देश
Tamil Nadu Elections: तमिलनाडु में शाम पांच बजे तक 82.24 प्रतिशत हुआ मतदान, 234 सीटों पर हो रहा है चुनाव
चेन्नई,एजेंसी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान आज सुबह सात बजे से जारी है। चुनाव आयोग के आकड़े मुताबिक शाम पांच बजे तक 82.24 प्रतिशत हुआ मतदान हुआ है। जबिक दोपहर तीन बजे तक 70 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि मतदाताओं में इसको लेकर खासा उत्साह है। तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव कराया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 6 बजे तक तो भी मतदाता लाइन में लगे हैं वह अपने मताअधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।
भीषण गर्मी के बावजूद सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाता कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिये। जिससे मतदाताओं का उत्साह देखते ही बनता है। राज्य के नामक्कल जिले में शुरुआती छह घंटों में अपराह्न तीन बजे तक सबसे अधिक 76.43 प्रतिशत और कन्याकुमारी जिले में सबसे कम 61.95 प्रतिशत मतदान हुआ। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 68.13 प्रतिशत मतदान हुआ और इसके अलावा अन्य 18 जिलों में 70 प्रतिशत से ऊपर और 17 जिलों में 70 से नीचे प्रतिशत रहा है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

Tamil Nadu Live Voting update
-प्रमुख हस्तियां सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहीं। तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन लोगों के पास भी मताधिकार है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए।
-भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 9 बजे तक तमिलनाडु में 17.69% मतदान दर्ज किया गया।
-कमल हासन ने बेटी श्रुति हासन के साथ मतदान किया।
-कुछ केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में मामूली तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया शुरू होने में थोड़ी देरी हुई, जिन्हें बाद में ठीक कर दिया गया या बदल दिया गया। लोग, विशेष रूप से महिलाएं, अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में कतारों में खड़ी देखी गई।
-सबसे पहले मतदान करने वालों में अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी शामिल थे, जो राज्य में राजग का नेतृत्व कर रहे हैं और गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी हैं।
इनके अलावा भाजपा की मायलापुर से उम्मीदवार और पुड्डुचेरी एवं तेलंगाना की पूर्व उपराज्यपाल सुश्री तमिलिसाई सौंदरराजन, प्रसिद्ध फिल्म युगल सुंदर सी. (जो न्यू जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मदुरै सेंट्रल से अन्नाद्रमुक के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं), उनकी पत्नी और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष खुशबू सुंदर, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, नाम तमिलर काची के संस्थापक और अभिनेता-निर्देशक सीमान, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी. चिदंबरम, मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन एवं उनकी पुत्री अभिनेत्री श्रुति हासन, तमिलगा वेत्री कज़गम के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय ( जिनकी पार्टी पहली बार अकेले सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ रही है), देमुद्रक की महासचिव प्रेमलता विजयकांत, सत्तारूढ़ द्रमुक के मंत्री और पूर्व मंत्री तथा सुपरस्टार रजनीकांत, अभिनेता अजीत कुमार, शिवकार्तिकेयन, निर्देशक मणिरत्नम और उनकी पत्नी अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम जैसी फिल्मी हस्तियां मतदान करने वालों में शामिल थीं।

वहीं चेन्नई के थिरुवनमियूर इलाके में स्थित एक मतदान केंद्र पर अजीत कुमार ने अपना वोट डाला। प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान जारी था। लोकप्रिय अभिनेता अन्य मतदाताओं के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे और उन्होंने भी मतदान प्रक्रिया में भाग लिया।

#WATCH | Tamil Nadu Elections 2026 | Senior Congress leader P Chidambaram casts his vote and shows his inked finger, at a polling station in Karaikudi, Sivaganga. pic.twitter.com/5rRqLmFtCk
— ANI (@ANI) April 23, 2026
चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं। राज्य भर में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गये हैं। इनमें से 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों की विशेष निगरानी की जा रही है।
मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 300 कंपनियों को भी लगाया गया है और उन्हें पूरे राज्य भर में विभिन्न मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है। कुल मिलाकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य के लगभग 1.50 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गये हैं। इनमें 1.18 लाख नियमित पुलिसकर्मी, तथा 20,000 कर्मी रैपिड एक्शन फोर्स, होम गाडर्, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी शामिल हैं।
राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत अजमाने उतरे हैं, जिनमें 443 महिला उम्मीदवार हैं। राज्य में 5.67 करोड़ मतदाताओं में से 2.70 करोड़ से अधिक पुरुष, 2.89 करोड़ महिलाएं और 7,728 उभयलिंगी मतदाता हैं। राज्य में 18-19 आयु वर्ग में कुल 12.51 लाख तथा 20-29 आयु वर्ग में 1.05 करोड़ मतदाता हैं। मतदान के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सील करके मतगणना केंद्रों के‘स्ट्रॉन्ग रूम’में ले जाया जाएगा, जहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
#WATCH | Tamil Nadu: Mock polling underway at the polling station designated at Stella Maris College in Chennai. Voting will begin at 7 am. pic.twitter.com/ArBuig0U8t
— ANI (@ANI) April 23, 2026
तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ द्रविड़ मनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और उसके मुख्य प्रतिद्वंदी अन्नाद्रमुक-भारतीय जनता पाटर्ी गठबंधन के बीच है। इस बार अभिनय की दुनिया से राजनीति के अखाड़े में उतरे अभिनेता सी जोसफ विजय की पाटर्ी तमिलगा वेत्री कषगम ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किये जायेंगे।
देश
तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर, फेमस डायरेक्टर उदयकुमार समेत इन दिग्गज नेताओं ने थामा TVK का दामन
चेन्नई, एजेंसी। फिल्म निर्देशक आर वी उदयकुमार और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की पूर्व मंत्री गोमती श्रीनिवासन सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कई पदाधिकारी शनिवार को यहां तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए।
अन्नाद्रमुक में करीब 25 साल तक रहे उदयकुमार ने 16 जून को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वर्ष 1990 के दशक में मुख्यधारा के व्यावसायिक सिनेमा में अहम भूमिका निभाने वाले उदयकुमार ने ‘चिन्ना गौंडर’, ‘यजमान’, ‘सिंगारवेलन’ और ‘किझक्कू वासल’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। वह अन्नाद्रमुक के कला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष थे। तमिलनाडु के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में टीवीके का दामन थामने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में गोमती श्रीनिवासन शामिल हैं, जिन्होंने पूर्व में एमजीआर के मंत्रिमंडल में कार्य किया था।

इसके अलावा तिरुवैयारु के पूर्व विधायक एम जी एम सुब्रमणियन, ‘तमिलनाडु पॉटर्स एंड अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स यूनियन’ के प्रदेश अध्यक्ष सेमा नारायणन और पूर्व में टीवीके से जुड़े रहे नेता जगन्नाथ मिश्रा भी पार्टी में शामिल हुए हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक, अन्नाद्रमुक साहित्य प्रकोष्ठ के प्रदेश उप सचिव आई.सी. सेकर तथा 2021 के विधानसभा चुनाव में नाथम सीट से चुनाव लड़ चुके अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के ए.एन. राजा भी टीवीके से जुड़ गए हैं। इन सभी प्रमुख नेताओं ने पार्टी के महासचिव ‘बुस्सी’ एन. आनंद, आधव अर्जुन तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में टीवीके की सदस्यता ग्रहण की।
देश
60 Kg Silver Missing: राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भेंट की गई 60 किलो चांदी गायब, SIT जांच तेज
अयोध्या, एजेंसी। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। जांच के दौरान पता चला है कि मंदिर को दान में मिली करीब 60 किलो चांदी का कोई साफ रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब दान में मिले नकद, सोना-चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भेंट की गई 60 किलो चांदी गायब
