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कोरबा

जरहाजेल के भू विस्तपितों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जमीन वापसी के साथ पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की

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एसईसीएल ने जमीन अधिग्रहण किया लेकिन रोजगार और बसावट नहीं दिया

एसईसीएल भूमि अधिग्रहण और अवार्ड के प्रावधानों का उलंघन कर रही है

कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र एवं जिला प्रशासन द्वारा ग्राम जरहाजेल में अन्य ग्रामो´ की पुनर्वास के लिए बुलडोजर के सहारे ग्रामीणों में दहशत बनाकर पेड़ों की कटाई की जा रही है जबकि उक्त ग्राम की जमीन अर्जन के लिए वर्ष 1983 में पारित अवार्ड में स्पष्ट रूप से 20 वर्ष पश्चात मूल खातेदारों को जमीन वापसी करने की शर्त रखी गयी है ऐसी व्यवस्था के विपरीत जबरदस्ती किसानो के साथ अन्यायपूर्ण कार्यवाही हो रही है जरहाजेल के ग्रामीणों ने पूर्व में अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस करने के साथ पेड़ो के कटाई पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

जरहाजेल के भू विस्थापित दामोदर श्याम,इंद्र प्रकाश और घासीराम कैवर्त ने कहा की उक्त भूमि को मध्यप्रदेश भू-राजस्व सहिता 1959 की धारा 247/1 के तहत भूमि का अधिग्रहण किया गया था और एस.ई.सी.एल. (तत्कालिन पश्चिमी कोयला प्रक्षेत्र ) कुसमुण्डा कालरी के प्रबंधक द्वारा तत्कालिन अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. को कोयला उत्खनन के लिए म.प्र. भू-राजस्व सहिता 1959 कि धारा 247/3/ के तहत अनुमति चाही गई थी जिसपर न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. राजस्व प्रकरण क्र.2/ अ-67/82-83 दिनांक 27/04/1983 को आदेश पारित कर पाँच बिंदुओ के शर्तों के आधार पर दखल करने का अधिकार दिया गया था । जो कि निम्नानुसार है –
माननीय न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. के द्वारा उल्लेखित शर्तों के अनुसार पारित आदेश 27/04/1983 के बाद 20 वर्षों के बाद उत्खनन् हुए क्षेत्र एवं आवास गृह, रेलवे लाईन सडक आदि निर्माण के लिए चाही गई जमीन को 60 वर्षो के बाद भू-स्वामियों को वापस करना होगा | संबंधित व्यक्ति को भूमि के वापसी तक भू-राजस्व शासन द्वारा निर्धारित आधार पर अदा करना होगा विस्थापित परिवारो को आवश्यक सुविधाए कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य शासन द्वारा समय-समय पर बनाए गये नियम व शर्तों के लिए कंपनी बंधन कारी होगा।
उन्होंने कहा कि इस आदेश पत्र में निहित शर्तो में अपने परियोजना अंतर्गत अन्य गाँवों को बसाहट दिए जाने का प्रावधान नहीं रखा गया था | उसके बावजूद इस क्षेत्र में पुनर्वास देने का प्रयास किया जा रहा है जो अनुचित है | जरहाजेल गांव में आज भी रोजगार एवं मुआवजा के कई प्रकरण लंबित है जमीन जाने के बाद विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं किसी भी विस्थापित को बसावट प्रदान नहीं किया गया है। जमीन अधिग्रहण के एवॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के नाम पर दर्जनों रोजगार को रोक कर रखा गया है जब एवॉर्ड कैसे हुआ एसईसीएल बता ही नहीं पा रहा है तो जमीन का उपयोग कैसे किसानों की जमीन का उपयोग एसईसीएल ने किया। यदि आवश्यक ही था तो आवार्ड में दिए गए प्रावधान के अनुसार राज्य सरकार के नीति का पालन कर किसानो के पुन:अर्जन की कार्यवाही किया जाना था जिसका पालन नहीं किया जा रहा है|

