देश
Hurun Global Rich List: किस शहर में रहते हैं सबसे ज्यादा अरबपति? रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
मुंबई, एजेंसी। भारत में तेजी से बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और उद्यमिता के चलते देश में अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में जारी Hurun Global Rich List 2026 के मुताबिक भारत में अब कुल 308 अरबपति हो गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 24 अधिक हैं। इस बढ़ोतरी के साथ ही भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में भारत से आगे केवल United States और China हैं।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में भारत में 57 नए अरबपति जुड़े, जो अमेरिका और चीन के बाद सबसे ज्यादा हैं। हालांकि इसी अवधि में 27 लोग विभिन्न कारणों से इस सूची से बाहर भी हो गए।
अरबपतियों की संपत्ति में भी बढ़ोतरी
Hurun Research Institute की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक साल में उनकी कुल संपत्ति करीब 10% बढ़कर 112.6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इस दौरान 199 अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी, जबकि 109 की संपत्ति घटी या स्थिर रही।
सबसे अमीर भारतीय
Mukesh Ambani, चेयरमैन Reliance Industries, एक बार फिर भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 9.8 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है, जो पिछले साल से करीब 9% अधिक है।
वहीं Gautam Adani, प्रमुख Adani Group, दूसरे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति में करीब 14% की गिरावट के साथ अब यह लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपए रह गई है।
तीसरे स्थान पर Roshni Nadar Malhotra, चेयरपर्सन HCL Technologies, हैं। उनकी संपत्ति करीब 3.2 लाख करोड़ रुपए है और वह भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर लोगों में इकलौती महिला हैं।
हेल्थकेयर सेक्टर से सबसे ज्यादा नए अरबपति
रिपोर्ट के अनुसार इस साल सबसे ज्यादा नए अरबपति हेल्थकेयर सेक्टर से आए हैं। इस क्षेत्र से 53 नए नाम सूची में शामिल हुए। इसके बाद औद्योगिक उत्पाद क्षेत्र से 36 और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र से 31 नए अरबपति जुड़े।
हालांकि कुल संपत्ति के लिहाज से ऊर्जा क्षेत्र सबसे आगे रहा। इस सेक्टर के केवल 8 अरबपतियों के पास करीब 18.3 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो कुल अरबपति संपत्ति का लगभग 16% है।
सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने वाले अरबपति
Cyrus S. Poonawalla, संस्थापक Serum Institute of India, इस साल संपत्ति बढ़ाने के मामले में सबसे आगे रहे। उन्होंने एक साल में लगभग 0.91 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ी।
मुंबई बना सबसे बड़ा अरबपति केंद्र
भारत में अरबपतियों का सबसे बड़ा केंद्र अभी भी Mumbai है, जहां 95 अरबपति रहते हैं। हालांकि एशिया के अरबपति केंद्र के रूप में मुंबई की जगह अब Shenzhen ने ले ली है, जहां 133 अरबपति हैं। इस साल मुंबई में 15 नए अरबपति जुड़े, जो New York और London जैसे वैश्विक शहरों से भी ज्यादा हैं।
सबसे युवा अरबपति
रिपोर्ट के अनुसार भारत के अरबपतियों की औसत उम्र 67 साल है। देश के सबसे युवा अरबपति Ritesh Agarwal, संस्थापक OYO, हैं। उनकी उम्र 32 साल है और उनकी संपत्ति लगभग 14,440 करोड़ रुपए बताई गई है।
बढ़ रही महिला अरबपतियों की हिस्सेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 23 महिला अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति करीब 9.8 लाख करोड़ रुपए है। यह आंकड़ा देश में महिलाओं की बढ़ती उद्यमिता और बिजनेस लीडरशिप को भी दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अरबपतियों की संख्या में लगातार वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक गतिविधियों, बढ़ती उद्यमशीलता और वैश्विक स्तर पर भारतीय कारोबारियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
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भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप ने पेश किए नए समाधान
जयपुर, एजेंसी। जयपुर में आयोजित भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में शनिवार को स्टार्टअप ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा, बैंकिंग, वित्त और परिवहन क्षेत्रों में नए समाधान पेश किए। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्टार्टअप ने निवेशकों के सामने अपने नवाचार के बारे में बताया। कार्यक्रम में बैंकिंग और वित्त से जुड़े स्टार्टअप ने फिनटेक मंच, डिजिटल भुगतान समाधान, ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा प्रणालियों और सूक्ष्म वित्त मॉडल पर ध्यान आकर्षित किया। इनका मकसद दक्षता को और अधिक बढ़ाना है।

