केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौघोगिकी संस्थान (सिपेट) में उपभोक्ता जागरूकता शिविर का हुआ आयेजन
कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग ने छात्र – छात्राओ को उपभोक्ता कानूनो की दी जानकारी
कोरबा। कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग ने सिपेट में उपभोक्ता जागरूकता शिविर का आयोजन जहां छात्र – छात्राओ´ को उपभोक्ता जागरूकता कानून के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उनके जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। छग राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्देशानुसार कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में उपभोक्ता जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणो को उपभोक्ता कानून की जानकारी देते हुए उन्हे उनके अधिकारो से अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में दस मार्च को कटघोरा विकासखंड अंतर्गत केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौघोगिकी संस्थान (सिपेट) में कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने छात्र-छात्राओ को उनके अधिकारों व हितों की विस्तृत जानकारी दी। सिपेट के सभागृह में छात्र कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ मे अतिथियो के औपचारिक परिचय उपरांत सिपेट के प्रबंधक राजीव कुमार लिल्हारे, ने उपस्थित अतिथियो का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात छात्र -छात्राओ ने नाटक के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता का संदेश दिया गया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग कोरबा की अध्यक्ष श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण उपभोक्ताओं, छात्र – छात्राओ को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराना है। उपभोक्ता जागरूकता ही शोषण से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
शिविर का उद्देश्य त्रुटिपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं में कमी ,अनुचित व्यापार प्रचलनों जैसे विभिन्न प्रकार के शोषण के विरुद्ध उपभोक्ताओं को प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराना है। जो लोग धोखाधड़ी, कालाबाजारी आदि के शिकार होते हैं वे इसके माध्यम से जागरूक होते हैं। उपभोक्ताओ की जागरूकता से ही उपभोक्ता संरक्षण की सार्थकता सिद्ध होगी। को ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा ई-हियरिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। ई जागृति एवं ई हियरिंग से अब उपभोक्ता घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा सुनवाई में भी ऑनलाइन शामिल हो सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। शिविर में छात्रो को दैनिक जीवन में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए यह भी बताया गया कि किसी भी वस्तु को क्रय करते समय उसकी अवसान तिथि/एक्सपायरी डेट, एमआरपी, गुणवत्ता चिन्ह (आईएसआई, एगमार्क आदि) का अवलोकन अवश्य करें। क्रय की गई प्रत्येक वस्तु का पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता अपने अधिकारों का संरक्षण कर सके। जिला आयोग में शिकायत दायर करने के लिए वाद मूल्य के आधार पर पंजीयन शुल्क 5 लाख तक शून्य, 5 लाख से अधिक और 10 लाख से कम पर 200 रूपये फीस, 10 लाख से अधिक 20 लाख से कम की फीस 400 रूपये, 20 लाख से अधिक और 50 लाख से कम की फीस 1000 रूपये होगी। उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों एवं हितों के लिए सतर्क रहना होगा एवं स्वयं जागरूक होना होगा, तभी जागो ग्राहक जागो की सार्थकता सिद्ध होगी। इस दौरान उपस्थित शिक्षिकाओ एवं अन्य छात्र – छात्राओ के प्रश्रों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री श्वेता जांगड़े ने किया। उपभोक्ता जागरूकता शिविर के दौरान आयोग के कर्मचारीगण रामायण पटेल, मनीराम श्रीवास, राजेश्वर इंग्ले, राजीव कुमार लिल्हारे, प्रबंधक (तकनीकी) वरूण कुमार गुप्ता, सतीश कुमार गुप्ता, अनिल साहू, श्रीमती बुध्देश्वरी पटेल एवं अन्य सिपेट के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, छात्र-छात्राऐं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नाटक के जरिए छात्र-छात्राओ ने उपभोक्ता जागरूकता का दिया संदेश सिपेट के छात्र-छात्रओ ने नाटक और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से उपभोक्त जागरूकता का संदेश देते हुए अत्यंत सराहनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से सोशल मिडिया एवं बैंक उपभोक्ताओ को झांसे में लेकर हो रही ठगी से जागरूक किया गया। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, जैसे- रसीद मांगना, एमआरपी की जांच करना, मिलावटी सामान के खिलाफ आवाज़ उठाना और शोषण से बचने के लिए जागरूक किया गया है। इन नाटकों के द्वारा ’जागो ग्राहक जागो’ का संदेश दिया गया हैं। हम कोई सामान दुकानदार से खरीदें तो दुकानदार से खरीदी गई वस्तु की रसीद अवश्य लें, अन्यथा दुकानदार आपके साथ धोखा भी कर सकता है। इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने उपभोक्ता को जागरूक करने का संदेश दिया।
