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रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत:ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, क्रूड ऑयल की कीमत 89 डॉलर के पार

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है।

इस बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत आज 4% बढ़कर 89.18 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह अप्रैल 2024 के बाद इसका उच्चतम स्तर है।

अमेरिका से भी तेल खरीद बढ़ने की उम्मीद

बेसेंट ने कहा कि ईरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। इस दबाव को कम करने के लिए हम भारत को यह 30 दिनों की छूट दे रहे हैं।

उन्होंने कहा- हमें ये उम्मीद है कि इसके बाद भारत अमेरिकी तेल की खरीद में तेजी लाएगा। अमेरिका का मानना है इस उपाय से ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी नहीं होगी।

5 मार्च तक लोड हुए जहाजों का ही तेल खरीद सकेंगे

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ ने तेल खरीद के लिए ये लाइसेंस जारी किया है। इसके तहत 5 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुके रूसी कच्चे तेल की ही डिलीवरी भारत को की जा सकेगी। यानी, जो जहां पहले से समुद्र में है उनसे सप्लाई होगी।

कार्गो शिप्स लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल टैंकरों में भरकर एशियाई देशों के आसपास वेटिंग मोड में खड़ी हैं।

कार्गो शिप्स लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल टैंकरों में भरकर एशियाई देशों के आसपास वेटिंग मोड में खड़ी हैं।

ईरान-इजराइल जंग से कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही

मिडिल-ईस्ट में जंग के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है।

कीमतों में उछाल: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के कारण ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ रही हैं।

तेल क्षेत्रों पर हमले: पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरामको की ‘रास तनुरा’ रिफाइनरी और इराक के ‘रुमैला’ तेल क्षेत्र जैसे बड़े केंद्रों पर हमले हुए हैं।

राजनाथ सिंह बोले- होर्मुज में रुकावट का तेल-गैस सप्लाई पर असर

ईरान संघर्ष के असर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या पूरा फारस की खाड़ी वाला इलाका दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जब इस क्षेत्र में कोई बाधा या रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है.।

ये अनिश्चितताएं सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। मौजूदा स्थिति काफी जटिल हो गई है और ऐसा लगता है कि भविष्य में यह और भी ज्यादा अस्थिर हो जाएगी।

जिस तरह से अलग-अलग देश जमीन, हवा, समुद्र और अब अंतरिक्ष में भी एक-दूसरे के साथ मुकाबला कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए वास्तव में चिंता का विषय है… मुझे और भी ज्यादा चिंता इस बात की है कि यह असामान्यता अब ‘न्यू नॉर्मल’ बनती जा रही है….”

कांग्रेस का आरोप- ट्रेड डील साइन नहीं हुई तो अनुमति कैसी

कांग्रेस नेता ने पवन खेड़ा ने इस मामले को व्यापार समझौते से जोड़ते हुए X पर पोस्ट कर कहा कि ट्रेड डील पर हस्ताक्षर नहीं हुए, फिर भी ऐसा लग रहा है जैसे प्रतिबंध लागू हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि, अनुमति वहां ली जाती है जहां कोई बंधन होते हैं। बंधन वहां होते हैं जहां कोई समझौता या करार होता है। समझौता वहां होता है जहां हस्ताक्षर हो चुके होते हैं। क्या भारत अमरीका के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं? जब हस्ताक्षर ही नहीं हुए, तो समझौता कैसा? जब समझौता ही नहीं, तो बंधन कैसा? जब बंधन ही नहीं, तो अनुमति क्यों? क्या यह एपस्टीन का बंधन है?

रूसी तेल टैंकरों को खरीदने की तैयारी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन रूसी तेल कार्गो को खरीदने पर विचार कर रहा है, जो फिलहाल भारतीय समुद्र के करीब या एशियाई जल क्षेत्र में मौजूद हैं। इस समय लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल टैंकरों में भरकर एशियाई देशों के आसपास वेटिंग मोड में है।

भारत इन टैंकरों को तुरंत रिसीव कर सकता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन का समय और लागत दोनों कम होगी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है।

भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल खरीदता रहा है

पिछले साल नवंबर में यूक्रेन के साथ जंग के चलते ट्रम्प प्रशासन ने रूसी तेल कंपनियों लुकोइल और रोजनेफ्ट पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात गिरकर 11 लाख बैरल प्रति दिन रह गया था, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम था।

हालांकि, फरवरी में यह हिस्सेदारी फिर से बढ़कर 30% तक पहुंच गई है। भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदता रहा है।

भारत के लिए क्यों जरूरी है रूसी तेल?