परिवहन क्षेत्र पर केंद्रित स्टार्टअप ने विद्युत गतिशीलता, कृत्रिम मेधा आधारित यातायात प्रबंधन और हरित परिवहन में नवाचार के बारे में बताया, जिन्हें भविष्य-उन्मुख शहरी ढांचे के लिए अहम माना जा रहा है। भारत वेंचर शिखर सम्मेलन के दौरान फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप्स एंड इंडस्ट्रीज (एफयूआईएसआई) के पदाधिकारियों का स्थापना समारोह भी हुआ, जिसमें शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पोद्दार समूह और एफयूआईएसआई के चेयरमैन आनंद पोद्दार ने कहा कि संस्था का लक्ष्य 10,000 स्टार्टअप को सलाह, अनुदान और ज्ञान-साझाकरण पहलों के माध्यम से सहयोग देना है। संगठन का ध्यान नवीकरणीय ऊर्जा, मीडिया तकनीक, हरित अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों पर है। भारत वेंचर के चेयरमैन डॉ. संजय खंडेलवाल ने कहा, ”स्टार्टअप भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन है। एफयूआईएसआई के माध्यम से निवेश, मार्गदर्शन और तकनीकी समर्थन देकर युवाओं के विचारों को वास्तविकता में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।”
देश
‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।
वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
- +989128109115
- +989128109109
- +989128109102
- +989932179359
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जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेलबर्न में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। शुक्रवार को राजनयिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। पीएम मोदी का यह दौरा उनके क्षेत्रीय प्रवास का हिस्सा होगा, जिसमें वे इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी करेंगे।

दौरे का संभावित कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे। 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुँचेंगे।
मेलबर्न में होगा भव्य ‘प्रवासी कार्यक्रम’
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय समुदाय (Diaspora) के साथ होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, सिडनी के बजाय इस बार मेलबर्न को एक बड़े सामुदायिक जमावड़े के लिए चुना गया है। अधिकारियों ने मेलबर्न में दो बड़े इनडोर स्टेडियमों का निरीक्षण किया है, जिनकी क्षमता 14,000 से 35,000 के बीच है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की ठंड और बारिश को देखते हुए इनडोर वेन्यू (छत वाले स्टेडियम) को प्राथमिकता दी जा रही है।

सिडनी में होगी आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता
जहाँ एक ओर मेलबर्न में मेगा कम्युनिटी इवेंट होगा, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस का कार्यालय सिडनी में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक है। यहाँ दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है।
व्यापारिक संगठनों में मची होड़
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई बड़े बिजनेस इवेंट्स के लिए भी होड़ मची है। ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल (AIBC) अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रहा है और वे पीएम मोदी की मेजबानी करना चाहते हैं। साथ ही ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ भी एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग की रेस में है। हालांकि, माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर केवल एक ही संगठन को कार्यक्रम की अनुमति मिलेगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी
इससे पहले पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहाँ उन्होंने ‘क्वाड’ सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस यात्रा के दौरान ब्रिस्बेन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई थीं। एबीसी (ABC) के विदेश मामलों के संवाददाता स्टीफन डज़ेडज़िक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह दौरा तय होता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा साल होगा, जिसमें कारने, वॉन डेर लेयेन और ताकाइची के बाद अब मोदी भी शिरकत करेंगे।
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