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छत्तीसगढ़

CM बोले-ऐसा कोई सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं:विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग, ‘जी राम जी’ पर हंगामा, भूपेश ने मनरेगा को बताया बेहतर

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन सदन में अवैध प्लॉटिंग और ‘जी राम जी’ के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मनरेगा को बेहतर बताया। जवाब में सत्ता पक्ष से अजय चंद्राकर ने कहा सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं है। जिसके बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

वहीं, सदन में बजट अनुदान मांग‌ पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कांग्रेस के 5 साल में ये बात फेमस थी कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं। इसके साथ ही सीएम ने नक्सलवाद, पेपर लीक, गौठान, शराब, रेत माफिया समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाए।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछा- 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक कितनी शिकायतें मिलीं? उन्होंने अवैध प्लाटिंग को लेकर खसरों की जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 शिकायतों की जानकारी मिली है। कांकेर में 5 शिकायत मिली, कुल 175 खसरा में 8 की जांच हुई। जांच और कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अब 3 पटवारी का इंक्रीमेंट रोका गया है। कई अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस दिया गया, अवैध प्लाटिंग को रोकने पर पूरा जोर है।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछे सवाल।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछे सवाल।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल- ये सवाल प्रत्येक सत्र में आता है। प्रदेश में कितने अवैध कॉलोनी बनी। कितने लोगों के ऊपर कार्रवाई हुई है। पटवारी पर कार्रवाई को कितने दिन हो गए।

मंत्री टंक राम वर्मा- अधिकारियों को अधिकार दिया गया है कार्रवाई करने का। तीनों पटवारी के वेतन वृद्धि को रोका गया है। 67 लोगों को नोटिस दिया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- कितने लोगों के ऊपर अब तक प्रदेश भर में कार्रवाई हुई।

मंत्री संतोष पूर्ण जवाब नहीं दे पाए।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली है।

विपक्ष में EOW से जांच कराने की मांग की।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर – आपने कहा अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई नहीं करने का कारण SIR को बताया, लेकिन ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

टंकराम वर्मा – नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

अजय चंद्राकर – आप बताने की स्थिति नहीं हैं क्या कि कब कार्रवाई करेंगे।

अजय चंद्राकर ने पूछा- ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

अजय चंद्राकर ने पूछा- ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

टंकराम वर्मा – समय सीमा बताना संभव नहीं है।

भूपेश बघेल – 25 मिनट हो गए में मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे। धमतरी का पूछो तो कांकेर का जवाब देंगे और कांकेर का पूछो तो धमतरी का। क्या विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे?

टंकराम वर्मा – इसके लिए हमारा राजस्व विभाग सक्षम है। विभाग से ही जांच कराएंगे।

भूपेश बघेल – अवैध कॉलोनियों को मंत्री जी का विभाग बढ़ावा दे रहा है। उनको मंत्री का संरक्षण प्राप्त है।

विपक्ष का वॉकआउट।

कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर पूछे सवाल।

कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर पूछे सवाल।

नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर सवाल

इसके बाद कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने महासमुंद वनमंडल के सरायपाली वन परिक्षेत्र के जंगलबेड़ा गांव में नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर सवाल पूछा। चातुरी नंद ने मूल प्रश्न बदलने का आरोप लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- मामला बेहद गंभीर है, मूल प्रश्न बदला गया है, ऐसे में जांच कर दोषी विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

वन मंत्री केदार कश्यप- 2025 को लेकर प्रश्न पूछा गया है, जिसका उत्तर हम दे रहे हैं।

विधायक चातुरी नंद- मेरा मूल प्रश्न 2025 को लेकर था ही नहीं।

आसंदी से सभापति ने कहा- प्रश्न अनिश्चितकाल के संदर्भ में था, क्योंकि अवधि उल्लेखित नहीं थी, इसलिए अवधि तय की गई, वरना प्रश्न नहीं लिया जा सकता था।

जी राम जी के विरोध में स्थगन प्रस्ताव

जी राम जी के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल में सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थगन लाने का जिक्र करते हुए पहले के मनरेगा को बेहतर बताया। स्थगन को ग्राह्य कर चर्चा कराने की मांग की।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष के राजनीति का अड्डा नहीं, ये कांग्रेस की राजनीति का मंच नहीं, ये सदन जनता का मंच है। सदन का समय कीमती है। पक्ष-विपक्ष की ओर से तीखी नोक-झोंक हुई, सदन में जोरदार हंगामा हुआ, नारेबाजी होने लगी।

सदन की कार्यवाही का बहिष्कार

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के मुद्दे पर राजनीति करनी हो तो हम करेंगे। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

सदन में बजट अनुदान मांग‌ पर चर्चा

अपने विभागों से सम्बंधित बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- कांग्रेस के 5 साल में ये बात फेमस थी कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं, उन्होंने अपनों को भी नहीं छोड़ा। आज वो सदन में नहीं है।