जरहाजेल के भू विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई को तत्काल रोकने के साथ जमीन को मूल खातेदारो / परिवार के सदस्यों को सुपुर्दगी करना सुनिश्चित करने की मांग की है और कहा है ऐसा नहीं होने पर आगे उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से दीपक साहू,फीरत,हरिशरण,राकेश,लक्ष्मण,वीरेंद्र, सुमेंद्र,बृहस्पति,दीनानाथ उपस्थित थे।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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कोरबा

रायपुर : संजू की स्वर्णिम जीत पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने थपथपाई पीठ, कहा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

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परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा
परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

रायपुर/कोरबा 29 सितम्बर 2026। एशियन गेम्स-2026 में महिला कबड्डी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने रायपुर लौटने के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान संजू देवी की उपलब्धि पर उनका अभिनंदन कर हौसला बढ़ाया। उन्होंने संजू की माता श्रीमती अमरीका बाई और पिता रामजी का भी अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के साथ छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने संजू से एशियन गेम्स के अनुभव और उनकी टीम के स्वर्ण पदक तक के अजेय सफर की जानकारी ली। श्री साव ने उनसे प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
श्री साव ने संजू का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला उनका अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इस अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगा। श्री साव से संजू देवी की मुलाकात के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो भी मौजूद थीं।

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कोरबा

जाति जनगणना और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम ओबीसी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी वर्ग के जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू (शहर) राजेश श्रीवास (ग्रामीण) तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जनगणना जाति के आधार पर की जाए और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड, वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने बताया कि ओबीसी कांग्रेस द्वारा रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि जनगणना जाति के आधार पर सुनिश्चित की जाए और वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं नीतिनिर्माण में उपयोगी जाति जनगणना हेतु ओबीसी श्रेणी मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि अगामी जनगणना में जातियों की गणना की पद्धति से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जाति जनगणना सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम तभी बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति एवं समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरुप गणना हो।
केवल किसी व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम तथा उच्चारण एवं वर्तनी के अंतर के कारण उसे अनेक अलग-अलग जातियों के रूप में दर्ज न कर दिया जाए।

समस्या: एक जाति-अनेक नाम
भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध है। एक ही जाति अथवा समुदाय को अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों और भाषाओं में अलग-अलग नामों, उपनामों, परंपरागत व्यवसाय-सुचक नामों तथा वर्तनी से जाना जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है केन्द्र एवं राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचियों तथा अन्य प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए वैज्ञानिक कास्ट मास्टर लिस्ट तैयार की जाए।
किसी भी दो नामों को केवल समानता के अधार पर स्वत: एक जाति न मानी जाए। उनका एकीकरण आधिकारिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक एवं मानव शास्त्रीय प्रमाणों एवं विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही किया जाए।
जाति जनगणना की अंतिम पद्धति तय करने से पहले एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में कई विषयों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया गया है।

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कुसमुंडा

जरहाजेल के भू विस्तपितों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जमीन वापसी के साथ पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की

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एसईसीएल ने जमीन अधिग्रहण किया लेकिन रोजगार और बसावट नहीं दिया

एसईसीएल भूमि अधिग्रहण और अवार्ड के प्रावधानों का उलंघन कर रही है

कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा ग्राम जरहाजेल तहसील दर्री में अन्य ग्रामो´ की पुनर्वास के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति मांगी गई है, जबकि उक्त ग्राम की जमीन अर्जन के लिए वर्ष 1983 में पारित अवार्ड में स्पष्ट रूप से 20 वर्ष पश्चात मूल खातेदारों को जमीन वापसी करने की शर्त रखी गयी है। ऐसी व्यवस्था के विपरीत जबरदस्ती किसानो के साथ अन्यायपूर्ण कार्यवाही हो रही है। जरहाजेल के ग्रामीणों ने पूर्व में अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस करने के साथ पेड़ो के कटाई के लिए मांगे गई अनुमति को रद्द करने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।

