ यहाँ आकर बहुत अच्छा अनुभव रहा। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ देखकर मन प्रसन्न हुआ। हालांकि लगभग एक किलोमीटर तक पथरीले और कठिन मार्ग से पैदल चलना पड़ा। ऐसे सुंदर पर्यटन स्थल तक सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन के लिए आवश्यक है।
नागिन झरना महालीन देवी का स्थान-कोटवार


पोटापानी कोटवार चतुरदास ने बताया- पूर्वजों की मान्यता के अनुसार यहाँ महालीन देवी का स्थान है। इसी स्थल से एक सुरंग पहाड़ के ऊपर स्थित लक्ष्मण कोठी की ओर जाती है। पत्थर की चट्टानों से निर्मित यह स्थान राजवाड़ा महल जैसा भव्य और रहस्यमय दिखाई देता है, जो आज भी लोगों की आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है।

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कोरबा

संस्कारम टीम ने किया कम्बल वितरण, अखबार वितरक संघ ने न्यूज पेपर पढ़ने किया प्रेरित

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राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई गोढ़ी का सात दिवसीय शिविर चाकामार में आयोजित
कोरबा।अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर से सम्बद्ध राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोढ़ी का विशेष सात दिवसीय शिविर ग्राम पंचायत चाकामार के वार्ड न. 11 -12 स्थान हाथीमुड़ में आयोजित हुआ। प्रातकाल 5:00 बजे योग आसन से दिनचर्या प्रारंभ हुआ, जिसमें 46 स्वयंसेवक जो कि कक्षा 11वीं 12वीं के विद्यार्थी सम्मिलित हुए जिसमें बालिकाएं 31 तथा बालक 15 थे। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत चाकामार के सरपंच विजय कुमार मंझवार तथा विशेष अतिथि मनोज कर्ष की उपस्थिति में कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य शा. उ. मा.वि. गोढ़ी श्रीमती रिनी दुबे द्वारा किया गया। अंजना भगत, किशोरी व हेमलता आदि शिक्षिकाएं शामिल रहीं तथा नूतन केंवट, पुष्पा महिलांगे परिचारिका थी। शिविर में बच्चों द्वारा श्रमदान, खेलकूद, तालाबों एवं गांव की साफ सफाई, संध्या प्रार्थना तथा रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन ग्राम पंचायत गोढ़ी वार्ड न. 5 के पंच पदम् सिंह चंदेल मुख्य अतिथि थे। जिनके द्वारा नशा मुक्ति एवं नवसाक्षरता के बारे में जानकारी दी गई। विशिष्ट अतिथि संस्कारम संस्था की अध्यक्ष आकांक्षा चंदेल द्वारा 46 बच्चों को कंबल वितरण किया गया और छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, जिला सचिव जय सिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, रामायण सिंह, तपेश्वर राठौर, अनिल गिरी, राजकुमार पटेल व बालको इकाई के संरक्षक रेशम साहू के द्वारा पानी बोतल एवं फली चिक्की और अगरबत्ती वितरण कर, न्यूजपेपर पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।


शिविर के औचक निरीक्षण में सजग एवं सतत सतर्क रहने वाले रा.से.यो. में सर्वोच्च सम्मानप्राप्त प्रोफेसर डॉ योगेंद्र कुमार तिवारी द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि शिविर का आयोजन बहुत उत्तम ढंग से हुआ है, लेकिन बिना सुविचार लेखन के शिविर का स्वरुप कमतर लगता है। अत: प्रतिभागियों ने दूसरे दिन रंगों से सुविचार उकेरते हुए उनके विचारों को मूर्तरूप प्रदान किया। डॉ. तिवारी ने स्कूल प्राचार्य एवं शिविर के संयोजकों की प्रशंसा की तथा वार्ड न. 5 के पंच पदमसिंह चंदेल के प्रति अपने उद्गार व्यक्त किये कि काश आपके जैसे आग्रही, परोपकारी, निश्छल सेवाव्रती, सहृदयी, दूरदर्शी और भी लोग होते तो समाज का सामाजिक स्वरूप कितना सकारात्मक होता। चिकित्सा अधिकारी डॉ नेहा धृतलहरे, सरोज केशरी, कुसुमलता चंद्रा कार्यक्रम के तीसरे दिन बतौर अतिथि शामिल हुए एवं अनीता ओहरी, प्रवीण चौबे एवं खेल विशेषज्ञ देवेंद्र सिंह राजपूत भी शिविर में शामिल हुए।
प्राचार्या शा. उ. मा.वि. गोढ़ी श्रीमती रिनी दुबे द्वारा शिविर प्रभारी आर. कश्यप तथा पवन श्रीवास को शिविर सहायक के रूप में नियुक्त किया गया था। समापन दिवस पर प्रभारी आर. कश्यप द्वारा आभार प्रदर्शन किया तथा प्राचार्या श्रीमती रिनी दुबे द्वारा शिविर समापन की घोषणा की गई।

एनएसएस के इन प्रतिभागियों ने लिया शिविर में भाग
रानी लक्ष्मी बाई ग्रुप
रितु पटेल, कुसुम, प्रियंका, करुणा, मगजी, योगेश, प्रकाश, आकाश।
वीर नारायण सिंह ग्रुप
सुखदेव, अशोक, कुणाल, कृष्णी, अनीशा, गरिमा, अंजली, गायत्री।
आजाद ग्रुप
सूरज, ख्वाहिश, नेहाल, मधु, नीतिका, रागनी, खुशबू, नीलू।
रानी दुर्गावती ग्रुप
जय, श्वेता, नवीन, रिया, राखी, शिवम, विभा, भुवनेश्वर।
अहिल्याबाई ग्रुप
निकीता, मानसी, नंदनी, जयप्रकाश, कुलदीप, मनीष, पूनम।
कल्पना चावला ग्रुप
सुमन, सरस्वती, लक्ष्मीन, साधना, रागिनी, कुसुम, दिव्या।

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कोरबा

धान खरीदी के शेष दिवसों में प्रभावी कार्ययोजना से करें खरीदी : कलेक्टर कुणाल दुदावत

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सजगता, निष्पक्षता और शासन की मंशानुसार धान खरीदी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने  हेतु विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धान खरीदी के शेष दिवसों में शासन की मंशानुसार पूर्ण सजगता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि समितियों में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। किसानों को धान विक्रय में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें सही एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए।

उन्होंने उपार्जन केंद्रों में विक्रय हेतु आने वाले धान की सुव्यवस्थित ढेरी लगवाने, गुणवत्ता परीक्षण एवं नमी जांच के उपरांत ही धान खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही समितियों में जाम की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक पूर्व तैयारियां एवं वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर ने कहा कि केंद्रों में आवश्यकता अनुसार तौलाई मशीनों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। रकबा समर्पण के साथ-साथ एंट्री कार्य भी समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल नोडल अधिकारी को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, खाद्य अधिकारी जी.एस. कंवर, जिला विपणन अधिकारी ऋतुराज देवांगन, नोडल कॉपरेटिव बैंक एस.के. जोशी सहित खाद्य निरीक्षक, समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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