जानकारी के अनुसार, यह चांदी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भेंट की गई थी। दानदाताओं का दावा है कि इस चांदी का उपयोग मंदिर की नींव से जुड़े कार्यों में किया जाना था, लेकिन जांच एजेंसियों को अब तक इसके इस्तेमाल या सुरक्षित रखे जाने से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज नहीं मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, SIT पिछले कई दिनों से मंदिर में प्राप्त दान, उनके भंडारण और उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अब तक जांच में 60 किलो चांदी की प्राप्ति, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी कोई स्पष्ट ऑडिट ट्रेल सामने नहीं आई है।
ज्वेलर्स एसोसिएशन का दान का दावा
इस बीच, ज्वेलर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि उनके पास चांदी मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की आधिकारिक रसीद मौजूद है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह चांदी देशभर के सर्राफा व्यापारियों के सहयोग से दान की गई थी। हालांकि, सवाल यह उठ रहे हैं कि यदि चांदी मंदिर को सौंपी गई थी तो उसका उल्लेख मंदिर के रिकॉर्ड में क्यों नहीं है और नींव निर्माण में इसके उपयोग के प्रमाण क्यों नहीं मिल रहे हैं।
जांच के दौरान दान और भेंट प्रबंधन से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई है। इनमें कुछ पुजारी और मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने उन व्यक्तियों से भी सवाल किए हैं जो मंदिर में आने वाली भेंट और कीमती वस्तुओं के प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जांच केवल चांदी तक सीमित नहीं है। सोना, चांदी, हीरे के आभूषण, हार और चरण पादुका समेत कई अन्य दान की गई वस्तुओं की भी जांच की जा रही है। कुछ आरोपों में यह भी कहा गया है कि मूल दान की गई वस्तुओं की जगह दूसरी वस्तुएं रखी गईं या रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई।
SIT खंगाल रही दस्तावेज और रिकॉर्ड
यह विवाद तब सामने आया जब मंदिर को मिले करोड़ों रुपये के दान और कीमती सामानों के गायब होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जांच मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर शुरू की गई है और पूरी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है। फिलहाल SIT दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और दान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित रूप से गायब 60 किलो चांदी और अन्य कीमती दान की गई वस्तुओं का वास्तविक स्थिति क्या है।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के जंगलों से मिलेगी राजस्थान को बिजली:90 लाख टन कोयले की कमी दूर होगी, ये जयपुर को डेढ़ साल रोशन करने जितना
जयपुर/सरगुजा, एजेंसी। राजस्थान में बिजली की बढ़ती मांग और कोयले की कमी के बीच राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को छत्तीसगढ़ (सरगुजा) के हसदेव-अरण्य क्षेत्र में स्थित केंते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल ब्लॉक के लिए केंद्र सरकार से वन भूमि उपयोग की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।

इससे राजस्थान के छबड़ा (बारां) और सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट्स के लिए कोयले की आपूर्ति बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति की सिफारिश के बाद यह मंजूरी दी गई है।
परियोजना के तहत करीब 1743 हेक्टेयर वन भूमि को खनन (माइनिंग) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। आसान भाषा में समझें तो यह क्षेत्र 80 से 200 बड़े क्रिकेट स्टेडियमों के बराबर माना जा सकता है।
इस कोयला खदान से अगले 33 से 36 साल तक करीब 90 लाख टन कोयला निकाला जा सकेगा। इसे छह चरणों में विकसित किया जाएगा।
जयपुर की 14-17 महीने की बिजली जरूरत के बराबर है यह कोयला
केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक से निकलने वाला कोयला राजस्थान के अपने बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट) में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे छबड़ा और सूरतगढ़ जैसे बड़े थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की बेहतर और नियमित आपूर्ति मिल सकेगी।
आसान भाषा में समझें तो यह मात्रा जयपुर शहर की करीब 14 से 17 महीने की औसत बिजली जरूरत के बराबर मानी जा सकती है। हालांकि, इस कोयले से बनने वाली बिजली सीधे सिर्फ जयपुर को नहीं मिलेगी। यह बिजली राजस्थान के पूरे पावर ग्रिड का हिस्सा होगी।
