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छत्तीसगढ़

CM बोले-ऐसा कोई सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं:विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग, ‘जी राम जी’ पर हंगामा, भूपेश ने मनरेगा को बताया बेहतर

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन सदन में अवैध प्लॉटिंग और ‘जी राम जी’ के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मनरेगा को बेहतर बताया। जवाब में सत्ता पक्ष से अजय चंद्राकर ने कहा सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं है। जिसके बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

वहीं, सदन में बजट अनुदान मांग‌ पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कांग्रेस के 5 साल में ये बात फेमस थी कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं। इसके साथ ही सीएम ने नक्सलवाद, पेपर लीक, गौठान, शराब, रेत माफिया समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाए।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछा- 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक कितनी शिकायतें मिलीं? उन्होंने अवैध प्लाटिंग को लेकर खसरों की जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 शिकायतों की जानकारी मिली है। कांकेर में 5 शिकायत मिली, कुल 175 खसरा में 8 की जांच हुई। जांच और कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अब 3 पटवारी का इंक्रीमेंट रोका गया है। कई अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस दिया गया, अवैध प्लाटिंग को रोकने पर पूरा जोर है।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछे सवाल।

कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछे सवाल।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल- ये सवाल प्रत्येक सत्र में आता है। प्रदेश में कितने अवैध कॉलोनी बनी। कितने लोगों के ऊपर कार्रवाई हुई है। पटवारी पर कार्रवाई को कितने दिन हो गए।

मंत्री टंक राम वर्मा- अधिकारियों को अधिकार दिया गया है कार्रवाई करने का। तीनों पटवारी के वेतन वृद्धि को रोका गया है। 67 लोगों को नोटिस दिया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- कितने लोगों के ऊपर अब तक प्रदेश भर में कार्रवाई हुई।

मंत्री संतोष पूर्ण जवाब नहीं दे पाए।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली है।

विपक्ष में EOW से जांच कराने की मांग की।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर – आपने कहा अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई नहीं करने का कारण SIR को बताया, लेकिन ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

टंकराम वर्मा – नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

अजय चंद्राकर – आप बताने की स्थिति नहीं हैं क्या कि कब कार्रवाई करेंगे।

अजय चंद्राकर ने पूछा- ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

अजय चंद्राकर ने पूछा- ये कॉलोनी कब बनी और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।

टंकराम वर्मा – समय सीमा बताना संभव नहीं है।

भूपेश बघेल – 25 मिनट हो गए में मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे। धमतरी का पूछो तो कांकेर का जवाब देंगे और कांकेर का पूछो तो धमतरी का। क्या विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे?

टंकराम वर्मा – इसके लिए हमारा राजस्व विभाग सक्षम है। विभाग से ही जांच कराएंगे।

भूपेश बघेल – अवैध कॉलोनियों को मंत्री जी का विभाग बढ़ावा दे रहा है। उनको मंत्री का संरक्षण प्राप्त है।

विपक्ष का वॉकआउट।

कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर पूछे सवाल।

कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर पूछे सवाल।

नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर सवाल

इसके बाद कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने महासमुंद वनमंडल के सरायपाली वन परिक्षेत्र के जंगलबेड़ा गांव में नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर सवाल पूछा। चातुरी नंद ने मूल प्रश्न बदलने का आरोप लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- मामला बेहद गंभीर है, मूल प्रश्न बदला गया है, ऐसे में जांच कर दोषी विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

वन मंत्री केदार कश्यप- 2025 को लेकर प्रश्न पूछा गया है, जिसका उत्तर हम दे रहे हैं।

विधायक चातुरी नंद- मेरा मूल प्रश्न 2025 को लेकर था ही नहीं।

आसंदी से सभापति ने कहा- प्रश्न अनिश्चितकाल के संदर्भ में था, क्योंकि अवधि उल्लेखित नहीं थी, इसलिए अवधि तय की गई, वरना प्रश्न नहीं लिया जा सकता था।

