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छत्तीसगढ़

इंद्रावती नाव हादसा…500 मीटर दूर मिली मां-बेटे की लाश:मां संग टावेल से बंधा मिला बच्चा, पिता-बच्ची की तलाश, बाजार से लौटते वक्त हादसा

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बीजापुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इंद्रावती नदी में नाव पलटने से एक ही परिवार के 4 लोग तेज बहाव में बह गए। 18 घंटे बाद मां-बेटे की लाश रेस्क्यू टीम ने खोज निकाला है। मां के साथ दुधमुंहा बच्चा टावेल से बंधा मिला। पिता और एक बच्ची की तलाश जारी है। नाव में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें से एक महिला को स्थानीय लोगों ने बचा लिया था।

घटना 21 जनवरी की शाम करीब 5 बजे भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के उसपरी झिल्ली घाट पर हुई। सभी पीड़ित इंद्रावती नदी पार स्थित बोड़गा गांव के रहने वाले थे। वे बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।

मां-बेटे का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर मिला है।

मां-बेटे का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर मिला है।

उसपरी झिल्ली घाट में अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं हुआ है।

उसपरी झिल्ली घाट में अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं हुआ है।

देर से शुरू हुई सर्चिंग

इंद्रावती नदी जिले से 80 किलोमीटर दूर है। आज सुबह नगर सेना की टीम मोटरबोट से जा रही थी रास्ते में गाड़ी खराब होने की वजह से घाट पर मोटरबोट देर से पहुंची। जिसके कारण सर्चिंग देर से शुरू हुई।

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी भी उसपरी घाट पहुंचे। घटना वाली रात विधायक ने बोडगा गांव के लोगों से फोन पर बातचीत कर जानकारी ली। अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

बाजार से लौट रहे थे, तभी हुआ हादसा

बीएमओ भैरमगढ़ रमेश तिग्गा ने बताया की पति-पत्नी और उसके दो बच्चे सहित कुल 4 लोग लापता थे, जिनमें से एक महिला और उसके दुधमुंहे बेटे का शव निकाल लिया गया। एक महिला जो बच गई है वो अपने गांव बोड़गा लौट गई।

नदी से गांव वालों ने उन्हें बचा लिया था। उसपरी घाट से बोड़गा गांव से करीब 7 किलोमीटर दूर है। उसपरी बाजार आकर वापस गांव लौटने के दौरान हादसा हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है।

डोंगी पलटने के बाद प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम घाट पर पहुंची थी।

डोंगी पलटने के बाद प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम घाट पर पहुंची थी।

उसपरी झिल्ली घाट जहां हादसा हुआ।

उसपरी झिल्ली घाट जहां हादसा हुआ।

रात होने से नहीं टला था अभियान

तहसीलदार सूर्यकांत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। नगर सेना (होमगार्ड) को भी सूचित कर बुलाया गया। शाम होने के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका था। नगर सेना की टीम आज सुबह मोटर बोट की सहायता से लापता लोगों की तलाश कर रही है।

सुबह जब टीम पहुंची उसके बाद सर्चिंग शुरू की गई थी।

सुबह जब टीम पहुंची उसके बाद सर्चिंग शुरू की गई थी।

हर साल होते है कई हादसे

इंद्रावती नदी के पार स्थित दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए पीडीएस राशन लाने या बाजार आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है। इस नदी के घाटों पर नाव पलटने से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है।

यह वही उसपरी घाट है, जिसे पार कर सेंट्रल कमेटी सदस्य रूपेश अपने 140 साथियों के साथ हथियार लेकर नाव से आत्मसमर्पण करने आया था।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: किशोरी बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा के सेक्टर पहरिया के ग्राम पंचायत सत्तीगुडी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आत्मरक्षा प्रशिक्षण विषय पर किशोरी बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरी बालिकाओं में आत्मविश्वास का विकास करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, निडर एवं सशक्त बनाना तथा संकट की परिस्थितियों में त्वरित एवं उचित निर्णय लेने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व, व्यक्तिगत सुरक्षा, सतर्कता एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।

      कार्यक्रम में बालिकाओं को खतरे की स्थिति की पहचान, सुरक्षित स्थान तक पहुंचने तथा आवश्यकता पड़ने पर महिला हेल्पलाइन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही विद्यालय, घर एवं सार्वजनिक स्थानों पर सदैव सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने की सलाह दी। आत्मरक्षा प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसंयम, मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता के विकास का प्रभावी साधन है। छात्राओं से नियमित अध्ययन के साथ खेल, योग एवं आत्मरक्षा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, किशोरी बालिकाएं उपस्थित थे।

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जांजगीर-चांपा : महतारी वंदन योजना से बदली शकुंतला महंत की जिंदगी, मनिहारी स्टोर से बनीं आत्मनिर्भर

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जांजगीर-चांपा। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का सही उपयोग कर कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी एकीकृत बाल विकास परियोजना बम्हनीडीह के सेक्टर चाम्पा ग्रामीण अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र गुरूनानक-02 की निवासी श्रीमती शकुंतला महंत की है, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का निवेश अपने मनिहारी  स्टोर में कर आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।

      श्रीमती शकुंतला महंत पहले अपने परिवार की आय बढ़ाने के लिए एक छोटा मनिहारी  स्टोर चलाती थीं। इससे उनकी आमदनी भी सीमित थी और परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बना रहता था। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1,000 रुपये की सहायता राशि को उन्होंने खर्च करने के बजाय अपने व्यवसाय में निवेश करने का निर्णय लिया। हर माह मिलने वाली राशि से उन्होंने धीरे-धीरे दुकान में नए सामान जोड़ना शुरू किया। इस राशि का सदुपयोग करने से उनका कारोबार बढ़ा और ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हुई। आज उनका मनिहारी  स्टोर परिवार की आय का मजबूत आधार बन चुका है। बढ़ी हुई आय से वे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर रही हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
      श्रीमती शकुंतला महंत बताती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है। उनका मानना है कि यदि इस राशि का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो छोटे-छोटे प्रयास भी बदलाव ला सकते हैं। श्रीमती शकुंतला महंत ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद दी है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ’राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं, तिरंगे के सम्मान की रक्षा का लिया संकल्प’

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत है।

मंत्री श्री चौधरी ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइये, राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर हम सभी राष्ट्रध्वज के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।

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