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AI समिट में यूथ कांग्रेस का टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन:मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए, BJP बोली- राहुल के घर पर प्लानिंग हुई

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नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए।

प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड।

दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है।

वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं।

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए।

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए।

इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे।

इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे।

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई।

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई।

पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था

दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की।

उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का आरोप है।

दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इसमें कई गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरफ्तार किए गए चार कार्यकर्ताओं को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, बाकी प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।

भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया

भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने X पर कहा- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया है। यह INC नहीं, बल्कि एंटी-नेशनल कांग्रेस है। कांग्रेस राहुल गांधी के कहने पर विरोध कर रही है। यह भाजपा या प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन नहीं, यह भारत की उपलब्धियों के खिलाफ प्रदर्शन है।

AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया

  1. तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’
  2. मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना ​​है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’
  3. उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’

PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था

2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है।

समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल

इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कारण विवादों में आया AI समिट

AI समिट उद्घाटन के बाद से लगातार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर रहा। विवाद तब और बढ़ा जब उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट के दौरान अपने स्‍टॉल पर रोबोटिक डॉग ‘ओरायन’ प्रदर्शित किया था।

यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने चीन में बने रोबोट डॉग को अपना इनोवेशन बताकर समिट में दिखाया। चीनी रोबो डॉग के साथ ही यूनिवर्सिटी ने कोरियन कंपनी के एक ड्रोन को भी अपना बताया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि रोबोट डॉग चीनी कंपनी ‘यूनिट्री’ का ‘Go2’ मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। वहीं ड्रोन ₹40 हजार वाला रेडीमेड ‘स्ट्राइककर V3 ARF’ मॉडल था। विवाद के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर निकाल दिया था।

यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर ने दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि रोबोट को उनके कैंपस में तैयार किया गया है।

यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर ने दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि रोबोट को उनके कैंपस में तैयार किया गया है।

राहुल ने कहा था- AI समिट एक PR तमाशा बन गया

इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है। AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है।

कांग्रेस ने कहा- सबसे ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि मोदी के मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इसी झूठ में शामिल हैं और भारतीय समिट में चीन के रोबोट्स को प्रमोट कर रहे हैं। मोदी सरकार ने देश की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।

यूनिवर्सिटी ने माना था, हमने नहीं बनाया ये डॉग

वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा था- हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे।

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देश

कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद:गैस नहीं मिलने से होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत, जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

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नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इससे देश में LPG की किल्लत हो रही है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी है।

गैस सप्लाई बंद होने की वजह से कई शहरों में रेस्टोरेंट्स और होटल बंद होने की नौबत आ गई है। ऐसे में सरकारी सूत्रों का कहना है कि तेल कंपनियां तीन सदस्यी कमेटी के जरिए रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बात करेंगी, ताकि LPG सप्लाई की दिक्कतों को समझा जा सके।

देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू

इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा….

  • पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
  • दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है।
  • तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी।
  • चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?

एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 एक ऐसा कानून है, जो सरकार को यह ताकत देता है कि वह किसी भी जरूरी चीज जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल कर सके। इसे आसान भाषा में ‘जमाखोरी रोकने वाला कानून’ कह सकते हैं।

जब कभी किसी चीज की कमी होने लगती है या उसकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने लगती हैं, तो सरकार इस कानून को लागू कर देती है। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते।

इन राज्यों में सप्लाई पर सबसे ज्यादा असर

उत्तर प्रदेश: बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं

कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर अघोषित रोक से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनियों ने एजेंसियों को पूरा फोकस सिर्फ घरेलू गैस पर रखने को कहा है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों में घबराहट का माहौल है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है।

तस्वीर गोरखपुर की है, यहां घरेलू रसोई गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर एक किलोमीटर लंबी लाइन दिखाई दे रही है।

तस्वीर गोरखपुर की है, यहां घरेलू रसोई गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर एक किलोमीटर लंबी लाइन दिखाई दे रही है।

महाराष्ट्र: मुंबई में करीब 20% हटोल और रेस्टोरेंट बंद

मुंबई, पुणे और नागपुर में कॉमर्शियल गैस की भारी कटौती की गई है। पुणे में तो हालात इतने खराब हैं कि नगर निगम ने गैस शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। राज्य के करीब 9,000 रेस्टोरेंट्स और बार पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

मुंबई में कॉमर्शियल गैस सप्लाई की किल्लत की वजह से अब तक करीब 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। होटल एसोसिएशन ‘आहार’ (AHAR) ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई नहीं सुधरी, तो अगले दो दिनों में आधे से ज्यादा यानी 50% होटलों पर ताले लग सकते हैं।

मध्य प्रदेश: कीमत बढ़ने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा

होटल संचालकों का कहना है कि कीमत बढ़ने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। आखिर शादी के सीजन के बीच सिलेंडर की सप्लाई रोकने का फैसला क्यों लिया गया। भोपाल में करीब 2000 से ज्यादा मझोले और बड़े होटल-रेस्त्रां हैं, जहां कॉमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होता है।

राजस्थान: होटल-रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन से जुड़े लोगों को परेशानी