जी राम जी के विरोध में स्थगन प्रस्ताव

जी राम जी के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल में सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थगन लाने का जिक्र करते हुए पहले के मनरेगा को बेहतर बताया। स्थगन को ग्राह्य कर चर्चा कराने की मांग की।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष के राजनीति का अड्डा नहीं, ये कांग्रेस की राजनीति का मंच नहीं, ये सदन जनता का मंच है। सदन का समय कीमती है। पक्ष-विपक्ष की ओर से तीखी नोक-झोंक हुई, सदन में जोरदार हंगामा हुआ, नारेबाजी होने लगी।

सदन की कार्यवाही का बहिष्कार

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के मुद्दे पर राजनीति करनी हो तो हम करेंगे। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

सदन में बजट अनुदान मांग‌ पर चर्चा

अपने विभागों से सम्बंधित बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- कांग्रेस के 5 साल में ये बात फेमस थी कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं, उन्होंने अपनों को भी नहीं छोड़ा। आज वो सदन में नहीं है।

गौठनों की स्थिति उनके वक्त देखकर बहुत दुख होता था। शराब के लिए दो-दो काउंटर है। आबकारी से राजस्व का इस साल अनुमान 11 हजार करोड़ के आसपास है। ऐसा इसलिए हो पा रहा है क्योंकि हमने पारदर्शिता बरती। परीक्षाओं में भी धांधली उन्होंने की, अपने कुटुम्बों को भी फायदा पहुंचाया पर ये ज्यादा दिन टीका नहीं शार्ट टर्म रिचार्ज था।

नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में बहुत आगे बढ़ा चुका है, शांति और विकास के सपने को हम साकार कर रहे हैं। खनीज से बड़ी राशि पिछली सरकार के लोगों ने हजम कर लिया।

जनकल्याणकारी योजना की राशि उन लोगों के बंगले में पहुंचा जो पहले से ही चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। कांग्रेस की सरकार ने ट्रांजिट पास में गड़बड़ी की। हमने डीएमएफ के काम को पारदर्शी किया है, पहले कांग्रेस की सरकार में कलेक्टरों को फोन किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा- पिछली सरकार में रेत माफिया नदियों को छलनी करते रहें, अपने लोगों को फायदा पहुंचाने नियम बनाये गए, उस वक्त माफिया बेलगाम थी और सरकार मस्त। हमने रेत की ई-नीलामी शुरू की, पारदर्शिता लाया।

हमारा प्रदेश प्रमुख ऊर्जा प्रदाता है, 30 हजार मेगावाट हमारी क्षमता है। कांग्रेस की सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में 5 साल गंवाने का काम किया। 32 हजार मेगावाट क्षमता के विभिन्न परियोजनाओं को लेकर हमारी सरकार ने MOU भी किया है। 28 लाख उपभोक्ताओं को हाल ही में बकाया पर छूट भी दी गई है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

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योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदम

  •  डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर , उप संचालक, जनसंपर्क
 विशेष लेख : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे। 

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है। 

प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।

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कोरबा

प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा करे सरकार –  जयसिंह अग्रवाल

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कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए जाने तथा हितग्राहियों को राशि प्रदान करने की बात कही जा रही है, किंतु जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

कोरबा जिले में लगभग 1000 ऐसे हितग्राही परिवार हैं, जिनके आवास निर्माण कार्य की शुरुआत तो हो चुकी है तथा प्रथम किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बाद की किस्तें लंबे समय से जारी नहीं की गई हैं। परिणामस्वरूप उनके मकान अधूरे पड़े हुए हैं और निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। कई हितग्राहियों ने अपने पुराने मकानों को तोड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास का निर्माण प्रारंभ किया था। अब राशि के अभाव में उनके घर अधर में लटके हुए हैं, जिससे उन्हें रहने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आर्थिक संकट भी लगातार गहराता जा रहा है।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि यदि शासन के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है तो, पहले से स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण करने की प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। वर्तमान में सरकार द्वारा लगातार नए आवासों की घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि पहले से शुरू किए गए हजारों गरीब परिवारों के आवास अधूरे पड़े हुए हैं।
सरकार को नए वादे और घोषणाएं करने से पहले उन गरीब परिवारों की चिंता करनी चाहिए जो वर्षों से अपनी अगली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शासन से मांग है कि लंबित किश्तों का तत्काल भुगतान कर अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सके।