गौठनों की स्थिति उनके वक्त देखकर बहुत दुख होता था। शराब के लिए दो-दो काउंटर है। आबकारी से राजस्व का इस साल अनुमान 11 हजार करोड़ के आसपास है। ऐसा इसलिए हो पा रहा है क्योंकि हमने पारदर्शिता बरती। परीक्षाओं में भी धांधली उन्होंने की, अपने कुटुम्बों को भी फायदा पहुंचाया पर ये ज्यादा दिन टीका नहीं शार्ट टर्म रिचार्ज था।

नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में बहुत आगे बढ़ा चुका है, शांति और विकास के सपने को हम साकार कर रहे हैं। खनीज से बड़ी राशि पिछली सरकार के लोगों ने हजम कर लिया।

जनकल्याणकारी योजना की राशि उन लोगों के बंगले में पहुंचा जो पहले से ही चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। कांग्रेस की सरकार ने ट्रांजिट पास में गड़बड़ी की। हमने डीएमएफ के काम को पारदर्शी किया है, पहले कांग्रेस की सरकार में कलेक्टरों को फोन किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा- पिछली सरकार में रेत माफिया नदियों को छलनी करते रहें, अपने लोगों को फायदा पहुंचाने नियम बनाये गए, उस वक्त माफिया बेलगाम थी और सरकार मस्त। हमने रेत की ई-नीलामी शुरू की, पारदर्शिता लाया।

हमारा प्रदेश प्रमुख ऊर्जा प्रदाता है, 30 हजार मेगावाट हमारी क्षमता है। कांग्रेस की सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में 5 साल गंवाने का काम किया। 32 हजार मेगावाट क्षमता के विभिन्न परियोजनाओं को लेकर हमारी सरकार ने MOU भी किया है। 28 लाख उपभोक्ताओं को हाल ही में बकाया पर छूट भी दी गई है।

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कोरबा

निगम का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 एम.आई.सी. द्वारा पारित, साधारण सभा की ओर अग्रेषित

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मेयर इन काउंसिल की बैठक में निगम केे विभिन्न कार्यो से जुडे़ प्रस्तावों को दी गई स्वीकृति

(महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में नव निर्मित सभागार मे सम्पन्न हुई मेयर इन काउंसिल की पहली बैठक)

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 एमआईसी द्वारा पारित कर आवश्यक स्वीकृति हेतु साधारण सभा की ओर अग्रेषित किया गया। मेयर इन काउंसिल द्वारा निगम के विभिन्न कार्यो से जुडे़ प्रस्तावों पर विचार विमर्श पश्चात सर्वसम्मति से आवश्यक स्वीकृतियांॅं भी दी गई, साथ ही राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना एवं सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेेंशन योजना के हितग्राहियों को भी एम.आई.सी. द्वारा अपनी स्वीकृति प्रदान की गई।

महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की विशेष उपस्थिति में निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक आज पं.जवाहरलाल नेहरू सभागार स्थित एम.आई.सी. कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, भानुमति जायसवाल, अजय गोंड़, फिरतराम साहू, उर्वशी राठौर, ममता यादव, अजय कुमार चन्द्रा एवं सरोज शांडिल्य आदि उपस्थित थे। नगर पालिक निगम कोरबा का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 मेयर इन काउंसिल के समक्ष रखा गया, एमआईसी द्वारा सर्वसम्मति से बजट प्रस्ताव को पारित करते हुए बजट को आवश्यक स्वीकृति हेतु निगम की आगामी साधारण सभा की ओर अग्रेषित किया गया। बैठक के दौरान पेनल लायर की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, जाति उद्घोषणा की स्वीकृति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता व मुख्यमंत्री पेंशन योजना के हितग्राहियों की स्वीकृति, जल आवर्धन फेस-2 अंतर्गत 29 एम.एल.डी. जलउपचार संयंत्र के संधारण संचालन कार्य, वीर सावरकर भवन के आबंटन, अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्रांतर्गत 05 करोड़ 93 लाख रूपये से मुख्य सड़कों का डामरीकरण सहित शहर के विभिन्न मार्गो के डामरीकरण कार्य से जुड़े प्रस्तावों, बुधवारी बाजार पुर्नविकास परियोजना, सीबीजी प्लांट एरिया बरबसपुर में विभिन्न निर्माण कार्य, हाई मास्ट लाईट स्ट्रीट लाईट आदि से जुड़े कार्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, पालना घर कार्यकर्ता एवं सहायिक नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, मुड़ापार बाजार में प्रकाश व्यवस्था, निगम क्षेत्रांतर्गत जल प्रदाय संचालन संधारण हेतु श्रमिक प्रदाय सहित बैठक में प्रस्तुत अन्य प्रस्तावों पर निगम की एमआईसी द्वारा स्वीकृतियाॅं दी गई तथा प्रस्तावों पर आवश्यक निर्णय लिये गये। 

