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कोरबा

आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम अखड़ा विकास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

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पीवीटीजी परिवारों को प्राथमिकता से उज्ज्वला गैस कनेक्शन देने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक लेकर शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले में संचालित शासन की फ्लैगशिप योजनाओं एवं विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन तय समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री दुदावत ने धान खरीदी कार्य की समीक्षा करते हुए किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित नोडल अधिकारियों को कहा कि उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी कार्य बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से संचालित हो। धान की नमी और गुणवत्ता की नियमित जांच, सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी तथा उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर निगरानी के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने जिले की सभी नगर पालिकाओं के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट के माध्यम से कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।


उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ‘सियान जतन’ योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित करने, उनकी संख्या बढ़ाने तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सेवाएं एवं उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजातीय ग्राम अखड़ा विकास योजना के तहत गांवों की पहचान कर चयन, जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर समिति गठन तथा अखड़ों में प्रकाश व्यवस्था सहित सुव्यवस्थित सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी को आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कलेक्टर ने दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर उन्हें आवश्यक प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि वे विभिन्न योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकें।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में सोलर पैनल स्थापना को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने, इसके लाभ, सब्सिडी और आसान ऋण सुविधा की जानकारी घर-घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने विभिन्न विभागों को उनके दायित्व सौंपते हुए गरिमामयी, सुव्यवस्थित और सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, चिकित्सा व्यवस्था, परेड की सुचारू व्यवस्था तथा अन्य सांस्कृतिक एवं कार्यक्रमों की बेहतर तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में डीएफओ निशांत कुमार, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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