सस्ता विकल्प: रूस भारत को बेंचमार्क कीमतों से डिस्काउंट पर तेल ऑफर करता है।

सप्लाई सिक्योरिटी: मिडिल ईस्ट में तनाव होने पर स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से सप्लाई रुक जाती है, रूस एक सुरक्षित विकल्प है।

इकोनॉमी पर असर: सस्ता तेल मिलने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहती हैं और महंगाई काबू में रहती है।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की उम्मीद नहीं

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बावजूद, भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और इस अमेरिकी छूट से सप्लाई चेन को मैनेज करने में मदद मिलेगी।

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भागवत बोले-हम बंटे हुए हैं, इसलिए आक्रमण हो रहे हैं:भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें, संत ने कहा-जैनों को हिंदुओं से अलग न समझें

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जैसलमेर,एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा- आक्रमण भी इसलिए चल रहे हैं क्योंकि हम सोए और बंटे हुए हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानता है।

आज से सद्भावना की शुरुआत कर देनी चाहिए। मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।

मोहन भागवत ने यह बात शुक्रवार को जैसलमेर में जैन समाज के चादर महोत्सव कार्यक्रम में कही। इससे पहले भागवत ई-रिक्शा में बैठकर सोनार दुर्ग गए। जहां पर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन-पूजन कर जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार और दादा गुरुदेव की पावन चादर के दर्शन किए।

इसके बाद वे देदांसर मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय चादर महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने सभा को संबोधित किया। भागवत ने कहा- हम सभी भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें और देश के लिए जीने-मरने को उतारूं हो जाएं तो हमारा समाज अच्छा बनेगा। कलह और भेद खत्म हो जाएंगे तो भारत विश्वगुरु बनकर एक सुखी-सुंदर दुनिया को जन्म देगा।

जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी महाराज ने सभा में कहा- जैनों को हिंदुओं से अलग समझने का प्रयास कभी मत करना। हम हिंदुस्तान में रहने वालैं और यहां रहने वाले का पहला धर्म हिंदू हैं। जैन धर्म परमात्मा महावीर की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का उपदेश है।

जैसलमेर के देदांसर मेला ग्राउंड में कार्यक्रम के मंच पर राजस्थानी साफा व मोमेंटो देकर मोहन भागवत का स्वागत किया गया।

जैसलमेर के देदांसर मेला ग्राउंड में कार्यक्रम के मंच पर राजस्थानी साफा व मोमेंटो देकर मोहन भागवत का स्वागत किया गया।

डॉ. मोहन भागवत ने डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन किया।

डॉ. मोहन भागवत ने डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया गया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया गया।

जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, बाड़मेर की रुमादेवी भी धर्मसभा में पहुंचीं।

जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, बाड़मेर की रुमादेवी भी धर्मसभा में पहुंचीं।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ई-रिक्शा से जैसलमेर किले में पहुंचे।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ई-रिक्शा से जैसलमेर किले में पहुंचे।

सोनार किले में पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भागवत ने दर्शन किए।

सोनार किले में पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भागवत ने दर्शन किए।

भागवत की 4 बड़ी बातें

1. झगड़े इसलिए होते हैं क्योंकि हम एकत्व को नहीं पहचानते

मोहन भागवत ने कार्यक्रम के दौरान एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा- ट्रेन में सीट को लेकर झगड़ा हुआ, लेकिन तंबाकू खाने की बात पर दोनों में बातचीत शुरू हुई। बातचीत में पता चला कि दोनों भाई थे, जो एक बचपन में गुम हो गया था। इसके बाद दोनों गले मिलकर रोने लगे। ये इसलिए है क्योंकि हम हमारे एकत्व को नहीं पहचानते। इसलिए झगड़े होते हैं। क्योंकि एक नहीं है तो अलग हैं। अलग हैं तो अलग-अलग स्वार्थ है।

