छत्तीसगढ़
महिला के खाते से करोड़ों का ट्रांजेक्शन:रायगढ़ में CSR फंड से अनुदान दिलाने खुलवाया खाता, साइबर-फ्रॉड गैंग को उपलब्ध कराते थे अकाउंट,5 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़,एजेंसी। रायगढ़ में CSR फंड से अनुदान दिलाने के नाम पर एक महिला के बैंक खाते का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन करने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला साइबर थाना रायगढ़ क्षेत्र का है।
दरअसल, इंदिरानगर निवासी आयशा परवीन, जो आयुष शिक्षा समिति से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 12 मार्च को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें बताया कि दिसंबर 2025 में उनके भांजे ने उनकी पहचान अभय यादव और विजय चंद्रा से कराई थी।
आरोपियों ने बताया कि एक कंपनी CSR मद से सामाजिक कार्यों के लिए अनुदान देना चाहती है। इसके बाद महिला की संस्था से जुड़े दस्तावेज लेकर आरोपियों ने उनके नाम से Axis Bank में बैंक खाता खुलवाया।

आरोपियों ने अनुदान राशि दिलाने के नाम पर महिला के बैंक खाते का इस्तेमाल किया।
गुवाहाटी बुलाकर कराया गया ट्रांजेक्शन
खाता खुलवाने के बाद आरोपियों ने महिला को कंपनी में नौकरी और अनुदान राशि देने का लालच देकर गुवाहाटी बुलाया। महिला और उसके पति की फ्लाइट टिकट और होटल में ठहरने की व्यवस्था भी आरोपियों ने की।
वहां पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने खुद को कंपनी के अधिकारी बताकर उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाई और बैंक खाते से संबंधित एक्सेस अपने पास ले लिया। करीब एक सप्ताह तक उन्हें वहीं रोककर खाते से कई ट्रांजेक्शन किए गए।
बैंक से मिली संदिग्ध लेनदेन की जानकारी
रायगढ़ लौटने के बाद महिला को बैंक से कॉल आया कि उसके खाते में संदिग्ध लेनदेन हो रहे हैं। बाद में विभिन्न राज्यों से मेल भी मिलने लगे, जिनमें साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम उसके खाते में जमा होने की जानकारी दी गई। जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 से उसके खाते में करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हो चुके थे।
5 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मितेश सोनी (31) निवासी भिलाई-3, विजय चंद्रा (35) निवासी सक्ती, अजय साहू (35) निवासी रायगढ़, अभय यादव (23) और सचिन चौहान (24) शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर फ्रॉड गैंग को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते
जांच में पता चला कि, आरोपी अभय यादव पहले एक स्थानीय बैंक में काम कर चुका है। इसी दौरान उसकी पहचान विजय चंद्रा से हुई और फिर अन्य आरोपियों से संपर्क हुआ। इसके बाद सभी को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर साइबर फ्रॉड गैंग के लिए कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया।
ये आरोपी अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। इसके बदले उन्हें 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या वित्तीय लेनदेन से सावधान रहें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

कोरबा
सड़क दुर्घटना रोकने बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट्स की पुलिस ने ली बैठक
कोरबा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पुलिस प्रशासन ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत जरूरी कवायद शुरू कर दी है।

इसके तहत बुधवार को एएसपी लखन पटले ने बालको थाना में बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की संयुक्त बैठक ली। इस दौरान उनके साथ सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी युवराज तिवारी भी मौजूद रहे। एएसपी पटले ने बैठक में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर भारी वाहनों के कारण होने वाली रात्रि दुर्घटनाओं को रोकने अब सुरक्षा मानकों में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों को निर्देशित किया कि सभी भारी वाहनों के पीछे रेडियम पट्टी (रिफ्लेक्टिव टेप) लगाना अनिवार्य है, ताकि रात के अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई दे सकें। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
कोरबा
कोरबा के SECL कुसमुंडा खदान में चलती डम्फर में आग:शॉर्ट सर्किट से लगी, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के गोदावरी फेंस में बुधवार देर रात एक चलती 100 टन क्षमता वाली डम्फर में आग लग गई। कोयला परिवहन कर रही इस डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। पीछे चल रही दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेंस एरिया में हुई। एसईसीएल की 100 टन डम्फर कोयला लेकर जा रही थी, तभी अचानक उसके इंजन से धुआं उठने लगा।

डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
कुछ ही सेकण्ड्स में आग की लपटें दिखी
पीछे चल रहे दूसरे डम्फर के ड्राइवर ने आग देखकर हॉर्न बजाकर आगे वाले ड्राइवर को सतर्क किया। कुछ ही सेकंड में आग की लपटें निकलने लगीं।
दमकल आते तक गाड़ी का एक हिस्सा जल कर खाक
बताए जाने पर डम्फर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को साइड में खड़ा किया और कूदकर बाहर निकल आया। इसके तुरंत बाद पूरी डम्फर आग की चपेट में आ गई। खदान में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
खदान में पहले भी हुई है इसी घटनाएं
कुसमुंडा खदान में डम्फर में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी के कारण एसईसीएल के भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खदान कर्मियों का आरोप है कि वाहनों का नियमित रखरखाव न होने और पुराने डम्फरों के इस्तेमाल से ऐसे हादसे हो रहे हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की बात कही है । मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है।
कोरबा
शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने ईंट से हमला कर पिता को मौत के घाट उतारा
कोरबा। कोरबा उरगा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने पिता की हत्या करने वाले नाबालिग (17) के विरुद्ध पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के एक गांव में 46 वर्षीय व्यक्ति का अपने नाबालिग बेटे से घरेलू बातों और पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर नाबालिग ने अपने पिता के सिर और चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में पिता को गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है, जिस से नाबालिग ने अपने पिता को मार डाला।
इलाज के दौरान घायल पिता की मौत हो गई
घटना के बाद परिजनों ने घायल को तुरंत जिला हॉस्पिटल कोरबा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में इलाज के दौरान 7 अप्रैल को घायल पिता की मौत हो गई। मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मौत की पुष्टि होते ही, थाना उरगा में 28 अप्रैल को अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बेटा शराब पीने का आदी था
बताया जा रहा है कि नाबालिग बेटा शराब पीने का आदी था। घटना वाले दिन उसने शराब के लिए पैसे मांगे थे और पैसे न मिलने पर उसने पिता पर हमला कर दिया था। मृतक की उम्र लगभग 46 साल बताई जा रही है, जबकि नाबालिग की उम्र करीब 17 साल है।

-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized7 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