स.क.                  नाम                    मोबाईल नं.                       वार्ड नं.         पेमेन्ट स्थिति
1                 सोमनाथ महतो         9630548486                   19               द्वितीय किस्त
2                 सोनकुमारी यादव     8959193699                     04               द्वितीय किस्त
3                 पिंकी देवी साव         6266968367                     36               द्वितीय किस्त
4                 रीना राजपुत             7880108046                     19               द्वितीय किस्त
5                 राधा बाई                  9630772712                     19                द्वितीय किस्त
6                 मीनी देवी                 8817956576                      01               तृतीय किस्त
7                 बीना विश्वकर्मा          9098139729                      04                तृतीय किस्त
8                 युगल किशोर बरेठ    9893657303                     19                 तृतीय किस्त
9                 शैल बरेठ                  9826853464                     20                  तृतीय किस्त
10               मन्नू विश्वकर्मा            8827339741                     04                  तृतीय किस्त
11               राजू निषाद               7809336023                     19                  द्वितीय किस्त
12               सुष्मा टोप्पो              8817092859                     36                   द्वितीय किस्त
13               कौशल्या केवट                  —                                10        द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त
14               सीता बाई यादव                 —                                10                  द्वितीय किस्त
15               पुंष्पा चौहान                       —                                10                  द्वितीय किस्त
16               कमला कुम्हार                    —                                10                  तृतीय किस्त
17               शिव कुमार साहू                 —                                 10                   द्वितीय किस्त
18                कृष्णा बाई निर्मलकर     7725099238                   22     द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त

ऐसे अनेक परिवार हैं जो दूसरी एवं तीसरी किस्‍त के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं । बरसात सर पर है और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के सर पर छत नहीं है । राज्‍य सरकार इन हितग्राहियों को शीघ्र राशि उपलब्‍ध कराये जिससे ये अपना घर बना सके ।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन रिसॉर्ट्स में मिलेगा विश्वस्तरीय भोजन

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आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न

आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों को अब वैश्विक स्तर का खान-पान और शानदार आतिथ्य अनुभव मिलेगा। इस दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट कर्मचारियों के लिए आयोजित द्वितीय कलिनरी स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) नवा रायपुर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट्स की सेवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना है।

आधुनिक पाक कला और स्वच्छता मानकों का मिला व्यावहारिक ज्ञान

 इस प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न रिसॉर्ट्स से आए कर्मचारियों को आधुनिक कुकिंग तकनीकों, फूड प्रेजेंटेशन (खाद्य प्रस्तुतीकरण), लागत नियंत्रण और रसोई संचालन (किचन मैनेजमेंट) के गुर सिखाए गए। साथ ही, पर्यटकों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाइजीन (स्वच्छता) एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। आईएचएम रायपुर के अनुभवी संकाय सदस्यों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को भारतीय, क्षेत्रीय और समकालीन व्यंजनों को तैयार करने की बारीकियां सिखाईं।

आतिथ्य सेवाओं से मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान- डॉ. भारती दासन

आईएचएम रायपुर परिसर में आयोजित समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग में गुणवत्तापूर्ण भोजन और उत्कृष्ट सेवाएं किसी भी पर्यटक के सफर को यादगार बनाती हैं। यदि प्रशिक्षित कर्मचारी इन तकनीकों को अपने रिसॉर्ट्स में लागू करेंगे, तो इससे न केवल पर्यटकों की संतुष्टि बढ़ेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सर्विस क्वालिटी ही सफलता की कुंजी- विवेक आचार्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक तथा आईएचएम रायपुर के प्राचार्य विवेक आचार्य ने कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सेवाओं की गुणवत्ता ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों में नवाचार, दक्षता और व्यावसायिकता लाने में मील का पत्थर साबित होगा।

 यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईएचएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। समापन समारोह में पर्यटन मंडल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न रिसॉर्ट्स के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

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