यदि अपने लोग हैं तो आधी रोटी भी बांटकर खाएंगे। सभी एक-एक टुकड़ा खाएंगे और सभी की भूख मिट जाएगी। यदि अपने लोग नहीं हैं तो कोई किसी को नहीं देगा। अपना खाकर समाधान नहीं होगा और दूसरे के पास मिठाई है तो वह अपने पास कैसे आ जाए ये भी सोचेगा।

एकता का अनुभव करने के लिए जो जीवन है उसे पूर्ण व्यवस्थित करना और फल की इच्छा से मुक्त करना। ये कुछ भी मेरा नहीं, कुछ भी सत्य नहीं है। एक प्रवृति और दूसरा निवृति मार्ग है।

चादर महोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जैन मुनि पहुंचे।

चादर महोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जैन मुनि पहुंचे।

2. मंच पर बैठक ऊंचा समझने लग जाएं तो बुद्धि मारी गई

भागवत ने कहा- सभी व्यवस्थाओं में अलग-अलग होता है। सभा में बोलने वाला सभी को दिखना चाहिए इसलिए वो ऊपर बैठता है। सुनने वाला नीचे बैठते है। जितने ज्यादा सुनने वाले, ऊतनी यहां ऊंचाई ज्यादा।

यदि मैं ऊंचाई पर बैठा हूं यदि मैं ये समझने लग जाऊं कि मैं आपसे ऊंचा हो गया और आप नीचे हो गए तो ये मेरी बुद्धि मारी गई है, इसलिए मैं ऐसा सोच रहा हूं। ये तो व्यवस्था का भेद है। काम होना चहिए। किसी को कहां बैठाया इसमें ऊंच-नीच नहीं होता। सब समान हैं, सभी का मूल एक है।

3. जन्म से सब मनुष्य हैं, जाति बाद में आती है

भागवत ने कहा- हमारे यहां सभी पंथ-संप्रदाय इसी बात से शुरू होते है कि एक से सब अनेक हुआ है। अनेक कैसे होता है ये उसके दर्शन है। ये अलग-अलग है उसके परस्पर विरोधी नहीं है।

सभी का उपदेश एक है। इसलिए संप्रदाय और जातियों में कोई भेद नहीं है। जन्म से सब मनुष्य है, जाति बाद में आती है। कई बच्चों को तो जाति पता नहीं होती, स्कूल में फॉर्म भरते वक्त पता चलती है। इसलिए सभी प्रकार के भेदों को छोड़कर हमें एक होना है।

डोम में महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की अलग-अलग व्यवस्था की गई।

डोम में महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की अलग-अलग व्यवस्था की गई।

4. सद्भावना से निकलेगा हल

भागवत बोले- दुनियाभर में जो बातें चल रही है उसका उपाय हमारे पास है। हम लोगों को आपस में सद्भावना से व्यवहार करना है। विवाद को सुलझाना है तो समझौता, तर्क रास्ता नहीं होता है। उसका हल सद्भावना से निकलता है। सद्भावना से हमें पूरे समाज को तैयार करना है, बैठाना है। सभी कलह मिट जाए, हम सभी खड़े हो जाएं। हमें अपना जीवन बदलकर चलना है। आज से हम इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

सभी ये सोचे कि जहां तक मैं घूमता हूं, जहां मेरा सर्किल है, परचित प्रदेश, उस सर्किल में जितने प्रकार के हम हिंदू माने जाते हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानते हैं। जितने होंगे उन सभी में मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। आज से ये शुरू करना होगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।

भागवत ने स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण किया

कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत दादा गुरुदेव की स्मृति में स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण तथा ‘दादा गुरुदेव’ पुस्तक का विमोचन किया।

इस महोत्सव में 871 साल बाद दादा गुरुदेव की पावन चादर का विधिवत अभिषेक और दर्शन हो रहे हैं, जिसे देखने देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जैसलमेर पहुंच रहे हैं।

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अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं

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पुणे,एजेंसी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। शुक्रवार को उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’

सीआईडी ने एक दिन पहले वी.के सिंह से 28 जनवरी को हुए बारामती प्लेन क्रैश मामले में पूछताछ की थी। अधिकारियों ने कहा था कि सिंह से सुबह 11 बजे से शाम 7.30 बजे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया था।

