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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में ‘प्रगतिशील छत्तीसगढ़ 2026’ प्रदर्शनी शुरू:केंद्र और राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और नवाचारों का प्रदर्शन

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े ने पुलिस परेड ग्राउंड, खोखरा में तीन दिवसीय ‘प्रगतिशील छत्तीसगढ़ 2026 – उन्नति की ओर एक पहल’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह राज्यस्तरीय मेगा प्रदर्शनी 19 से 21 फरवरी तक आयोजित की जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी आमजन को दी जा रही है।

सांसद कमलेश जांगड़े ने अलग-अलग स्टॉलों का भ्रमण किया और विभागों की ओर से प्रदर्शित नवाचारों और योजनाओं की जानकारी ली। सांसद ने जांजगीर को ‘कोसा-कांसा-कंचन की नगरी’ के रूप में उसकी विशिष्ट पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जिले के किसान नवाचारों के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।

प्रदर्शनी का उद्देश्य और नागरिकों से अपील

सांसद ने कहा कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं और आधुनिक तकनीकों को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि नागरिक सीधे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने आमजन से प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर योजनाओं की जानकारी लेने और उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।

प्रमुख स्टॉल और आकर्षण

प्रदर्शनी में कृषि और बागवानी, पशुपालन, हस्तशिल्प, वाणिज्य और व्यापार, अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा अनुसंधान, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, आवास एवं शहरी विकास, वित्त, बैंकिंग, बीमा और स्वास्थ्य से जुड़े स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

इसके अलावा आधार सेवा केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जहां नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई एवं अन्नप्राशन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।

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छत्तीसगढ़

गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन रही है भाजपा-AAP:आरटीई की सीटों में कटौती के खिलाफ AAP ने खोला मोर्चा

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रायपुर,एजेंसी। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस मौलिक अधिकार की खुली अनदेखी कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की बदहाली, शिक्षा बजट में कटौती, RTE सीटों में कमी और शिक्षकों की भर्ती नहीं किए जाने के मुद्दे पर AAP ने सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रदेश में शिक्षा को 86वें संविधान संशोधन (2002) के जरिए मौलिक अधिकार का दर्जा दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी दी गई है। 1 अप्रैल 2010 से लागू इस प्रावधान के तहत शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 अस्तित्व में आया।

आत्मानंद स्कूलों में फंड की कमी, संसाधन ठप

प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों को मिलने वाले फंड में लगातार कटौती की जा रही है। कई स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। शिक्षकों की भारी कमी है, बिजली बिल बकाया हैं, संसाधनों का अभाव है और बच्चों को ड्रेस व किताबें तक समय पर नहीं मिल रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार करोड़ों रुपये प्रचार-प्रसार पर खर्च कर रही है, लेकिन स्कूलों को नियमित और पर्याप्त बजट नहीं दिया जा रहा। फंड की कमी के चलते कई जगह मरम्मत, रंग-रोगन, प्रयोगशाला और शैक्षणिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं।

राजधानी रायपुर के आत्मानंद स्कूलों को बिजली बिल के नोटिस, राजनांदगांव में शिक्षकों के खाली पद और कम बजट, तथा बस्तर संभाग में संसाधनों की भारी कमी का उदाहरण देते हुए पार्टी ने कहा कि यह स्थिति पूरे प्रदेश की हकीकत है।

RTE की 24 हजार से ज्यादा सीटें खत्म

प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने RTE के तहत 44,173 सीटों के बजाय सिर्फ 19,466 सीटों पर ही प्रवेश देने का फैसला किया है। यानी 24 हजार से अधिक सीटें समाप्त कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि पहले RTE के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी, पीपी-1, पीपी-2 से लेकर कक्षा पहली तक प्रवेश मिलता था। अब नियम बदलकर सीधे कक्षा पहली में ही भर्ती अनिवार्य कर दी गई है। इससे गरीब परिवारों को नर्सरी और पीपी-1 में बच्चों का दाखिला कराने के लिए निजी स्कूलों की भारी फीस चुकानी पड़ेगी।

10 हजार स्कूल बंद, 50 हजार शिक्षकों की भर्ती लंबित

प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से बच्चों का भविष्य खराब कर रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की हालत जर्जर है और 50 हजार शिक्षकों की भर्ती लंबित है।

उन्होंने कहा कि सरकारी मुफ्त शिक्षा को कमजोर कर निजी स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह सरकार शिक्षा विरोधी है।

शिक्षा के अधिकार को लेकर आप की प्रेस कांफ्रेस

शिक्षा के अधिकार को लेकर आप की प्रेस कांफ्रेस

सरकार के सामने AAP की तीन बड़ी मांगें

प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि पार्टी सरकार से मांग करती है कि:

सभी आत्मानंद स्कूलों को तत्काल नियमित और पूरा फंड जारी किया जाए।

RTE के तहत नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा में पुराने फीडिंग कैडर सिस्टम के तहत नए शिक्षकों की भर्ती की जाए।

शिक्षा के मुद्दे पर जनआंदोलन की चेतावनी

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो पार्टी आने वाले दिनों में इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।

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कोरबा

राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी:युवा कांग्रेस ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

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कोरबा। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रूबी तिवारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मिली जान से मारने की धमकी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

तिवारी ने अपने बयान में कहा कि इस प्रकार की धमकी न केवल एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपराध है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा हमला है। उन्होंने खुलेआम हिंसा की भाषा के उपयोग को बेहद चिंताजनक बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद होंगे।

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने इस मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसे अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। साथ ही राहुल गांधी सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

रूबी तिवारी ने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा या धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

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छत्तीसगढ़

22 फरवरी को कांग्रेस-विधायक दल की बैठक:डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में सरकार को घेरने रणनीति पर होगी चर्चा, 23 फरवरी से बजट-सत्र शुरू

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। 22 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में शाम 4 बजे कांग्रेस भवन, रायपुर में होगी। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र, सरकार को घेरने की रणनीति और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

23 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके अगले दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा और कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा होगी।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत

विजन 2047 के साथ आएगा बजट

वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट सिर्फ वार्षिक आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी पेश करेगा। बजट 2026-27 में 2047 तक के विकास विजन को ध्यान में रखते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विस्तार पर फोकस रहेगा।

सरकार का दावा है कि बजट में दीर्घकालिक रणनीति और नई पहलों का खाका रखा जाएगा, जिससे प्रदेश की आर्थिक दिशा तय होगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट

वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट

महिला, युवा और किसान पर फोकस

– सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाएं, युवा और किसान प्रमुख रहेंगे।

– महिलाओं के लिए विशेष अनुदान और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

– युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास

– किसानों के लिए कृषि प्रोत्साहन और समर्थन योजनाएं

– पिछले बजट के अनुभवों के आधार पर इस बार इन वर्गों के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाओं पर जोर

– बजट में नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है।

– इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और मौजूदा खेल संरचनाओं के नवीनीकरण की योजना भी शामिल हो सकती है। इससे युवाओं के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

स्वास्थ्य और आयुष्मान पर विशेष प्रावधान

– बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि क्षेत्र के लिए मजबूत वित्तीय प्रावधान किए जाने की चर्चा है।

– विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक रफ्तार बनाए रखने और सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

– अब नजर 23 फरवरी पर है, जब विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत होगी और प्रदेश की आर्थिक प्राथमिकताओं की तस्वीर साफ होगी।

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