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सोना पहली बार ₹1.5 लाख पार, ₹6,818 बढ़ा:21 दिन में 21 हजार महंगा हुआ; चांदी 10 हजार बढ़कर ₹3.19 लाख पर पहुंची

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नई दिल्ली,एजेंसी। सोने की कीमत आज यानी 21 जनवरी को 1.50 लाख रुपए पार कर गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोना आज 1,55,204 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला था। हालांकि इसके बाद इसके दाम में थोड़ी गिरावट आई और ये 6,818 रुपए बढ़कर 1,54,227 रुपए पर बंद हुआ। सोना इस साल अब तक 21,032 रुपए महंगा हो चुका है। कल ये 1,47,409 रुपए पर था।

वहीं 1 किलो चांदी आज 3,20,075 रुपए किलो पर ओपन हुई थी। हालांकि इसके बाद इसकी कीमत में भी थोड़ी कमी आई और ये 9,752 रुपए बढ़कर 3,19,097 रुपए पर बंद हुई। इससे पहले कल ये 3,09,345 रुपए पर थी। चांदी इस साल सिर्फ 21 दिनों में ही 88,677 रुपए महंगी हो चुकी है। सोने-चांदी के दाम लगातार तीसरे दिन अपने ऑलटाइम हाई पर हैं।

सोने में तेजी के 3 बड़े कारण

  • ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर भागते हैं।
  • रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी : भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले रू.91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, रुपए की कमजोरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे जाने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में बहुत महंगी हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें रू.1.5 लाख के पार निकल गईं।
  • सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।

रू.1.90 लाख तक जा सकता है सोना रिसर्च हेड डॉ रेनिशा चैनानी के अनुसार, अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 में 1,90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी 4 लाख रुपए तक जा सकती है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई

  • पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो इस साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।
  • गोल्ड में निवेश के 2 पॉपुलर तरीके
  • फिजिकल गोल्ड-सिल्वर यानी, सिक्के खरीदना।
  • गोल्ड-सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए निवेश।
  • निवेश कैसे कर सकते हैं: रेप्युटेड ज्वेलर्स से गोल्ड-सिल्वर के सिक्के या ज्वेलरी खरीद सकते हैं। लेकिन फिजिकल गोल्ड में स्टोरेज और असली-नकली की पहचान समस्या है।
  • वहीं गोल्ड-सिल्वर ETF में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना चाहिए। इसमें स्टोरेज और असली-नकली पहचान की समस्या नहीं है।
  • अब चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
  • इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
  • ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
  • मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
  • इस साल रू.4 लाख तक जा सकती है चांदी
  • मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: 2026 में चांदी रू.3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोलर और EV डिमांड को देखते हुए हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह है।
  • सैमको सिक्योरिटीज: टेक्निकल ब्रेकआउट और मजबूत वैश्विक संकेतों के आधार पर चांदी की कीमतें रू.3.94 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती हैं।
  • नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट): ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी $100 प्रति औंस (करीब रू.3.5-4 लाख) तक जा सकती है।
  • पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी): चांदी में लंबी अवधि की तेजी का दौर अभी जारी रहेगा, इसलिए निवेशकों को कीमतों में आने वाली हर छोटी गिरावट का फायदा उठाना चाहिए।
  • रॉबर्ट कियोसाकी (ग्लोबल इन्वेस्टर): डॉलर की कमजोरी और महंगाई को देखते हुए चांदी साल 2026 में $200 प्रति औंस के चौंकाने वाले स्तर तक भी जा सकती है।
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FSSAI का बड़ा एक्शनः बीकानेरवाला, मैरिको और परम डेयरी को नोटिस

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मुंबई, एजेंसी। खाद्य सुरक्षा नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निशाने पर बीकारनेवाला सहित कई और फूड कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इनमें बीकानेरवाला, मैरिको लिमिटेड और परम डेयरी समेत खाद्य पदार्थो के कारोबार से जुड़ी कंपनियां सामिल हैं। ये नोटिस उत्पादों के बारे में कथित भ्रामक दावों, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण जारी किए गए हैं।

FSSAI ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसने कई खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) को नोटिस जारी किए हैं। इन पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act) के प्रावधानों के उल्लंघन करने का आरोप है। नियामक ने कंपनियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