बैठक के दौरान निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, उपायुक्त पवन वर्मा एवं बी.पी.त्रिवेदी,  लेखाधिकारी भवकांत नायक, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, संपदा अधिकारी सचिन तिवारी, जोन कमिश्नर व कार्यपालन अभियंता भूषण उरांव, एन.के.नाथ, अखिलेश शुक्ला, राकेश मसीह, लीलाधर पटेल, सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.संजय तिवारी, सहायक अभियता पीयूष राजपूत, सुशील चन्द्र सोनी, दीवाकांत जायसवाल, आनंद दुबे, अरूण मिश्रा, अरविंद सिंह, उदय मंडल, आदि के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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कोरबा

कोरबा: अडानी पावर परियोजना में हड़ताल पर प्रशासन ने लिया संज्ञान, सहमति के बाद काम शुरू

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कोरबा। ग्राम पताढ़ी स्थित Korba Power Limited की 2×660 मेगावाट विस्तार परियोजना में मजदूरों की हड़ताल पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया। मजदूर 14 मार्च से वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान, कार्य अवधि समेत विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे तीन दिनों तक परियोजना कार्य प्रभावित रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 16 मार्च से वार्ता शुरू कराई और 17 मार्च को प्रशासन, ठेका कंपनी, प्रबंधन व श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में मजदूरों की प्रमुख मांगों पर चर्चा कर सहमति बनाई गई।

प्रबंधन की ओर से न्यूनतम मजदूरी लागू रखने, ओवरटाइम का दोगुनी दर से भुगतान, दुर्घटना की स्थिति में वैधानिक मुआवजा, कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं और वेतन पर्ची देने पर सहमति बनी।
सहमति के बाद मजदूरों ने हड़ताल समाप्त कर दी है और 18 मार्च से सभी श्रमिक कार्य पर लौटेंगे। प्रशासन के हस्तक्षेप से ठप पड़ा परियोजना कार्य फिर से शुरू होने की राह पर है। जिसकी जानकारी अडानी पावर परियोजना के अधिकारियों की तरफ से दी गई है।

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कोरबा

80 फीसदी कमाई दे रहे कोरबा की उपेक्षा क्यों : ज्योत्सना, रेलवे बजट में अनुदान मांगों पर बोली कोरबा सांसद

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कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने लंबे समय से रेल यात्री सुविधाओं को लेकर कोरबा की उपेक्षा का मामला रेल बजट में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उठाया। उन्होंने सीधे पूछा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को 80 फीसदी कमाई कोरबा दे रहा है तो फिर वहां के लोगों को यात्री सुविधाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से राजस्व उस क्षेत्र को न्याय मिलना ही चाहिए।

सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा में 30 लाख से ज्यादा की लागत से निर्मित पिटलाइन को शुरू कराने के साथ ट्रेनों को मालगाडिय़ों की दया पर न छोडऩे की बात भी कही। सांसद ने कोरबा के मुद्दे को लेकर कहा कि आखिर यहां पर फ्लैगशिप योजना के तहत बनाई गई पिटलाइन को शुरू करने में क्या दिक्कत है। जब तक पिटलाइन पूरी तरह सक्रिय नहीं होगी तब तक नई यात्री ट्रेनें कैसे शुरू होगी। उनका कहना था कि सरकार वंदे भारत के विज्ञापन पर करोड़ों खर्च कर रही है और कोरबा में आम आदमी को लोकल गाड़ी के लिए 4-4 घंटे प्रतिक्षा करनी पड़ रही है।

उन्होंने गेवरा-पेण्ड्रा रेल कॉरिडोर का काम 10 साल बाद भी पूरा न होने पर सवाल खड़े किए। कोरबा से कटनी मार्ग पर एक भी सीधी गाड़ी न होने और कोरबा राउरकेला के बीच बने रेल ट्रैक पर 5 साल में मालगाडिय़ों के संचालन के बावजूद यात्री गाड़ी की कमी पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि क्या यहां के लोगों को रेल यात्रा का अधिकार नहीं है। सांसद ने चाम्पा, सक्ती स्टेशन पर गीतांजलि व अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। उन्होंने कोरबा क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी के मसले को लेकर कहा कि स्थिति यह है कि मालगाडिय़ों के लिए यात्री ट्रेनें घंटों लेट कर दी जाती है। क्या सरकार भूल गई है कि रेल लोक कल्याणकारी सेवा है न कि केवल कॉमर्शियल लोडिंग कंपनी। जब अमृत भारत स्टेशन बनाए जा रहे है और नई पटरियां बिछाई जा रही है तो फिर यात्री ट्रेनों का वास्ता इनसे क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनें जैसे नर्मदा एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और तिरूपति एक्सप्रेस बिलासपुर आकर ठहर जाती है। इनका विस्तार कोरबा तक करने में कोई समस्या नहीं है। इससे यात्रियों को और रेलवे को दोनों को फायदा होगा।

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