कोरबा
सड़क सुरक्षा के प्रति जिला प्रशासन सख्त:कलेक्टर ने दुर्घटनाजन्य स्थलों को सुधारने के दिए निर्देश
सड़कों की सफाई और वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण हेतु विशेष शिविर लगाने के निर्देश
डस्ट उड़ने वाले मार्गों पर पानी छिड़काव के निर्देश
कोरबा। जिले में सड़क सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देते हुए आज कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटना नियंत्रण एवं सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग तथा एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा ने बताया कि जिले में पिछले तीन वर्षों की सड़क दुर्घटना के आंकड़ों का विश्लेषण कर 18 प्रमुख ब्लैक स्पॉट तथा 3 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए तत्काल सुधार कार्यों की आवश्यकता है। संयुक्त निरीक्षण दल की रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सड़क चौड़ीकरण, रंबल स्ट्रिप, क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक, स्ट्रीट लाइट, पेड़ कटाई तथा सोल्डर फिलिंग जैसे कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएँ।
कलेक्टर ने कहा कि संयुक्त निरीक्षण में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़क, असुरक्षित मोड़, पेड़ों की छाया से प्रभावित दृश्यता, अतिक्रमण, सड़क किनारे उगी झाड़ियाँ तथा कोयला एवं फ्लाईऐश जमाव जैसी समस्याएँ चिन्हित की गई हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि छोटी कमियों को एक सप्ताह में तथा बड़े कार्यों को मार्च माह तक हर हाल में पूरा किया जाए।
एसईसीएल, बालको एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कोल-डस्ट प्रभावित तथा भारी वाहनों के आवागमन वाले मार्गों की सफाई डेढ़ माह के भीतर मिशन मोड में कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को संबंधित मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने भारी वाहनों के चालकों की आंखों की जांच को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी सार्वजनिक उपक्रमों को नेत्र परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक छह माह में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ट्रक, बस, ऑटो तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों के चालकों का नियमित नेत्र परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए।
सड़क सुरक्षा सुधारों के तहत कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सड़कों के दोनों ओर सोल्डर फिलिंग की जाए, दुर्घटना के कारण बनने वाले पेड़ हटाए जाएँ, महत्वपूर्ण मोड़ों का सुधार किया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियाँ नियमित रूप से साफ की जाएँ।
कलेक्टर ने गोपालपुर-छुरीकला, बालको-धर्री डेम, कोयला एवं फ्लाईऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव कराने तथा धूल नियंत्रण के लिए बालको मार्ग पर पानी टैंकरों की संख्या तीन से बढ़ाकर पाँच करने के निर्देश भी दिए।
रताखार-जोड़ा पुल क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए नगर निगम को तत्काल स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही महत्वपूर्ण मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हेतु आईसीसीसी द्वारा कार्य प्रारंभ न करने पर परिवहन अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रस्तुत रिपोर्ट में दर्शाए गए ब्लैक स्पॉट-जैसे मदनपुर घाट मोड़, लमना घाट, डूमरकछार, रंगोली चौक, उरगा-मडवारानी ओवरब्रिज, रताखार जोड़ा पुल मार्ग आदि में दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को देखते हुए कलेक्टर ने कहा कि इन स्थानों पर सुधार कार्य अत्यंत आवश्यक है और इसे प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
आम नागरिकों से ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय विषय नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही अधिक प्रभावी बन सकती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित गति से वाहन चलाएँ तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें।
कोरबा
अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भण्डारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ अभियान लगातार संचालित किया जाता रहेगा।
कोरबा
पीएम किसान उत्सव दिवस पर किसानों को मिली 15.72 करोड़ की सम्मान निधि
कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कोरबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में ‘‘पीएम किसान उत्सव दिवस‘‘ के तहत किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाग लेकर कृषि की नवीन तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कोरबा जिले के 78 हजार 620 किसानों के खातों में 15.72 करोड़ रुपये की सम्मान निधि राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बीज पंजीयन, प्रमाणित बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि से अधिक आय अर्जित करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत फसल संरक्षण, मृदा परीक्षण, जल संरक्षण एवं समेकित कीट प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग तथा कृषि उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में 75 किसानों सहित कुल 92 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। अंत में किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाकर गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कोरबा
बेहतर खेती, बेहतर भविष्य, नैनो तकनीक अपना रहे किसान
आधुनिक नवाचार का मिला लाभ, किसान ब्रजेश रात्रे ने दोहराया भरोसा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी, किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी दिशा में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत कृषि नवाचार किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसानों के बीच इन उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

कोरबा जिले के ग्राम बाता निवासी कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। छोटे कृषक श्री रात्रे लगभग एक एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त करने सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्राप्त किया।
श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था। इसके परिणाम उत्साहजनक रहे, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस वर्ष भी नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके सकारात्मक अनुभव को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपनी खेती में नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे पूरे परिवार को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिल रहा है।
श्री रात्रे ने बताया कि पहले वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते थे, लेकिन नैनो उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा फसलों को आवश्यक पोषण प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है। यही कारण है कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति रुचि और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर नैनो उर्वरकों की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियां समय पर करने में सुविधा मिल रही है और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
अंत में कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे ने जिले के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खेती में नवाचारों को अपनाने में किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव लाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल बेहतर उत्पादन और लागत में बचत सुनिश्चित करती हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
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