बीकानेरवाला को क्‍यों मिला नोटिस

बीकानेरवाला के खिलाफ एक ग्राहक की शिकायत पर एफएसएसएआई ने नोटिस जारी किया है। जिसमें फूड सर्विस क्षेत्र या रसोई परिसर में स्वच्छता संबंधी चिंताएं बताई गई हैं। एफएसएसएआई ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया कि काम के घंटों के दौरान प्रतिष्ठान के सर्विस या रसोई क्षेत्र में एक कर्मचारी खाना खा रहा था, जिससे स्वच्छता मानकों को लेकर सवाल उठे।

एफएसएसएआई ने बीकानेरवाला को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने और आवश्यक होने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी साझा करने को कहा है। साथ ही कंपनी को खाद्य सुरक्षा कानून के अनुसार स्वच्छता और साफ-सफाई की जरूरतों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

परम डेयरी के उत्पादों पर भी सवाल

एफएसएसएआई ने परम डेयरी को भी नोटिस जारी किया है। शिकायत के अनुसार, आईआरसीटीसी कैटरिंग सेवाओं के जरिए उपलब्ध कराए गए ‘दही’ और ‘रबड़ी’ में फंगस पाए जाने का आरोप लगाया गया है। नियामक ने कंपनी से संबंधित उत्पादों का विवरण, सप्लाई चेन की जानकारी और शिकायत पर उठाए गए सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट मांगी है।

सफोला ऑयल पर भी सख्‍ती

एफएसएसएआई ने मैरिको लिमिटेड को उसके उत्पाद ‘सफोला टोटल हार्ट प्रो-मल्टी सोर्स कुकिंग ऑयल’ के लिए नोटिस जारी किया है। एफएसएसएआई ने कहा कि पैक के सामने की तरफ किए गए दावे जैसे ‘गुड फैट्स बैलेंस’ और ‘कम तेल सोखने के लिए लोसॉर्ब’ को वैज्ञानिक रूप से साबित करने की जरूरत है।

इसके अलावा, फेरेरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी किया है, जिसके उत्पाद ‘किंडर जॉय’ के पैक के सामने ‘रिच इन मिल्क सॉलिड्स’ (दूध के ठोस पदार्थों से भरपूर) का दावा किया गया है। प्राधिकरण ने कहा कि यह दावा भ्रामक लगता है।

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‘फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार, जो वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर हैं’ : Supreme Court

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के अधिकार को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि किसी भी सड़क पर गाड़ियों से पहले पैदल चलने वालों का हक है। साथ ही यह भी कहा कि सुरक्षित फुटपाथ न मिलने के कारण किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है, तो वह संबंधित सरकारी अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ अदालत जाकर मुआवजे और कानूनी राहत की मांग कर सकता है।

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कोर्ट के फैसले के पीछे का कारण

यह ऐतिहासिक फैसला एक दर्दनाक हादसे की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। दरअसल एक पिता अपने 5 साल के मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार टैंकर ने बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के लिए शुरुआत में रू.7.82 लाख का मुआवजा तय किया था। इसे दिल्ली हाईकोर्ट ने घटाकर रू.4.70 लाख कर दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बदलते हुए पीड़ित पिता को कुल रू.11.45 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस केस को सिर्फ एक एक्सीडेंट न मानकर, देश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बड़ा दिशानिर्देश जारी कर दिया।

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वाहनों के आविष्कार से पहले से चल रहा है इंसान

जस्टिस की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस जगह यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां न तो कोई फुटपाथ था और न ही कोई पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग (Pedestrian Crossing)। कोर्ट ने कहा कि “ऐसे हादसे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम सड़कों के इस्तेमाल के नजरिए को नहीं बदलते। इंसानी सभ्यता वाहनों के आविष्कार से बहुत पहले से पैदल चल रही है। इसलिए, ‘चलने का अधिकार’ सबसे मूल और प्राथमिक अधिकार है, जो कार या बाइक जैसे मोटर वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर है।”

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जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर जारी होंगे:SEBI के पास दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी बोले- आकाश, ईशा और अनंत जिम्मेदारी संभालेंगे

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मुंबई, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।

अंबानी बताया कि 19 जून को ही SEBI के पास जियो IPO के दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। जियो के 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।

इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा। मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वंतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहा वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।

मुकेश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…

जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आज सुबह इसके ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही सेबी के पास फाइल किया जाएगा। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ की इस पूरी प्रोसेस को हेड कर रहे हैं।

