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कोरबा

एचआईव्ही/एड्स जन जागरूकता अभियान पर बैठक सम्पन्न

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी डॉ.रविकान्त सिह राठौर के नेतृत्व में  एचआईव्ही/एड्स जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम अंतर्गत इंटेसीफाईड आईईसी कैम्पेन के तहत जिले में सघन प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा हे इस अभियान के अंतर्गत एचआईव्ही/एड्स एवं एक्ट 2017 विषय इस अभियान के अंतर्गत इंटेंसीफाईड आईसी कैम्पेन के तहत जिले में सघन प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत एचआईव्ही/एड्स एवं एक्ट 2017 विषय पर हेल्थ केयर प्रोवाईडर एवं अन्य हॉस्पीटल स्टाफ के लिए बैठक का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित किया गया।  इस बैठक् का उद्देश्य सभी केयर प्रोवाईडर्स को एचआईव्ही/एड्स के बारे  में जागरूक करने के साथ-साथ टोल फ्री न. 1097 की जानकारी प्रदान करना है। इस नम्बर पर कोई भी कभी भी एचआईव्ही/एड्स से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। साथ ही एचआईव्ही/एड्स के साथ जी रहे लोगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एचआईव्ही एवं एड्स (प्रिवेंशन एवं कंट्रोल एक्ट) 2017 की जानकारी पदान की गई ताकि हेल्थ केयर प्रोवाईडर एचआईव्ही संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते समय उनके अधिकारों एवं गोपनीयता का ध्यान रखें और जाने अनजाने में किसी भी प्रकार का उनके साथ भेदभाव ना हो। इस बैठक का आयोजन जिला एड्स नियंत्रण समिति कोरबा के द्वारा किया गया।  इस अवसर पर जिले के हेल्थ केयर प्रोवाईडर जिला एड्स नियंत्रण समिती के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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कोरबा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कोरबा में भव्य स्वागत, 33 प्रतिशत आरक्षण से मिला सशक्त मंच

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महिलाओं ने हस्ताक्षर कर दिखाई एकजुटता, मानव श्रृंखला से दिया सशक्त संदेश

सरकार के फैसले का किया अभिनंदन, जताया प्रधानमंत्री का आभार

कोरबा। नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कोरबा शहर के टी.पी नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने के प्रावधान का उत्साहपूर्वक स्वागत किया तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने उद्बोधन में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि महिलाओं के लिए यह दिन अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक है, जिससे देश की महिलाएं सशक्त होकर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगी। 33 प्रतिशत आरक्षण का यह प्रावधान महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और जागरूकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी महिलाओं के सम्मान एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार के आर्थिक सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महिला हितग्राहियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से प्राप्त लाभों के अपने अनुभव साझा किए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, स्व सहायता समूह, स्वच्छता दीदी जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं। महिलाओं ने बताया कि इन योजनाओं से उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला है, बल्कि वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवनयापन कर रही हैं।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों द्वारा महिलाओं के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने हस्ताक्षर कर अपनी सहभागिता और उत्साह व्यक्त किया तथा मानव श्रृंखला बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिला अधिवक्ताएं, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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कोरबा

अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन आमंत्रित

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कोरबा। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 हेतु भर्ती प्रक्रिया चालू है जिसके लिये आवेदन ऑनलाईन पंजीयन हेतु अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित किया गया था।
जिला रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिला से कुल 563 आवेदकों द्वारा पंजीयन कराया गया। जो अभ्यार्थी थल सेना अग्निवीर भर्ती हेतु आवेदन कर चुके हैं। लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा जून 2026 तक पंजीकुत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाईन परीक्षा (सीईई) आयोजित किया जाना संभावित है। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन अभ्यर्थियों को छ.ग. रोजगार विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। जो आवेदक लिखित परीक्षा हेतु ऑनलाईन कोचिंग प्राप्त करना चाहते हैं, वे रोजगार विभाग के पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in पर अग्निवीर भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण के ऑनलाईन आवेदन पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी भर कर आवेदन छ.ग. रोजगार विभाग को प्रेषित कर सकतें है। परीक्षा के पूर्व इन आवेदकों को परीक्षा की तैयारी करवाने के उद्वेश्य से आवेदकों से जानकारी मांगी गई है ताकि पर्याप्त संख्या में आवेदन उपलब्ध हो सके एवं परीक्षा हेतु तैयारी कराई जा सके।
इस संबंध में जिन आवेदकों द्वारा अग्निवीर भर्ती 2026-27 हेतु ऑनलाईन पंजीयन नहीं कराया गया है वे लिखित परीक्षा के लिए ईरोजगार पोर्टल पर पंजीयन करवा ले अथवा जिला रोजगार कार्यालय कोरबा से संपर्क करें ताकि आगामी 04 मई 2026 से प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा सके।

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कोरबा

बाल विवाह की रोकथाम में सहयोग हेतु अपील

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कोरबा। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व आ रहा है। इस पर्व पर बडे पैमाने पर कतिपय क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाऐं देखने में आती है। इन घटनाओं की समय पर रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप रोक लगाया जाता है। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा के साथ ही साथ कानूनन अपराध है। 18 वर्ष के पूर्व लड़की तथा 21 वर्ष के पूर्व लड़के का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुतायत से जनजाति व विशेष पिछडी जनजाति पण्डों, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा आदि निवास करते है। इन जनजातियों में शिक्षा का स्तर बहुत कम है। शिक्षा के अभाव में बाल विवाह के दुष्परिणाम यथा कुपोषण, कम वजन के शिशु पैदा होने, महिलाओं में एनिमिया आदि की शिकार होने की संभावना होती है। बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण हेतु प्रत्येक ग्रामों में ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति गठित है, जिसके सरपंच अध्यक्ष तथा ग्राम सचिव (सदस्य सचिव), आंगनबाडी कार्यकर्ता, मितानिन व अन्य गणमान्य नागरिक, जन प्रतिनिधि आदि सदस्य है। उक्त समिति के सदस्यों व गणमान्य नागरिकों द्वारा रामनवमी तथा अक्षय तृतीया या अन्य अवसरों पर होने वाले बाल विवाह को प्रभावी तरीके से समय पर रोकथाम व बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सकता है। साथ ही जिले में बाल विवाह कराये जाने की सूचना प्राप्त हो तो उसकी सूचना अविलंब बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी, पर्यवेक्षक महिला बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका, 112 आपातकालीन नम्बर अथवा चाइल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 पर सूचना दी जा सकती है।  
महिला एवं बाल विकास विभाग सभी गणमान्य नागरिकों, समाज प्रमुखों, धार्मिक व वैवाहिक अनुष्ठान को संपन्न कराने वाले धार्मिक सेवा प्रदाता टेंट हाउस, डीजे बैंडबाजा, प्रिंटिंग प्रेस संचालकों तथा जन प्रतिनिधियों से अपील करता है कि बिना आयु प्रमाण पत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में सेवाएं प्रदान न करें। बाल विवाह पर प्रभावी रोक के लिए सभी अपना सहयोग प्रदान करें, जिससे जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सके और जिलें में बच्चां के देखरख एवं संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।

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