बालकोनगर, 17 अगस्त 2026। वेदांताएल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियोंऔरबिजनेस पार्टनर्स की उपस्थिति में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर बालको प्रबंधन ने स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने प्रशासनिक भवन परिसर में ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया।
राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के उपरांत सीईओ राजेश सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों को दोहराने का संकल्प भी है। बालको की छह दशकों से अधिक की यात्रा देश के औद्योगिक विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान की यात्रा रही है। आज हम 10 लाख टन वार्षिक एल्यूमिनियम उत्पादन क्षमता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे कर्मचारी और बिजनेस पार्टनर्स हैं। सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार, पर्यावरण और सामुदायिक विकास हमारी प्राथमिकताएं हैं। आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सुरक्षित और बेहतर काम करने, लगातार सीखने और नए विचारों को अपनाने का संकल्प लें। हमारा हर प्रयास बालको के साथ-साथ देश के विकास में योगदान देता है। मिलकर हम एक मजबूत, सुरक्षित और बेहतर बालको का निर्माण कर सकते हैं।”
इस अवसर पर सीईओ राजेश सिंह ने ‘बालको समाचार’ का शुभारंभ किया। ‘बालको समाचार’ के माध्यम से कोरबा, गेवरा, कुसमुंडा, कटघोरा और दीपका सहित आसपास के क्षेत्रों तक बालको की गतिविधियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारियां पहुंचाई जाएगी। साथ ही कंपनी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें बालको की विकास यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को प्रदर्शित किया गया।
राजेश सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने बालको अस्पताल में जाकर मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग एवं चिकित्सा कर्मियों की समर्पित सेवाओं की सराहना करते हुए सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
बालको का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्र के प्रति गौरव, सामूहिक जिम्मेदारी और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में निरंतर योगदान देने की कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी प्रतीक रहा।
कोरबा। कोरबा पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डकैती की तीन घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान, साथ ही दीपका थाना क्षेत्र की दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातें हुई थीं। बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट कर नकदी और कीमती सामान लूटा था।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026, 131/2026 और दीपका थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच शुरू की।
टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों पर निगरानी रखी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखर, थाना बांकीमोंगरा; और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कोरबा। कोरबा किन्नर समाज की अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मालती किन्नर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मालती किन्नर को कोरबा में किन्नर समाज की मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। उन्होंने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया। वे त्योहारों और शुभ अवसरों पर बधाई देने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी अग्रणी रहीं।
महापौर पद का चुनाव लड़ चुकी थी
सामाजिक गतिविधियों के अलावा, मालती किन्नर राजनीति में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कोरबा नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उनके इस कदम ने किन्नर समाज को मुख्यधारा की राजनीति में पहचान दिलाई।
बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके मिलनसार स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण समाज के सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी किन्नर समाज की समस्याओं को उठाया।
नेताओं ने जताया शोक
मालती किन्नर के निधन की खबर से किन्नर समाज सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज को सम्मान दिलाने और हाशिए पर खड़े लोगों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
निधन की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से किन्नर समाज के सदस्य कोरबा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
मालती किन्नर के निधन से कोरबा ने एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया है। किन्नर समाज के सदस्यों का कहना है कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।