जरहाजेल के भू विस्थापित दामोदर श्याम, इंद्रप्रकाश और घासीराम कैवर्त ने कहा की उक्त भूमि को मध्यप्रदेश भू-राजस्व सहिता 1959 की धारा 247/1 के तहत भूमि का अधिग्रहण किया गया था और एस.ई.सी.एल. (तत्कालिन पश्चिमी कोयला प्रक्षेत्र ) कुसमुण्डा कालरी के प्रबंधक द्वारा तत्कालिन अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. को कोयला उत्खनन के लिए म.प्र. भू-राजस्व सहिता 1959 कि धारा 247/3/ के तहत अनुमति चाही गई थी, जिसपर न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. राजस्व प्रकरण क्र.1 / अ-67/82-83 दिनांक 27/04/1983 को आदेश पारित कर पाँच बिंदुओ के शर्तों के आधार पर दखल करने का अधिकार दिया गया था । जो कि निम्नानुसार है –
न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा म.प्र. के द्वारा उल्लेखित शर्तों के अनुसार पारित आदेश 27/04/1983 के बाद 20 वर्षों के बाद उत्खनन् हुए क्षेत्र एवं आवास गृह, रेलवे लाईन सडक आदि निर्माण के लिए चाही गई जमीन को 60 वर्षो के बाद भू-स्वामियों को वापस करना होगा | संबंधित व्यक्ति को भूमि के वापसी तक भू-राजस्व शासन द्वारा निर्धारित आधार पर अदा करना होगा। विस्थापित परिवारो को आवश्यक सुविधाए कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य शासन द्वारा समय-समय पर बनाए गये नियम व शर्तों के लिए कंपनी बंधन कारी होगा।
उन्होंने कहा कि इस आदेश पत्र में निहित शर्तो में अपने परियोजना अंतर्गत अन्य गाँवों को बसाहट दिए जाने का प्रावधान नहीं रखा गया था | उसके बावजूद इस क्षेत्र में पुनर्वास देने का प्रयास किया जा रहा है, जो अनुचित है | उक्त गांव में आज भी रोजगार एवं मुआवजा के कई प्रकरण लंबित है, जमीन जाने के बाद विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं। किसी भी विस्थापित को बसावट प्रदान नहीं किया गया है। जमीन अधिग्रहण के एवॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के नाम पर दर्जनों रोजगार को रोक कर रखा गया है, जब एवॉर्ड कैसे हुआ एसईसीएल बता ही नहीं पा रहा है तो जमीन का उपयोग कैसे एसईसीएल ने किया। यदि आवश्यक ही था तो आवार्ड में दिए गए प्रावधान के अनुसार राज्य सरकार के नीति का पालन कर किसानो के पुन:अर्जन की कार्यवाही किया जाना था जिसका पालन नहीं किया गया |

जरहाजेल के भू विस्थापितों ने कहा की अधिग्रहित जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई के लिए मांगे गए अनुमति रद्द करने और जमीन को मूल खातेदारो / परिवार के सदस्यों को सुपुर्दगी करना सुनिश्चित करने की मांग की है और कहा है ऐसा नहीं होने पर आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से संतोष,बजरंग सोनी,मोहन, फीरत,पुरषोत्तम,हरिशरण,विशेश्वर,शिव नारायण,दीनानाथ,डुमन, दुलचंद,रेशम,गंगा प्रसाद,टकेश्वर,कमलेश,केदार कश्यप,लक्ष्मण,वीरेंद्र,राकेश, के साथ बड़ी संख्या में ग्राम जरहाजेल के भू विस्थापित उपस्थित थे।

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कुसमुंडा

देशभक्ति का अनूठा संगम : सरस्वती शिशु मंदिर में गूंजा  ‘वन्दे मातरम् ‘

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कोरबा/कुसमुण्डा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुसमुण्डा में गत 25 सितंबर को ठीक 11 बजे राष्ट्र प्रेम से ओत-प्रोत राष्ट्रीय गीत  ‘वन्दे मातरम्’ का भव्य सामूहिक गायन किया गया, जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ इंजीनियर गंगा उदय जी के मुख्य आतिथ्य, शासकीय विद्यालय कुसमुण्डा के प्राचार्य लक्ष्मीकान्त साहू एवं बीएमएस के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष टिकेश्वर राठौर के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता अधिवक्ता रमेश कुमार राठौर ने की।

