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हाईवे पर अब नहीं लगेगी लंबी लाइन, टोल प्लाजा को लेकर गडकरी ने बताया नया प्लान

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिया है कि देशभर में 2026 के आखिर तक पारंपरिक टोल प्लाजा हटाए जा सकते हैं। उनकी जगह ऐसी आधुनिक टोल व्यवस्था लाई जाएगी, जिसमें वाहन चालकों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा और सफर तेज व आसान हो जाएगा।

गडकरी ने कहा कि नई प्रणाली “पे-एज-यू-ड्राइव” मॉडल पर आधारित होगी यानी वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल देना होगा। इससे लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

बिना रुके टोल पार 

नई टोल प्रणाली नंबर प्लेट पहचान तकनीक (ANPR) और FASTag पर आधारित होगी। इसके जरिए वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे और शुल्क अपने आप कट जाएगा। गडकरी के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल 85 टोल स्थानों पर शुरू किया जा चुका है और साल के अंत तक इसे देशभर में लागू करने की योजना है।

यात्रियों का खर्च होगा कम

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों का खर्च भी काफी कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहां अभी कई जगहों पर 125 से 150 रुपए तक टोल देना पड़ता है, वहीं नया सिस्टम लागू होने के बाद यह खर्च घटकर करीब 15 रुपए तक रह सकता है। उन्होंने 3,000 रुपए के एक विशेष पास का भी जिक्र किया, जिसके जरिए करीब 200 टोल क्रॉसिंग तक यात्रा की जा सकेगी।

गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर, दिल्ली-देहरादून, अमृतसर, कटरा और श्रीनगर समेत कई बड़े हाईवे कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही दिल्ली-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी।

इससे पहले सरकार ने गुजरात के NH-48 पर सूरत-भरूच सेक्शन में भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम शुरू किया था। यह तकनीक ANPR और FASTag के जरिए चलते वाहन से ही टोल वसूली की सुविधा देती है।

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बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की:तमिलनाडु में राज्यपाल ने विजय से 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा, AIADMK के 28 विधायक पुडुचेरी शिफ्ट

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चेन्नई/कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। लोकभवन से गुरुवार शाम को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसका मतलब है कि ममता कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास अब कोई पावर नहीं रहेगी। ममता ने बुधवार को कहा था कि वे सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

इधर बंगाल में हावड़ा के पास शिवपुर में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर है। इससे पहले बुधवार रात को शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

दूसरी तरफ तमिलनाडु में सरकार बनने को लेकर पेच फंसा हुआ है। 108 सीटें हासिल करने वाली एक्टर विजय की पार्टी TVK से राज्यपाल ने बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है। TVK को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन हासिल है। उधर, AIADMK ने अपने 47 में से 28 विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है।

DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एक-दूसरे की प्रतिद्वंदी DMK और AIADMK के बीच भी सरकार गठन को लेकर चर्चा चल रही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों दलों के नेताओं के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है।

सूत्रों का कहना है कि एक प्रस्ताव पर चर्चा हुई है, जिसमें AIADMK सरकार बनाए और DMK बाहर से समर्थन दे। छोटे दलों का समर्थन भी इस फॉर्मूले का हिस्सा हो सकता है। हालांकि अभी तक कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।

VCK बोली- TVK भरोसा दिलाए कि वह BJP के दबाव में नहीं आएगी, तभी समर्थन देंगे

VCK नेता एसएस बालाजी ने कहा है कि उनकी पार्टी ने अभी TVK को समर्थन देने पर कोई फैसला नहीं लिया है। उनकी पार्टी तभी समर्थन पर विचार करेगी, जब TVK यह भरोसा दिलाए कि वह BJP या RSS के दबाव में नहीं आएगी। एसएस बालाजी ने साथ ही कहा कि राज्यपाल को TVK चीफ विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए।

तमिलनाडु- IUML अध्यक्ष चेन्नई में DMK मुख्यालय पहुंचे

तमिलनाडु में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अध्यक्ष केएम कादर मोहिदीन चेन्नई में DMK मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ पहुंचे।

पश्चिम बंगाल- कोलकाता में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में परेड ग्राउंड में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं। 9 मई को शपथ समारोह होगा। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी जिसमें सीएम का ऐलान हो सकता है।

होटल में मौजूद विधायकों से मिलने पहुंचे पलानीसामी

AIADMK के जनरल सेक्रेटरी के. पलानीसामी पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में पहुंचे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तमिलनाडु के AIADMK के 28 विधायक इसी होटल में ठहरे हुए हैं।

