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खेल

बम्हनीडीह के 18 खिलाड़ियों ने जीते 18 मेडल

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जांजगीर/बम्हनीडीह। अभावों के बीच जब हौसले बुलंद हों, तो सफलता कदम चूमती है। बम्हनीडीह ब्लॉक के छोटे से ग्राम करनोद बरकुट के खिलाड़ियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। दुर्ग में आयोजित चतुर्थ राज्य स्तरीय कूडो चैंपियनशिप में जांजगीर के इन नन्हे योद्धाओं ने 18 खिलाड़ियों के दल के साथ उतरकर 18 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं के सपनों की उड़ान है।

चैंपियनशिप में जिले के खिलाड़ियों ने अपनी आक्रामकता और तकनीक का ऐसा प्रदर्शन किया कि विरोधी दंग रह गए। जांजगीर-चांपा की झोली में 9 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक आए। यह क्लीन स्वीप साबित करता है कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो गांव के बच्चे विश्व मंच पर भी तिरंगा फहरा सकते हैं। स्वर्ण पदक वैभव शुक्ला, साहिल साहू, यशवर्धन सिंह, वैदेही शुक्ला, श्रेयांशी कश्यप, शशि मधुकर, पायल जायसवाल, प्रियंका कश्यप, प्रिंशी अनंत ने जीता तो रजत पदक मयंक आर्या, काव्यांश श्रीवास, प्रख्या जायसवाल, निधि यादव, आंचल राज, कुसुम यादव, पूजा धीवर को जीतने में सफलता मिली। कांस्य पदक लीना साहू व सालेहा परवीन ने जीता।

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खेल

श्रीमंत बोले- 67 मेडल दिलाए,नौकरी नहीं मिली तो नीलाम करूंगा:एशिया नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर का दर्द, मां ने मंगलसूत्र गिरवी रख उठाया खर्च

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। जिस बेटे को देश के लिए मेडल जीतने के काबिल बनाने के लिए मां ने अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया और पिता ने मजदूरी कर उसकी पढ़ाई, डाइट और जिम का खर्च उठाया, आज वही बेटा सरकारी मदद के इंतजार में टूट गया है।

छत्तीसगढ़ के पैरा आर्म रेसलर श्रीमंत झा कहा कि अगर इस बार भी उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो वह अपने 67 इंटरनेशनल मेडल नीलाम कर देंगे। इससे मिली रकम से माता-पिता का कर्ज चुकाएंगे।

श्रीमंत ने यह बात 15 अगस्त को दुर्ग बटालियन में आयोजित मुख्य समारोह में सम्मानित होने के बाद कही है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने उनका सम्मान किया। श्रीमंत जन्म से दिव्यांग हैं। पिछले करीब 15 साल में उन्होंने भारत के लिए 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। दावा है कि वह विश्व में नंबर-3 और एशिया में नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर हैं।

श्रीमंत झा विश्व में नंबर-3 और एशिया में नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर हैं।

श्रीमंत झा विश्व में नंबर-3 और एशिया में नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर हैं।

श्रीमंत झा ने भारत के लिए 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं।

श्रीमंत झा ने भारत के लिए 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।

कहा- मेडल नीलाम कर कर्ज चुकाएंगे

श्रीमंत ने कहा कि अगर इस बार भी उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी नहीं मिली तो वह अपने 67 इंटरनेशनल मेडल सरकार को सौंपकर उन्हें नीलाम करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि नीलामी से मिलने वाली रकम से छोटा कारोबार शुरू करेंगे और माता-पिता का कर्ज चुकाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने खेल छोड़ने की भी बात कही।

मां ने मंगलसूत्र गिरवी रखा, पिता ने मजदूरी कर उठाया खर्च

श्रीमंत ने बताया कि उनके खेल और पढ़ाई के सफर में परिवार ने काफी मुश्किलें झेली हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए मां ने अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया। वहीं, पिता ने मजदूरी कर उनकी पढ़ाई, डाइट और जिम का खर्च उठाया।

परिवार को उम्मीद थी कि बेटा देश के लिए मेडल जीतेगा और आगे उसे सरकारी नौकरी मिलेगी, जिससे घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। इसी उम्मीद में परिवार पर कर्ज बढ़ता चला गया।

विजय बघेल, रमन सिंह और चिराग पासवान के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।

विजय बघेल, रमन सिंह और चिराग पासवान के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।

कई साल से भर रहे पुरस्कार का फॉर्म

श्रीमंत का कहना है कि वह कई सालों से शहीद राजीव पांडे पुरस्कार के लिए आवेदन कर रहे हैं। हर बार अपनी खेल उपलब्धियों के साथ फॉर्म जमा किया, लेकिन अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।

उनका कहना है कि 67 इंटरनेशनल मेडल जीतने के बावजूद उन्हें न तो राज्य का यह खेल सम्मान मिला और न ही सरकारी नौकरी।

2032 पैरालंपिक का सपना भी टूट रहा

श्रीमंत का सपना 2032 पैरालंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। पैरा आर्म रेसलिंग के पैरालंपिक में शामिल होने की उम्मीद के साथ वह इसकी तैयारी कर रहे थे, लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ते कर्ज ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