जियो ने शानदार सफलता के 10 साल पूरे कर लिए हैं और यह भारत के डिजिटल व AI रिवॉल्यूशन का सबसे मुख्य जरिया बन गया है। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल ने भी एक ट्रेलब्लेज़र के रूप में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं, जो भारत के ऑर्गेनाइज्ड रिटेल रिवॉल्यूशन का कैटलिस्ट बना है। इन दोनों ही बिजनेस में हम नंबर वन बने हुए हैं।

आकाश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…

जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने कहा है कि जियो दुनिया की लीडिंग ग्लोबल सैटेलाइट कंसर्टियम कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। जियो भारत के लिए एक खुद का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कंपनी इसके लिए जरूरी ग्राउंड स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।

रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में खुद का AI बैकबोन तैयार कर रहा है, जिसका 120 मेगावाट का पहला फेज 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को ताकत देने के लिए एनवीडिया GB300 जीपीयू का इस्तेमाल शुरू कर रही है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके। हम जो बना रहे हैं वो भारत के लिए एआई है, भारत द्वारा बनाया गया एआई है और एक दिन यह पूरी दुनिया के काम आएगा। हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक एआई को हर किसी के बजट में लाना है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।

रिलायंस ने ‘जियो टेलीफ्रेम’ पेश किया है, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे AI एजेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। वहीं जियो होम्स अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देगा, जिसमें हर घर को 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड तक की स्पीड मिलेगी।

जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को पार कर गया है, जिसने भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। वहीं 1.3 करोड़ से ज्यादा घर जियो एयरफाइबर से जुड़ चुके हैं। चीन के बाहर किसी भी एक देश में काम करने वाले टेलीकॉम ऑपरेटर का सबसे बड़ा 5G यूजर बेस बन गया है।

AI वॉइस असिस्टेंट लॉन्च करेगा जियो

जियो ‘जियो कॉल एजेंट’ लेकर आ रहा है। यह एक AI वॉइस असिस्टेंट है जो सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा, इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सर्विस हर जियो यूजर के लिए उपलब्ध होगी और यह सभी भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी।

यूजर्स सिर्फ “हे जियो” बोलकर इस एआई असिस्टेंट को चालू कर सकेंगे, जिसके बाद यह कॉल में शामिल होकर यूजर की मदद कर सकेगा। यह एआई एजेंट लाइव कॉल के दौरान बातचीत को लिख सकता है और कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 अलग-अलग लोगों की आवाज पहचान सकता है।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह कॉल समरी, वर्क लिस्ट और रिमाइंडर भी तैयार कर सकता है, जिसे कॉल खत्म होने के बाद शेयर किया जा सकेगा। यह एआई असिस्टेंट लाइव कॉल के दौरान ही कई काम कर सकता है, जैसे खाना ऑर्डर करना, कैब बुक करना, टेबल रिजर्व करना और मीटिंग शेड्यूल करना।

आकाश अंबानी का कहना है कि जियो कॉल एजेंट को वॉइस कॉल के अंदर मिलने वाले एक पर्सनल एआई कॉन्शिएर्ज (मददगार) के रूप में तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इसे इस साल के आखिर तक जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।

रिटेल बिजनेस पर रिलायंस की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी…

ईशा अंबानी ने कहा कि हमारे रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या 11% सालाना बढ़त के साथ 38.7 करोड़ पहुंच गई है। हमने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन पूरे किए, जो पिछले साल के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

ईशा अंबानी के मुताबिक, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट इंडस्ट्री के मुकाबले 5 गुना रफ्तार से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल रहा। सालाना 11.8% की बढ़त के साथ रेवेन्यू 3,70,026 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

ईशा अंबानी ने बताया कि जियोमार्ट 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन गया है, जो 5,100 से ज्यादा पिन कोड वाले 1,200 से अधिक शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। वहीं जियोपॉलिटिकल दिक्कतों की वजह से कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी बुरा असर पड़ा है।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।

अनंत अंबानी बोले- पश्चिम एशिया संकट का उत्पादन क्षमता पर असर नहीं

रिलायंस के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने में मदद मिली। इस संकट के कारण जब एलएनजी की सप्लाई में दिक्कत आई, तब रिलायंस ने घरेलू गैस को जरूरी सेक्टरों की तरफ डाइवर्ट किया। अनंत अंबानी के मुताबिक, एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) के क्षेत्र में नए मौकों की तलाश भी लगातार जारी है।

अनंत अंबानी ने कहा कि कच्चे तेल और प्रोडक्ट मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अलग-अलग जगहों से सोर्सिंग करने की वजह से रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता लगभग पूरी बनी रही। पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी थ्रूपुट को बनाए रखने में मदद मिली।

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