Connect with us

कुसमुंडा

भाजपा पार्षद दिलीप दास का तस्वीर वायरल, पुष्टि के बाद पुराने मामले से जुड़ सकती है कड़ी….,,देखे पूरी खबर

Published

on

संवाददाता साबीर अंसारी

कुसमुंडा :– बांकीमोंगरा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 23 आदर्शनगर के भाजपा पार्षद दिलीप दास का एक महिला मित्र के साथ तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल होते ही एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए है।

तस्वीर वाली महिला मित्र जो उनकी धर्मपत्नी नहीं हैं, पर किसी अन्य महिला मित्र के साथ वाले इस तस्वीर को देख कर स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये पल उनका यादगार पलो में से एक पल है। तस्वीर वायरल होने के बाद पश्चिमांचल कोयलांचल और आम जनों में इस बात को लेकर खलबली मची है और दिलीप दास के इस तस्वीर के चर्चे हर जुबा पर सुर्खियों की तरह छाया हुआ है।

खास बात तो यह है कि पार्षद दिलीप दास के साथ जो महिला नजर आ रही है, यह वही महिला है जिसके खिलाफ उस महिला के ससुराल पक्ष परिजन द्वारा थाना में शिकायत की गई थी कि उसने दिलीप दास के बहकावे में आकर अपने घर केपैसे और जेवरात उसके हवाले कर दिया है। जिसके बाद दिलीप दास ने इस आरोप को निराधार बताते हुए छवि धूमिल करने की बात बताई थी।

वहीं उस शिकायत के बाद महिला सामने आकर उसने दिलीप दास को पूरी तरह से बेकसूर बताया था और उसको झूठे केस में उलझाने, फसाने और छवि खराब करने की बात कही थी, उससे किसी भी तरह के संबंधों से भी साफ साफ इंकार किया था। पर अब वायरल हुए इस तस्वीर से उनकी कहानी पूरी गलत नजर आ रही है और इनकी यह तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

इस तस्वीर वाली खबर समाचार को देखने के बाद उस महिला के पति द्वारा एक ऑडियो भी जारी किया गया है जिसमें उसके पति विनय अग्रवाल ने अपने नाम पता के बताते हुए कह रहे है कि इसमें जो लड़की है वो मेरी बीवी है, और अभी तो ये मेरे साथ नहीं रह रही है, मैं कुसमुंडा थाना या एस पी ऑफिस जाता हु तो मेरा कोई सुनवाई नहीं होता है, मेरे पत्नी और पार्षद दिलीप दास ने मुझे धमकी देकर मेरे घर का सारा सोना चांदी को मेरी पत्नी ले गई है, जिसका शिकायत भी दर्ज कर चुका हूं। पर उसने मेरे और मेरे माताजी पर ही बिलासपुर में झूठा आरोप लगाकर F.I.R दर्ज करा दी है। विनय ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी का समर्थक हूं इसलिए मुझे कही से किसी तरह का समर्थन नहीं भी नहीं मिल रहा है।

👇👇ऑडियो

इनकी तस्वीर को देखने के बाद क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपाई भी अंदर हीं अंदर ये कहते नजर आ रहे है कि यह दिलीप दास का निजी मामला हो सकता है पर सार्वजनिक जीवन में यह सब उजागर होना पार्टी की छवि को धूमिल करने जैसा है इसलिए संगठन को इस पर जांच करते हुए कार्रवाई तो जरूर करनी चाहिए।

पार्षद दिलीप दास ने इस वायरल तस्वीर को लेकर कहा कि सोशल मीडिया पर किसी ने मेरी फेक आईडी बनाकर इस तस्वीर को वायरल किया है, इस संबंध मे मेरे द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की जा रही है। फेक आईडी बनाने वाले की जांच कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। दिलीप दास ने एक बार फिर से कहा कि यह सब एक साजिश है जो मेरी छवि को धूमिल करने के लिए किया जा रहा है।

अब देखना ये है कि क्या इनकी पार्टी का संगठन इस विषय को कितनी गंभीरता से लेती है और इनपर क्या कार्रवाई करती है। इस वायरल तस्वीर के स्पष्टीकरण के बाद इससे पहले वाले मामले में हुए शिकायतों पर सोच विचार किया जाता है या इसके आधार पर उसमें क्या फेरबदल होगी। या फिर फेक आईडी बनाने वाली बात सही होती है, या कहानी कौन सी मोड लेगी वो तो अब शिकायत के जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कुसमुंडा

12 वर्षों का अन्याय और प्रशासन की वादाखिलाफी, गेवरा बस्ती के ग्रामीण 21 मई से करेंगे अनिश्चितकालीन खदान बंदी

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेवरा बस्ती के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 12 वर्षों से अपनी जमीन रोजगार और उचित बसाहट के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रशासन और प्रबंधन को सौंपे गए अल्टीमेटम के अनुसार यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 21 मई 2026 से कुसमुंडा खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा ।

आश्वासनों का जाल और 12 साल का वनवास

ग्रामीणों का आरोप है कि 13 मई 2014 से उनकी जमीनों पर स्टे लगाया गया और 18 जुलाई 2018 को अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आज तक न तो मुआवजा मिला, न ही नौकरी और बसाहट। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा- हम अपने ही घरों में कैदी बन गए हैं। जमीन पर स्टे होने के कारण हम न उसे बेच पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक व्यवस्था कर पा रहे हैं ।