कहा- नौकरी से 15 साल के संघर्ष को मिलेगा सम्मान

श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले पैरा-आर्म रेसलर हैं। करीब 15 साल के खेल करियर में उन्होंने 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। वह पैरा-आर्म रेसलिंग में विश्व नंबर-3 और एशिया नंबर-1 खिलाड़ी भी रह चुके हैं। श्रीमंत ने कई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए मेडल जीते हैं।

श्रीमंत ने सरकार से अपील की है कि इस बार उनकी खेल उपलब्धियों और मेरिट के आधार पर उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी दी जाए। उनका कहना है कि इससे उनके माता-पिता के वर्षों के त्याग और उनके 15 साल के संघर्ष को सम्मान मिलेगा।

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खेल

बांग्लादेश ने भारत-पाकिस्तान को पीछे छोड़ा:ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम मैचों में टेस्ट जीतने वाली एशियन टीम, कंगारुओं को उनकी धरती पर पहली बार हराया

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डार्विन, एजेंसी। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में 9 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर यह उसकी पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने 57 रन का टारगेट चौथे दिन दूसरे सेशन में 9 विकेट रहते हासिल कर लिया।

इससे पहले बांग्लादेश ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया में दो टेस्ट खेले थे, लेकिन दोनों में उसे हार का सामना करना पड़ा था।

अब 3 टेस्ट में पहली जीत दर्ज कर बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम मैचों में टेस्ट जीतने वाली एशियन टीम बन गई है। पाकिस्तान ने 7 और भारत ने 12 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी, जबकि श्रीलंका 15 टेस्ट के बाद भी जीत का इंतजार कर रहा है।

हसन महमूद प्लेयर ऑफ द मैच

बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के हीरो तेज गेंदबाज हसन महमूद और ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज रहे। महमूद ने मैच में कुल 9 विकेट चटकाए, जबकि मिराज ने 65 रन बनाने के साथ 5 विकेट भी अपने नाम किए।

दोनों टीमों के बीच 7 मैच खेले गए

बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक सात टेस्ट मैच खेले गए हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 5 मैचों में जीत हासिल की। जबकि बांग्लादेश ने दो मुकाबले जीते। टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से मैके में खेला जाएगा।

पहली पारी में बांग्लादेश ने बनाए 426 रन

ऑस्ट्रेलिया ने डार्विन में गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की पहली पारी 198 रन पर सिमट गई। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट चटकाए।

जवाब में बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए। तंजिद हसन ने 101 रन की शानदार पारी खेली। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक था। नजमुल हुसैन शांतो ने 84 रन, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 65 रन बनाए। इस तरह बांग्लादेश ने पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया पर 228 रन की बढ़त हासिल की।

कैमरन ग्रीन का शतक काम नहीं आया

ऑस्ट्रेलिया टीम पहली पारी में 198 रन पर आउट होने के कारण बांग्लादेश से 228 रन पीछे थी। चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी के स्कोर 161/4 से आगे खेलना शुरू किया और 284 पर ऑलआउट हो गई। ऐसे में बांग्लादेश को 57 रन का टारगेट मिला। दूसरी पारी में कैमरन ग्रीन ने 4 चौके और एक छक्के की मदद से 201 गेंदों पर 104 रन बनाए। ग्रीन के टेस्ट करियर का ये तीसरा शतक रहा।

मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लिए

मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। उन्होंने एलेक्स कैरी को 30 रन पर लिटन दास के हाथों कैच कराया, इसके बाद बो वेबस्टर को 12 रन पर बोल्ड किया। फिर पैट कमिंस को 9 रन पर शॉर्ट लेग में कैच कराया। ग्रीन के 104 रन के शतक के बाद मेहदी ने उनकी पारी भी खत्म की और आखिर में नाथन लायन को 15 रन पर LBW कर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समेट दी।

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कोरबा

इंडिपेंडेंस कप-2026 : बैडमिंटन के रोमांच के साथ एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना में मनाया जाएगा आजादी का उत्सव

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कोरबा। स्वतंत्रता दिवस पर एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना, कोरबा के तत्वावधान में एक बार फिर खेल के माध्यम से आजादी का उत्सव सेलिब्रेट किया जाएगा। 14 एवं 15 अगस्त को इंडिपेंडेंस कप 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के अध्यक्ष डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी श्रेणियों में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में विजेता और उपविजेता दोनों के लिए नकद पुरस्कार और ट्राफियां रखी गई हैं। स्पर्धा में भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त है।
एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के सचिव मनीष गुप्ता ने बताया कि इस दो दिवसीय टूर्नामेंट के पहले दिन शुक्रवार, 14 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे से पुरुष एकल (आयु: 0-20) के मुकाबले होंगे। सभी मैच योनेक्स मेविस 350 शटलकॉक से खेले जाएंगे।

कोषाध्यक्ष सोनल फेलिक्स ने कहा कि टूर्नामेंट के दूसरे दिन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 9:00 बजे से पुरुष एकल (आयु: 20-35, 35-50 एवं 50 वर्ष से अधिक) और महिला एकल (खुली श्रेणी) में मुकाबले होंगे। इस श्रेणी के सभी मैच योनेक्स फेदर शटलकॉक से खेले जाएंगे।

एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के कोषाध्यक्ष सोनल फेलिक्स ने बताया कि प्रत्येक इवेंट के लिए कम से कम 8 खिलाड़ियों की अनिवार्यता है। स्वतंत्रता कप 2026 में भाग लेने वाले सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए केडीबीए आईडी अनिवार्य है।

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