रोहित ने आरोप लगाते हुए लिखा- सीआईडी का ज्यादा समय सिंह से पूछताछ से ज्यादा उनकी देखभाल में बीता। रात में वीके सिंह को काले शीशे वाली पुलिस गाड़ी में मेहमान की तरह ले जाया गया। इतने बड़े हादसे के बावजूद अबतक FIR दर्ज नहीं की गई है। उल्टा मीडिया और मेरे साथ बुरा बर्ताव किया।

रोहित का आरोप- सिंह को VIP ट्रीटमेंट मिला

रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के मालिक वी.के सिंह सीआईडी के सामने पेश हुए। उस व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड ने घेर रखा था। सिंह को सीआईडी ​​कार्यालय में नाश्ता कराया गया, लंच कराया गया। यहां तक ​​कि क्रिकेट मैच भी दिखाया गया। यह दुखद है कि किसी को इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।

रोहित ने लिखा कि सच को छिपाने के लिए चाहे कितने भी पर्दे डाल दिए जाएं, सच्चाई का सूरज एक दिन जरूर उगेगा। दरअसल, 28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के बारामती में VSR कंपनी का लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की डेथ हुई थी।

रोहित ने शिंदे-सुनेत्रा पवार से मुलाकात की

NCP-SCP के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में राज्य के दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) से मुलाकात की। रोहित ने इस मामले में जांच की मांग की है। रोहित राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर चुके हैं।

रोहित का कहना है कि अगर VSR कंपनी एक विमान दुर्घटना में लापरवाही बरत रही है, तो वह दूसरे विमान दुर्घटना में भी लापरवाही बरत सकती है। क्या कोई यही कहना चाह रहा है कि उन्हें पता था कि अजीत पवार के विमान में लापरवाही बरती जा रही है। क्या इसके पीछे कोई साजिश थी। उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी।

रोहित पवार ने कहा कि जय पवार और मैं भी मांग करते हैं कि वीएसआर कंपनी के सभी विमानों को रोक दिया जाए। ताकि अजीत पवार के मामले में जो हुआ, वह अन्य नेताओं के साथ न हो। हम वीएसआर के खिलाफ लड़ रहे हैं।

सीबीआई प्रस्ताव क्यों नहीं स्वीकार रही

रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार की दुर्घटना के पीछे साजिश होने की बात कहने के बावजूद उचित जांच नहीं की गई। कहा जाता है कि सीबीआई को प्रस्ताव भेजा गया था। सुशांत सिंह के मामले में बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा और सीबीआई ने दो दिन के भीतर उसे स्वीकार कर लिया, लेकिन महाराष्ट्र के नेता की मृत्यु हो गई। इस मामले में प्रस्ताव भेजे हुए 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन इसे अभी तक क्यों नहीं स्वीकारा गया है? लोग सवाल उठा रहे हैं।

एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए

रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार को न्याय दिलाने के लिए उनके खिलाफ एक साधारण एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही है। 2019 में घाटकोपर में हुए विमान हादसे में किरिट सोमैया के जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।

उस एफआईआर और इस एफआईआर में कोई फर्क नहीं है, लेकिन अगर अजीतदादा के जाने के बाद पुलिस प्रशासन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करता है तो हम क्या कहेंगे?

अगर सत्ता में बैठे लोगों के पास कुछ अधिकार हैं तो उन्हें कम से कम एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति तो देनी चाहिए। अगर हम दिल्ली जाकर इस मामले में बड़े नेताओं से बात करें तो इससे निश्चित रूप से फायदा होगा।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।

1 मार्च: दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 XR एयरक्राफ्ट ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की।

रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट पहले दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार और 4 और लोगों की मौत हो गई थी।

AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया।

पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी

AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई।

अगले दिन यानि 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था।पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में, कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी।

हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया।

बारामती टावर ने हवाओं के शांत होने की भी जानकारी दी। रनवे 11 के बाईं ओर क्रैश लैंड करने से पहले क्रू मेंबर को “ओह शिट… ओह शिट…” कहते हुए सुना गया था।