जल संकट और खेती की तबाही

विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि खदान के विस्तार के कारण क्षेत्र का जलस्तर गिर चुका है, खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। एसईसीएल प्रबंधन न तो पानी की व्यवस्था कर रहा है और न ही फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति दे रहा है ।

प्रमुख मांगें:-

12 वर्षों से लंबित मुआवजे का तत्काल भुगतान ।

प्रभावित युवाओं को नियमानुसार स्थायी रोजगार ।

बुनियादी सुविधाओं से युक्त बसाहट स्थल का चयन और पुनर्वास ।

खेती और पानी के नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति ।

प्रबंधन को अंतिम चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले सात महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ।

गेवरा बस्ती के ग्रामीणों ने कहा कि अब और आश्वासन नहीं समाधान चाहिए। अगर 15 दिन में हमारी समस्याएँ हल नहीं हुईं तो होने वाले उग्र आंदोलन और खदान बंदी की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

Continue Reading

कुसमुंडा

क्षेत्र के जनता के साथ अन्याय बर्दास्त नहीं…। एसईसीएल सीजीएम कार्यालय में कांग्रेसियों ने की बैठक…देखे पूरी खबर

Published

on

संवाददाता साबीर अंसारी

एसईसीएल सीजीएम कार्यालय में पार्षदों, युवा कांग्रेसियो, सांसद प्रतिनिधि, एनएसयूआई के साथ हुई बैठक संपन्न…!

कोरबा (कुसमुंडा) :– सड़क में लगातार हो रही लापरवाही को लेकर युवा कांग्रेसियों, पार्षदों, सांसद प्रतिनिधि, एनएसयूआई ने पूर्व में चक्काजाम के दौरान सड़क निर्माण, डामरीकरण, स्ट्रीट लाइट, कुचेना बायपास सड़क रिपेयरिंग, पुलिया रिपेयरिंग, भुट्टा चौक सड़क निर्माण, AQI इंडेस्क मीटर चौक पर लगाने, एव विंड गार्ड एंड फोग केनन एव सड़को पर वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम साथ ही साथ शिफ्ट हिसाब से 5-5 पुलिस मित्र के संयुक्त मांगो को लेकर सीजीएम कुसमुंडा, SDO पीडब्ल्यूडी, प्रशासन के समक्ष युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद, सांसद प्रतिनिधि के साथ बैठक की गई जिसमे इन सभी मांगो को लेकर सहमति बनी एव इस महीने के समाप्ति तक लगभग कार्य को पूर्ण करने की माँग पर सहमति बनी एव समय पर माँग पूर्ण न होने पर बेशर्म फूल का गुलदस्ता भेट करके विरोध आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई…!

पीडब्ल्यूडी, एसईसीएल को चक्काजाम में बनी सहमति पर लेटलतीफ़ी के लिए जमकर लगाई फटकार…!

इसके अलावा बैठक के दौरान कांग्रेसियों ने सीजीएम कुसमुंडा, SDO कटघोरा को क्षेत्र की जनता के साथ हो रहे अन्याय को लेकर जमकर लताड़ लगाते हुए खूब खरीखोटी सुनाई गई समस्त कांग्रेसियों ने एक स्वर में कहा कि आमजनों के हित के लिए सदेव कांग्रेसी संघर्ष करते रहे है और करते रहेगे।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से पार्षद गीता गवेल, नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह, पार्षद तेजप्रताप सिंह, संदीप डहरिया, सांसद प्रतिनिधि सुरुति कुलदीप, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा, महिला कांग्रेस महामंत्री भुनेश्वरी दास, मंडल अध्यक्ष राजू दीवान, बजरंग दास, यशवर्धन, संस्कार महंत, छोटू और अनेक कांग्रेसी गण उपस्थित रहे..!

Continue Reading

कुसमुंडा

कुसमुंडा खदान में कोयले से भरे टीपर में लगी आग:चालक ने कूदकर बचाई जान, गोदावरी फेस में परिवहन बाधित

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। खदान के गोदावरी फेस में कोयला परिवहन में लगे सोनू-मोनू कंपनी की टीपर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद खदान में कुछ समय के लिए परिवहन बाधित रहा।

जानकारी के अनुसार सोनू-मोनू कंपनी का कोयले से भरा टीपर लोडिंग के बाद गोदावरी फेस से निकल रहा था, तभी अचानक इंजन से धुआं उठने लगा। चालक के कुछ समझ पाने से पहले ही वाहन में भीषण आग लग गई। आग की लपटें देखकर चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई और वह सुरक्षित बच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टीपर में आग बुझाने के लिए कोई फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं थे, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्पष्ट हुई। आग लगने के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलने पर दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक टीपर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।

रास्ता अस्थायी रूप से बंद

आगजनी की इस घटना के कारण गोदावरी फेस की ओर जाने वाला रास्ता कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। इससे खदान में कोयला परिवहन प्रभावित हुआ। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर काम फिर से शुरू किया गया।

सुरक्षा पर लापरवाही जारी

कुसमुंडा खदान में कोयला वाहनों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद ठेका कंपनियों द्वारा सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

सोनू-मोनू कंपनी, जो खदान में कोयला परिवहन का काम करती है, उसके वाहनों में फायर सिलेंडर तक नहीं लगाए गए थे। श्रमिक संगठनों ने इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677