कार्यक्रम के संयोजक मनीष कुमार मिश्रा, विद्यालय के प्राचार्य चिंतामणी कौशिक, कार्यवाह हर्षवर्धन शर्मा, श्रवण कुमार यादव, रामेश्वर सोनी, जितेन्द्र नाहक, प्रधानपाठक डी. डी. साहू, श्रीमती सुनीता पाटले, सन्तोष राठौर, और सरस्वती ज्ञान मंदिर के शिक्षकगण व भैया-बहनों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त, शहीद गोपाल फिरतू विद्यालय के प्राचार्य श्री साहू , महिला मंडल की मातृशक्ति, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य देशभक्त नागरिक भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
सभी की उपस्थिति और राष्ट्रगीत की गूंज के साथ यह देशभक्तिपूर्ण आयोजन अत्यंत सफलता के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन पर सभी आगंतुकों, अभिभावकों, भैया-बहनों और आचार्य परिवार को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए सादर आभार व्यक्त किया है।

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कुसमुंडा

गेवरा प्रोजेक्ट (PNC कंपनी) में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दो गरीब ग्रामीणों से ऐंठे रू.1.05 लाख, पीड़ित भटक रहे दर-दर

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रमेश दास (नरईबोध) पर लगे नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने के गंभीर आरोप

कुसमुंडा एवं हरदीबाजार थानों में शिकायत दर्ज, एनसीआर (NCR) दर्ज कर पुलिस ने सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की दी सलाह

कोरबा/हरदीबाजार/कुसमुंडा। जिले में निजी ठेका कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीण युवाओं को ठगने का मामला सामने आया है। हरदीबाजार एवं कुसमुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ढ़ोलपुर निवासी दो गरीब ग्रामीणों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत ने पी.एन.सी. (P.N.C.) कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर कुल रू.1,05,000/- (एक लाख पांच हजार रुपये) की ठगी का आरोप लगाया है ।

पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनावेदक रमेश दास निवासी ग्राम नरईबोध थाना कुसमुंडा/हरदीबाजार के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 174 के तहत असंगेय अपराध की सूचना NCR No. 199/26 एवं 0192/2026 दर्ज की है ।

मामले का विवरण, पीड़ितों की आपबीती

नरोत्तम दास पिता भूखन दास उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. नरोत्तम दास के अनुसार अनावेदक रमेश दास ने पी.एन.सी. कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने का वादा किया था, इसके बदले उसने कुल रू.45,000/- की मांग की ।
  2. प्रार्थी ने दिनांक 02.02.2026 को ऑनलाइन (PhonePe) के माध्यम से रू.45,000/- का भुगतान किया ।
  3. 15 दिनों में नौकरी लगवाने या काम न होने पर पैसा तुरंत लौटाने का भरोसा दिया गया था ।
  4. नौकरी न लगने पर काफी दबाव बनाने के बाद आरोपी ने 23.05.2026 को रू.10,000/- वापस किए लेकिन शेष रू.35,000/- की राशि आज-कल करते हुए दबाकर बैठा है ।

प्रार्थी का कहना है कि वह एक गरीब मजदूर है और उसने ब्याज पर पैसे लेकर दिए थे जिससे वह मानसिक व आर्थिक रूप से अत्यंत परेशान है ।

प्रदीप महंत पिता सुमरन दास महंत उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. प्रदीप महंत से भी आरोपी रमेश दास ने उसी कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर रू.60,000/- नकद (Cash) ऐंठ लिए ।
  2. काम न बनने पर आरोपी द्वारा रू.20,000/- नकद तथा 28.05.2026 को रू.20,000/- PhonePe से कुल रू.40,000/- लौटाए गए, लेकिन रू.20,000/- अभी भी बकाया हैं ।