रिपोर्ट में 2 और दावे…

  • बारामती एयरपोर्ट पर अकेले रनवे की री-कारपेटिंग मार्च 2016 में की गई थी और रनवे की मार्किंग फीकी पड़ रही थी, साथ ही रनवे की सतह पर ढीली बजरी भी थी।
  • 61 साल के पायलट इन कमांड (PIC) को 28 जनवरी की फ्लाइट से पहले 34 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था, जबकि 25 साल के पायलट को 9 दिन और 15 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था।

लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में

VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है।

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देश

असम में वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट क्रैश:दोनों पायलट की मौत, इनमें एक ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थे, जोरहाट से 60 किमी दूर हादसा

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नई दिल्ली,एजेंसी। असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में ट्रेनिंग के दौरान रडार से गायब हुआ भारतीय वायु सेना का सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया है। हादसे में दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की भी मौत हो गई है। पूर्वेश ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा थे।

वायु सेना ने गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर क्रैश की पुष्टि की थी। शुक्रवार सुबह 9.14 पर एक और X पोस्ट में दोनों पायलट की मौत की जानकारी दी। विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और शाम करीब 7:42 बजे रडार संपर्क टूट गया था।

जब ये हादसा हुआ तब फाइटर जेट नियमित उड़ान पर था। वायु सेना के मुताबिक रडार से संपर्क समाप्त होने के बाद वायु सेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया। फिलहाल विमान की सटीक स्थिति और संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा रहा है।

स्क्वाड्रन लीडर अनुज। फाइल फोटो।

स्क्वाड्रन लीडर अनुज। फाइल फोटो।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर। फाइल फोटो।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर। फाइल फोटो।

10 दिन पहले घर आए थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश

नागपुर के न्यू सुबेदार लेआउट में रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के पिता रविंद्र दुरागकर ने बताया कि उनका बेटा देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित अधिकारी था। यूनिट के ग्रुप कैप्टन ने फोन कर उन्हें हादसे की जानकारी दी।

रविंद्र ने बताया कि तेजपुर में रनवे से जुड़े काम के कारण पूर्वेश की पोस्टिंग फिलहाल जोरहाट में थी। वे अक्सर अपने काम के बारे में परिवार से बात करते थे और हमेशा अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करते थे।

पूर्वेश के पड़ोसी ने बताया कि अपने माता-पिता और अमेरिका में रहने वाली बहन को पीछे छोड़ गए हैं। पूर्वेश और उनकी बहन करीब 10 दिन पहले परिवार के एक कार्यक्रम के लिए घर आए थे।

मल्टीरोल फाइटर जेट है सुखोई

सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है।

भारत में SU-30MKI 12 सालों में 8 बार क्रैश 1. 4 जून 2024- नासिक, महाराष्ट्र

भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान नासिक के पास खेत में गिर गया। दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।

2. 28 जनवरी 2023- मध्य प्रदेश-

ग्वालियर से ट्रेनिंग मिशन पर उड़े दो लड़ाकू विमान SU-30MKI और Mirage-2000 हवा में टकरा गए। SU-30 के दोनों पायलट सुरक्षित निकल आए, लेकिन मिराज-2000 के पायलट की मौत हो गई।

3. 8 अगस्त 2019- तेजपुर, असम

तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। पायलटों ने विमान से इजेक्ट कर लिया। दोनों सुरक्षित बच गए।

4. 27 जून 2018- नासिक, महाराष्ट्र

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के टेस्ट पायलट SU-30MKI की टेस्ट उड़ान कर रहे थे। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट समय पर बाहर निकल गए और सुरक्षित रहे।

5. 23 मई 2017- अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र

तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद SU-30MKI से संपर्क टूट गया। बाद में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई।

6. 15 मार्च 2017- बाड़मेर, राजस्थान

ट्रेनिंग मिशन के दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में जमीन पर मौजूद तीन लोग घायल हो गए।

7. 14 अक्टूबर 2014- पुणे, महाराष्ट्र

पुणे के पास ट्रेनिंग उड़ान के दौरान SU-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने समय रहते विमान छोड़ दिया और सुरक्षित रहे।

8. 19 मई 2015- तेजपुर, असम

विमान ने तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।

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