छत्तीसगढ़
LPG सिलेंडर की कमी के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा:महंत बोले-होटल संचालक परेशान, चंद्राकर बोले- ये सदन क्षेत्र से बाहर, नारेबाजी, कांग्रेस विधायक सस्पेंड
रायपुर,एजेंसी। विधानसभा के बजट सत्र में एलपीजी सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठते ही सदन में जोरदार हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश में सिलेंडर नहीं मिलने से लोग और होटल संचालक परेशान हैं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे सदन के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया, जिस पर पक्ष-विपक्ष में तीखी नारेबाजी शुरू हो गई।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनहित को देखते हुए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए, लेकिन सभापति ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह विषय केंद्र सरकार से जुड़ा है। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए जिन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं कार्यक्रमों के भुगतान के मुद्दे पर भाजपा विधायक लता उसेंडी ने अपनी ही सरकार को घेरा और मौखिक-लिखित आदेशों पर हुए कार्यक्रमों का भुगतान न होने का सवाल उठाया। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दस्तावेज मिलने पर जांच कर भुगतान कराने की बात कही। इस पर कवासी लखमा ने तंज कसा, जब लता उसेंडी की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो हमारी क्या होगी?

एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सदन में हंगामा।
सड़क हादसों को लेकर हंगामा
इससे पहले सदन में सड़क हादसों में हो रही मौतों का मुद्दा गूंजा। अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह ने पूछा कि 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी के क्या कारण हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि अकलतरा क्षेत्र में वर्ष 2024 में 76 लोगों की मौत हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 86 हो गई। वहीं वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 14 फरवरी तक ही 13 लोगों की जान जा चुकी है।
इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के विस्तार, वाहनों की संख्या बढ़ने और लोगों की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होती हैं, हालांकि 2024 की तुलना में 2025 में डेथ रेशियो कम हुआ है।
विधायक ने ड्रिंक एंड ड्राइव पर कार्रवाई और ट्रॉमा सेंटर की कमी का मुद्दा भी उठाया। मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान किया जाएगा।
वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का विषय गृह, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़ा है, इसलिए सभी विभागों को समन्वय से काम करना चाहिए।

वन मंत्री केदार कश्यप विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए।
प्रश्नकाल में विपक्ष के सवाल, पक्ष का जवाब
सवाल: विधायक किरण सिंह देव ने किस सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया?
जवाब: पीडब्ल्यूडी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सुकमा जिले में झीरम घाटी से एलेंगनार-उरकापाल-कांदानार तक 18 किलोमीटर सड़क निर्माण का मामला है।
सवाल: इस सड़क के लिए कितनी राशि तय की गई थी और टेंडर कब जारी हुआ था?
जवाब: मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 14 करोड़ 60 लाख रुपए तय किए गए थे और टेंडर 30 जनवरी 2023 को जारी हुआ।
सवाल: अब तक कितना काम हुआ और कितना भुगतान किया गया?
जवाब: केदार कश्यप ने कहा कि अर्थवर्क और जीएसबी तक का काम हुआ, 4 करोड़ 23 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
सवाल: सड़क निर्माण में देरी का कारण क्या है?
जवाब: मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि क्षेत्र घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम पहाड़ी होने के कारण विस्तृत सर्वेक्षण संभव नहीं हो पाया।
सवाल: कार्य को कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है?
जवाब: केदार कश्यप ने कहा कि टेंडर को दो भागों में बांटा गया, मॉनिटरिंग टीम गठित होगी, उच्च स्तर के अधिकारी सड़क का निरीक्षण करेंगे और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई होगी।
मुंगेली सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्य पर विधानसभा में चर्चा
सवाल: विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण कराया?
जवाब: मुंगेली जिला और मुंगेली से अन्य जिलों को जोड़ने वाली सड़कों के जर्जर होने और दुर्घटनाओं का।
सवाल: सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए क्या कार्रवाई हो रही है?
जवाब: पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने कहा कि मरम्मत और नवीनीकरण का काम जारी है, बजट में राशि का प्रावधान किया गया है और मुंगेली-नांदघाट रोड की 114 करोड़ की 36 किमी सड़क का निर्माण जल्द शुरू होगा।
सवाल: अन्य सड़कों की स्थिति क्या है?
जवाब: कई सड़के खराब हैं और उनके निर्माण के लिए प्राकलन स्वीकृति प्रक्रिया में है; नियमित संधारण का काम भी जारी है।
सवाल: सड़क खराब होने से हुई दुर्घटनाओं पर मंत्री ने क्या कहा?
जवाब: मंत्री ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि पिछली 5 सालों में मरम्मत नहीं हुई थी, अब लगातार मरम्मत और निर्माण कार्रवाई हो रही है।
सवाल: शहर और ग्रामीण सड़कों का क्या हाल है?
जवाब: मुंगेली-बेमेतरा सड़क का काम चल रहा है, तखतपुर, मुंगेली और पंडरिया के शहरी सड़कों का निर्माण टेंडर सहित जल्द शुरू होगा।

कार्यवाही के दौरान सभापति धरमलाल कौशिश।
कोरबा
24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा
आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा सार्वजनिक वाचन एवं अनुमोदन
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद फाइनल सूची आवास सॉफ्टवेयर में होगी अपलोड
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एवं रोजगार संबंधी प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी
कोरबा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार हितग्राहियों की सूची का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्र एवं प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाई जाएगी। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण मौके पर ही अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को अंतिम रूप देकर आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

बैठक में पंचायतों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा तथा पूर्व में पारित प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के रखरखाव, नए विकास कार्यों की प्राथमिकताओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
ग्राम सभा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
ग्राम सभा में स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के विषय में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
जिला प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों एवं गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।
कोरबा
कोरबा में शराब दुकान शिफ्टिंग पर विवाद:आबकारी इंस्पेक्टर के व्यवहार से भड़के स्थानीय लोग, हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
कोरबा। कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए।
यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया।
पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी।

पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।
इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया।

हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती।
छत्तीसगढ़
महादेव ऐप के सौरभ से भूपेश की कथित चैट वायरल:पूर्व सीएम ने बताया फर्जी, बोले- छवि खराब करने की कोशिश, 2 यूट्यूबर्स पर FIR
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल कंटेंट को फर्जी बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही भूपेश कहा कि फर्जी जानकारी वायरल करने वालों के खिलाफ मेरी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।

दरअसल, वायरल चैट में सीएम भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिख रहा है। इसमें कथित तौर पर सौरभ चंद्राकर को कहा गया है कि नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं। इन यूट्यूबर्स ने इसे लेकर खबरें चलाई थी।
वहीं आरोपी बनाए गए यूट्यूबर पुष्पराज सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है मैं किसी पर आरोप लगाने नहीं आ रहा हूं। सबूत के साथ आएंगे धांधली कहां से होती है, कैसे होती है और क्यों होती है? सबूत पहले सामने रखेंगे। इसके बाद वह आत्महत्या की बात भी कह रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक कथित यूजरनेम के बीच मैसेज में बातचीत हुई है।

वायरल चैट के स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि सुबह से फोटोशॉप की गई फर्जी तस्वीरों के आधार पर खबरें चलाई जा रही हैं।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल चैट पूरी तरह फर्जी है और इसमें दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कथित फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और कहा कि यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और इसके पीछे जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।
भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, किया प्रदर्शन
इधर, इस कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह पर FIR
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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