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कोरबा

जिले में सहकारिता से समृद्धि की ओर बढ़ते कदमः 41 लैम्प्स समितियों के माध्यम से किसानों को मिल रही हैं आधुनिक सुविधाएं

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कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिले में सहकारिता विभाग द्वारा किसानों के उत्थान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में कोरबा जिले के अंतर्गत कुल 41 लैम्प्स समितियां संचालित हैं, जो खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिले में धान विक्रय हेतु 52,556 किसान पंजीकृत हैं एवं कुल पंजीकृत धान का  रकबा 68656.57 हेक्टेयर है। इनमें सीमांत कृषक 24473, लघु कृषक 25653 एवं दीर्घ कृषक 2430 है। जिनके सुगम कार्य निष्पादन हेतु सभी 41 लैम्प्स में माइक्रो एटीएम स्थापित किए गए हैं, जिससे किसान अपनी आवश्यकतानुसार नगद राशि का आहरण कर पा रहे हैं।  जिले के 41 लैम्प्स द्वारा राष्ट्रीय सहकारी समितियां भारतीय बीज सहकारी समिति, भारतीय सहकारी आर्गेनिक लिमिटेड, राष्ट्रीय  सहकारी निर्यात समिति, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ की सदस्यता ग्रहण कर ली। साथ ही राष्ट्रीय सहकारी कृषि संघ नाफेड की सदस्यता ग्रहण की प्रकियाधीन है। इन 41 लैम्प्स में खाद वितरण, बीज वितरण, ऋण वितरण, पीडीएस दुकान का संचालन, उज्जवला एलपीजी गैस वितरण का कार्य संचालित है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार हेतु जिले के सभी लैम्प्स को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, लाइसेंस और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए शहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। केंद्र शासन की पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत जिले के 30 लैम्प्स को ई-पैक्स घोषित किया जा चुका है और शेष 11 समितियों को डिजिटल करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
सहकारिता के क्षेत्र में कोरबा जिले को एक नई पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नवीन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। पैक्स समितियों के पुनर्गठन योजना 2025 के अंतर्गत जिले में 19 नवीन लैम्प्स का गठन किया गया है। नवगठित लैम्प्स को कार्यशील बनाए जाने हेतु समयबद्ध योजना शासन द्वारा तैयार की गई है।  
इसके अतिरिक्त, ’सहकार से समृद्धि योजना’ के तहत जिले की सभी 412 ग्राम पंचायतों को सहकारी समितियों से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 150 ग्राम पंचायतें विभिन्न समितियों से जुड़ी हैं, जबकि शेष 162 पंचायतों में मत्स्य, दुग्ध, वनोपज सम्बंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर नई समितियों के पंजीयन की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए लैम्प्स कोरबा में एचपीसीएल और लैम्प्स पोड़ी में आईओसीएल के माध्यम से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत एलपीजी गैस वितरण का कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसी कड़ी में, विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत लैम्प्स तिलकेजा का चयन प्रस्तावित है, जहां लगभग 1.44 करोड़ रुपये की लागत से 2500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम निर्मित किया जाएगा। जिले की इन उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा के लिए हाल ही में विभागीय बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें 19 नवगठित पैक्स के कंप्यूटराइजेशन का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इन प्रयासों से जिले में सहकारिता  को नई मजबूती मिल रही है।

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कोरबा

22-23 जुलाई को बिलासपुर-रायपुर-कोरबा रूट की 8 ट्रेनें कैंसिल:भाटापारा-हथबंध के बीच तीसरी लाइन का काम, छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) काम किया जाएगा। इसके चलते 22 और 23 जुलाई को बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड रूट की 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। जिससे यात्रियों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी।

रेलवे प्रशासन का दावा है कि बिलासपुर रेलवे जोन में इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। इस काम को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि, इससे यात्रियों को सुविधाएं मिल सके। इस कड़ी में तीसरी लाइन का कार्य भी चल रहा है।

इसके तहत रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के मध्य तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का काम किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

रद्द होने वाली गाड़ियां

  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68746 रायपुर- गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 23 जुलाई को गाड़ी संख्या 68745 कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर तक ही चलेगी

22 जुलाई को 68862/68861 झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और यहीं से प्रारंभ होगी। इस दौरान बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के बीच इसका संचालन रद्द रहेगा।

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कोरबा

जुड़वा नवजातों की मौत पर अस्पताल के बाहर हंगामा:कोरबा में इलाज में लापरवाही का आरोप, परिजनों ने 14 बिंदुओं पर जांच की मांग की

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कोरबा। कोरबा शहर के आयुष्मान हॉस्पिटल में जन्म के बाद भर्ती जुड़वा नवजातों की पीलिया से मौत के बाद परिजनों ने सोमवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद दोनों नवजात पीलिया से पीड़ित हो गए थे। शनिवार रात एक नवजात की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था। रविवार शाम दूसरे नवजात ने भी दम तोड़ दिया।

अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने किया प्रदर्शन

दोनों बच्चों की मौत से नाराज परिजन सोमवार को आयुष्मान हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की।

14 बिंदुओं पर जांच की मांग

पीड़ित पक्ष के संदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता की भी जांच होनी चाहिए। परिजनों ने पूरे मामले की 14 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

शाम को नायब तहसीलदार दीपक पटेल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल प्रबंधन पर समय पर सही जानकारी नहीं देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

जांच टीम गठित होगी

नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि परिजनों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उनके निर्देश पर जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

कोरबा में 9 लाख की लकड़ी बरामद:इमारती लकड़ी चोरी-परिवहन मामले में आरोपी गिरफ्तार, क्रेन भी जब्त, राजस्व भूमि से काटे गए थे 7 पेड़

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने इमारती लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी और उसे ले जाने में इस्तेमाल की गई एक क्रेन जब्त की है। जब्त लकड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने शिकायत में बताया था कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व भूमि से बिना अनुमति के 7 पेड़ काटकर उनकी लकड़ी अवैध रूप से ले जाई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एएसपी लखन पटले और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।

कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक पहुंची थी लकड़ी

तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अवैध लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक ले जाया गया था। इसके बाद प्रदेश स्तर की संयुक्त जांच टीम ने कार्रवाई कर 20.169 घन मीटर लकड़ी और परिवहन में इस्तेमाल की गई क्रेन जब्त कर ली।

एक आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

पुलिस ने इस मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध क्रमांक 673/2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2), 316(5) और 317(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

अन्य आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। लकड़ी के असली स्रोत, परिवहन में शामिल अन्य लोगों और किसी संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अवैध कटाई की जानकारी तुरंत दें

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं शासकीय या वन भूमि से अवैध कटाई, लकड़ी का परिवहन या भंडारण होता दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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