यहां होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस का हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में हर तरह के होटल-रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों को बड़ी परेशानी होनी तय है। तेल कंपनियों का अचानक लिया गया फैसला परेशान करने वाला है।

कर्नाटक: होटल भी ‘जरूरी सेवा’, बंद होने से बुजुर्गों-छात्रों को दिक्कत

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन का कहना है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई होटल बंद करने पड़ेंगे। एसोसिएशन के मुताबिक, होटल इंडस्ट्री ‘जरूरी सेवाओं’ में आती है। सीनियर सिटीजन, छात्र और मरीज खाने के लिए होटलों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आम लोगों को भारी दिक्कत होगी।

बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट की तस्वीर। यहां गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट में केवल कॉफी बनाई जा रही है।

बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट की तस्वीर। यहां गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट में केवल कॉफी बनाई जा रही है।

संकट से निपटने सरकार ने 5 जरूरी कदम उठाए

1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।

2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।

3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा।

4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।

5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सूत्रों का कहना है कि अब उत्पादन 10% बढ़ गया है।

तेल कंपनियां अलग-अलग रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बात करेंगी

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनने के लिए 3 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इसमें IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शामिल हैं।

यह कमेटी एसोसिएशन की कॉमर्शियल गैस सप्लाई से जुड़ी जायज जरूरतों को पूरा करेगी। जरूरत के हिसाब से सप्लाई की प्राथमिकता भी भी फिर से तय करेगी।

सप्लाई संकट की 2 वजह

1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

कब तक सुधरेंगे हालात?

इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम रु.60 बढ़ाए

सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 फरवरी को 115 रुपए बढ़ाए गए थे। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है।

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देश

स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव:गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया, रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया। 50 से ज्यादा सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा होगी। विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है।

बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई।

उन्होंने अपनी स्पीच में एक आर्टिकल का हवाला दिया। इस पर उन्हें मना किया गया, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसदों ने भारत में बैन किताबें सदन में दिखाईं। उनसे कुछ नहीं कहा गया। इस तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष के 50 सांसदों ने प्रस्ताव के समर्थन में खड़े होकर समर्थन किया।

लोकसभा में विपक्ष के 50 सांसदों ने प्रस्ताव के समर्थन में खड़े होकर समर्थन किया।

गोगोई बोले- बिरला बोलने नहीं देते, माइक बंद किया

आज महिला सांसदों के उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ओम बिरला जी ने पीएम मोदी के समय कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली है। उनके साथ कुछ भी हो सकता था। ये बहुत ही शर्मनाक बात है। बिरला ने किस आधार पर महिला सांसदों पर ये आरोप लगाए।

2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा।

9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। सरकार ने कहा कि बोलिए, लेकिन हम कैसे बोल सकते हैं जब माइक ऑफ किया गया हो। संसद में ऐसी नई-नई चीजें हो रही हैं।

रिजिजू ने कहा- सेशन के दौरान राहुल विदेश चले जाते हैं

  • संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- इन लोगों ने पहले आरोप लगाया कि LoP को बोलने नहीं दिया जाता है। मैं कहता हूं 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है।
  • पहली बार मैंने ऐसा दृश्य देखा कि नेता प्रतिपक्ष पीएम को गले लगा रहा है। अपनी सीट पर बैठकर अपने सांसद को आंख मारता है। जैसा लीडर है तो बाकी के सांसद भी वैसे ही होंगे। मेंबर चेयर को यार कहते हैं। फिर कहतें हैं कि इसमें गलत क्या है (वेणुगोपाल ने चेयर को यार कहा था।
  • प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। विपक्ष ने हंगामा किया। रिजिजू बोले- मैंने अच्छा बोला है। कांग्रेस क्यों नाराज हो रही है।

प्रियंका ने कहा- राहुल की सच्चाई इनसे पचती ही नहीं है

प्रियंका गांधी ने कहा कि एक ही व्यक्ति है इस देश में जो इन 12 सालों में इनके सामने झुका नहीं। वह नेता प्रतिपक्ष है। और वो नेता प्रतिपक्ष इस सदन में खड़े होके इनके सामने सच बोल देते हैं। सच्चाई वो जो बोलते हैं वह इनसे पचती नहीं है।

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खेल

BCCI टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा:यह पैसा खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बंटेगा, भारत तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। यह पैसा खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बंटेगा।

भारत ने रविवार को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई।

BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करती रहेगी।

भारतीय टीम को 27.5 करोड़ प्राइज मनी मिली

रिपोर्ट के मुताबिक, टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम को 3 मिलियन डॉलर (करीब 27.5 करोड़ रुपए) की इनामी राशि मिली।

वहीं, रनर-अप न्यूजीलैंड को 1.6 मिलियन डॉलर (करीब 14.7 करोड़ रुपए) दिए गए। हालांकि, इस बार ICC ने प्राइज मनी की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी, जबकि आमतौर पर हर टूर्नामेंट में इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाती है।

भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश

भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया।

अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था।

अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं।

सूर्या ने गांधीनगर में 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट किया

टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए।

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