पीड़ित प्रदीप महंत ने बताया कि उसने अपने खेत गिरवी रखकर रमेश दास को पैसे दिए थे ।

कुल ठगी एवं पुलिस की कार्यवाही

दोनों पीड़ितों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत से आरोपी रमेश दास ने नौकरी के नाम पर कुल रू.1,05,000/- प्राप्त किए थे, जिसमें से आरोपी ने रू.50,000/- वापस किए और कुल रू.55,000/- की बकाया राशि हड़प ली है ।

मामले में हरदीबाजार एवं कुसमुंडा पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर धारा 174 बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत एनसीआर (NCR) क्रमांक 199/26 कुसमुंडा एवं 0192/2026 हरदीबाजार दर्ज किया है। चूंकि मामला आपसी रुपयों के लेन-देन से जुड़ा पाया गया, इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ितों को कानूनी कार्यवाही एवं बकाया राशि वापस पाने हेतु सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी गई है ।

पीड़ितों की मांग

गरीब और बेरोजगार पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन व उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपी रमेश दास पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए और उनकी मेहनत व गिरवी रखी जमीन से जुटाई गई गाढ़ी कमाई का पैसा वापस दिलाया जाए ।

पुलिस की जनहित में अपील

औद्योगिक क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाले ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:-

  1. किसी भी संस्थान या कंपनी में नौकरी के नाम पर किसी बिचौलिये को नकद राशि न दें ।
  2. किसी भी प्रकार के भुगतान या प्रक्रिया से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक HR विभाग या अधिकृत स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें ।

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कुसमुंडा

सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण बनकर सजे नन्हे-मुन्ने

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श्रीकृष्ण-राधा साज-सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरी मनमोहक छटा
दही हांडी और मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह, विद्यालय परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल
विजेता बच्चों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से किया गया सम्मानित

कोरबा/कुसमुंडा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों के लिए ‘श्री कृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने राधा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के व्यवस्थापक मनीष मिश्रा, कोषाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, पूर्व प्राचार्य श्यामलाल चंद्रा एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन और पूजन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में बच्चों, आचार्यों और उपस्थित अतिथियों का उत्साह देखते ही बना।

श्रीकृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता में शिशु वाटिका के नन्हे भैया-बहनों ने आकर्षक वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। किसी बच्चे ने श्रीकृष्ण का मनमोहक रूप धारण किया तो किसी ने राधा रानी की सुंदर वेशभूषा में सभी का मन मोह लिया। बच्चों की साज-सज्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी। ‘मैया यशोदा, यह तेरा कन्हैया’ गीत पर बच्चों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके साथ ही मिडिल विभाग के भैया-बहनों के लिए अंधा मटका फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का जोश और उत्साह देखते ही बना। वहीं हाई स्कूल के भैया-बहनों की टीम ने पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने टीम भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग और एकजुट होकर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक ने कार्यक्रम में उपस्थित भैया-बहनों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए बच्चों को सत्य, कर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, कर्तव्य और प्रेम का संदेश देता है तथा विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में श्रीमती संगीता वर्मा, सुधा चौबे, भूमोती जंघेला, हेमलता शर्मा, खगेश्वरी चंद्रा, काकोली चौधरी, संगीता दुबे, तनु मुखर्जी, सुष्मिता दीदी, हेमेंद्र साहू, बसंत यादव, अशोक दुबे, उमाशंकर जायसवाल, अनूप सावलकर, कुमार तिवारी, सुरेश सोनी, नरेंद्र पटेल, संतोष कैवर्त, कामता चंद्रा एवं सुधीर सिन्हा उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थान प्राप्त भैया-बहनों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी सुसज्जित भैया-बहनों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया गया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ आचार्य दीपचंद जंघेला ने किया। उनके संचालन में कार्यक्रम क्रमबद्ध एवं उत्साहपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विद्यालय के आचार्यगण, भैया-बहनों और समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से जन्माष्टमी समारोह यादगार बन गया।

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