यदि कोयले की सप्लाई लगातार बनी रहती है, तो बिजलीघर पूरी क्षमता से काम कर सकेंगे और बिजली उत्पादन में स्थिरता आएगी। इसका फायदा आम उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ का हसदेव-अरण्य क्षेत्र, जहां कोल ब्लॉक के लिए मंजूरी मिली है।
हर साल 24.05 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता
राजस्थान में बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पर निर्भर है। खासतौर पर छबड़ा और सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट राज्य की बिजली व्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
इन बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए हर साल करीब 24.05 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता होती है। मौजूदा कोयला स्रोतों से इतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। इसके कारण हर साल करीब 90 लाख टन कोयले की कमी बनी हुई थी।
इसी कमी को पूरा करने और भविष्य में बिजली उत्पादन को सुरक्षित रखने के लिए राजस्थान को नए कोयला ब्लॉक की जरूरत पड़ी। केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक शुरू होने के बाद राज्य के बिजलीघरों को लंबे समय तक कोयले की नियमित आपूर्ति मिल सकेगी। इससे दूसरे राज्यों या खुले बाजार से महंगा कोयला खरीदने पर निर्भरता भी कम होगी और बिजली उत्पादन अधिक स्थिर हो सकेगा।
जंगल पर बड़ा असर पड़ेगा
केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक छत्तीसगढ़ के हसदेव-अरण्य क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र घने साल जंगलों और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। परियोजना के लिए कुल 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग खनन के लिए किया जाएगा। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इस परियोजना से जंगल पर बड़ा असर पड़ेगा। हजारों पेड़ काटे जाएंगे।
हाथियों और वन्यजीवों के क्षेत्र में होगा खनन
हसदेव-अरण्य क्षेत्र केवल जंगल नहीं बल्कि वन्यजीवों का महत्वपूर्ण इलाका है। केंते एक्सटेंशन क्षेत्र के आसपास हाथी, तेंदुआ, स्लॉथ भालू, चीतल, लकड़बग्घा, सियार और पैंगोलिन जैसी प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह क्षेत्र लेमरू हाथी रिजर्व के करीब 3.625 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यही वजह है कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विशेष योजना लागू करने की शर्त रखी गई है।
राजस्थान की बिजली कंपनी पर आएगा आर्थिक भार
केंते एक्सटेंशन परियोजना से केवल कोयला नहीं मिलेगा, बल्कि इसके साथ कई आर्थिक जिम्मेदारियां भी RVUNL पर आएंगी। वन भूमि डायवर्जन के बदले कंपनी को नियमों के अनुसार नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) का भुगतान करना होगा। यह राशि वन क्षेत्र की श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार तय होगी। इसके अलावा वन भूमि के बदले 636.557 हेक्टेयर क्षेत्र में जितने जंगल का उपयोग बदलेगा, उसकी भरपाई के लिए नए वन विकसित करने की जिम्मेदारी भी राजस्थान की कंपनी की होगी।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए परियोजना में करीब 16.73 करोड़ रुपए का Wildlife Mitigation Plan लागू करना होगा। खनन से मिट्टी के कटाव और जल स्रोतों पर असर कम करने के लिए करीब 15.01 करोड़ रुपए के Soil and Moisture Conservation Plan का भी प्रावधान किया गया है।
मंजूरी मिली है, लेकिन कई शर्तों के साथ
केंते एक्सटेंशन को मिली मंजूरी अभी अंतिम खनन अनुमति नहीं है। यह स्टेज-1 सैद्धांतिक वन मंजूरी है, जिसमें कई शर्तें तय की गई हैं। खनन को दो चरणों में करने की योजना है। पहले चरण में करीब 1001.95 हेक्टेयर वन भूमि पर खनन किया जाएगा।
यह अवधि अधिकतम 15 साल तक होगी। इसके बाद दूसरे चरण में शेष 740.65 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन तभी आगे बढ़ेगा, जब पहले चरण में पर्यावरणीय शर्तों, जैव विविधता प्रबंधन की स्थिति संतोषजनक होगी। RVUNL को प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, वन विभाग की औपचारिकताएं और अन्य पर्यावरणीय शर्तें तय समय में पूरी करनी होंगी।
कोयला निकालना ही नहीं, राजस्थान तक पहुंचाना भी चुनौती
खदान शुरू होने के बाद सिर्फ कोयला निकालना ही पर्याप्त नहीं होगा। उसे राजस्थान के बिजली संयंत्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था, वॉशरी, रेलवे कनेक्टिविटी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया में पर्यावरणीय मंजूरियां और अतिरिक्त खर्च भी जुड़े होंगे।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