पश्चिम बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की

विधानसभा भंग करने के बाद गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।

विधानसभा भंग करने के बाद गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।

AIUDF चीफ बोले- विपक्ष की हालत कांग्रेस की रणनीति की वजह से

असम विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मौजूदा स्थिति कांग्रेस की रणनीति की गलती की वजह से बनी है।

गुवाहाटी में अजमल ने कहा- असम चुनाव नतीजों पर विपक्ष की जो हालत हुई है, वह कांग्रेस की योजना की गलती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं है।

AIUDF प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने साफ कहा- कांग्रेस विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सकती। असम चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। AIUDF और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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जल्द ही Trisha Krishnan ज्वाइन करेंगी Thalapathy Vijay की पार्टी ! खाली सीट से लड़ेंगी चुनाव

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चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु में आज-कल हर जगह Thalapathy Vijay के ही चर्चे हैं। हाल ही में उन्होंने विधानसभा चुनावों में 108 सीटों के साथ राजनीति में धमाकेदार एंट्री की है। इतना ही नहीं विजय के साथ-साथ सबकी नजरें उनकी लेडी लक त्रिशा कृष्णन पर टिकी हुई हैं। खबरों के मुताबिक दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं हालांकि इस बात की कोई पक्की खबर नहीं है। इसी के साथ त्रिशा को लेकर बहुत बड़ी खबर सामने आई है कि शायद अब वो भी विजय की पार्टी को ज्वाइन कर सकती हैं। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक त्रिशा तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से उपचुनाव लड़ेंगी। ऐसा इस वजह से क्योंकि विजय ने एक साथ दो सीटों पर जीत हासिल की है। रूल्स के मुताबिक कोई भी नेता दो सीटों को अपने पास नहीं रख सकता है। इस वजह से 14 दिनों के बीच ही उन्हें एक सीट से स्तीफा देना होगा। इसको लेकर विजय के फैसला किया है कि वो पेरंबूर को अपने पास रखेंगे और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से इस्तीफा दे सकते हैं। 

एक सीट खाली हो जाएगी, इस वजह से उनके पार्टी के लोग चाहते हैं इस सीट पर भी कोई बड़ा चेहरा लेकर आया जाए। इस मामले पर सबसे पहले त्रिशा का नाम सामने आया है। यदि ऐसा होता है तो इनकी पार्टी और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। 

हालांकि अब कोई कन्फर्म नहीं है क्योंकि तृषा के लिए यह फैसला बहुत ही मुश्किल है। उनका मानना है कि उनका बैकग्राउंड बिल्कुल भी पॉलीटिकल नहीं है और न ही हो इस फैसले को लेकर बहुत ज्यादा उतावली हैं। अगर ऐसा हुआ तो तमिलनाडु की राजनीति की पार्टी में ग्लैम फैक्टर जुड़ जाएगा। 

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भारत का पाकिस्तान को दो टूक संदेशः  पहले आतंकवाद छोड़ों फिर बहाल होगी ‘सिंधु जल संधि’

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नई दिल्ली, एजेंसी। आप्रेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि  ‘सिंधु जल संधि’  Indus Waters Treaty तब तक बहाल नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को “राज्य नीति” की तरह इस्तेमाल करता रहा है और भारत को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने नई दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने पिछले वर्ष 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमला (Pahalgam terror attack) का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने उस आतंकी हमले की सच्चाई देखी थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का “करारा जवाब” दिया था और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सिंधु जल संधि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में स्थगित रखी गई है। पाकिस्तान को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से आतंकवाद का समर्थन छोड़ना होगा।” भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच नदी जल बंटवारे का आधार रही है। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इसे स्थगित कर दिया था, जिसे दोनों देशों के संबंधों में बड़ा रणनीतिक बदलाव माना गया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल बाद भी भारत ने अपने बांधों के गेट बंद रखे हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में Baglihar Dam के सभी गेट अब भी बंद हैं। यह बांध चिनाब नदी पर बना है और सिंधु जल संधि से जुड़े प्रमुख परियोजनाओं में गिना जाता है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Operation Sindoor’ की पहली वर्षगांठ पर कहा कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के संकल्प का प्रतीक था। प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की तारीफ करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सटीकता, पेशेवर क्षमता और मजबूत इरादे का प्रदर्शन किया। यह अभियान पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था।

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