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छत्तीसगढ़

रायपुर : विष्णुदेव सरकार का श्रमिकों को तोहफा – श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और बीओसी अध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने बटन दबाकर 9328 श्रमिकों के खाते में 18.23 करोड़ की राशि की अंतरित

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बीते दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिकों के खाते में हुई जमा

बीते दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिकों के खाते में हुई जमा

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के 9328 निर्माण श्रमिकों के खाते में 18.23 करोड़ की राशि अंतरित कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया। आज मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर, स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बोर्ड की बैठक श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह की विशेष उपस्थिति में हुई।

इस अवसर पर श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोनों के मंशा अनुरूप प्रदेश के श्रमिक भाई बहनों के साथ साथ उनके परिवार जनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा उपकरण, खेल प्रोत्साहन, सशक्तिकरण, आवास, पेंशन समेत सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वन कर समय सीमा में योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साय सरकार श्रमिक हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर विगत दो वर्षों में अब तक श्रम विभाग के अधीन सभी मंडलों से 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिक भाई बहनों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। सिर्फ छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल से ही अब तक 11 लाख से अधिक श्रमिकों को 500 करोड़ से अधिक की राशि से लाभान्वित किया गया। 

इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा की छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

योजना वार लाभान्वित श्रमिकों एवं की गई डीबीटी की जानकारी 

मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक 3555 राशि 71100000,  मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना श्रमिक 1098 राशि 4067595, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक 278 राशि 6248582, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता येाजना श्रमिक 6 राशि 120000, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना श्रमिक 747 राशि 1120500, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रात्साहन योजना श्रमिक 1 राशि 50000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना श्रमिक 318 राशि 32200000, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक 2673 राशि 53460000, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना श्रमिक 537 राशि 10740000, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना श्रमिक 23 राशि 2300000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना श्रमिक 84 राशि 126000, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना श्रमिक 8 राशि 800000 शामिल है। 

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सरगुजा में PHE ठेकेदार ने दी आत्मदाह की धमकी:बोला-काम पूरा किया, फिर भी अधिकारी पैसे देने मांग रहे कमीशन,कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

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सरगुजा,एजेंसी। सरगुजा में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं होने की वजह से आत्मदाह करने की धमकी दी है। ठेकेदार ने अधिकारियों पर कमीशन मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस मामले में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, पीएचई ठेकेदार रजनी कांत अग्रवाल ने शुक्रवार को कलेक्टर सरगुजा के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया कि, उसने पीएचई के अंबिकापुर सब डिविजन में जल जीवन मिशन का काम किया। निर्माण कार्य एक साल पहले ही पूरा कर लिया गया है। इसके बाद भी विभाग की तरफ से भुगतान नहीं किया जा रहा है।

ठेकेदार ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

ठेकेदार ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

अधिकारी मांग रहे कमीशन

ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि, उसने 65 लाख का काम किया है। इसके एवज में अब तक सिर्फ 22 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। पीएचई के सब इंजीनियर धर्मेंद्र सिंह कमीशन मांग रहे। कमीशन नहीं देने पर बिल नहीं बनाने की बात कह रहे। ठेकेदार ने 30 मार्च को दोपहर 1 बजे पीएचई कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

पानी सप्लाई फिर भी रोका भुगतान

ठेकेदार रजनीकांत अग्रवाल का कहना है कि, लखनपुर विकासखंड के जुड़वानी में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी निर्माण करने के साथ ही पाइप लाइन का विस्तार किया गया। नल कनेक्शन भी दिए गए। 6 महीने से उस टंकी से पानी सप्लाई भी हो रही है, लेकिन अधिकारियों ने बिल रोककर रखा है। अधिकारी कमीशन मांग रहे हैं और प्रताड़ित कर रहे हैं।

कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश

इस मामले में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि, इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे हैं। पीएचई ईई को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर जिला कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी:डॉग स्क्वॉड-बम निरोधक दस्ते ने ली तलाशी, 3 महीने में तीसरी बार आया ई-मेल

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बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर में जिला कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल के जरिए भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ते के साथ टीम ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली। लेकिन, कहीं कुछ नहीं मिला। पिछले 3 महीने के भीतर यह तीसरा बार कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

दरअसल, शुक्रवार को जिला कोर्ट की कार्रवाई चल रही थी। कोर्ट रूम में जज, वकीलों के साथ ही पक्षकार भी मौजूद थे। तभी पता चला कि ई-मेल के जरिए एक बार फिर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस का अमला अलर्ट मोड पर आ गया। आनन-फानन में कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जिसके बाद कोर्ट रूम समेत आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

बिलासपुर जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

बिलासपुर जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

धमकी की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया।

धमकी की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया।

कोर्ट रूम समेत आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

कोर्ट रूम समेत आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

3 महीने में तीसरी बार मिली धमकी

यह कोई पहली घटना नहीं है, जब कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले हाईकोर्ट और जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पिछले तीन महीने के भीतर यह तीसरा मौका है, जब इस तरह का धमकी भरा मेल मिला है।

हालांकि, हर बार जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी, बढ़ाई गई सुरक्षा

धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के अंदर और बाहर सभी कमरों, गलियारों और परिसर के कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली गई। पुलिस ने एहतियातन प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ा दी है। आने-जाने वाले लोगों और संदिग्ध वस्तुओं की सख्ती से जांच की जा रही है।

रोजाना हजारों लोगों की रहती है मौजूदगी

न्यायालय परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए यह मामला और गंभीर हो जाता है। यहां हर दिन कई न्यायाधीश, करीब एक हजार वकील और हजारों की संख्या में पक्षकार पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की धमकियां न केवल न्यायिक कार्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम लोगों और कर्मचारियों के मन में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं।

अब तक नहीं पकड़ में आए आरोपी

इस तरह लगातार धमकी भरे मेल सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और ईमेल की जांच कर रही है। लेकिन, अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। जिला न्यायालय को यह तीसरी बार धमकी मिली है। इससे पहले दो बार हाईकोर्ट को भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

इतना ही नहीं, बिलासपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के कई जिलों और कई राज्यों के न्यायालयों को भी ऐसी धमकियां लगातार मिल रही हैं। लेकिन, अब तक आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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31 मार्च तक टैक्स नहीं चुकाया तो सील होगी संपत्ति:छुट्टी के दिन भी खुलेंगे जोन ऑफिस, 17% पेनल्टी से बचने की अपील

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर नगर निगम बकाया टैक्स वसूली के लिए बड़े बकायादारों से सीधे संपर्क कर रही है। मोबाइल कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें बकाया राशि तुरंत जमा करने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही साफ चेतावनी दी जा रही है कि भुगतान नहीं करने पर कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई की जाएगी।

निगम के सभी जोन कार्यालयों के राजस्व काउंटर 28 मार्च (शनिवार), 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी खुले रहेंगे। इन दिनों आम दिनों की तरह ही टैक्स जमा किया जा सकेगा।

‘मोर रायपुर’ ऐप से भी ऑनलाइन भुगतान

इसके अलावा ‘मोर रायपुर’ ऐप और निगम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी लगातार उपलब्ध है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं और कार्रवाई से बचें, निगम का फोकस ऐसे बकायादारों पर है, जो लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, 31 मार्च 2026 तक टैक्स जमा नहीं करने पर 17 प्रतिशत अधिभार के साथ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इससे बचने के लिए सभी संपत्तिकरदाताओं से समय पर भुगतान करने की अपील की गई है।

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